Raj mehra
Raj mehra Jul 15, 2017

Jai Mata Di

#देवीदर्शन #डेली-दर्शन
Jai Mata Di

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आज के मंगला विडियों आरती पूर्व दर्शन कालका माता जी के कालका धाम दिल्ली से 🚩जय माता दी 🌹🙏 🍁🏯🌺👏🕉️👏🌺🏯🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक 10 अगस्त 2020* 🌈 *दिन - सोमवार* 🌈 *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* 🌈 *शक संवत - 1942* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - वर्षा* 🌈 *मास - भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - श्रावण)* 🌈 *पक्ष - कृष्ण* 🌈 *तिथि - षष्ठी सुबह 06:42 तक तत्पश्चात सप्तमी* 🌈 *नक्षत्र - अश्विनी रात्रि 10:06 तक तत्पश्चात भरणी* 🌈 *योग - शूल सुबह 07:43 तक तत्पश्चात गण्ड* 🌈 *राहुकाल - सुबह 07:42 से सुबह 09:19 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:16* 🌈 *सूर्यास्त - 19:11* 🌈 *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* 🌈 *व्रत पर्व विवरण - शीतला सप्तमी* ✨ *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻 *जन्माष्टमी* 🌻 🚩 *ज्योतिष के अनुसार, अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। ये उपाय करने से मनोकामना पूर्ति व धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं।* ⏩ *ये हैं जन्माष्टमी के अचूक 12 उपाय, 1 भी करेंगे तो होगा फायदा* 1⃣🕉️ *आमदनी नहीं बढ़ रही है या नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो जन्माष्टमी पर 7 कन्याओं को घर बुलाकर खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। इसके बाद लगातार पांच शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई बांटें।* 2⃣🕉️ *जन्माष्टमी से शुरु कर 27 दिन लगातार नारियल व बादाम किसी कृष्ण मंदिर में चढ़ाने से सभी इच्छाएं पूरी हो सकती है।* 3⃣🕉️ *यदि पैसे की समस्या चल रही हो तो जन्माष्टमी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद राधाकृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करें व पीले फूलों की माला अर्पित करें। इससे आपकी परेशानी कम हो सकती है।* 4⃣🕉️ *सुख-समृद्धि पाने के लिए जन्माष्टमी पर पीले चंदन या केसर से गुलाब जल मिलाकर माथे पर टीका अथवा बिंदी लगाएं। ऐसा रोज करें। इस उपाय से मन को शांति प्राप्त होगी और जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनेंगे।* 5⃣🕉️ *लक्ष्मी कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर कहीं केले के पौधे लगा दें। बाद में उनकी नियमित देखभाल करते रहे। जब पौधे फल देने लगे तो इसका दान करें, स्वयं न खाएं।* 6⃣🕉️ *जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता भेंट करें और उसके बाद इस पत्ते पर रोली (कुमकुम) से श्री यंत्र लिखकर तिजोरी में रख लें। इस उपाय से धन वृद्धि के योग बन सकते हैं।* 7⃣🕉️ *जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।इसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डालें। इससे भगवान श्रीकृष्ण जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं।* 8⃣🕉️ *जन्माष्टमी पर दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। ये उपाय करने वाले की हर इच्छा पूरी हो सकती है।* 9⃣🕉️ *कृष्ण मंदिर जाकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र की 11 माला जप करें। इस उपाय से आपकी हर समस्या का समाधान हो सकताहै।* *मंत्र- क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि:परमात्मने* *प्रणत:क्लेशनाशाय गोविंदय नमो नम:* 🔟🕉️ *भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पीले रंग के कपड़े पहनने वाला। जन्माष्टमी पर पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं।* 1⃣1⃣🕉️ *जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें तो जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनाते हैं।* 1⃣2⃣🕉️ *जन्माष्टमी को शाम के समय तुलसी को गाय के घी का दीपक लगाएं और ॐ वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌷 *जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा* 🌷 ⏩ *12 अगस्त 2020 बुधवार को जन्माष्टमी* 🌻 *जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।* 🚩 *जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है।* 🚩*‘वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है। ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ - ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।* ✨ *बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।* 🚩 *जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।* 🚩 *उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।* 🚩 *‘भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻 *कृष्ण नाम के उच्चारण का फल* 🌻 🚩 *ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार* *नाम्नां सहस्रं दिव्यानां त्रिरावृत्त्या चयत्फलम् ।।* *एकावृत्त्या तु कृष्णस्य तत्फलं लभते नरः । कृष्णनाम्नः परं नाम न भूतं न भविष्यति ।।* *सर्वेभ्यश्च परं नाम कृष्णेति वैदिका विदुः । कृष्ण कृष्णोति हे गोपि यस्तं स्मरति नित्यशः ।।* *जलं भित्त्वा यथा पद्मं नरकादुद्धरेच्च सः । कृष्णेति मङ्गलं नाम यस्य वाचि प्रवर्तते ।।* *भस्मीभवन्ति सद्यस्तु महापातककोटयः ।* *अश्वमेधसहस्रेभ्यः फलं कृष्णजपस्य च ।।* *वरं तेभ्यः पुनर्जन्म नातो भक्तपुनर्भवः । सर्वेषामपि यज्ञानां लक्षाणि च व्रतानि च ।।* *तीर्थस्नानानि सर्वाणि तपांस्यनशनानि च ।* *वेदपाठसहस्राणि प्रादक्षिण्यं भुवः शतम् ।।* *कृष्णनामजपस्यास्य कलां नार्हन्ति षोडशीम् । (ब्रह्मवैवर्तपुराणम्, अध्यायः-१११)* 🚩 *विष्णुजी के सहस्र दिव्य नामों की तीन आवृत्ति करने से जो फल प्राप्त होता है; वह फल ‘कृष्ण’ नाम की एक आवृत्ति से ही मनुष्य को सुलभ हो जाता है। वैदिकों का कथन है कि ‘कृष्ण’ नाम से बढ़कर दूसरा नाम न हुआ है, न होगा। ‘कृष्ण’ नाम सभी नामों से परे है। हे गोपी! जो मनुष्य ‘कृष्ण-कृष्ण’ यों कहते हुए नित्य उनका स्मरण करता है; उसका उसी प्रकार नरक से उद्धार हो जाता है, जैसे कमल जल का भेदन करके ऊपर निकल आता है। ‘कृष्ण’ ऐसा मंगल नाम जिसकी वाणी में वर्तमान रहता है, उसके करोड़ों महापातक तुरंत ही भस्म हो जाते हैं। ‘कृष्ण’ नाम-जप का फल सहस्रों अश्वमेघ-यज्ञों के फल से भी श्रेष्ठ है; क्योंकि उनसे पुनर्जन्म की प्राप्ति होती है; परंतु नाम-जप से भक्त आवागमन से मुक्त हो जाता है। समस्त यज्ञ, लाखों व्रत तीर्थस्नान, सभी प्रकार के तप, उपवास, सहस्रों वेदपाठ, सैकड़ों बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा- ये सभी इस ‘कृष्णनाम’- जप की सोलहवीं कला की समानता नहीं कर सकते* 🍁 *ब्रह्माण्डपुराण, मध्यम भाग, अध्याय 36 में कहा गया है :* *महस्रनाम्नां पुण्यानां त्रिरावृत्त्या तु यत्फलम् ।* *एकावृत्त्या तु कृष्णस्य नामैकं तत्प्रयच्छति ॥१९॥* 🚩 *विष्णु के तीन हजार पवित्र नाम (विष्णुसहस्त्रनाम) जप के द्वारा प्राप्त परिणाम ( पुण्य ), केवलएक बार कृष्ण के पवित्र नाम जप के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है ।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Nagendra Sharma Aug 10, 2020

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Surender kumar Aug 10, 2020

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Shrish Mhetre Aug 10, 2020

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आशुतोष Aug 9, 2020

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Vidhya saravanan Aug 8, 2020

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