Babita Sharma
Babita Sharma May 10, 2020

मातृ देवो भव: मां एक ऐसा शब्द है,जिसे सिर्फ बोलने से ही ह्रदय में प्यार और खुशी की लहर आ जाती है।और ऐसे पावन दिवस पर हर मां को मेरा प्रणाम 🙋🙏🙏 आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹🌹💞🤱 *............."माँ".............* *माँ- दुःख में सुख का एहसास है,* *माँ - हरपल मेरे आस पास है* *माँ- घर की आत्मा है,* *माँ- साक्षात् परमात्मा है* *माँ- आरती, अज़ान है,* *माँ- गीता और कुरान है* *माँ- ठण्ड में गुनगुनी धूप है,* *माँ- उस रब का ही एक रूप है* *माँ- तपती धूप में साया है,* *माँ- आदि शक्ति महामाया है* *माँ- जीवन में प्रकाश है,* *माँ- निराशा में आस है* *माँ- महीनों में सावन है,* *माँ- गंगा सी पावन है* *माँ- वृक्षों में पीपल है,* *माँ- फलों में श्रीफल है* *माँ- देवियों में गायत्री है,* *माँ- मनुज देह में सावित्री है* *माँ- ईश् वंदना का गायन है,* *माँ- चलती फिरती रामायन है* *माँ- रत्नों की माला है,* *माँ- अँधेरे में उजाला है,* *माँ- बंदन और रोली है,* *माँ- रक्षासूत्र की मौली है* *माँ- ममता का प्याला है,* *माँ- शीत में दुशाला है* *माँ- गुड सी मीठी बोली है,* *माँ- ईद, दिवाली, होली है* *माँ- इस जहाँ में हमें लाई है,* *माँ- मेरी दुर्गा माई है,* *माँ- ब्रह्माण्ड के कण कण में समाई है* *माँ- ब्रह्माण्ड के कण कण में समाई है* *"अंत में मैं बस ये इक पुण्य का काम करता हूँ,* *दुनिया की हरेक माँ को दंडवत प्रणाम 🙏🙏*

मातृ देवो भव:
मां एक ऐसा शब्द है,जिसे सिर्फ बोलने से ही ह्रदय में प्यार और खुशी की लहर आ जाती है।और ऐसे पावन दिवस पर हर मां को मेरा प्रणाम 🙋🙏🙏

आप सभी को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹🌹💞🤱

*............."माँ".............*
*माँ- दुःख में सुख का एहसास है,* 
*माँ - हरपल मेरे आस पास है*
*माँ- घर की आत्मा है,* 
*माँ- साक्षात् परमात्मा है*
*माँ- आरती, अज़ान है,*
*माँ- गीता और कुरान है*
*माँ- ठण्ड में गुनगुनी धूप है,*
*माँ- उस रब का ही एक रूप है*
*माँ- तपती धूप में साया है,*
*माँ- आदि शक्ति महामाया है*
*माँ- जीवन में प्रकाश है,*
*माँ- निराशा में आस है*
*माँ- महीनों में सावन है,*
*माँ- गंगा सी पावन है*
*माँ- वृक्षों में पीपल है,*
*माँ- फलों में श्रीफल है*
*माँ- देवियों में गायत्री है,*
*माँ- मनुज देह में सावित्री है*
*माँ- ईश् वंदना का गायन है,*
*माँ- चलती फिरती रामायन है*
*माँ- रत्नों की माला है,*
*माँ- अँधेरे में उजाला है,*
*माँ- बंदन और रोली है,*
*माँ- रक्षासूत्र की मौली है*
*माँ- ममता का प्याला है,*
*माँ- शीत में दुशाला है*
*माँ- गुड सी मीठी बोली है,*
*माँ- ईद, दिवाली, होली है*
*माँ- इस जहाँ में हमें लाई है,*
*माँ- मेरी दुर्गा माई है,*
*माँ- ब्रह्माण्ड के कण कण में समाई है*
*माँ- ब्रह्माण्ड के कण कण में समाई है*
*"अंत में मैं बस ये इक पुण्य का काम करता हूँ,*
*दुनिया की हरेक माँ को दंडवत प्रणाम  🙏🙏*

