sanjay Sharma
sanjay Sharma Feb 28, 2021

जय श्री सूर्य देव ओम् सुर्य देवाय नमः हे प्रभु हम सभी पर अपनी कृपा दृष्टि सदैव बनाए रखना

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sanjay Sharma Mar 2, 2021
@devkivarindani जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और जीवन में सदैव कामयाबी के शिखर पर अग्रसर रहे

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@lalansingh1 जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी भाई आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वर आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@anjalimishra जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वर मेरी बहन के घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@sumanlata32 जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वर मेरी बहन के घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राम जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@ashwinrchauhan जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी भाई आप सदा खुश रहिए और जीवन में सदैव कामयाबी के शिखर पर अग्रसर रहे ईश्वरं नन्ही परी आपके घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@archanasingh14 जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वरं मेरी बहन के घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@neetatrivedi जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वर मेरी बहन के घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@kamalamaheshwar जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वर मेरी बहन के घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@सिम्मीसोनी जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वर मेरी बहन के घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम

sanjay Sharma Mar 2, 2021
@geetadevi22 जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ दोपहरी जी मेरी बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे ईश्वर मेरी बहन के घर में धन ऐश्वर्य की प्राप्ति होती रहें

sanjay Sharma Mar 2, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम

हिंदू धर्मामध्ये हजारो तीर्थस्थळे असूनही चार धाम यात्रेला एवढे महत्त्व का आहे? तीर्थक्षेत्र कोणाला म्हणावे? तर असे स्थान, जिथे गेल्यावर मन:शांती मिळते, पुण्यसंचय होतो. अशी पुण्यभूमी जिथे संत सज्जन, भगवंतानी वास्तव्य केले होते, असे ठिकाण! तिथे गेल्यावर तिथल्या सकारात्मक ऊर्जेने मनातील सर्व विकारांचा, पापांचा नाश होतो, असे स्थान म्हणजे तीर्थक्षेत्र! तीर्थक्षेत्री गेल्यावर प्रापंचिक सुखाचा विसर पडावा आणि केवळ मोक्षप्राप्ती हे जीवनाचे ध्येय व्हावे, असा उद्देश असतो.  पूर्वीच्या काळी निवृत्तीनंतर किंवा उतारवयात तीर्थस्थळी जाण्याचा हेतू हाच होता, की संसारातून मुक्त होऊन उर्वरित जीवन ईश सेवेत कामी यावे. म्हणून लोक चारधाम यात्रा करत असत.  परंतु प्रश्न असा उपस्थित होतो, की भारतासारख्या भारित भूमीत अगणित तीर्थक्षेत्रे असताना केवळ चार धामांना महत्त्व का? कारण हिंदू धर्मात वेद चार आहेत. ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद. हे वेद हिंदू संस्कृतीचे आधार आहेत. भारतीय समाज जीवनात वर्ण व्यवस्थेत समाजाची विभागणी चार वर्गात होत असे. ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय, शूद्र. चार वर्णाचे चार जीवनचर्येत विभाजन केले आहे. ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ आणि संन्यास! पुरुषार्थदेखील चार आहेत. धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष. दिशा चार. पूर्व, पश्चिम, उत्तर दक्षिण!  आपल्या संस्कृतीचा पाया चार आधारस्तंभांवर अवलंबून आहे. म्हणून चार दिशांना व्यापणाऱ्या तीर्थक्षेत्रांना विशेष महत्त्व दिले गेले आहे. पुर्वेला जगन्नाथ पुरी, पश्चिमेला द्वारका, उत्तरेला बद्रीनाथ आणि दक्षिणेला रामेश्वरम! हे चार धाम चार वेदांचे प्रतीक आहेत. बद्रीनाथ यजुर्वेदाचे, रामेश्वरम ऋग्वेदाचे, द्वारका सामवेदाचे आणि जगन्नाथ पुरी अथर्व वेदाचे! म्हणून चार धाम महत्त्वाचे मानले जातात.  तसेच चार दिशांना वसलेली चार धामे एकदा तरी आपण पहावीत आणि आपल्या मातृभूमीच्या चार भुजा पहाव्यात, तिच्या कुशीत वसलेले आपले बांधव पहावेत, तेथील स्थिती पहावी, निसर्ग सौंदर्य पहावे आणि या विशाल निसर्ग शक्ती समोर नतमस्तक व्हावे, हाच या चार धाम यात्रेचा हेतू! मृत्यूपूर्वी ही अनुभूती प्रत्येकाने अवश्य घ्यावी.  नमस्कार शुभ दिन जय श्री मल्लिकार्जुन महादेव जय श्री पार्वती माता की जय श्री महाकाल जी जय श्री महाकाली माता की जय हो भोलेनाथ 🌹 👏 🌿 हर हर महादेव 🙏 ॐ नमः शिवाय

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mamta kushwah Apr 13, 2021

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Harpal bhanot Apr 13, 2021

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mrb Apr 13, 2021

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