Madanpal Singh
Madanpal Singh Apr 9, 2020

🌷🕉🚩jai shree Radhe Radhe jii 🌷🕉🚩Jai Shree kirisana jii 🌷🌷🕉🚩shubh Ratari jii 🌷🕉💘 🌷🕉🚩aal my mandir female jiii 💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚

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कामेंट्स

Madanpal Singh Apr 9, 2020
jai shree Radhe Radhe kirisana jii subh Ratari jii very nice post jii aapka har pal magalmay ho jiiiii 🌷🕉🚩

Renu Singh Apr 9, 2020
🙏🌹 Jai Shree Radhe Krishna 🙏 Good Night Sweet Dreams Bhai Ji 🙏🌹🙏🌹🙏

Neha Sharma, Haryana Apr 9, 2020
जय श्री राधेकृष्णा 🥀🙏 शुभ रात्रि नमन 🙏 ईश्वर 👣 की असीम कृपा ✋ आप और आपके परिवार 👨‍👩‍👧‍👦 पर सदैव बनी रहे जी 🙏 आपका हर पल शुभ व मंगलमय 🔯 हो आदरणीय भाई जी 🙏Nice Post ji 👌

hiren Apr 9, 2020
Jai Shree Krishna Bhai

radha सोनी Apr 9, 2020
🙏🙏जय श्री राधे कृष्णा जी शुभ रात्रि वंदन जी आपका हर पल मँगल मै रहे जी आप आपका परीवार हमेशा खुश रहे जी बहुत सुन्दर जी गुड नाईट जी आपको मेरा प्रणामजी🙏🙏🌹🌹🕉️🕉️🌹🌹🙏🙏

sheela sharma Apr 10, 2020
🙏🙏🌺🌺जय श्री राधे कृष्णा जी 🌺🌺🙏🙏श्री माता रानी जी की कृपा आप ओर आपके परिवार पर सदा बनी रहे भाई जी 🌺🙏🌺आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो 🙏आप ओर आपका परिवार सदा स्वस्थ रहे🌺🌹🌺आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो भाई जी 🙏🌺🙏

Rk Soni(Ganesh Mandir) Apr 10, 2020
सुप्रभात वंदन जी🌹🌹 🙏जय गणेश देवा🙏 🙏जय लक्ष्मी माता २ानी आप व आपके परिवार की सुख समृद्धि,धन वैभव बनाऐ २खे व खुश व स्वस्थ २खे जी🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏🙏

Vinod Agrawal Apr 10, 2020
🌷Jai Mata Di Jai Maa Ambey Maharani Jai Shree Radhe Krishna🌷

Neha Sharma, Haryana Apr 10, 2020
जय माता की🚩🙏माता रानी👣की असीम कृपा ✋ आप और आपके परिवार👨‍👩‍👧‍👦पर सदैव बनी रहे जी🙏आपका हर पल शुभ व मंगलमय🔯 हो आदरणीय भाई जी🙏 🥀🥀🙏 जय श्री राधेकृष्णा 🙏🥀🥀

Renu Singh Apr 11, 2020
Ram Ram Bhai ji 🙏🌹 Shubh Sandhya Vandan Ji 🙏🌹 Hanuman ji aur Shanidev Ji Ka Aashirwad Aap aur Aàpke Pariwar pr hamesha Bna rhe 🙏 Aàpka Har pal Shubh V Mangalmay ho Bhai Ji 🙏🌹

