TR Madhavan
TR Madhavan Mar 27, 2020

ॐ साई राम 🙏 जय साई राम श्री साई ज्ञानेश्वरी के पारायण से हमें यह ज्ञान प्राप्त होता हे की मानव अज्ञान में जी रहा हे। अज्ञान के कारण वह अहंकार और सांसारिक मोह यानि माया में ग्रस्त होकर कार्य करता हे और इस शरीर और संसार को सत्य मानकर अपने अनमोल वक्त को धीरे धीरे खो देता हे । अज्ञान के कारण वह दुष्कर और अधार्मिक कार्य करता हे , और शरीर और भोतिक संतुष्टि ही उसका मक़सद बन जाता ।इस कारण वह भटक जाता हे और उसको ईश्वर/ परमात्मा की विस्मृति हो जाती हे और ईश्वर के बच्चे होने के नाते उसे प्राप्त सुरक्षा कवच शीर्ण होता जाता हे। अहंकार के कारण उसे ईश्वर यानि परमपिता परमेश्वर का अहसास भी नहीं होता जो उसकी रक्षा कर सकता हे । शेतानी ताकते जो विभिन्न प्रकार से जगत में व्याप्त हे उन्हें मानव विनाश का अवसर मिल जाता हे। यही कारण हे आज हम सब इस carona नामक राक्षस से बचने के लिए भागे फिर रहे हे और घरों में दुबके बेठे हे । भय में जी रहे हे। इस दुविधा के लिए मानव स्वयं ज़िम्मेदार हे, अपनी इच्छानुसार चलकर, काम. क्रोध, मोह, लालच , ईर्षा, वेरभाव से ग्रस्त होकर कार्य किया और अपने लिए कड़वे फल तयार किए, और अब दुःख में चिल्लाना व्यर्थ ही हे । मानव जाति का स्वार्थ इसका दोषी हे । ईश्वर से दूर जाकर कोई सुखी नहीं रह सकता । जिस प्रकार बच्चा अपनी माँ बाप से दूर रहकर भय और असुरक्षित रहता हे ।उसी प्रकार हम सब परम पिता परमेश्वर से दूर रहकर असुरक्षित हे । ईश्वर की प्राप्ति नेक कर्मों और शुद ज्ञान और भक्ति से ही हो सकती हे । अतः हम सब मिलकर विश्व की शांति और रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करे । *जय श्री साई ज्ञानेश्वरी* *सदगुरु साईनाथ महाराज की जय* sai rakesh juneja

ॐ साई राम 🙏 जय साई राम 

श्री साई ज्ञानेश्वरी के पारायण से हमें यह ज्ञान प्राप्त होता हे की मानव अज्ञान में जी रहा हे। अज्ञान के कारण वह अहंकार और सांसारिक मोह यानि माया में ग्रस्त होकर कार्य करता हे और इस शरीर और संसार को सत्य मानकर अपने अनमोल वक्त को धीरे धीरे खो देता हे । 

अज्ञान के कारण वह दुष्कर और अधार्मिक कार्य करता हे , और शरीर और भोतिक संतुष्टि ही उसका मक़सद बन जाता ।इस कारण वह भटक जाता हे और उसको ईश्वर/ परमात्मा  की विस्मृति हो जाती हे और ईश्वर के बच्चे होने के नाते उसे प्राप्त सुरक्षा कवच शीर्ण होता जाता हे। अहंकार के कारण उसे ईश्वर यानि परमपिता परमेश्वर का अहसास भी नहीं होता जो उसकी रक्षा कर सकता हे । 

शेतानी ताकते जो विभिन्न प्रकार से जगत में व्याप्त हे उन्हें मानव विनाश का अवसर मिल जाता हे। यही कारण हे आज हम सब इस carona नामक राक्षस से बचने के लिए भागे फिर रहे हे और घरों में दुबके बेठे हे । भय में जी रहे हे। 

इस दुविधा के लिए मानव स्वयं ज़िम्मेदार हे, अपनी इच्छानुसार चलकर, काम. क्रोध, मोह, लालच , ईर्षा, वेरभाव से ग्रस्त होकर कार्य किया और अपने लिए कड़वे फल तयार किए, और अब दुःख में चिल्लाना व्यर्थ ही हे । मानव जाति का स्वार्थ इसका दोषी हे । 

ईश्वर से दूर जाकर कोई सुखी नहीं रह सकता । जिस प्रकार बच्चा अपनी माँ बाप से दूर रहकर भय और असुरक्षित रहता हे ।उसी प्रकार हम सब परम पिता परमेश्वर से दूर रहकर असुरक्षित हे । ईश्वर की प्राप्ति नेक कर्मों और शुद ज्ञान और भक्ति से ही हो सकती हे । अतः हम सब मिलकर विश्व की शांति और रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करे । 
 *जय श्री साई ज्ञानेश्वरी* *सदगुरु साईनाथ महाराज की जय* sai rakesh juneja
ॐ साई राम 🙏 जय साई राम 

श्री साई ज्ञानेश्वरी के पारायण से हमें यह ज्ञान प्राप्त होता हे की मानव अज्ञान में जी रहा हे। अज्ञान के कारण वह अहंकार और सांसारिक मोह यानि माया में ग्रस्त होकर कार्य करता हे और इस शरीर और संसार को सत्य मानकर अपने अनमोल वक्त को धीरे धीरे खो देता हे । 

