Must read* 👇 आंख ने पेड़ पर फल देखा .. लालसा जगी.. आंख तो फल तोड़ नही सकती इसलिए पैर गए पेड़ के पास फल तोड़ने.. पैर तो फल तोड़ नही सकते इसलिए हाथों ने फल तोड़े और मुंह ने फल खाएं और वो फल पेट में गए. अब देखिए जिसने देखा वो गया नही, जो गया उसने तोड़ा नही, जिसने तोड़ा उसने खाया नही, जिसने खाया उसने रक्खा नहीं क्योंकि वो पेट में गया अब जब माली ने देखा तो डंडे पड़े पीठ पर जिसकी कोई गलती नहीं थी । लेकिन जब डंडे पड़े पीठ पर तो आंसू आये आंख में *क्योंकि सबसे पहले फल देखा था आंख ने* *अब यही है कर्म का सिद्धान्त*

Must read*
👇
आंख ने पेड़ पर फल देखा .. लालसा जगी..
आंख तो फल तोड़ नही सकती इसलिए पैर गए पेड़ के पास फल तोड़ने..
पैर तो फल तोड़ नही सकते इसलिए हाथों ने फल तोड़े और मुंह ने फल खाएं और वो फल पेट में गए.
अब देखिए जिसने देखा वो गया नही, जो गया उसने तोड़ा नही, जिसने तोड़ा उसने खाया नही, जिसने खाया उसने रक्खा नहीं क्योंकि वो पेट में गया
अब जब माली ने देखा तो डंडे पड़े पीठ पर जिसकी कोई गलती नहीं थी ।
लेकिन जब डंडे पड़े पीठ पर तो आंसू आये आंख में *क्योंकि सबसे पहले फल देखा था आंख ने*
*अब यही है कर्म का सिद्धान्त*

+183 प्रतिक्रिया 48 कॉमेंट्स • 83 शेयर

कामेंट्स

🔴 Suresh Kumar 🔴 Apr 20, 2021
very sweet good night to my sweet sister 🔵🔴 God bless u and your family 🌳🌳🌳

Bal Raj Apr 20, 2021
जय श्री राम जय हनुमान 🌹🌹 🌹🌹🌷🌷🙏🙏

N. K. M. Apr 20, 2021
ji kosis karne vaalo ki kabhi haar nahi hoti radhy radhy Krishna fal ki chaahat hi karib manjil tak le jaati hea jai maa maha gouri namo astute subh ratri vandan preeti ji jai jinender ji Raam navmi ki subh kamna aap ko bhi 🌹🌹🙏🌹🌹🙏🌹🙏🌹🌹🌹🙏

laltesh kumar sharma Apr 20, 2021
🍒🌟⭐🍒 jai shree ram ji 🍒⭐🌟🍒 jai shree hanuman ji 🍒⭐🌟🍒🙏🙏

🌷JK🌷 Apr 20, 2021
🌹🙏🏼🌹jai mata di🌹🙏🌹 Good Night ji 🌹🙏🏼🌹

saumya sharma Apr 20, 2021
Good night my dear sis🌙🌹thankyou🙏Have a great time with the grace of maa bhagwati 🙏always be happy😊

sanjay choudhary Apr 21, 2021
🙏🙏 जय श्री राम 🙏🙏 ।।।। शुभ प्र्भात् जी।।।।�*🙏🌹!! रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।।।।

Ravi Kumar Taneja Apr 21, 2021
🦚🐾🙏🌷🙏🐾🦚 आपको सपरिवार नवमं नवरात्रि महापर्व की हार्दिक शुभकामनायें!! 🙏💐🙏 नौवीं माता सिद्धिदात्री की कृपा सबके उपर बनी रहे🙏 माता सिद्धिदात्री रानी की कृपा से सभी की शांति, खुशहाली,तन्दरुसती बनी रहे...तथा सभी रोगमुक्त रहे 🙏🌻🙏 जय माता दी 🙏🌴🙏 माता रानी के नौ रूप आपकी हर मनोकामना पुरी करे 🙏🌹🙏 🌴 नौवीं 🐾सिद्धिदात्री माता🐾🌴 सु-प्रभात वंदन🙏 🌺🙏 🕉 *माँ सिद्धिदात्री की कृपा से आप सब स्वस्थ,सम्रद्ध व सुखी रहें*🕉 🕉🐾🦢🙏🌷🙏🦢🐾🕉