*प्राचीनकाल में गोदावरी नदी के किनारे वेदधर्म मुनि का आश्रम था। एक दिन गुरुजी ने अपने शिष्यों से कहा की- शिष्यों! अब मुझे कोढ़ निकलेगा और मैं अंधा भी हो जाऊँगा, इसिलिए काशी में जाकर रहूँगा। है कोई शिष्य जो मेरे साथ रह कर सेवा करने के लिए तैयार हो ? सब चुप हो गये। उनमें संदीपनी ने कहा- गुरुदेव! मैं आपकी सेवा में रहूँगा। गुरुदेव ने कहा इक्कीस वर्ष तक सेवा के लिए रहना होगा। संदीपनी बोले इक्कीस वर्ष तो क्या मेरा पूरा जीवन ही अर्पित है आपको। वेदधर्म मुनि एवं संदीपन काशी में रहने लगे । कुछ दिन बाद गुरु के पूरे शरीर में कोढ़ निकला और अंधत्व भी आ गया । शरीर कुरूप और स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया । संदीपनी के मन में लेशमात्र भी क्षोभ नहीं हुआ । वह दिन रात गुरु जी की सेवा में तत्पर रहने लगा । गुरु को नहलाता, कपड़े धोता, भिक्षा माँगकर लाता और गुरुजी को भोजन कराता । गुरुजी डाँटते, तमाचा मार देते... किंतु संदीपनी की गुरुसेवा में तत्परता व गुरु के प्रति भक्तिभाव और प्रगाढ़ होता गया।* *गुरु निष्ठा देख काशी के अधिष्ठाता देव विश्वनाथ संदीपनी के समक्ष प्रकट होकर बोले- तेरी गुरुभक्ति देख कर हम प्रसन्न हैं । कुछ भी वर माँग लो । संदीपनी गुरु से आज्ञा लेने गया और बोला भगवान शिवजी वरदान देना चाहते हैं, आप आज्ञा दें तो आपका रोग एवं अंधेपन ठीक होने का वरदान मांग लूँ ? गुरुजी ने डाँटा,बोले- मैं अच्छा हो जाऊँ और मेरी सेवा से तेरी जान छूटे यही चाहता है तु ? अरे मूर्ख ! मेरा कर्म कभी-न-कभी तो मुझे भोगना ही पड़ेगा । संदीपनी ने भगवान शिवजी को वरदान के लिए मना कर दिया। शिवजी आश्चर्यचकित हो गये और गोलोकधाम पहुंच के श्रीकृष्ण से पूरा वृत्तान्त कहा। श्रीकृष्ण भी संदीपनी के पास वर देने आये। संदीपनी ने कहा- प्रभु! मुझे कुछ नहीं चाहिए। आप मुझे यही वर दें कि गुरुसेवा में मेरी अटल श्रद्धा बनी रहे।* *एक दिन गुरुजी ने संदीपनी को कहा कि- मेरा अंत समय आ गया है। सभी शिष्यों से मिलने की इच्छा है । संदीपनी ने सब शिष्यों को सन्देश भेज दिया। सारे शिष्य उनके दर्शन के लिए आये। गुरुजी ने सभी शिष्यों कुछ न कुछ दिया । किसी को पंचपात्र, किसी को आचमनी , किसी को आसन किसी को माला दे दी । जब संदीपनी का आये तो सभी वस्तुएं समाप्त हो चुकी थी । गुरुजी चुप हो गए,फिर बोले कि मैं तुम्हे क्या दूँ ? तुम्हारी गुरूभक्ति के समान मेरे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है । मैं तुम्हें यह वर देता हूँ कि- त्रिलोकी नाथ का अवतार होने वाला है, वह तुम्हारे शिष्य बनेंगे । संदीपनी के लिए इससे बड़ी भेंट और क्या होती । उन्होंने गुरूजी की अंत समय तक सेवा की। जब श्रीकृष्ण अवतार हुआ तो गुरुजी के दिए उस वरदान को फलीभूत करने के लिए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने दूर उज्जैन में स्थित संदीपनी ऋषि के आश्रम में भ्राता बलराम जी के साथ आए और संदीपनी ऋषि के शिष्य बने... ऐसी है गुरुभक्ति की शक्ति। इसिलिए गुरुभक्ति ही सार है... राधे राधे...संगृहीत कथा*🙏🚩

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rekha sunny May 10, 2020

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rekha sunny May 10, 2020

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Sanjay Singh May 10, 2020

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Sanjay Singh May 10, 2020

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BIJAY PANDAY May 10, 2020

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rekha sunny May 10, 2020

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Sharma May 10, 2020

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Meena Dubey May 10, 2020

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