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कामेंट्स

AM GOKUL May 10, 2020
Good Night Sweet Dreams. Sister. ji.🙏🙏🙏🙏🙏

Babita Sharma May 10, 2020
@anilkumarmarathe राधे राधे भाई 🙏 आपका अति आभार 🙏🙏 शुभ रात्रि वंदन 🙏सारे जहां में नहीं मिलता बेशुमार इतना, सुकून मिलता है मां के प्यार में जितना. हैप्पी मदर्स डे🌷🌷🙏🙏राधे राधे आपके माता-पिता का आशीर्वाद सदा आपके साथ बना रहे।

Babita Sharma May 10, 2020
@नरेशश्रीहरि शुभ रात्रि वंदन भाई 🙏 जय श्री राधे कृष्णा आपका आने वाला दिन आपके लिए ढेरों खुशियां लेकर आए 🌹

Babita Sharma May 10, 2020
@radhabehan शुभ रात्रि वंदन बहना 🙏 जय श्री राधे मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं आपके माता-पिता का आशीर्वाद सदा आपके साथ बना रहे 🌹

Babita Sharma May 10, 2020
@dhirenganatra शुभ रात्रि वंदन भाई 🙏 जय श्री राधे कृष्णा ईश्वर आपको सदा सुखी समृद्ध एवं स्वस्थ रखें 🌺Always Be Blessed nd Happy

Shanti Pathak May 10, 2020
जय श्री राधे कृष्णा🙏शुभरात्रि वंंदन बहना जी।🌹🙏🌹

zala. Hanubha May 10, 2020
jay shree radhe krishna ji good night vandan bahenaji🙏🙏

Venkatesh (ವೆಂಕಟೇಶ್ ) May 11, 2020
🙏🙏🙏🌺🌺🌷jai sri radha krishna sri Hara hara maha deva ki krupa aap aur aapki parivar sada bani rahe🌺 subha prabat aap ka din subha aur mangal aur hamesa kush rahe vandan sister ji 🌷🌹🌹

Rajesh Lakhani May 11, 2020
HAR HAR MAHADEV SHUBH PRABHAT BEHENA BHAGVAN BHOLENATH KI KRUPA AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANI RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGALMAYE HO AAP OR AAP KA PARIVAR SADA SWASTH RAHE SUKHI RAHE BEHENA PRANAM

Champatlal mali May 11, 2020
राधे राधे राधे राधे राधे जी

Nagaraja Swamy o mass ns 2012. May 13, 2020
Om adhi shesha shakthiye  namah. ओम आधी शेष शक्ति नमः। ಓಂ ಆದಿ ಶೇಷ ಶಕ್ತಿ ನಮಃ. ಶುಭಂ .शुभम। Shubham.

Kamlesh Jaiman May 19, 2020
दीदी श्री एक बार आप साईं राम बहन की पोस्ट पर जाएं वो आपसे बहुत जरूरी बात करना चाहती हैं।। प्लीज दीदी एक बार बात कर लीजिए🙏🙏

Kalpana bist May 21, 2020
मां हे मां तुम्हें शत् शत् नमन है

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Jay Shree Krishna May 10, 2020

*अंतरराष्ट्रीय मातृदिवस पर* मां प्राण है, मां शक्ति है, मां ऊर्जा है, मां प्रेम, करुणा और ममता का पर्याय है। मां केवल जन्मदात्री ही नहीं जीवन निर्मात्री भी है। मां धरती पर जीवन के विकास का आधार है। मां ने ही अपने हाथों से इस दुनिया का ताना-बाना बुना है। सभ्यता के विकास क्रम में आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक इंसानों के आकार- प्रकार में , रहन-सहन में , सोच-विचार, मस्तिष्क में लगातार बदलाव हुए। लेकिन मातृत्व के भाव में बदलाव नहीं आया उस आदिम युग में भी मां, मां ही थी। तब भी वह अपने बच्चों को जन्म देकर उनका पालन-पोषण करती थीं। उन्हें अपने अस्तित्व की रक्षा करना सिखाती थी। आज के इस आधुनिक युग में भी मां वैसी ही है। मां नहीं बदली। एक दार्शनिक ने मां की महिमा इन शब्दों में व्यक्त की है कि एक माँ की गोद कोमलता से बनी रहती है और बच्चे उसमें आराम से सोते हैं। मां को धरती पर विधाता की प्रतिनिधि कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। सच तो यह है कि मां विधाता से कहीं कम नहीं है। क्योंकि मां ने ही इस दुनिया को सिरजा और पाला-पोशा है। कण-कण में व्याप्त परमात्मा किसी को नजर आये न आए मां हर किसी को हर जगह नजर आती है। कहीं अण्डे सेती, तो कहीं अपने शावक को, छोने को, बछड़े को, बच्चे को दुलारती हुई नजर आती है। मां एक भाव है मातृत्व का, प्रेम और वात्सल्य का, त्याग का और यही भाव उसे विधाता बनाता है। मां विधाता की रची इस दुनिया को फिर से, अपने ढंग से रचने वाली विधाता है। मां सपने बुनती है और यह दुनिया उसी के सपनों को जीती है और भोगती है। मां जीना सिखाती है। पहली किलकारी से लेकर आखिरी सांस तक मां अपनी संतान का साथ नहीं छोड़ती। मां पास रहे या न रहे मां का प्यार दुलार, मां के दिये संस्कार जीवन भर साथ रहते हैं। मां ही अपनी संतानों के भविष्य का निर्माण करती हैं। इसीलिए मां को प्रथम गुरु कहा गया है। साथीयों अपनी मां के आंखों कभी आंसुओं को आने मत देना वरना विधाता कभी तुम्हे सात जन्मों तक माफ नहीं करेगी यह शास्वत सत्य है इसे गांठ बांध कर रखना। एक विचारक ने सही कहा है कि मेरी माँ मेरी सबसे बड़ी अध्यापक थी, करुणा, प्रेम, निर्भयता की एक शिक्षक अगर प्यार एक फुल के जितना मीठा है, तो मेरी माँ प्यार का मीठा फूल है। प्रथम गुरु के रूप में अपनी संतानों के भविष्य निर्माण में मां की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मां कभी लोरियों में, कभी झिड़कियों में, कभी प्यार से तो कभी दुलार से बालमन में भावी जीवन के बीज बोती है। इसलिए यह आवश्यक है कि मातृत्व के भाव पर नारी मन के किसी दूसरे भाव का असर न आए। जैसाकि आज कन्याभ्रूणों की हत्या का जो सिलसिला बढ़ रहा है, वह नारी-शोषण का आधुनिक वैज्ञानिक रूप हैं तथा उसके लिए मातृत्व ही जिम्मेदार है। महान् जैन आचार्य एवं अणुव्रत आन्दोलन के प्रवर्तक आचार्य तुलसी की मातृ शक्ति को भारतीय संस्कृति से परिचित कराती हुई निम्न प्रेरणादायिनी पंक्तिया पठनीय ही नहीं, मननीय भी हैं- ‘‘भारतीय मां की ममता का एक रूप तो वह था, जब वह अपने विकलांग, विक्षिप्त और बीमार बच्चे का आखिरी सांस तक पालन करती थी। परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा की गई उसकी उपेक्षा से मां पूरी तरह से आहत हो जाती थी। वही भारतीय मां अपने अजन्मे, अबोल शिशु को अपनी सहमति से समाप्त करा देती है। क्यों? इसलिए नहीं कि वह विकलांग है, विक्षिप्त है, बीमार है पर इसलिए कि वह एक लड़की है। क्या उसकी ममता का स्रोत सूख गया है? कन्याभ्रूण की बढ़ती हुई हत्या एक ओर मनुष्य को नृशंस करार दे रही है, तो दूसरी ओर स्त्रियों की संख्या में भारी कमी मानविकी पर्यावरण में भारी असंतुलन उत्पन्न कर रही है।’’ अन्तर्राष्ट्रीय मातृ-दिवस को मनाते हुए मातृ-महिमा पर छा रहे ऐसे अनेक धुंधलों को मिटाना जरूरी है, जैसा मां ने हमें पलकों पर बैठाकर स्वर्ग जैसे सुखो की अनुभूति दी है उसी तरहां सेवाभावी बनकर रहना कभी अपनी मां की आंखों में आंसू मत आने देना तभी इस दिवस की सार्थकता है।