Poonam Aggarwal Apr 21, 2021
🚩🏹🚩🏹🚩🏹🚩🏹 🚩🏹 जयश्री राम जय जय श्री राम 🏹🚩 हैप्पी श्री राम जन्मोत्सव 🚩🙏 अयोध्या जिनका धाम है 🛕 श्री राम जिनका नाम है, मर्यादा पुरुषोत्तम वो श्री राम है उनके चरणों में हमारा प्रणाम है 👣🙏 आपको सपरिवार श्री राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई हो 🌹🙏 राम जी की कृपा आप सभी पर हमेशा बनी रहे 🙌 शुभ मंगलमय शुभकामनाओं सहित राम राम जी 🙏🌹 जय श्री राम जय हनुमान 🌹🙏 🚩🏹🚩🏹🚩🏹🚩 🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕

🔴 Suresh Kumar 🔴 Apr 22, 2021
@preetijain2 प्रीति बहन जैन साहब कोन सा कारोबार करते हैं और बेटे कोन कोन सी क्लास में है और कुछ सिरफिरे लोग इस ऐप पर गंदे कॉमेंट्स करते हैं। इस का ध्यान रखना मेरी प्यारी बहन 🙏

Renu Singh May 7, 2021

+477 प्रतिक्रिया 71 कॉमेंट्स • 241 शेयर
Deep May 6, 2021

+26 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 40 शेयर

+83 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 23 शेयर
Shanti Pathak May 6, 2021