अज्ञान के कारण वह दुष्कर और अधार्मिक कार्य करता हे , और शरीर और भोतिक संतुष्टि ही उसका मक़सद बन जाता ।इस कारण वह भटक जाता हे और उसको ईश्वर/ परमात्मा  की विस्मृति हो जाती हे और ईश्वर के बच्चे होने के नाते उसे प्राप्त सुरक्षा कवच शीर्ण होता जाता हे। अहंकार के कारण उसे ईश्वर यानि परमपिता परमेश्वर का अहसास भी नहीं होता जो उसकी रक्षा कर सकता हे । 

शेतानी ताकते जो विभिन्न प्रकार से जगत में व्याप्त हे उन्हें मानव विनाश का अवसर मिल जाता हे। यही कारण हे आज हम सब इस carona नामक राक्षस से बचने के लिए भागे फिर रहे हे और घरों में दुबके बेठे हे । भय में जी रहे हे। 

इस दुविधा के लिए मानव स्वयं ज़िम्मेदार हे, अपनी इच्छानुसार चलकर, काम. क्रोध, मोह, लालच , ईर्षा, वेरभाव से ग्रस्त होकर कार्य किया और अपने लिए कड़वे फल तयार किए, और अब दुःख में चिल्लाना व्यर्थ ही हे । मानव जाति का स्वार्थ इसका दोषी हे । 

ईश्वर से दूर जाकर कोई सुखी नहीं रह सकता । जिस प्रकार बच्चा अपनी माँ बाप से दूर रहकर भय और असुरक्षित रहता हे ।उसी प्रकार हम सब परम पिता परमेश्वर से दूर रहकर असुरक्षित हे । ईश्वर की प्राप्ति नेक कर्मों और शुद ज्ञान और भक्ति से ही हो सकती हे । अतः हम सब मिलकर विश्व की शांति और रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करे । 
 *जय श्री साई ज्ञानेश्वरी* *सदगुरु साईनाथ महाराज की जय* sai rakesh juneja

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MAHESH MISHRA May 10, 2020

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सुप्रभात मित्रों ,, कृपया ध्यान दीजिए सरकार एक निश्चित समय तक हीं lockdown रख सकती है । धीरे धीरे lockdown खत्म हो जाएगा । सरकार भी इतनी सख्ती नहीं दिखाएगी क्योंकि सरकार ने आपको कोरोना बीमारी के बारे में अवगत करा दिया है, सोशल डिस्टैंसिंग, हैण्ड सेनिटाइजेशन इत्यादि सब समझा दिया है । बीमार होने के बाद की स्थिति भी आप लोग देश में देख हीं रहे हैं ।कह सकते हैं कि सरकार खुद लाचार है। अब जो समझदार है वह आगे लंबे समय तक अपनी दिनचर्या, काम करने का तरीका समझ लें । सरकार 24 घंटे 365 दिन आपकी चौकीदारी नहीं करेगी और न कर सकेगी । इलाज भी अपने खर्च से कराना होगा। निजी चिकित्सक आपका इलाज करेगा अथवा आपसे डरेगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इसकी दवा नही है आपके एवं आपके परिवार का भविष्य आपके हाथ में है । लाॅकडाउन खुलने के बाद सोच समझ कर घर से निकलें एवं काम पर जायें व नियत नियमानुसार हीं अपना कार्य करें । क्या लगता है आपको, 17 मई के बाद एकाएक कोरोना चला जायेगा, हम पहले की तरह जीवन जीने लगेंगे ? नहीं, कदापि नहीं । ये वायरस अब हमारे देश में जड़ें जमा चुका है,हमें इसके साथ रहना सीखना पड़ेगा। कैसे ? सरकार कब तक लॉकडाउन रखेगी ? कब तक बाहर निकलने में पाबंदी रहेगी ? अब हमें स्वयं इस वायरस से लड़ना पड़ेगा, अपनी जीवन शैली में बदलाव करके, अपनी इम्युनिटी स्ट्रांग करके । हमें सैकड़ों साल पुरानी जीवन शैली अपनानी पड़ेगी । शुद्ध आहार लें, शुद्ध मसाले खाएं । आंवला, एलोवेरा, गिलोय, काली मिर्च, लौंग आदि पर निर्भर हों । एन्टी बाइटिक्स के चंगुल से खुद को आज़ाद करें । अपने भोजन में पौष्टिक आहार की मात्रा बढ़ानी होगी, फ़ास्ट फ़ूड, पिज़्ज़ा , बर्गर, कोल्ड्रिंक की भूल जाएं । अपने बर्तनों को बदलना होगा, अल्युमिनियम, स्टील आदि से हमें भारी बर्तन जैसे पीतल, कांसा, तांबा को अपनाना होगा जो प्राकर्तिक रूप से वायरस को भी खत्म करते हैं । अपने आहार में दूध, दही, घी की मात्रा बढ़ानी होगी । भूल जाइए जीभ का स्वाद, तला-भुना मसालेदार, होटल वाला कचरा । कम से कम अगले 7-8 महीनों तक तो ये करना हीं पड़ेगा । तभी हम सरवाइव कर पाएंगे । और जो नहीं बदलेंगे वो मुश्किल मे पड़ जाएंगे । इस बात को मान कर इन पर अमल करना शुरू कर दें । . . . जिंदगी आपकी फैसला आपका

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Rudra sharma May 9, 2020

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