Jai Pahari Mata Ji Humari kul ki Devi ke Shree Charno mein naman Jai Pahari Mata Ji Aaj ke darsan 6.9.17

Jai Pahari Mata Ji Humari kul ki Devi ke Shree Charno mein naman Jai Pahari Mata Ji Aaj ke darsan 6.9.17

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Rajeev Thapar Aug 7, 2020

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Neha G Aug 7, 2020

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Manoj Kumar dhawan Aug 7, 2020

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Mahesh Malhotra Aug 7, 2020

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या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभि-धीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ जो देवी सब प्राणियों में चेतना कहलाती हैं, उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार । है। (चेतना - स्वयं के और अपने आसपास के वातावरण के तत्वों का बोध होने, उन्हें समझने तथा उनकी बातों का मूल्यांकन करने की शक्ति)ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ शुभ शुक्रवार- संध्या वंदन शुभ शुक्रवार - संध्या वंदन माँ दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती आरती [7/8, 2020 संध्या वंदन] ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़: [शुभ शुक्रवार वंदन आरती मां दुर्गा मां लक्ष्मी मां सरस्वती] ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़: अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती || तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी | दानव दल पर टूट पडो माँ, करके सिंह सवारी || सौ सौ सिंहों से तु बलशाली, दस भुजाओं वाली। दुखियों के दुखडें निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती || माँ बेटे का है इस जग में, बडा ही निर्मल नाता| पूत कपूत सूने हैं पर, माता ना सुनी कुमाता ॥ सब पर करुणा दरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली। दुखियों के दुखडे निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती || नहीं मांगते धन और दौलत, न चाँदी न सोना | हम तो मांगे माँ तेरे मन में, इक छोटा सा ; कोना|| सबकी बिगडी बनाने वाली, लाज बचाने वाली। सतियों के सत को संवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती || अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर : वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती|| ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ [7/8, 2020 संध्या वंदन] ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़: [शुभ शुक्रवार वंदन आरती मां दुर्गा मां लक्ष्मी मां सरस्वती] [ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता || ॐ जय... || उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही हो जग-माता । सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॐ जय... || दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-सम्पत्ति दाता । जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥ ॐ जय... || तुम ही पाताल बसंती, तुम ही शुभदाता । कर्म प्रभाव प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता ॥ ॐ जय... || ब जिस घर में तुम रहती, सब सद्गुण आता सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता ॥ ॐ जय... ॥ तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता । खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥ ॐ जय... || शुभ-गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता। रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥ ॐ जय... || श्री महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता। उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता ॥ ॐ जय... || ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ [7/8, 2020 संध्या वंदन] ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़: [शुभ शुक्रवार वंदन आरती मां दुर्गा मां लक्ष्मी मां सरस्वती] [आरती सरस्वती माता की कज्जल पुरित लोचन भारे स्तन युग शोभित मुक्त हारे, वीणा पुस्तक रंजित हस्ते भगवती भारती देवी नमस्ते ॥ जय सरस्वती माता जय जय हे सरस्वती माता, सदगुण वैभव शालिनी त्रिभुवन विख्याता ॥ जय सरस्वती माता ॥ चंद्रवदनि पदमासिनी घुति मंगलकारी, सोहें शुभ हंस सवारी अतुल तेजधारी ॥ जय सरस्वती माता ॥ बाय कर में वीणा दायें कर में माला, शीश मुकुट मणी सोहें गल मोतियन माला ॥ जय सरस्वती माता ॥ देवी शरण जो आयें उनका उद्धार किया, पैठी मंथरा दासी रावण संहार किया ॥ जय सरस्वती माता ॥ विद्या ज्ञान प्रदायिनी ज्ञान प्रकाश भरो, उमोह और अज्ञान तिमिर का जग से नाश करो ॥ जय सरस्वती माता ॥ धुप दिप फल मेवा माँ स्वीकार करो, ज्ञानचक्षु दे माता भव से उद्धार करो ॥ जय सरस्वती माता ॥ माँ सरस्वती जी की आरती जो कोई नर गावें, हितकारी सुखकारी ग्यान भक्ती पावें ॥ जय सरस्वती माता ॥ जय सरस्वती माता जय जय हे सरस्वती माता, सदगुण वैभव शालिनी त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता ॥ ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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Nagendra Sharma Aug 7, 2020

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