+255 प्रतिक्रिया 49 कॉमेंट्स • 128 शेयर

+227 प्रतिक्रिया 27 कॉमेंट्स • 158 शेयर
Vinay Mishra May 8, 2021

+33 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 64 शेयर

+333 प्रतिक्रिया 79 कॉमेंट्स • 289 शेयर

रामायण पवित्र ग्रंथ है। इसकी कथा जितनी आदर्श है उसके पात्र उतने ही प्रेरणादायी। क्या आप रामायण के सभी पात्रों को जानते हैं, नहीं, तो यह जानकारी आपके लिए है। प्रस्तुत है रामायण के प्रमुख पात्र और उनका परिचय ... दशरथ – रघुवंशी राजा इन्द्र के मित्र कौशल के राजा तथा राजधानी एवं निवास अयोध्या कौशल्या – दशरथ की बड़ी रानी,राम की माता सुमित्रा - दशरथ की मंझली रानी,लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न की माता कैकयी - दशरथ की छोटी रानी, भरत की माता सीता – जनकपुत्री,राम की पत्नी उर्मिला – जनकपुत्री, लक्ष्मण की पत्नी मांडवी – जनक के भाई कुशध्वज की पुत्री,भरत की पत्नी श्रुतकीर्ति - जनक के भाई कुशध्वज की पुत्री,शत्रुघ्न की पत्नी राम – दशरथ तथा कौशल्या के पुत्र, सीता के पति लक्ष्मण - दशरथ तथा सुमित्रा के पुत्र,उर्मिला के पति भरत – दशरथ तथा कैकयी के पुत्र,मांडवी के पति शत्रुघ्न - दशरथ तथा सुमित्रा के पुत्रश्रुतकीर्ति के पति,मथुरा के राजा लवणासूर के संहारक शान्ता – दशरथ की पुत्री,राम भगिनी बाली – किष्किन्धा (पंपापुर) का राजा,रावण का मित्र तथा साढ़ू,साठ हजार हाथियों का बल सुग्रीव – बाली का छोटा भाई,जिनकी हनुमान जी ने मित्रता करवाई तारा – बाली की पत्नी,अंगद की माता, पंचकन्याओं में स्थान रुमा – सुग्रीव की पत्नी,सुषेण वैद्य की बेटी अंगद – बाली तथा तारा का पुत्र । रावण – ऋषि पुलस्त्य का पौत्र, विश्रवा तथा पुष्पोत्कटा का पुत्र कुंभकर्ण – रावण तथा कुंभिनसी का भाई, विश्रवा तथा पुष्पोत्कटा का पुत्र कुंभिनसी – रावण तथा कुुंंभकर्ण की भगिनी,विश्रवा तथा पुष्पोत्कटा की पुत्री विश्रवा - ऋषि पुलस्त्य का पुत्र, पुष्पोत्कटा-राका-मालिनी का पति विभीषण – विश्रवा तथा राका का पुत्र,राम का भक्त पुष्पोत्कटा – विश्रवा की पत्नी,रावण, कुंभकर्ण तथा कुंभिनसी की माता राका – विश्रवा की पत्नी,विभीषण की माता मालिनी - विश्रवा की तीसरी पत्नी,खर-दूषण,त्रिसरा तथा शूर्पणखा की माता । त्रिसरा – विश्रवा तथा मालिनी का पुत्र,खर-दूषण का भाई एवं सेनापति शूर्पणखा - विश्रवा तथा मालिनी की पुत्री, खर-दूषण एवं त्रिसरा की भगिनी,विंध्य क्षेत्र में निवास । मंदोदरी – रावण की पत्नी,तारा की भगिनी, पंचकन्याओं में स्थान मेघनाद – रावण का पुत्र इंद्रजीत,लक्ष्मण द्वारा वध दधिमुख – सुग्रीव का मामा ताड़का – राक्षसी,मिथिला के वनों में निवास,राम द्वारा वध। मारिची – ताड़का का पुत्र,राम द्वारा वध (स्वर्ण मृग के रूप में)। सुबाहू – मारिची का साथी राक्षस,राम द्वारा वध। सुरसा – सर्पों की माता। त्रिजटा – अशोक वाटिका निवासिनी राक्षसी, रामभक्त,सीता की अनुरागी त्रिजटा विभीषण की पुत्री थी। प्रहस्त – रावण का सेनापति,राम-रावण युद्ध में मृत्यु। विराध – दंडक वन में निवास,राम लक्ष्मण द्वारा मिलकर वध। शंभासुर – राक्षस, इन्द्र द्वारा वध, इसी से युद्ध करते समय कैकेई ने दशरथ को बचाया था तथा दशरथ ने वरदान देने को कहा। सिंहिका(लंकिनी) – लंका के निकट रहने वाली राक्षसी,छाया को पकड़कर खाती थी। कबंद – दण्डक वन का दैत्य,इन्द्र के प्रहार से इसका सर