JAGDISH BIJARNIA
JAGDISH BIJARNIA Mar 27, 2020

Jai shri radhe krishna ji subh sandhya vandan 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Jai shri radhe krishna ji subh sandhya vandan 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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कामेंट्स

Pinu Dhiman Jai Shiva 🙏 Mar 27, 2020
Good night and sweet dreams my brother jai mata di 🙏✳️🙏mata rani aap pr apni kirpa sda bnay rakhe aap or aap ke parivar ki hamesha raksha kre god bless u bhai ji 🙏🙌🌼⭐🌼⭐🌼⭐🌼⭐

🙏🅰️NJ🅰️LI🌹Ⓜ️ISH®️🅰️🙋 Mar 27, 2020
🙏जय माता दी 🚩🙏माता रानी की कृपा दृष्टि सदा आप और आपके संपूर्ण परिवार पर बनी रहे मेरे भाई जी 🙏आप सभी हमेशा स्वस्थ रहें सुखी रहें,इसी शुभकामना के साथ 🙏 शुभ रात्रि वंदन भाई जी 🌷🌷🌷🌷🙏🙏

D.Mir Mar 27, 2020
Jay Mata ji Ane Vala Har Pal Apka khusiuo se bhara Rahe Nice post Shub Ratri Bhai ji 👌👌👌🌹🌹🌹🙏🙏🙏

Vanita Kale Mar 27, 2020
🙏🔔जय माता दी 🔔🙏शुभ रात्रि वंदन मेरे आदरणीय भाईजी माता रानी की असीम कृपा दृष्टि आप और आपके पुरे परिवार पर सदा ही बनी रहे माता रानी आपकी रक्षा करें 🙏🏡 घर पर ही रहे अपने परिवार के साथ 😷😷😷👈🙏🙏🙏

JAGDISH BIJARNIA Mar 27, 2020
@donmir Jai mata di bhaiya ji subh ratri vandan mata rani apko hmesha khush rakhe 🌹🌹🙏🙏

neeta trivedi Mar 28, 2020
Jay Mata Rani ki good morning have a nice day Jagdish ji aapka har pal mangalmay ho 🙏🙏🌷

Babita Sharma Mar 28, 2020
सुख, समृद्धि एवं स्वास्थ्य संजोए शुभ दिवस मंगलमय होए🙏🙏प्रात: नमन भाई 🙏 जय श्री राम जय हनुमान जय माता दी 🚩

Sumitra Soni Mar 28, 2020
जय श्री शनिदेव🙏🏻🌹 भाई जी जय माता दी माता रानी की आशीर्वाद से आपके घर परिवार में सुख समृद्धि शांति बनी रहे आप और आपका परिवार सदैव स्वस्थ रहे सदा सुखी रहे भाई आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो भाई घर पर रहे स्वस्थ रहे मेरे भाई🙏🏻🌹

JAGDISH BIJARNIA Mar 28, 2020
@sumitrasoni2 Jai mata di sister ji suprabhat vandan apka din mangalmay ho mata rani apki har manokamana puri kre 🌹🌹🙏🙏

Shanti Pathak May 10, 2020

😍हैप्पी मदर्स डे मां बिना जिंदगी वीरान होती है, तन्हा सफर में हर राह सुनसान होती है, जिंदगी में मां का होना जरुरी है।, मां की दुआओं से ही हर मुश्किल आसान होती है। maa I miss you,😭 अन्धी मां एक  गाँव  में  एक  अन्धी  औरत  रहती  था |  उसका  बेटा  था  जिसे  उसने  बड़े ‘ लाड   और  प्यार’  से  पाला-पौसा था | समय  पर  तैयार  करना ,  खाना  बना  कर  खिलना  और  स्कूल  भेजना  उसका  नित्य  का  काम   था | वह  लड़का  जब  स्कूल  जाता  था  तो  बच्चे  उसे  “ अन्धी  का  बेटा “  कह  कर  चिडाते  रहते  थे |  रोजाना  हर  बात   पर उसे  ये  शब्द  सुनने  को  मिलते  थे  ,” अन्धी  का  बेटा |  इस  कारण  वह  अपनी  माँ  से  चिड़ता  था और  माँ  को  कहीं  भी  साथ  लेकर  जाने  में  हिचकिचाता  था | “’ उसे “ अन्धी  का  बेटा ‘“ सुनना  नापसंद  था  | उसकी  माँ  ने  कभी  इसका  बुरा  नहीं  माना  |  अपने  बेटे  को  खूब  पढ़ने  का  मौका  दिया |  अन्धी  होते हुए  भी  घरों  में  काम  करती , बेटे  पर  खूब  मेहनत  करती |  धीरे- धीरे  उसे  इस  लायक  बना  दिया  कि  वह  अपने  पैरों  पर खड़ा  हो  सके | प्रभु  बड़ा  दयालु  है  , उस  लड़के  कि  मेहनत  और  उसकी  माँ  का  आशीर्वाद  उसके  काम  आया  और  वह  किसी  सरकारी  विभाग  में  एक  बड़ा  अधिकारी   बन   गया  |  शादी   भी   हो  गयी  | उसके   बाद   वह  अपनी   पत्नी   को   साथ   लेकर  नौकरी  पर   दूसरे  शहर  में  रहने  चला  गया | बहुत  दिनों  तक  वह  लड़का  अपनी  माँ  से  मिलने  नहीं  गया  और  न  ही  कभी  पत्र  द्वारा हालचाल  पूछा | माँ  को  अच्छी  तरह   पता  था  कि  उसका  बेटा ,  अन्धी  होने  के  कारण  उससे  नफरत  करता  है | माँ  कि  ममता – ममता  होती  है  |  एक  दिन  उसका   मन  बेटे  को  देखने  को  अधीर  हो  गया  और  कुछ  बिना  विचार  करे  अपने  बेटे  से   मिलने  शहर  में  गयी |  घर  के  द्वार  पर  खड़े  चौकीदार  से  कहा  “  ‘बेटा’ ,  ‘तुम्हारे  साहब घर  पर  होंगे , उनसे  जा  कर  कहो , माँ  उससे  मिलने  आई  है “’ | गेटकीपर  घर  में  अंदर  गया और  बताया “ ‘ कोई  माँ  आपसे  मिलने  आई  है ‘| साहब  ने  कहा , ‘ उनसे  कहो  मैं  घर  पर  नहीं  हूँ “’ | गार्ड  ने  बूढ़ी  माँ  से  कहा कि ‘ वो  अभी घर  पर  नहीं  हैं ‘ ,| यह  सुन  कर  माँ  वापस  चल  दी  और  बाहर  किसी  दूसरे  कौने  पर  बैठ  गयी | बेटे  कि   बेरुखी   देख  कर   मन   बहुत   दुखी   हुआ   परंतु   लाचार   हो   कर   वापिस   लौट  पड़ी | थोड़ी  देर  पश्चात  जब  लड़का  अपनी  कार   से  ऑफिस  के  लिए  चला  तो  उसने  थोड़ी  दूर  चलते  ही  देखा  कि  सामने  सड़क  पर  बहुत  भीड़  लगी है | जानने  के  लिए  कि  वहाँ  भीड़  क्यों  लगी  है , देखने  चला  गया |  उसने  देखा  कि  उसकी माँ  वहाँ  मरी  पड़ी  थी  और  उसकी  एक  मुट्ठी  बंद  थी  जिसमें  कुछ  सामान  था |  उसने  मुट्ठी  खोल  कर  देखी , एक  पत्र  था  जिसमें  लिखा  था :- ‘ बेटा , जब   तू   बहुत   छोटा   था   तो   खेलते   वक्त   तेरी   आँख   में   सरिया   धंस   गया   था  और   तू   अंधा   हो    गया   था   तब   मैंने  तुम्हें  अपनी  आँखे  दे  दी  थी ‘ | यह  पढ़  कर  लड़का  ज़ोर-ज़ोर  से  रोने  लगा   परंतु  अब  उसकी  माँ  उसे  देखने  को  दुनियाँ  में  नहीं  थी |  ‘ माँ-बाप  का  कर्ज़  हम  कभी  चुका  नहीं  सकते | ‘                                    बूढ़े  माँ –बाप की  अवलेहना  स्वयं  पर  अविश्वास  का  प्रतीक है, उनके  ज्ञान  और  अनुभव  का  सदुपयोग करो, सेवा  भाव जगाओ, उन्हें उपेक्षित  महसूस  कराना , संवाद  का  सिलसिला जारी न रखना , तुम्हें  किसी  दिन झुलसा देगा , ठगा  सा  महसूस  करोगे  एक दिन | जय  हिन्द  , जय  हमारा  भारत

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JAGDISH BIJARNIA May 10, 2020

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anju May 10, 2020

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Pawan Saini May 8, 2020

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JAGDISH BIJARNIA May 9, 2020

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N.K.Rana May 10, 2020

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