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🌹🙏❤️ मातृ दिवस ❤️🙏🌹 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 😃🌺🌲⛲शुभ रविवार⛲🌲🌺 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🌞🌲🚩ॐ सूर्य देवता नमः 🌞🌲🚩 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 🌅🌀🌻सुप्रभात🌻🌀🌅 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 🙏आपको सपरिवार मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं🙏 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर ममता मयी मां और भगवान सूर्यदेव की आशीर्वाद हमेशा बनी रहे 🙏 🌀आपका दिन शुभ और मंगलमय हो 🌀 ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ 💮वेदों में मिलती है मां की महिमा💮 ***************************** ❤️वेदों में'मां'कोअंबा','अम्बिका','दुर्गा','देवी','सरस्वती',' शक्ति','ज्योति','पृथ्वी' आदि नामों से संबोधित किया गया है। इसके अलावा 'मां' को 'माता', 'मात', 'मातृ', 'अम्मा', 'अम्मी', 'जननी', 'जन्मदात्री', 'जीवनदायिनी', 'जनयत्री', 'धात्री', 'प्रसू' आदि अनेक नामों से पुकारा जाता है। """"""""''""""""""""""""""""""""""""""""""""""""''''"""""""""""""""""""""""""""""" 🌹रामायण में श्रीराम अपने श्रीमुख से 'मां' को स्वर्ग से भी बढ़कर मानते हैं। वे कहते हैं- 🌹'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गदपि गरीयसी।' अर्थात, जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। 🔯महाभारत में जब यक्ष धर्मराज युधिष्ठर से सवाल करते हैं कि 'भूमि से भारी कौन?' तब युधिष्ठर जवाब देते हैं- 'माता गुरुतरा भूमेरू।' अर्थात, माता इस भूमि से कहीं अधिक भारी होती हैं। 🎎इसके साथ ही महाभारत महाकाव्य के रचियता महर्षि वेदव्यास ने 'मां' के बारे में लिखा है- 'नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।।' अर्थात, माता के समान कोई छाया नहीं है, माता के समान कोई सहारा नहीं है। माता के समान कोई रक्षक नहीं है और माता के समान कोई प्रिय चीज नहीं है तैतरीय उपनिषद में 'मां' के बारे में इस प्रकार उल्लेख मिलता है- ❤️'मातृ देवो भवः।' अर्थात, माता देवताओं से भी बढ़कर होती है। 'शतपथ ब्राह्मण' की सूक्ति कुछ इस प्रकार है- 🌹अथ शिक्षा प्रवक्ष्यामः मातृमान् पितृमानाचार्यवान पुरूषो वेदः।' अर्थात, जब तीन उत्तम शिक्षक अर्थात एक माता, दूसरा पिता और तीसरा आचार्य हो तो तभी मनुष्य ज्ञानवान होगा। 'मां' के गुणों का उल्लेख करते हुए आगे कहा गया है- 'प्रशस्ता धार्मिकी विदुषी माता विद्यते यस्य स मातृमान।' अर्थात, धन्य वह माता है जो गर्भावान से लेकर, जब तक पूरी विद्या न हो, तब तक सुशीलता का उपदेश करे। 🏵️ हितोपदेश- आपदामापन्तीनां हितोऽप्यायाति हेतुताम् । मातृजङ्घा हि वत्सस्य स्तम्भीभवति बन्धने ॥ 🥀 जब विपत्तियां आने को होती हैं, तो हितकारी भी उनमें कारण बन जाता है। बछड़े को बांधने में मां की जांघ ही खम्भे का काम करती है। 🏵️स्कन्द पुराण- नास्ति मातृसमा छाया नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।।' महर्षि वेदव्यास ❤️ माता के समान कोई छाया नहीं, कोई आश्रय नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। माता के समान इस दुनिया में कोई जीवनदाता नहीं❤️ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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