धड़ में घुस गया,बाहें बहुत लम्बी थी,राम-लक्ष्मण को पकड़ा राम-लक्ष्मण ने गड्ढा खोद कर उसमें गाड़ दिया। जामवंत – रीछ,रीछ सेना के सेनापति। नल – सुग्रीव की सेना का वानरवीर। नील – सुग्रीव का सेनापति जिसके स्पर्श से पत्थर पानी पर तैरते थे,सेतुबंध की रचना की थी। नल और नील – सुग्रीव सेना मे इंजीनियर व राम सेतु निर्माण में महान योगदान। (विश्व के प्रथम इंटरनेशनल हाईवे “रामसेतु”के आर्किटेक्ट इंजीनियर) शबरी – अस्पृश्य जाति की रामभक्त, मतंग ऋषि के आश्रम में राम-लक्ष्मण का आतिथ्य सत्कार। संपाती – जटायु का बड़ा भाई,वानरों को सीता का पता बताया। जटायु – रामभक्त पक्षी,रावण द्वारा वध, राम द्वारा अंतिम संस्कार। गुह – श्रंगवेरपुर के निषादों का राजा, राम का स्वागत किया था। हनुमान – पवन के पुत्र,राम भक्त,सुग्रीव के मित्र। सुषेण वैद्य – सुग्रीव के ससुर । केवट – नाविक,राम-लक्ष्मण-सीता को गंगा पार कराई। शुक्र-सारण – रावण के मंत्री जो बंदर बनकर राम की सेना का भेद जानने गए। अगस्त्य – पहले आर्य ऋषि जिन्होंने विन्ध्याचल पर्वत पार किया था तथा दक्षिण भारत गए। गौतम – तपस्वी ऋषि,अहिल्या के पति,आश्रम मिथिला के निकट। अहिल्या - गौतम ऋषि की पत्नी,इन्द्र द्वारा छलित तथा पति द्वारा शापित,राम ने शाप मुक्त किया,पंचकन्याओं में स्थान। ऋण्यश्रंग – ऋषि जिन्होंने दशरथ से पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया था। सुतीक्ष्ण – अगस्त्य ऋषि के शिष्य,एक ऋषि। मतंग – ऋषि,पंपासुर के निकट आश्रम, यहीं शबरी भी रहती थी। वशिष्ठ – अयोध्या के सूर्यवंशी राजाओं के गुरु। विश्वामित्र – राजा गाधि के पुत्र,राम-लक्ष्मण को धनुर्विद्या सिखाई थी। शरभंग – एक ऋषि, चित्रकूट के पास आश्रम। सिद्धाश्रम – विश्वमित्र के आश्रम का नाम। भारद्वाज – वाल्मीकि के शिष्य,तमसा नदी पर क्रौंच पक्षी के वध के समय वाल्मीकि के साथ थे,मां-निषाद’ वाला श्लोक कंठाग्र कर तुरंत वाल्मीकि को सुनाया था। सतानन्द – राम के स्वागत को जनक के साथ जाने वाले ऋषि। युधाजित – भरत के मामा। जनक – मिथिला के राजा। सुमन्त – दशरथ के आठ मंत्रियों में से प्रधान । मंथरा – कैकयी की मुंह लगी दासी,कुबड़ी। देवराज – जनक के पूर्वज-जिनके पास परशुराम ने शंकर का धनुष सुनाभ (पिनाक) रख दिया था। मय दानव - रावण का ससुर और उसकी पत्नी मंदोदरी का पिता मायावी --मय दानव का पुत्र और रावण का साला, जिसका बालि ने वध किया था मारीच --रावण का मामा सुमाली --रावण का नाना माल्यवान --सुमाली का भाई, रावण का वयोवृद्ध मंत्री नारंतक - रावण का पुत्र,मूल नक्षत्र में जन्म लेने के कारण रावण ने उसे सागर में प्रवाहित कर दिया था। रावण ने अकेले पड़ जाने के कारण युद्ध में उसकी सहायता ली थी। दधिबल - अंगद का पुत्र जिसने नारंतक का वध किया था। नारंतक शापित था कि उसका वध दधिबल ही करेगा। अयोध्या – राजा दशरथ के कौशल प्रदेश की राजधानी,बारह योजन लंबी तथा तीन योजन चौड़ी नगर के चारों ओर ऊंची व चौड़ी दीवारों व खाई थी,राजमहल से आठ सड़कें बराबर दूरी पर परकोटे तक जाती थी। साभार संकलन 🙏पं.प्रणयन एम पाठक🙏 जय श्री राम 🚩

+212 प्रतिक्रिया 72 कॉमेंट्स • 232 शेयर
Renu Singh May 8, 2021

+378 प्रतिक्रिया 77 कॉमेंट्स • 284 शेयर
Archana Singh May 8, 2021

+296 प्रतिक्रिया 69 कॉमेंट्स • 137 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB