RAVI KUMAR
RAVI KUMAR Aug 25, 2017

,, गणेश चतुर्थी- पूजन मुहूर्त, विधी, आरती।

#ज्ञानवर्षा #गणेशजी
पूजा की तिथि
गणेश चतुर्थी 25 अगस्त 2017 को है।
-चतुर्थी 25 अगस्त 2017 को रात 20:31 बजे समाप्त होगी।

पूजन मुहूर्त
गणेश जी की मुर्ति लाने का समय: प्रातः 07:38 से 08:32 तक ।
-गणेश पूजन का शुभ समय प्रातः 09:15 से 10:28 बजे तक , दोपहर 12:16 से 01:17 तक है।

पूजा की सामग्री।
गणेश जी की पूजा करने के लिए चौकी या पाटा, जल कलश, लाल कपड़ा, पंचामृत, रोली, मोली, लाल चन्दन, जनेऊ गंगाजल, सिन्दूर चांदी का वर्क लाल फूल या माला इत्र मोदक या लडडू धानी सुपारी लौंग, इलायची नारियल फल दूर्वा, दूब पंचमेवा घी का दीपक धूप, अगरबत्ती और कपूर की आवस्यकता होती है।

पूजा की विधि

भगवान गणेश की पूजा करने लिए सबसे पहले सुबह नहा धोकर शुद्ध लाल रंग के कपड़े पहने। क्योकि गणेश जी को लाल रंग प्रिय है। पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व दिशा में या उत्तर दिशा में होना चाहिए। सबसे पहले गणेश जी को पंचामृत से स्नान कराएं। उसके बाद गंगा जल से स्नान कराएं। गणेश जी को चौकी पर लाल कपड़े पर बिठाएं। ऋद्धि-सिद्धि के रूप में दो सुपारी रखें। गणेश जी को सिन्दूर लगाकर चांदी का वर्क लगाएं। लाल चन्दन का टीका लगाएं। अक्षत (चावल) लगाएं। मौली और जनेऊ अर्पित करें। लाल रंग के पुष्प या माला आदि अर्पित करें। इत्र अर्पित करें। दूर्वा अर्पित करें। नारियल चढ़ाएं। पंचमेवा चढ़ाएं। फल अर्पित करें। मोदक और लडडू आदि का भोग लगाएं। लौंग इलायची अर्पित करें। दीपक, अगरबत्ती, धूप आदि जलाएं इससे गणेश जी प्रसन्न होते हैं। गणेश जी की प्रतिमा के सामने प्रतिदिन गणपति अथर्वशीर्ष व संकट नाशन गणेश आदि स्तोत्रों का पाठ करे

यह मंत्र पढ़ें गणेश मन्त्र उच्चारित करें
ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।

ऐसे कपूर जलाकर करें आरती करें

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।। जय गणेश जय गणेश…
एक दन्त दयावंत चार भुजाधारी। माथे सिन्दूर सोहे मूष की सवारी।। जय गणेश जय गणेश…
अंधन को आँख देत कोढ़िन को काया। बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया।। जय गणेश जय गणेश…
हार चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लडूवन का भोग लगे संत करे सेवा।। जय गणेश जय गणेश…
दीनन की लाज राखी शम्भु सुतवारी। कामना को पूरा करो जग बलिहारी।। जय गणेश जय गणेश…
🙏🏻😊🙏🏻

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Harpal bhanot Apr 13, 2021

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महाकाली मंत्र- माता महाकाली बुराई और दुष्ट शक्तियों को नष्ट करती है। इनका यह रूप बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली होता है। साथ ही इन्हें प्रेम और दया की मूरत के रूप में भी जाना जाता है। इनके मंत्र के जाप से मन की सभी नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जाती हैं और मन शांत होता है। ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥ जटा विभूति उटि चंदनाची माथां मुकुटी झळाळी कांती चंद्रमा शिरी गंगा वाहते पाणी निर्झरा भोळा भाव भोलेशंकराचा ॐ नम:शिवाय ॐ ऐं र्‍हिं ल्किं चामुण्डायै विच्चे जय माता महाकाली की जय श्री महाकाल जी 💐 नवरात्र महोत्सव की हार्दिक शुभकामना ये 💐 👏 🚩🌻💥🔥🎉 🌕🌙💥🌹🔥👪🌵🐘🎉🌻🌿✨🚩🙏जय श्री वैश्नवी माता की जय श्री लक्ष्मी माता की जय श्री सरस्वती माता की जय श्री पार्वती माता की हर हर महादेव 🙏 शुभ चैत्र नवरात्री और हिंदू धर्म ☸ के नये वर्षे की हार्दिक शुभकामना ये जय श्री महाकाली जय श्री महाकाल जी जय श्री राम 🌹 👏 शुभ दो पहर जय माता की 💐 👏 🚩

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Harpal bhanot Apr 13, 2021

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Priya Shri Ji Apr 13, 2021

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