Gumansingh Rathore
Gumansingh Rathore Sep 2, 2017

पुराणों के अनुसार गाय में सभी देवताओं का वास माना गया है।

पुराणों के अनुसार गाय में सभी देवताओं का वास माना गया है।

गाय को किसी भी रूप में सताना घोर पाप माना गया है। उसकी हत्या करना तो नर्क के द्वार को खोलने के समान है, जहां कई जन्मों तक दुख भोगना होता है।

वैज्ञानिक कहते हैं कि गाय एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो ऑक्सीजन ग्रहण करता है और
ऑक्सीजन ही छोड़ता है, ‍जबकि मनुष्य सहित सभी प्राणी ऑक्सीजन लेते और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं।
पेड़-पौधे इसका ठीक उल्टा करते हैं।

हिन्दू धर्म में गाय को क्यों पवित्र माना जाता है?

गाय माता : गाय ही व्यक्ति को मरने के बाद वैतरणी नदी पार कराती है। भारत में गाय को देवी का दर्जा प्राप्त है। गाय के भीतर
देवताओं का वास माना गया है। दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की विशेष पूजा की जाती है और उनका मोर पंखों आदि से श्रृंगार किया जाता है।

समृद्धि देती गाय : अथर्ववेद के अनुसार- 'धेनु सदानाम रईनाम' अर्थात गाय समृद्धि का मूल स्रोत है। गाय समृद्धि व प्रचुरता की द्योतक है। वह सृष्टि के पोषण का स्रोत है। वह जननी है। गाय के दूध से कई तरह के प्रॉडक्ट (उत्पाद) बनते हैं। गोबर से ईंधन व खाद मिलती है। इसके मूत्र से दवाएं व उर्वरक बनते हैं।

गाय का रहस्य : गाय इसलिए पूजनीय नहीं है कि वह दूध देती है और इसके होने से हमारी सामाजिक पूर्ति होती है, दरअसल मान्यता के अनुसार 84 लाख योनियों का सफर करके आत्मा अंतिम योनि के रूप में गाय बनती है। गाय लाखों योनियों का वह पड़ाव है,
जहां आत्मा विश्राम करके आगे की यात्रा शुरू करती है।

गाय के शकुन :
--------------
* गाय का कोई अपशकुन नहीं होता। जिस भू-भाग पर मकान बनाना हो, वहां 15 दिन तक गाय-बछड़ा बांधने से वह जगह पवित्र हो जाती है। भू-भाग से बहुत- सी आसुरी शक्तियों का नाश हो जाता है।

* गाय में सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है।

* गाय का मार्ग रोकना शुभ कहा गया है।

* गाय-बछड़े के एकसाथ दर्शन सफलता का प्रतीक है।

* घर के आसपास गाय होने का मतलब है कि आप सभी तरह के संकटों से दूर रहकर सुख और समृद्धिपूर्वक जीवन जी रहे हैं।

* गाय के समीप जाने से ही संक्रामक रोग कफ, सर्दी- खांसी व जुकाम का नाश हो जाता है।

* अचानक गाय का पूंछ मार देना भी शुभ है। काली चितकबरी गाय का ऐसा करना तो और भी शुभ कहा गया है।

पंचगव्य : पंचगव्य कई रोगों में लाभदायक है। पंचगव्य का निर्माण गाय के दूध, दही, घी, मूत्र, गोबर द्वारा किया जाता है। पंचगव्य द्वारा शरीर की रोग निरोधक क्षमता को बढ़ाकर रोगों को दूर किया जाता है। ऐसा कोई रोग नहीं है जिसका इलाज पंचगव्य से न किया जा सके......

॥जय गौऊ माता॥

Jyot Like Pranam +160 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 132 शेयर

कामेंट्स

Anand Sindra Sep 2, 2017
बोहत बढ़िया जानकारी दी आपने क्या मुस्लिम को गौ हत्या का हिसाब देना पड़ेगा

Naran ram Sep 3, 2017
ખુબ સરસ માહીતી આપી જય મુરલીધર

Har Har Mahadev Nov 18, 2018

Om jai jai

Pranam Flower Lotus +121 प्रतिक्रिया 20 कॉमेंट्स • 860 शेयर

*🚩देवउठनी_एकादशी आज 19.11.2018 सोमवार को है 💐*
*🕉ग्रहयोग ज़्योतिष टिप्स🔯*
*💐💅कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी, देवप्रबोधिनी और देवोत्थान एकदाशी कहा जाता है। इस बार यह शुभ तिथि 19 नवंबर, सोमवार को है। इस दिन भगवान विष्णु ...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Tulsi Jyot +23 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 186 शेयर
Ritika Nov 18, 2018

Jyot Like Flower +331 प्रतिक्रिया 83 कॉमेंट्स • 1511 शेयर
Anjana Gupta Nov 18, 2018

Like Dhoop Water +391 प्रतिक्रिया 128 कॉमेंट्स • 542 शेयर
🙂POOJABA 🙂 Nov 18, 2018

Pranam Like Jyot +222 प्रतिक्रिया 132 कॉमेंट्स • 687 शेयर

🚩🙏🏻😊 देवउठनी #एकादशी की हार्दिक #शुभकामनाये 💥🙏🏻🚩

Dhoop Jyot Like +34 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 109 शेयर

सुप्रभात

Like Fruits Flower +47 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 302 शेयर
Rajesh deval Nov 18, 2018

Good morning

Belpatra Dhoop Jyot +14 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 33 शेयर
D.R.Rajput Nov 18, 2018

जय श्री कृष्ण
राधे राधे जी

Bell Fruits Water +109 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 314 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB