🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 13 अप्रैल 2021* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - चैत्र* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - प्रतिपदा सुबह 10:16 तक तत्पश्चात द्वितीया* ⛅ *नक्षत्र - अश्विनी दोपहर 02:20 तक तत्पश्चात भरणी* ⛅ *योग - विष्कम्भ शाम 03:17 तक तत्पश्चात प्रीति* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:48 से शाम 05:23 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:22* ⛅ *सूर्यास्त - 18:55* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - राष्ट्रीय चैत्र नूतन वर्ष वि.सं. 2078 प्रारंभ, गुडी पड़वा (पूरा दिन शुभ मुहूर्त), शालिवाहन शक 1943 प्रारंभ, ध्वजारोहण, चैत्र-वासंती नवरात्रि प्रारंभ, चेटीचंड, चन्द्र-दर्शन, हरिद्वार कुंभ स्नान* 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *वर्ष में ४ नवरात्रियाँ होती हैं* 🌷 🙏🏻 *साल में ४ नवरात्रियाँ होती हैं, जिनमे से २ नवरात्रियाँ गुप्त होती हैं -* ➡ *माघ शुक्ल पक्ष की प्रथम ९ तिथियाँ* ➡ *चैत्र मास की रामनवमी के समय आती हैं वो ९ तिथियाँ इस साल 13 अप्रैल 2021 मंगलवार से शुरू होकर 21 अप्रैल 2021 बुधवार तक रहेगी।* ➡ *आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष के ९ दिन* ➡ *अश्विन महिने की दशहरे के पहले आनेवाली ९ तिथियाँ* 🙏🏻 *' नवरात्रियों में उपवास करते, हैं तो एक मंत्र जप करें ........ये मंत्र वेद व्यास जी भगवान ने कहा है ....इससे श्रेष्ट अर्थ की प्राप्ति हो जाती है......दरिद्रता दूर हो जाती है । "ॐ श्रीं ह्रीं क्लिं ऐं कमल वसिन्ये स्वाहा"* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *नवरात्रि के दिनों में जप करने का मंत्र* 🌷 👉🏻 *नवरात्रि के दिनों में ' ॐ श्रीं ॐ ' का जप करें ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चेटीचंड* 🌷 🙏🏻 *13 अप्रैल 2021 मंगलवार को चैत्र सुद दूज चेटीचंड पर्व है । उस दिन शाम को आकाश में चन्द्रमा दिखे दूज का चाँद शुक्ल पक्ष का, चैत्र सुद दूज ।* 🌙 *तो उस दिन रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें ... कि मेरा मन शांत रहे, भक्ति में लगे, गुरु चरणों में लगे ऐसा भी करें और* 🌙 *"ॐ बालचन्द्रमसे नमः |" " ॐ बालचन्द्रमसे नमः|" " ॐ बालचन्द्रमसे नमः | " ऐसा बोलते हुए अर्घ्य दें । और मेरा मन गुरु भक्ति में लगे, गुरु चरणों में लगे ऐसा शुभ संकल्प करें ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *विद्यार्थी के लिए* 🌷 🔥 *नवरात्रि के दिनों में खीर की २१ या ५१ आहुति गायत्री मंत्र बोलते हुए दें । इससे विद्यार्थी को बड़ा लाभ होगा।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *चैत्र मास के नवरात्र का आरंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो रहा है। नवरात्रि में रोज देवी को अलग-अलग भोग लगाने से तथा बाद में इन चीजों का दान करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जानिए नवरात्रि में किस तिथि को देवी को क्या भोग लगाएं-* 🙏🏻 *प्रतिपदा तिथि (नवरात्र के पहले दिन) पर माता को घी का ।भोग लगाएं ।इससे रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा शरीर निरोगी होता है ।* 👉🏻 शेष कल........... 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक वासंतिक नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार वासंतिक नवरात्रि का प्रारंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो रहा है, धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती हैं । जानिए नवरात्रि में किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करें-* 🌷 *हिमालय की पुत्री हैं मां शैलपुत्री* 🌷 *चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पर मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, देवी का यह नाम हिमालय के यहां जन्म होने से पड़ा। हिमालय हमारी शक्ति, दृढ़ता, आधार व स्थिरता का प्रतीक है। मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। नवरात्रि के प्रथम दिन योगीजन अपनी शक्ति मूलाधार में स्थित करते हैं व योग साधना करते हैं।* 🙏🏻 *हमारे जीवन प्रबंधन में दृढ़ता, स्थिरता व आधार का महत्व सर्वप्रथम है। इसलिए इस दिन हमें अपने स्थायित्व व शक्तिमान होने के लिए माता शैलपुत्री से प्रार्थना करनी चाहिए। शैलपुत्री की आराधना करने से जीवन में स्थिरता आती है। हिमालय की पुत्री होने से यह देवी प्रकृति स्वरूपा भी हैं । स्त्रियों के लिए उनकी पूजा करना ही श्रेष्ठ और मंगलकारी है।* 👉🏻 शेष कल....... 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 13 अप्रैल 2021*
⛅ *दिन - मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)*
⛅ *शक संवत - 1943*
⛅ *अयन - उत्तरायण*
⛅ *ऋतु - वसंत* 
⛅ *मास - चैत्र*
⛅ *पक्ष - शुक्ल* 
⛅ *तिथि - प्रतिपदा सुबह 10:16 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र - अश्विनी दोपहर 02:20 तक तत्पश्चात भरणी*
⛅ *योग - विष्कम्भ शाम 03:17 तक तत्पश्चात प्रीति*
⛅ *राहुकाल - शाम 03:48 से शाम 05:23 तक* 
⛅ *सूर्योदय - 06:22* 
⛅ *सूर्यास्त - 18:55* 
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - राष्ट्रीय चैत्र नूतन वर्ष वि.सं. 2078 प्रारंभ, गुडी पड़वा (पूरा दिन शुभ मुहूर्त), शालिवाहन शक 1943 प्रारंभ, ध्वजारोहण, चैत्र-वासंती नवरात्रि प्रारंभ, चेटीचंड, चन्द्र-दर्शन, हरिद्वार कुंभ स्नान*
 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वर्ष में ४ नवरात्रियाँ होती हैं* 🌷
🙏🏻 *साल में ४ नवरात्रियाँ होती हैं, जिनमे से २ नवरात्रियाँ गुप्त होती हैं -*
➡ *माघ शुक्ल पक्ष की प्रथम ९ तिथियाँ*
➡ *चैत्र मास की रामनवमी के समय आती हैं वो ९ तिथियाँ इस साल 13 अप्रैल 2021 मंगलवार  से शुरू होकर 21 अप्रैल 2021 बुधवार तक रहेगी।*
➡ *आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष के ९ दिन*
➡ *अश्विन महिने की दशहरे के पहले आनेवाली ९ तिथियाँ* 
🙏🏻 *' नवरात्रियों में उपवास करते, हैं  तो एक मंत्र जप करें ........ये मंत्र वेद व्यास जी भगवान ने कहा है ....इससे श्रेष्ट अर्थ की प्राप्ति हो जाती है......दरिद्रता दूर हो जाती है । "ॐ श्रीं ह्रीं क्लिं ऐं कमल वसिन्ये स्वाहा"*
🙏🏻
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *नवरात्रि के दिनों में जप करने  का मंत्र* 🌷
👉🏻 *नवरात्रि के दिनों में ' ॐ श्रीं ॐ ' का जप करें ।*
🙏🏻 
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *चेटीचंड* 🌷
🙏🏻 *13 अप्रैल 2021 मंगलवार को चैत्र सुद दूज चेटीचंड पर्व है । उस दिन शाम को आकाश में चन्द्रमा दिखे दूज का चाँद शुक्ल पक्ष का, चैत्र सुद दूज ।*
🌙 *तो उस दिन रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें  ... कि मेरा मन शांत रहे, भक्ति में लगे, गुरु चरणों में लगे ऐसा भी करें और*
🌙 *"ॐ बालचन्द्रमसे नमः |" " ॐ बालचन्द्रमसे नमः|"   " ॐ बालचन्द्रमसे नमः | "  ऐसा बोलते हुए अर्घ्य दें । और मेरा मन गुरु भक्ति में लगे, गुरु चरणों में लगे ऐसा शुभ संकल्प करें ।*
🙏🏻 
   🌞 *~   हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *विद्यार्थी के लिए* 🌷
🔥 *नवरात्रि के दिनों में खीर की २१ या ५१ आहुति गायत्री मंत्र बोलते हुए दें । इससे विद्यार्थी को बड़ा लाभ होगा।*
🙏🏻 
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *चैत्र मास के नवरात्र का आरंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो रहा है। नवरात्रि  में रोज देवी को अलग-अलग भोग लगाने से तथा बाद में इन चीजों का दान करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जानिए नवरात्रि  में किस तिथि को देवी को क्या भोग लगाएं-*
🙏🏻 *प्रतिपदा तिथि  (नवरात्र के पहले दिन) पर माता को घी का ।भोग लगाएं ।इससे रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा शरीर निरोगी होता है ।*
👉🏻 शेष कल...........
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक वासंतिक नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार वासंतिक नवरात्रि का प्रारंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो रहा है, धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती हैं । जानिए नवरात्रि में किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करें-*
🌷 *हिमालय की पुत्री हैं मां शैलपुत्री* 🌷
*चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पर मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, देवी का यह नाम हिमालय के यहां जन्म होने से पड़ा। हिमालय हमारी शक्ति, दृढ़ता, आधार व स्थिरता का प्रतीक है। मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। नवरात्रि  के प्रथम दिन योगीजन अपनी शक्ति मूलाधार में स्थित करते हैं व योग साधना करते हैं।*
🙏🏻 *हमारे जीवन प्रबंधन में दृढ़ता, स्थिरता व आधार का महत्व सर्वप्रथम है। इसलिए इस दिन हमें अपने स्थायित्व व शक्तिमान होने के लिए माता शैलपुत्री से प्रार्थना करनी चाहिए। शैलपुत्री की आराधना करने से जीवन में स्थिरता आती है। हिमालय की पुत्री होने से यह देवी प्रकृति स्वरूपा भी हैं । स्त्रियों के लिए उनकी पूजा करना ही श्रेष्ठ और मंगलकारी है।*
👉🏻 शेष कल.......
          🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

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कामेंट्स

Sharmila Singh Apr 13, 2021
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं सादर नमन मां शैलपुत्री की अनंत कृपा आप पर बनी रहे

गिरीराज Apr 13, 2021
जय अंबे जय गौरी मां दुर्गे मां काली मां शेरावाली मां पहाड़ों वाली मां की जय हो

Devendra Tiwari Apr 13, 2021
🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏 Subh Prabhat Bandan ji 🙏🙏🙏

Surender Verma Apr 13, 2021
🙏राधे राधे राधे राधे🙏जय श्री श्याम🙏

🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻गुरुवार, १३ मई २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:३६ सूर्यास्त: 🌅 ०६:५५ चन्द्रोदय: 🌝 ०६:१८ चन्द्रास्त: 🌜२०:३२ अयन 🌕 उत्तराणायने (उत्तरगोलीय) ऋतु: 🍁 ग्रीष्म शक सम्वत: 👉 १९४३ (प्लव) विक्रम सम्वत: 👉 २०७८ (राक्षस) मास 👉 वैशाख पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 द्वितीया (पूर्ण रात्रि) नक्षत्र 👉 रोहिणी (पूर्ण रात्रि) योग 👉 अतिगण्ड (२४:५१ तक) प्रथम करण 👉 बालव (१६:२३ तक) द्वितीय करण 👉 कौलव (पूर्ण रात्रि) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मेष चंद्र 🌟 वृष मंगल 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 वृष (उदित, पूर्व, मार्गी) गुरु 🌟 कुम्भ (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 वृष (उदय, पश्चिम, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 ११:४६ से १२:४१ अमृत काल 👉 २६:०९ से २७:५७ विजय मुहूर्त 👉 १४:३० से १५:२४ गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:४९ से १९:१३ निशिता मुहूर्त 👉 २३:५२ से २४:३४ राहुकाल 👉 १३:५६ से १५:३८ राहुवास 👉 दक्षिण यमगण्ड 👉 ०५:२५ से ०७:०७ होमाहुति 👉 सूर्य दिशाशूल 👉 दक्षिण नक्षत्र शूल 👉 पश्चिम अग्निवास 👉 पृथ्वी चन्द्रवास 👉 दक्षिण 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - शुभ २ - रोग ३ - उद्वेग ४ - चर ५ - लाभ ६ - अमृत ७ - काल ८ - शुभ ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - अमृत २ - चर ३ - रोग ४ - काल ५ - लाभ ६ - उद्वेग ७ - शुभ ८ - अमृत नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (दही का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ चंद्र दर्शन, ४१४ वी शिवाजी जयन्ती, विवाहादि मुहूर्त कुम्भ लग्न रात्रि ०१:१६ से ०२:४६ तक, उपनयन संस्कार+गृहप्रवेश+व्यवसाय आरम्भ मुहूर्त १०:४६ से १५:४४ तक, विधा एवं अक्षरारम्भ मुहूर्त प्रातः ०५:४४ से ०७:२२ तक आदि 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज २९:३६ तक जन्मे शिशुओ का नाम रोहिणी नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ओ, वा, वी, वू) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मेष - २८:०० से ०५:३४ वृषभ - ०५:३४ से ०७:२८ मिथुन - ०७:२८ से ०९:४३ कर्क - ०९:४३ से १२:०५ सिंह - १२:०५ से १४:२४ कन्या - १४:२४ से १६:४२ तुला - १६:४२ से १९:०३ वृश्चिक - १९:०३ से २१:२२ धनु - २१:२२ से २३:२६ मकर - २३:२६ से २५:०७ कुम्भ - २५:०७ से २६:३३ मीन - २६:३३ से २७:५६ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त शुभ मुहूर्त - ०५:२५ से ०५:३४ रज पञ्चक - ०५:३४ से ०७:२८ शुभ मुहूर्त - ०७:२८ से ०९:४३ चोर पञ्चक - ०९:४३ से १२:०५ शुभ मुहूर्त - १२:०५ से १४:२४ रोग पञ्चक - १४:२४ से १६:४२ शुभ मुहूर्त - १६:४२ से १९:०३ मृत्यु पञ्चक - १९:०३ से २१:२२ अग्नि पञ्चक - २१:२२ से २३:२६ शुभ मुहूर्त - २३:२६ से २५:०७ रज पञ्चक - २५:०७ से २६:३३ शुभ मुहूर्त - २६:३३ से २७:५६ शुभ मुहूर्त - २७:५६ से २९:२४ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन कुछ ना कुछ अभाव के बाद भी संतोषजनक रहेगा। लेकिन महिलाए किसी भी बात को लेकर घर का वातावरण अशान्त बनाएंगी। दिन के आरंभिक भाग के अलावा अन्य समय बाहर ही शांति अनुभव होगी। आज आप जल्दी से किसी के गलत आचरण का विरोध नही करेंगे लेकिन धैर्य सीमित ही रहेगा एक बार क्रोध आने पर शांत करना आपके वश में भी नही रहेगा जो लोग उद्दंडता कर रहे थे वो भी बचते नजर आएंगे। कार्य व्यवसाय में भी किसी कमी के कारण धन लाभ अल्प और विलंब से होगा। शेयर सट्टे में निवेश शीघ्र लाभ दिला सकता है इसके अतिरिक्त कार्यो में धन फसने की संभावना है। स्वास्थ्य में कमी आएगी। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज के दिन आप अपनी ही धुन में रहेंगे। मन की ज्यादा सुनेंगे और करेंगे भी वैसा ही किसी का कार्यो में दखल देना कुछ ज्यादा ही अखरेगा जरासी बात पर नाराज हो जाएंगे जिससे मुख्य लक्ष्य से भटक सकते है। कार्य व्यवसाय आज अन्य दिन की तुलना में थोड़ा धीमा रहेगा इसका एक कारण आपका मानसिक रूप से तैयार ना होना भी रहेगा। लाभ हानि की परवाह किये बिना ही कार्य हाथ मे लेंगे बाद में ले देकर पूरा करने का प्रयास कुछ ना कुछ हानि ही कराएगा। घर में किसी ना किसी से व्यर्थ की बातों पर बहस कर समय खराब करेंगे। मानसिक रूप से बेचैनी अधिक रहने पर पूजा पाठ से भी विमुख रहेंगे एक साथ दो जगह मन भटकने के कारण आध्यात्मिकता का लाभ नही मिल सकेगा। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन आपमे धैर्य की कमी रहेगी। किसी भी कार्यो को लेकर पहले लापरवाही करेंगे बाद में उसे जल्दबाजी में करने पर कुछ ना कुछ कमी रह जायेगी। धन संबंधित मामलों में जल्दबाजी ना करें अन्यथा आज के दिन का उचित लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे कार्य व्यवसाय से आरंभ में ज्यादा आशा नही रहेगी लेकिन धीरे धीरे जमने पर अकस्मात धन के मार्ग खुलने से उत्साह बढेगा। दान-पुण्य के साथ किसी की सहायता पर खर्च करना पड़ेगा परोपकार की भावना के कारण अखरेगा नही। आज घर मे समय पर आवश्यकता पूर्ति ना करने पर विवाद हो सकता है। स्वास्थ्य आज सामान्य ही रहेगा। क्रोध से बचें। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आपके लिये आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा आज दिन का आरंभिक भाग परिवार में मतभेद के कारण थोड़ा उदासीन रहेगा इसके बाद का समय सार्वजिनक क्षेत्र पर आपकी नई पहचान बनने से जीवन को नई दिशा मिलेगी लेकिन इसके लिये स्वयं को भी दृढ़ संकल्पित रहना पड़ेगा। लक्ष्य बनाए कर कार्य करने पर ही आज के दिन से उचित लाभ पाया जा सकता है। स्वभाव में थोड़ी तल्खी रहने के कारण किसी को भी मन की बाते समझाने में परेशानी आएगी। कार्य व्यवसाय में पल पल में स्थिति बदलने से असमंजस की स्थिति रहेगी कम मुनाफे में व्यापार करना पड़ेगा। परिवार की अपेक्षा बाहर से अधिक सहयोग मिलेगा। उच्च रक्तचाप अथवा अन्य रक्त पित्त संबंधित समस्या हो सकती है। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन आपके लिये सिद्धि दायक रहेगा कोई भी कार्य करने से पहले उसके विषय मे बारीकी से अध्ययन करें आज थोड़े से परिश्रम से बड़ा कार्य पूर्ण कर सकेंगे। पहले से चल रही किसी योजना के पूर्ण होनेपर भी लाभ मिलेगा लेकिन जल्दबाजी करने पर कुछ अभाव भी रह सकता है। कार्य व्यवसाय से धन की प्राप्ति निश्चित होगी लेकिन आज उधार के व्यवहार भी परेशानी में डालेंगे यथा सम्भव इनपर नियंत्रण रखें। पारिवारिक वातावरण में छोटी मोटी गलतफहमियां बनेगी आपसी तालमेल से इनपर विजय पा सकते है। महिलाए मामूली बातो का बतंगड़ बनाएंगी जिससे घर मे अशान्ति रहेगी। सेहत आज लगभग ठीक ही रहेगी। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन संभावनाओं पर ज्यादा केंद्रित रहेगा। परिश्रम करने में कमी नही रखेंगे फिर भी सफलता असफलता संपर्क में रहने वालों पर निर्भर रहेगी। मध्यान तक का समय उदासीनता में बीतेगा इसके बाद व्यस्तता बढ़ेगी कार्य व्यवसाय में गति आने से लाभ की संभावना जागेगी लेकिन धन प्राप्ति में विलंब होगा फिर भी आज के दिन से वृद्धि की आशा रख सकते है भले ही इसमें विलंब क्यो ना हो। सहकर्मी अपने मनमाने व्यवहार से कुछ समय के लिये परेशानी में डालेंगे लेकिन इससे बाहर भी स्वयं ही निकालेंगे। गृहस्थ में शांति रहेगी परन्तु आज किसी व्यक्ति विशेष का अभाव भी अनुभव करेंगे। सेहत को लेकर थोड़ी समस्या बनेगी पर प्रदर्शित नही करेंगे। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन भी शारिरिक दृष्टिकोण से विपरीत रहेगा दिनचार्य अस्त व्यस्त रहेगी सहयोग मिलने पर भी अधिकांश कार्य समय पर पूरा नही कर सकेंगे। काम-धंदे को लेकर मन अशांत रहेगा किसी से पूर्व में किया वादा पूरा ना करने का डर मन मे रहेगा जिसका प्रभाव मानसिक दबाव बढ़ाएगा। विरोधी आपके ऊपर दया भाव प्रदर्शित करेंगे लेकिन फिर भी सावधान रहें ये कुचक्र भी हो सकता है। जल्द पैसा कमाने की मानसिकता आज कुछ ना कुछ नुकसान ही कराएगी इससे बचकर रहें। धन की आमद मध्यान बाद होगी लेकिन अनर्गल खर्च रहने से आवश्यक कार्यो पर खर्च नही कर पाएंगे। घर के सदस्यों का स्वार्थी व्यवहार मन दुख का कारण बनेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज के दिन आपको दैनिक कार्यो के अतिरिक्त भाग दौड़ करनी पड़ेगा इसका कुछ न कुछ सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलेगा। आज अधिकांश कार्य किसी अन्य पर निर्भर रहने के कारण अधूरे भी रह सकते है इसलिये स्वयं करने का प्रयत्न करें। कार्य व्यवसाय अथवा सरकारी क्षेत्र से शुभ समाचार मिलने या किसी घटना की संभावना मन को उत्साहित रखेगी। धन की आमद सीमित रहेगी लेकिन ख़र्च अनियंत्रित होने पर बजट प्रभावित होगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी अथवा अधिकारी वर्ग से गलतफहमी बनेगी फिर भी मामला गंभीर नही होने देंगे। परिवार के सदस्य से हानि हो सकती है धैर्य से काम लें। सेहत में अकस्मात नरमी आएगी। बुजुर्गो के प्रति आदर भाव बढेगा। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज आपका व्यवहार पल-पल में बदलने से संपर्क में रहने वालों को परेशानी आएगी आप कहेंगे कुछ करेंगे उसके विपरीत ही। दिन का आरंभिक भाग आलस्य में खराब होगा किसी कार्य मे एक बार विलंब होने पर सारी दिनचार्य बदल जाएगी अधिकांश कार्य आज विलंब से ही पूर्ण होंगे अथवा अधूरे रह जाएंगे लेकिन फिर भी धन लाभ कही ना कहीं से अवश्य होगा आकस्मिक होने पर आश्चर्य में पड़ेंगे। कार्य व्यवसाय में उधारी के व्यवहार से बचें बाद में परेशानी बनेगी। धन को लेकर किसी से कलह हो सकती है। आज विवेक से काम लें अन्यथा मनोकामना पूर्ति सम्भव नही होगी। आरोग्य में कमी रहेगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन बौद्धिक कार्यो से सफलता दिलाएगा सामाजिक क्षेत्र अथवा गृहस्थ में आपके महत्त्वपूर्ण सुझाव मिलने से किसी ना किसी के जीवन को नई दिशा मिलेगी आपके प्रति लोगो का आदर भाव बढेगा परन्तु स्वयं के प्रति लापरवाह ही रहेंगे कार्य क्षेत्र पर धीमी गति से कार्य करने पर किसी के ताने सुनने पड़ेंगे फिर भी स्वभाव में परिवर्तन नही होगा। काम-धंधा कुछ समय के लिये ही फलदायी रहेगा लापरवाही की तो आज खर्च चलाने के लिये भी किसी से उधार लेना पड़ सकता है। नौकरी वाले लोग व्यवसायियों की तुलना में बेहतर रहेंगे लेकिन धन संबंधित मामले आज सभी के लिये चिंता का विषय बनेंगे। छाती में संक्रमण होने की सम्भवना है तले भुने एवं ठंडे प्रदार्थ के सेवन से बचें। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज का दिन आपके लिये कलहकारी रहेगा दिन के आरंभ से ही इससे बचने का प्रयास करेंगे लेकिन परिजन आज आपकी गलतिया खोज खोज कर गिनाएंगे आपने जो गलती की ही नही उसपर भी ताने सुनने को मिलेंगे। मौन धारण ही शांति का उत्तम उपाय है लेकिन ज्यादा देर तक धैर्य नही रखने पर मामला गंभीर होगा। कार्य क्षेत्र पर भी अधिकारी अथवा अन्य के साथ गरमा गरमी बढ़ने पर संबंध विच्छेद की संभावना है। नौकरी वाले लोग आज विशेष सतर्क रहें छोटी से भूल जीवन की दिशा बदल सकती है। धन लाभ कही ना कही से हो जाएगा लेकिन मानसिक उलझने यथावत रहेंगी। सेहत में उतार-चढ़ाव लगा रहेगा। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज का दिन लाभदायक रहेगा कार्य क्षेत्र पर आज आपसे प्रतिस्पर्धा करने वाले बहुत रहेंगे फिर भी अपने हिस्से का लाभ थोडे बौद्धिक परिश्रम से प्राप्त कर लेंगे। व्यवसायी वर्ग को दैनिक कार्यो की जगह आज जोखिम वाले कार्य से अधिक लाभ की संभावना है पूर्व में अथवा आज किया निवेश शीघ्र ही फलती होकर धन की आमद बढ़ाएगा। उधारी के व्यवहारों के कारण आज मन मे क्रोध भी रहेगा लेन देन को लेकर किसी से तीखी बहस हो सकती है धैर्य से काम लें अन्यथा आगे नुकसान हो सकता है। घर के सदस्यों पर नाजायज हुकुम चलाना नई समस्या को जन्म देगा परिजन आपके सामने ही उद्दंडता करेंगे। सेहत संध्या तक ठीक रहेगी इसके बाद कुछ विकार आ सकता है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 13 मई 2021* ⛅ *दिन - गुरुवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - वैशाख* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - द्वितीया 14 मई प्रातः 05:38 तक तत्पश्चात तृतीया* ⛅ *नक्षत्र - रोहिणी 14 मई प्रातः 05:45 तक तत्पश्चात मॄगशिरा* ⛅ *योग - अतिगण्ड रात्रि 12:51 तक तत्पश्चात सुकर्मा* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 02:14 से शाम 03:52 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:02* ⛅ *सूर्यास्त - 19:07* ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *समस्याओं के समाधान का बढिया उपाय* 🌷 👉🏻 *कोई भी समस्या आये तो बड़ी ऊँगली (मध्यमा) और अँगूठा मिलाकर भ्रूमध्य के नीचे और तर्जनी ( अँगूठे के पासवाली पहली ऊँगली) ललाट पर लगा के शांत हो जायें | श्वास अंदर जाय तो ‘ॐ’ , बाहर आये तो ‘शांति’ – ऐसा कुछ समय तक करें | आपको समस्याओं का समाधान बढिया मिलेगा |* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *ससुराल मे कोई तकलीफ* 🌷 👩🏻 *किसी सुहागन बहन को ससुराल में कोई तकलीफ हो तो शुक्ल पक्ष की तृतीया को उपवास रखें …उपवास माने एक बार बिना नमक का भोजन कर के उपवास रखें..भोजन में दाल चावल सब्जी रोटी नहीं खाए, दूध रोटी खा लें..शुक्ल पक्ष की तृतीया को..अमावस्या से पूनम तक की शुक्ल पक्ष में जो तृतीया आती है उसको ऐसा उपवास रखें …नमक बिना का भोजन(दूध रोटी) , एक बार खाए बस……अगर किसी बहन से वो भी नहीं हो सकता पूरे साल का तो केवल* 🙏🏻 *माघ महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया,* 🙏🏻 *वैशाख शुक्ल तृतीया और* 🙏🏻 *भाद्रपद मास की शुक्ल तृतीया* *जरुर ऐसे ३ तृतीया का उपवास जरुर करें …नमक बिना का भोजन करें ….जरुर लाभ होगा…* 🙏🏻 *..ऐसा व्रत वशिष्ठ जी की पत्नी अरुंधती ने किया था…. ऐसा आहार नमक बिना का भोजन…. वशिष्ठ और अरुंधती का वैवाहिक जीवन इतना सुंदर था कि आज भी सप्त ऋषियों में से वशिष्ठ जी का तारा होता है , उनके साथ अरुंधती का तारा होता है…आज भी आकाश में रात को हम उन का दर्शन करते हैं …* 🙏🏻 *.शास्त्रों के अनुसार शादी होती तो उनका दर्शन करते हैं ….. जो जानकार पंडित होता है वो बोलता है…शादी के समय वर-वधु को अरुंधती का तारा दिखाया जाता है और प्रार्थना करते हैं कि , “जैसा वशिष्ठ जी और अरुंधती का साथ रहा ऐसा हम दोनों पति पत्नी का साथ रहेगा..” ऐसा नियम है….* 🙏🏻 *चन्द्रमा की पत्नी ने इस व्रत के द्वारा चन्द्रमा की यानी २७ पत्नियों में से प्रधान हुई….चन्द्रमा की पत्नी ने तृतीया के व्रत के द्वारा ही वो स्थान प्राप्त किया था…तो अगर किसी सुहागन बहन को कोई तकलीफ है तो ये व्रत करें ….उस दिन गाय को चंदन से तिलक करें … कुम-कुम का तिलक ख़ुद को भी करें उत्तर दिशा में मुख करके …. उस दिन गाय को भी रोटी गुड़ खिलाये॥* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

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Pt Vinod Pandey 🚩 May 12, 2021

🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄 #सुप्रभातम 🌄 🗓 आज का #पञ्चाङ्ग 🗓 🌻गुरुवार, १३ मई २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:३६ सूर्यास्त: 🌅 ०६:५५ चन्द्रोदय: 🌝 ०६:१८ चन्द्रास्त: 🌜२०:३२ अयन 🌕 उत्तराणायने (उत्तरगोलीय) ऋतु: 🍁 ग्रीष्म शक सम्वत: 👉 १९४३ (प्लव) विक्रम सम्वत: 👉 २०७८ (राक्षस) मास 👉 वैशाख पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 द्वितीया (पूर्ण रात्रि) नक्षत्र 👉 रोहिणी (पूर्ण रात्रि) योग 👉 अतिगण्ड (२४:५१ तक) प्रथम करण 👉 बालव (१६:२३ तक) द्वितीय करण 👉 कौलव (पूर्ण रात्रि) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मेष चंद्र 🌟 वृष मंगल 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 वृष (उदित, पूर्व, मार्गी) गुरु 🌟 कुम्भ (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 वृष (उदय, पश्चिम, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 ११:४६ से १२:४१ अमृत काल 👉 २६:०९ से २७:५७ विजय मुहूर्त 👉 १४:३० से १५:२४ गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:४९ से १९:१३ निशिता मुहूर्त 👉 २३:५२ से २४:३४ राहुकाल 👉 १३:५६ से १५:३८ राहुवास 👉 दक्षिण यमगण्ड 👉 ०५:२५ से ०७:०७ होमाहुति 👉 सूर्य दिशाशूल 👉 दक्षिण नक्षत्र शूल 👉 पश्चिम अग्निवास 👉 पृथ्वी चन्द्रवास 👉 दक्षिण 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - शुभ २ - रोग ३ - उद्वेग ४ - चर ५ - लाभ ६ - अमृत ७ - काल ८ - शुभ ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - अमृत २ - चर ३ - रोग ४ - काल ५ - लाभ ६ - उद्वेग ७ - शुभ ८ - अमृत नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (दही का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ चंद्र दर्शन, ४१४ वी शिवाजी जयन्ती, विवाहादि मुहूर्त कुम्भ लग्न रात्रि ०१:१६ से ०२:४६ तक, उपनयन संस्कार+गृहप्रवेश+व्यवसाय आरम्भ मुहूर्त १०:४६ से १५:४४ तक, विधा एवं अक्षरारम्भ मुहूर्त प्रातः ०५:४४ से ०७:२२ तक आदि 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज २९:३६ तक जन्मे शिशुओ का नाम रोहिणी नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ओ, वा, वी, वू) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मेष - २८:०० से ०५:३४ वृषभ - ०५:३४ से ०७:२८ मिथुन - ०७:२८ से ०९:४३ कर्क - ०९:४३ से १२:०५ सिंह - १२:०५ से १४:२४ कन्या - १४:२४ से १६:४२ तुला - १६:४२ से १९:०३ वृश्चिक - १९:०३ से २१:२२ धनु - २१:२२ से २३:२६ मकर - २३:२६ से २५:०७ कुम्भ - २५:०७ से २६:३३ मीन - २६:३३ से २७:५६ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त शुभ मुहूर्त - ०५:२५ से ०५:३४ रज पञ्चक - ०५:३४ से ०७:२८ शुभ मुहूर्त - ०७:२८ से ०९:४३ चोर पञ्चक - ०९:४३ से १२:०५ शुभ मुहूर्त - १२:०५ से १४:२४ रोग पञ्चक - १४:२४ से १६:४२ शुभ मुहूर्त - १६:४२ से १९:०३ मृत्यु पञ्चक - १९:०३ से २१:२२ अग्नि पञ्चक - २१:२२ से २३:२६ शुभ मुहूर्त - २३:२६ से २५:०७ रज पञ्चक - २५:०७ से २६:३३ शुभ मुहूर्त - २६:३३ से २७:५६ शुभ मुहूर्त - २७:५६ से २९:२४ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन कुछ ना कुछ अभाव के बाद भी संतोषजनक रहेगा। लेकिन महिलाए किसी भी बात को लेकर घर का वातावरण अशान्त बनाएंगी। दिन के आरंभिक भाग के अलावा अन्य समय बाहर ही शांति अनुभव होगी। आज आप जल्दी से किसी के गलत आचरण का विरोध नही करेंगे लेकिन धैर्य सीमित ही रहेगा एक बार क्रोध आने पर शांत करना आपके वश में भी नही रहेगा जो लोग उद्दंडता कर रहे थे वो भी बचते नजर आएंगे। कार्य व्यवसाय में भी किसी कमी के कारण धन लाभ अल्प और विलंब से होगा। शेयर सट्टे में निवेश शीघ्र लाभ दिला सकता है इसके अतिरिक्त कार्यो में धन फसने की संभावना है। स्वास्थ्य में कमी आएगी। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज के दिन आप अपनी ही धुन में रहेंगे। मन की ज्यादा सुनेंगे और करेंगे भी वैसा ही किसी का कार्यो में दखल देना कुछ ज्यादा ही अखरेगा जरासी बात पर नाराज हो जाएंगे जिससे मुख्य लक्ष्य से भटक सकते है। कार्य व्यवसाय आज अन्य दिन की तुलना में थोड़ा धीमा रहेगा इसका एक कारण आपका मानसिक रूप से तैयार ना होना भी रहेगा। लाभ हानि की परवाह किये बिना ही कार्य हाथ मे लेंगे बाद में ले देकर पूरा करने का प्रयास कुछ ना कुछ हानि ही कराएगा। घर में किसी ना किसी से व्यर्थ की बातों पर बहस कर समय खराब करेंगे। मानसिक रूप से बेचैनी अधिक रहने पर पूजा पाठ से भी विमुख रहेंगे एक साथ दो जगह मन भटकने के कारण आध्यात्मिकता का लाभ नही मिल सकेगा। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन आपमे धैर्य की कमी रहेगी। किसी भी कार्यो को लेकर पहले लापरवाही करेंगे बाद में उसे जल्दबाजी में करने पर कुछ ना कुछ कमी रह जायेगी। धन संबंधित मामलों में जल्दबाजी ना करें अन्यथा आज के दिन का उचित लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे कार्य व्यवसाय से आरंभ में ज्यादा आशा नही रहेगी लेकिन धीरे धीरे जमने पर अकस्मात धन के मार्ग खुलने से उत्साह बढेगा। दान-पुण्य के साथ किसी की सहायता पर खर्च करना पड़ेगा परोपकार की भावना के कारण अखरेगा नही। आज घर मे समय पर आवश्यकता पूर्ति ना करने पर विवाद हो सकता है। स्वास्थ्य आज सामान्य ही रहेगा। क्रोध से बचें। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आपके लिये आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा आज दिन का आरंभिक भाग परिवार में मतभेद के कारण थोड़ा उदासीन रहेगा इसके बाद का समय सार्वजिनक क्षेत्र पर आपकी नई पहचान बनने से जीवन को नई दिशा मिलेगी लेकिन इसके लिये स्वयं को भी दृढ़ संकल्पित रहना पड़ेगा। लक्ष्य बनाए कर कार्य करने पर ही आज के दिन से उचित लाभ पाया जा सकता है। स्वभाव में थोड़ी तल्खी रहने के कारण किसी को भी मन की बाते समझाने में परेशानी आएगी। कार्य व्यवसाय में पल पल में स्थिति बदलने से असमंजस की स्थिति रहेगी कम मुनाफे में व्यापार करना पड़ेगा। परिवार की अपेक्षा बाहर से अधिक सहयोग मिलेगा। उच्च रक्तचाप अथवा अन्य रक्त पित्त संबंधित समस्या हो सकती है। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन आपके लिये सिद्धि दायक रहेगा कोई भी कार्य करने से पहले उसके विषय मे बारीकी से अध्ययन करें आज थोड़े से परिश्रम से बड़ा कार्य पूर्ण कर सकेंगे। पहले से चल रही किसी योजना के पूर्ण होनेपर भी लाभ मिलेगा लेकिन जल्दबाजी करने पर कुछ अभाव भी रह सकता है। कार्य व्यवसाय से धन की प्राप्ति निश्चित होगी लेकिन आज उधार के व्यवहार भी परेशानी में डालेंगे यथा सम्भव इनपर नियंत्रण रखें। पारिवारिक वातावरण में छोटी मोटी गलतफहमियां बनेगी आपसी तालमेल से इनपर विजय पा सकते है। महिलाए मामूली बातो का बतंगड़ बनाएंगी जिससे घर मे अशान्ति रहेगी। सेहत आज लगभग ठीक ही रहेगी। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन संभावनाओं पर ज्यादा केंद्रित रहेगा। परिश्रम करने में कमी नही रखेंगे फिर भी सफलता असफलता संपर्क में रहने वालों पर निर्भर रहेगी। मध्यान तक का समय उदासीनता में बीतेगा इसके बाद व्यस्तता बढ़ेगी कार्य व्यवसाय में गति आने से लाभ की संभावना जागेगी लेकिन धन प्राप्ति में विलंब होगा फिर भी आज के दिन से वृद्धि की आशा रख सकते है भले ही इसमें विलंब क्यो ना हो। सहकर्मी अपने मनमाने व्यवहार से कुछ समय के लिये परेशानी में डालेंगे लेकिन इससे बाहर भी स्वयं ही निकालेंगे। गृहस्थ में शांति रहेगी परन्तु आज किसी व्यक्ति विशेष का अभाव भी अनुभव करेंगे। सेहत को लेकर थोड़ी समस्या बनेगी पर प्रदर्शित नही करेंगे। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन भी शारिरिक दृष्टिकोण से विपरीत रहेगा दिनचार्य अस्त व्यस्त रहेगी सहयोग मिलने पर भी अधिकांश कार्य समय पर पूरा नही कर सकेंगे। काम-धंदे को लेकर मन अशांत रहेगा किसी से पूर्व में किया वादा पूरा ना करने का डर मन मे रहेगा जिसका प्रभाव मानसिक दबाव बढ़ाएगा। विरोधी आपके ऊपर दया भाव प्रदर्शित करेंगे लेकिन फिर भी सावधान रहें ये कुचक्र भी हो सकता है। जल्द पैसा कमाने की मानसिकता आज कुछ ना कुछ नुकसान ही कराएगी इससे बचकर रहें। धन की आमद मध्यान बाद होगी लेकिन अनर्गल खर्च रहने से आवश्यक कार्यो पर खर्च नही कर पाएंगे। घर के सदस्यों का स्वार्थी व्यवहार मन दुख का कारण बनेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज के दिन आपको दैनिक कार्यो के अतिरिक्त भाग दौड़ करनी पड़ेगा इसका कुछ न कुछ सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलेगा। आज अधिकांश कार्य किसी अन्य पर निर्भर रहने के कारण अधूरे भी रह सकते है इसलिये स्वयं करने का प्रयत्न करें। कार्य व्यवसाय अथवा सरकारी क्षेत्र से शुभ समाचार मिलने या किसी घटना की संभावना मन को उत्साहित रखेगी। धन की आमद सीमित रहेगी लेकिन ख़र्च अनियंत्रित होने पर बजट प्रभावित होगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी अथवा अधिकारी वर्ग से गलतफहमी बनेगी फिर भी मामला गंभीर नही होने देंगे। परिवार के सदस्य से हानि हो सकती है धैर्य से काम लें। सेहत में अकस्मात नरमी आएगी। बुजुर्गो के प्रति आदर भाव बढेगा। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज आपका व्यवहार पल-पल में बदलने से संपर्क में रहने वालों को परेशानी आएगी आप कहेंगे कुछ करेंगे उसके विपरीत ही। दिन का आरंभिक भाग आलस्य में खराब होगा किसी कार्य मे एक बार विलंब होने पर सारी दिनचार्य बदल जाएगी अधिकांश कार्य आज विलंब से ही पूर्ण होंगे अथवा अधूरे रह जाएंगे लेकिन फिर भी धन लाभ कही ना कहीं से अवश्य होगा आकस्मिक होने पर आश्चर्य में पड़ेंगे। कार्य व्यवसाय में उधारी के व्यवहार से बचें बाद में परेशानी बनेगी। धन को लेकर किसी से कलह हो सकती है। आज विवेक से काम लें अन्यथा मनोकामना पूर्ति सम्भव नही होगी। आरोग्य में कमी रहेगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन बौद्धिक कार्यो से सफलता दिलाएगा सामाजिक क्षेत्र अथवा गृहस्थ में आपके महत्त्वपूर्ण सुझाव मिलने से किसी ना किसी के जीवन को नई दिशा मिलेगी आपके प्रति लोगो का आदर भाव बढेगा परन्तु स्वयं के प्रति लापरवाह ही रहेंगे कार्य क्षेत्र पर धीमी गति से कार्य करने पर किसी के ताने सुनने पड़ेंगे फिर भी स्वभाव में परिवर्तन नही होगा। काम-धंधा कुछ समय के लिये ही फलदायी रहेगा लापरवाही की तो आज खर्च चलाने के लिये भी किसी से उधार लेना पड़ सकता है। नौकरी वाले लोग व्यवसायियों की तुलना में बेहतर रहेंगे लेकिन धन संबंधित मामले आज सभी के लिये चिंता का विषय बनेंगे। छाती में संक्रमण होने की सम्भवना है तले भुने एवं ठंडे प्रदार्थ के सेवन से बचें। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज का दिन आपके लिये कलहकारी रहेगा दिन के आरंभ से ही इससे बचने का प्रयास करेंगे लेकिन परिजन आज आपकी गलतिया खोज खोज कर गिनाएंगे आपने जो गलती की ही नही उसपर भी ताने सुनने को मिलेंगे। मौन धारण ही शांति का उत्तम उपाय है लेकिन ज्यादा देर तक धैर्य नही रखने पर मामला गंभीर होगा। कार्य क्षेत्र पर भी अधिकारी अथवा अन्य के साथ गरमा गरमी बढ़ने पर संबंध विच्छेद की संभावना है। नौकरी वाले लोग आज विशेष सतर्क रहें छोटी से भूल जीवन की दिशा बदल सकती है। धन लाभ कही ना कही से हो जाएगा लेकिन मानसिक उलझने यथावत रहेंगी। सेहत में उतार-चढ़ाव लगा रहेगा। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज का दिन लाभदायक रहेगा कार्य क्षेत्र पर आज आपसे प्रतिस्पर्धा करने वाले बहुत रहेंगे फिर भी अपने हिस्से का लाभ थोडे बौद्धिक परिश्रम से प्राप्त कर लेंगे। व्यवसायी वर्ग को दैनिक कार्यो की जगह आज जोखिम वाले कार्य से अधिक लाभ की संभावना है पूर्व में अथवा आज किया निवेश शीघ्र ही फलती होकर धन की आमद बढ़ाएगा। उधारी के व्यवहारों के कारण आज मन मे क्रोध भी रहेगा लेन देन को लेकर किसी से तीखी बहस हो सकती है धैर्य से काम लें अन्यथा आगे नुकसान हो सकता है। घर के सदस्यों पर नाजायज हुकुम चलाना नई समस्या को जन्म देगा परिजन आपके सामने ही उद्दंडता करेंगे। सेहत संध्या तक ठीक रहेगी इसके बाद कुछ विकार आ सकता है। 🌐http://www.vkjpandey.in 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 https://t.me/OnlineMandir 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- 👇🏻 https://chat.whatsapp.com/I0lnC06D3bfGIhcWkRZPBb

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🏵️🕉️शुभ गुरुवार🏵️शुभ प्रभात् 🕉️🏵️ 2078-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1943 🏵️-आज दिनांक--13.05.2021-🏵️ श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्यमान - 75.30 शिक्षा नौकरी आजीविका प्रेम विवाह भाग्योदय (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ___________________________________ _____________आज विशेष_____________ श्री रामचरित मानस का महत्व एवं सार्थकता ____________________________________ आज दिनांक.......................13.05.2021 कलियुग संवत्.............................. 5123 विक्रम संवत................................ 2078 शक संवत....................................1943 संवत्सर...................................श्री राक्षस अयन..................................... उत्तरायण गोल.............................................उत्तर ऋतु.............................................ग्रीष्म मास...........................................वैशाख पक्ष....................................... शुक्ल तिथि.......द्वितीया. रात्रि. 5.38* तक / तृतीया वार........................................... गुरुवार नक्षत्र........रोहिणी. रात्रि. 5.44 तक/ मृगशिरा चंद्र राशि................ .वृषभ. संपूर्ण (अहोरात्र) योग..... अतिगंड. रात्रि. 12.49 तक / सुकर्मा करण................. .बालव. अपरा. 4.23 तक करण....... कौलव. रात्रि. 5.38* तक / तैत्तिल ____________________________________ सूर्योदय.............................. 5.48.53 पर सूर्यास्त............................... 7.07.02 पर दिनमान............................... 13.18.08 रात्रिमान................................10.41.20 चंद्रोदय................ प्रातः 6.43.02 AM पर चंद्रास्त................ .रात्रि. 8.36.36 PM पर राहुकाल....... अपरा. 2.08 से 3.48 (अशुभ) यमघंट....... प्रातः 5.49 से 7.29 तक(अशुभ) अभिजित........ (मध्या)12.01 से 12.55 तक पंचक...................................आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)............... आज है दिशाशूल..............................दक्षिण दिशा दोष निवारण...... .दही का सेवन कर यात्रा करें ____________________________________ ____आज की सूर्योदय कालीन ग्रह स्थिति____ ग्रह स्पष्ट.. राशि.. सूर्य-------मेष 28°20' कृत्तिका, 1 अ चन्द्र -----वृषभ 11°33' रोहिणी, 1 ओ बुध------ वृषभ 19°35' रोहिणी,3 वी शुक्र -----वृषभ 10°42' रोहिणी, 1 ओ मंगल----- मिथुन 17°45' आद्रा, 4 छ बृहस्पति ----कुम्भ 5°43' धनिष्ठा, 4 गे शनि -------मकर 19°21' श्रवण, 3 खे राहू------वृषभ 17°48' रोहिणी, 3 वी केतु------वृश्चिक 17°48' ज्येष्ठा, 1 नो ___________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * शुभ...................प्रातः 5.49 से 7.29 तक चंचल...........पूर्वाह्न. 10.48 से 12.28 तक लाभ.............अपरा. 12.28 से 2.08 तक अमृत...............अपरा. 2.08 से 3.48 तक शुभ...................सायं. 5.27 से 7.07 तक * चौघड़िया रात्रि * अमृत..........सायं-रात्रि. 7.07 से 8.27 तक चंचल............... रात्रि. 8.27 से 9.47 तक लाभ...रात्रि. 12.28 AM से 1.48 AM तक शुभ..... रात्रि. 3.08 AM से4.28 AM. तक अमृत....रात्रि. 4.28 AM से 5.48 AM तक (विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है ) ___________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ____________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत नामाक्षर.. 09.26 AM तक---रोहिणी -----1-----(ओ) 04.12 PM तक---रोहिणी -----2------(वा) 10.58 PM तक---रोहिणी -----3------(वी) 05.44 AM तक---रोहिणी -----4------(वू) उपरांत रात्रि तक--मृगशिरा -----1------(वे) (पाया-स्वर्ण ) __________सभी की राशि वृष___________ ___________________________________ ____________आज का दिन_____________ तिथि............. वैशाख शुक्ला द्वितीया गुरुवार दिन विशेष....................चंद्रदर्शन सायंकाल दिन विशेष................... श्री शिवाजी जयंती दिन विशेष.................... विश्व एकता दिवस व्रत विशेष...................................... नहीं नियमित व्रत............. वैशाख स्नान व्रत जारी पर्व विशेष.......................................नहीं सर्वा.सि.योग.................................. .नहीं सिद्ध रवियोग...................................नहीं ____________________________________ _____________कल का दिन_____________ दिनांक..............................14.05 2021 तिथि............. वैशाख शुक्ला तृतीया शुक्रवार दिन विशेष.........अक्षय तृतीया (अबूझ सिद्ध) दिन विशेष........ वृषभेsर्क. रात्रि. 11.11 पर व्रत विशेष...................................... नहीं नियमित व्रत............. वैशाख स्नान व्रत जारी पर्व विशेष........... .श्री परशुराम प्राकट्योत्सव सर्वा.सि.योग................................... नहीं सिद्ध रवियोग...................................नहीं ____________________________________ _____________आज विशेष _____________ *अत्यंत ज्ञानवर्धक* तुलसी दास जी ने जब राम चरित मानस की रचना की,तब उनसे किसी ने पूंछा कि बाबा! आप ने इसका नाम रामायण क्यों नहीं रखा? क्योकि इसका नाम रामायण ही है.बस आगे पीछे नाम लगा देते है, वाल्मीकि रामायण,आध्यात्मिक रामायण.आपने राम चरित मानस ही क्यों नाम रखा? बाबा ने कहा - क्योकि रामायण और राम चरित मानस में एक बहुत बड़ा अंतर है.रामायण का अर्थ है राम का मंदिर, राम का घर,जब हम मंदिर जाते है तो एक समय पर जाना होता है, मंदिर जाने के लिए नहाना पडता है,जब मंदिर जाते है तो खाली हाथ नहीं जाते कुछ फूल,फल साथ लेकर जाना होता है.मंदिर जाने कि शर्त होती है,मंदिर साफ सुथरा होकर जाया जाता है. और मानस अर्थात सरोवर, सरोवर में ऐसी कोई शर्त नहीं होती,समय की पाबंधी नहीं होती,जाती का भेद नहीं होता कि केवल हिंदू ही सरोवर में स्नान कर सकता है,कोई भी हो ,कैसा भी हो? और व्यक्ति जब मैला होता है, गन्दा होता है तभी सरोवर में स्नान करने जाता है.माँ की गोद में कभी भी कैसे भी बैठा जा सकता है. रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे। 1. *रक्षा के लिए* मामभिरक्षक रघुकुल नायक | घृत वर चाप रुचिर कर सायक || 2. *विपत्ति दूर करने के लिए* राजिव नयन धरे धनु सायक | भक्त विपत्ति भंजन सुखदायक || 3. *सहायता के लिए* मोरे हित हरि सम नहि कोऊ | एहि अवसर सहाय सोई होऊ || 4. *सब काम बनाने के लिए* वंदौ बाल रुप सोई रामू | सब सिधि सुलभ जपत जोहि नामू || 5. *वश मे करने के लिए* सुमिर पवन सुत पावन नामू | अपने वश कर राखे राम || 6. *संकट से बचने के लिए* दीन दयालु विरद संभारी | हरहु नाथ मम संकट भारी || 7. *विघ्न विनाश के लिए* सकल विघ्न व्यापहि नहि तेही | राम सुकृपा बिलोकहि जेहि || 8. *रोग विनाश के लिए* राम कृपा नाशहि सव रोगा | जो यहि भाँति बनहि संयोगा || 9. *ज्वार ताप दूर करने के लिए* दैहिक दैविक भोतिक तापा | राम राज्य नहि काहुहि व्यापा || 10. *दुःख नाश के लिए* राम भक्ति मणि उस बस जाके | दुःख लवलेस न सपनेहु ताके || 11. *खोई चीज पाने के लिए* गई बहोरि गरीब नेवाजू | सरल सबल साहिब रघुराजू || 12. *अनुराग बढाने के लिए* सीता राम चरण रत मोरे | अनुदिन बढे अनुग्रह तोरे || 13. *घर मे सुख लाने के लिए* जै सकाम नर सुनहि जे गावहि | सुख सम्पत्ति नाना विधि पावहिं || 14. *सुधार करने के लिए* मोहि सुधारहि सोई सब भाँती | जासु कृपा नहि कृपा अघाती || 15. *विद्या पाने के लिए* गुरू गृह पढन गए रघुराई | अल्प काल विधा सब आई || 16. *सरस्वती निवास के लिए* जेहि पर कृपा करहि जन जानी | कवि उर अजिर नचावहि बानी || 17. *निर्मल बुद्धि के लिए* ताके युग पदं कमल मनाऊँ | जासु कृपा निर्मल मति पाऊँ || 18. *मोह नाश के लिए* होय विवेक मोह भ्रम भागा | तब रघुनाथ चरण अनुरागा || 19. *प्रेम बढाने के लिए* सब नर करहिं परस्पर प्रीती | चलत स्वधर्म कीरत श्रुति रीती || 20. *प्रीति बढाने के लिए* बैर न कर काह सन कोई | जासन बैर प्रीति कर सोई || 21. *सुख प्रप्ति के लिए* अनुजन संयुत भोजन करही | देखि सकल जननी सुख भरहीं || 22. *भाई का प्रेम पाने के लिए* सेवाहि सानुकूल सब भाई | राम चरण रति अति अधिकाई || 23. *बैर दूर करने के लिए* बैर न कर काहू सन कोई | राम प्रताप विषमता खोई || 24. *मेल कराने के लिए* गरल सुधा रिपु करही मिलाई | गोपद सिंधु अनल सितलाई || 25. *शत्रु नाश के लिए* जाके सुमिरन ते रिपु नासा | नाम शत्रुघ्न वेद प्रकाशा || 26. *रोजगार पाने के लिए* विश्व भरण पोषण करि जोई | ताकर नाम भरत अस होई || 27. *इच्छा पूरी करने के लिए* राम सदा सेवक रूचि राखी | वेद पुराण साधु सुर साखी || 28. *पाप विनाश के लिए* पापी जाकर नाम सुमिरहीं | अति अपार भव भवसागर तरहीं || 29. *अल्प मृत्यु न होने के लिए* अल्प मृत्यु नहि कबजिहूँ पीरा | सब सुन्दर सब निरूज शरीरा || 30. *दरिद्रता दूर के लिए* नहि दरिद्र कोऊ दुःखी न दीना | नहि कोऊ अबुध न लक्षण हीना || 31. *प्रभु दर्शन पाने के लिए* अतिशय प्रीति देख रघुवीरा | प्रकटे ह्रदय हरण भव पीरा || 32. *शोक दूर करने के लिए* नयन बन्त रघुपतहिं बिलोकी | आए जन्म फल होहिं विशोकी || 33. *क्षमा माँगने के लिए* अनुचित बहुत कहहूँ अज्ञाता | क्षमहुँ क्षमा मन्दिर दोऊ भ्राता || इसलिए जो शुद्ध हो चुके है वे रामायण में चले जाए और जो शुद्ध होना चाहते है वे राम चरित मानस में आ जाए.राम कथा जीवन के दोष मिटाती है *"रामचरित मानस एहिनामा, सुनत श्रवन पाइअ विश्रामा"* राम चरित मानस तुलसीदास जी ने जब किताब पर ये शब्द लिखे तो आड़े (horizontal) में रामचरितमानस ऐसा नहीं लिखा, खड़े में लिखा (vertical) रामचरित मानस। किसी ने गोस्वामी जी से पूंछा आपने खड़े में क्यों लिखा तो गोस्वामी जी कहते है रामचरित मानस राम दर्शन की ,राम मिलन की सीढी है ,जिस प्रकार हम घर में कलर कराते है तो एक लकड़ी की सीढी लगाते है, जिसे हमारे यहाँ नसेनी कहते है,जिसमे डंडे लगे होते है,गोस्वामी जी कहते है रामचरित मानस भी राम मिलन की सीढी है जिसके प्रथम डंडे पर पैर रखते ही श्रीराम चन्द्र जी के दर्शन होने लगते है,अर्थात यदि कोई बाल काण्ड ही पढ़ ले, तो उसे राम जी का दर्शन हो जायेगा। ---------------------------------------------------------- *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ___________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। जिन लोगों की अब तक तनख्वाह नहीं आयी है आज वो पैसों के लिए बहुत परेशान रह सकते हैं और अपने किसी दोस्त से उधार मांग सकते हैं। ऐसे दोस्तों के साथ बाहर जाएँ जो आपके हालात और ज़रूरतों को समझते हैं। काफ़ी वक़्त फ़ोन न करके आप अपने प्रिय को तंग करेंगे। दूसरों को ऐसा काम करने के लिए बाध्य न करें, जो आप स्वयं न करना चाहें। दिन की शुरुआत भले ही थोड़ी थकाऊ रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे फल मिलने लगेंगे। दिन के अंत में आपको अपने लिए समय मिल पाएगा और आप किसी करीबी से मुलाकात करके इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं। अगर आप जीवनसाथी के अलावा किसी और को अपने ऊपर असर डालने का मौक़ा दे रहे हैं, तो जीवनसाथी की ओर से आपको नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना संभव है। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज आप ऊर्जा से भरपूर होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। यदि शादीशुदा हैं तो आज अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और आपको उनके स्वास्थ्य पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। परिवार की स्थिति आज वैसी नहीं रहेगी जैसा आप सोचते हैं। आज घर में किसी बात को लेकर कलह होने की संभावना है ऐसी स्थिति में खुद पर काबू रखें। कोई आपको दिल से सराहेगा। इस राशि के जो लोग रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं उन्हें आज परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको महसूस हो सकता है कि रचनात्मक कार्य करने से बेहतर नौकरी करना था। आपका संंगी आपसे सिर्फ कुछ समय चाहता है लेकिन आप उनको समय नहीं दे पाते जिससे वो खिन्न हो जाते हैं। आज उनकी यह खिन्नता स्पष्टता के साथ सामने आ सकती है। आपका प्यार, आपका जीवनसाथी आपको कोई ख़ूबसूरत तोहफ़ा दे सकता है। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आपको अपना अतिरिक्त समय अपने शौक़ पूरे करने या उन कामों को करने में लगाना चाहिए, जिन्हें करने में आपको सबसे ज़्यादा मज़ा आता है। आज के दिन आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है लेकिन इसके साथ ही आपको दान-पुण्य भी करना चाहिए क्योंकि इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। घर का कुछ समय से टलता आ रहा काम-काज आपका थोड़ा वक़्त ले सकता है। आपका साहस आपको प्यार दिलाने में सफल रहेगा। आप महसूस करेंगे कि आपकी रचनात्मकता कहीं खो गयी है और फ़ैसले करने में आपको ख़ासी दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा। काम को समय पर निपटाकर जल्दी घर जाना आज आपके लिए अच्छा रहेगा इससे आपके परिवार वालों को भी खुशी मिलेगी और आप भी तरोताजा महसूस करेेंगे। आपका जीवनसाथी आपको इतना बेहतरीन पहले कभी महसूस नहीं हुआ। आपको उनसे कोई बढ़िया सरप्राइज़ मिल सकता है। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज आप मानसिक और नैतिक शिक्षा के साथ शारीरिक शिक्षा भी लें, केवल तभी सर्वांगीण विकास संभव है। याद रखें कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग़ निवास करता है। जो लोग दुग्ध उद्योग से जुड़े हैं उन्हें आज आर्थिक लाभ होने की प्रबल संभावना है। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का आनंद लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। आपके जीवन-साथी के पारिवारिक सदस्यों की वजह से आपका दिन थोड़ा परेशानीभरा हो सकता है। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। किसी नये काम के आगाज के लिए आपको पहले उसके बारे में अनुभवी लोगों से बात करनी चाहिए। अगर आज आपके पास समय है तो उस क्षेत्र के अनुभवी लोगों से मिल लें जो काम आप शुरु करने वाले हैं। जीवनसाथी की वजह से आपको अनमने ढंग से बाहर जाना पड़ सकता है, जो बाद में आपकी झल्लाहट की वजह बनेगा। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आपकी सबसे बड़ी पूंजी आपकी हँसने-हँसाने की शैली है, अपनी बीमारी को ठीक करने के लिए इसका उपयोग करके देखें। जिन लोगों की अब तक तनख्वाह नहीं आयी है आज वो पैसों के लिए बहुत परेशान रह सकते हैं और अपने किसी दोस्त से उधार मांग सकते हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक उपहार मिलेगा। कोई आपको दिल से सराहेगा। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। आपके घर का कोई सदस्य आज आपके साथ वक्त बिताने की जिद्द कर सकता है जिसके कारण आपका कुछ समय खराब हो जाएगा। आप और आपका हमदम एक-दूसरे से आज एक-दूसरे की ख़ूबसूरत भावनाओं का इज़हार कर सकेंगे। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज अपने माता-पिता को अनदेखा करना आपके भविष्य की संभावनाओं को ख़त्म कर सकता है। अच्छा समय बहुत ज़्यादा दिनों तक नहीं रहता है। इंसान के कर्म ध्वनि की तरंगों की तरह हैं। साथ मिलकर ये संगीत बनाते हैं और आपस में टकराकर खड़खड़ाहट। हम जो बोते हैं, वही पाते हैं। आज आपको समझ आ सकता है कि धन को बिना सोच विचारे खर्च करना आपको कितना नुक्सान पहुंचा सकता है. छोटे बच्चे आपको व्यस्त रखेंगे और दिली सुकून देंगे। सोशल मीडिआ पर अपने प्रिय के पिछले 2-3 संदेश देखिए, आपको एक ख़ूबसूरत ताज्जुब का एहसास होगा। यह दूसरे देशों में व्यावसायिक सम्पर्क बनाने का बेहतरीन समय है। रात के समय आज आप घर के लोगों से दूर होकर अपने घर की छत या किसी पार्क में टहलना पसंद करेंगे। आपका वैवाहिक जीवन इससे अधिक रंगों से भरा कभी नहीं रहा है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज के दिन ध्यान और आत्म-चिन्तन लाभदायक सिद्ध होगा। आर्थिक दृष्टि से आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। आज आपको धन लाभ तो हो सकता है लेकिन इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। दोस्तों और परिवार के साथ मज़ेदार समय बीतेगा। ज़िन्दगी की हक़ीक़त का सामना करने के लिए आपको अपने प्रिय को कम-से-कम कुछ वक़्त के लिए भूलना पड़ेगा। आपकी अन्दरूरनी ताक़त कार्यक्षेत्र में दिन को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगी। घर के छोटे सदस्यों को साथ लेकर आज आप किसी पार्क या शॉपिंग मॉल में जा सकते हैं। संभव है कि शुरुआत में जीवनसाथी की ओर से आपको कम ध्यान मिले; लेकिन दिन के अन्त तक आपको महसूस होगा कि वह आपके लिए ही कुछ-कुछ करने में व्यस्त था। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आप बेहतर ज़िन्दगी के लिए अपनी सेहत और व्यक्तित्व में सुधार लाने कि कोशिश करें। आपका बचाया धन आज आपके काम आ सकता लेकिन इसके साथ ही इसके जाने का आपको दुख भी होगा। ज़रूरत के वक़्त आपको दोस्तों का सहयोग मिलेगा। आज अचानक किसी से रोमांटिक मुलाक़ात हो सकती है। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे - आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। काम को समय पर निपटाकर जल्दी घर जाना आज आपके लिए अच्छा रहेगा इससे आपके परिवार वालों को भी खुशी मिलेगी और आप भी तरोताजा महसूस करेेंगे। आपका जीवनसाथी किसी फ़रिश्ते की तरह आपका बहुत ध्यान रखेगा। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज आप भरे-पूरे और संतुष्ट जीवन के लिए अपनी मानसिक दृढ़ता में वृद्धि कीजिए। आज आपको अपने उन रिश्तेदारों को पैसा उधार नहीं देना चाहिए जिन्होंने आपका पिछला उधार अब तक वापस नहीं किया है। अपना अतिरिक्त समय निःस्वार्थ सेवा में लगाएँ। यह आपको और आपके परिवार को ख़ुशी और दिली सुकून देगा। आपका हमदम आपको पूरे दिन याद करता रहेगा। उसे कोई प्यारा सरप्राइज़ देने की योजना बनाएँ और इसे उसके लिए एक ख़ूबसूरत दिन में तब्दील करने के बारे में सोचें। अगर आपको एक दिन की छुट्टी पर जाना है तो चिंता न करें, आपकी ग़ैरहाज़िरी में सभी काम ठीक से चलते रहेंगे। और अगर किसी ख़ास वजह से कोई परेशानी खड़ी भी हो जाए, तो आप लौटने पर उसे आसानी से हल कर लेंगे। रात को ऑफिस से घर आते वक्त आज आपको सावधानी से वाहन चलाना चाहिए, नहीं तो दुर्घटना हो सकती है और कई दिनों के लिए आप बीमार पड़ सकते हैं। आप महसूस करेंगे कि आपके जीवनसाथी में शहद से भी ज़्यादा मिठास है। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज के दिन ख़ुद को सेहतमंद और दुरुस्त रखने के लिए वसायुक्त और तली-भुनी चीज़ों से दूर रहें। किसी बड़े समूह में भागीदारी आपके लिए दिलचस्प साबित होगी, हालाँकि आपके ख़र्चे बढ़ सकते हैं। आपको चिंतामुक्त होकर अपने क़रीबी दोस्तों और परिवार के बीच ख़ुशी के लम्हे तलाशने की ज़रूरत है। आपके प्रेम की राह एक ख़ूबसूरत मोड़ ले सकती है। आज आपको पता चलेगा कि फ़िजा़ओं में जब प्यार घुलता है तो कैसा महसूस होता है। अपने साथी को यूँ ही हमेशा के लिए मिला न मानें। आज खाली वक्त्त किसी बेकार के काम में खराब हो सकता है। आज आप महसूस करेंगे कि जीवनसाथी के साथ की एहमियत कितनी हे। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। आज धन लाभ होने की संभावना तो बन रही है लेकिन ऐसा हो सकता है कि अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण आप पैसा कमाने में सक्षम न हो पाएं। उस रिश्तेदार को देखने जाएँ, जिसकी तबियत काफ़ी समय से ख़राब है। अपने प्रिय के साथ सैर-सपाटे पर जाते समय ज़िंदगी को पूरी शिद्दत से जिएँ। जो कला और रंगमंच आदि से जुड़े हैं, उन्हें आज अपना कौशल दिखाने के लिए कई नए मौक़े मिलेंगे। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आपके प्रेम को देखकर आज आपका प्रेमी गदगद हो जाएगा। मुमकिन है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) बच्चों के साथ आप सुकून पाएंगे। बच्चों की यह क्षमता क़ुदरती है और न केवल आपके परिवार के बच्चों में, बल्कि हर बच्चे में यह गुण होता है। वे आपको सुकून और राहत दे सकते हैं। आज आपके ऑफिस का कोई सहकर्मी आपकी कीमती वस्तु चुरा सकता है इसलिए आज आपको अपना सामान ध्यान से रखने की जरुरत है। अचानक मिली कोई अच्छी ख़बर आपका उत्साह बढ़ा देगी। परिवार के लोगों के साथ इसे बांटना आपको उल्लास से भर देगा। प्यार के सकारात्मक संकेत आपको मिलेंगे। आप किसी बड़ी योजना या घटना में भागीदार होंगे, जिसके लिए आपको सराहना और पुरस्कार मिलेंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि यारी-दोस्ती के चक्कर में इन कीमती पलों को खराब न करें। यार दोस्त आने वाले वक्त में भी मिल सकते हैं लेकिन पढ़ाई के लिए यही समय सबसे सही है। आज आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

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Pt Vinod Pandey 🚩 May 12, 2021

🌞 ~ आज का हिन्दू #पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 13 मई 2021 ⛅ दिन - #गुरुवार ⛅ विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077) ⛅ शक संवत - 1943 ⛅ अयन - उत्तरायण ⛅ ऋतु - ग्रीष्म  ⛅ मास - वैशाख ⛅ पक्ष - शुक्ल  ⛅ तिथि - द्वितीया 14 मई प्रातः 05:38 तक तत्पश्चात तृतीया ⛅ नक्षत्र - रोहिणी 14 मई प्रातः 05:45 तक तत्पश्चात मॄगशिरा ⛅ योग - अतिगण्ड रात्रि 12:51 तक तत्पश्चात सुकर्मा ⛅ राहुकाल - दोपहर 02:14 से शाम 03:52 तक  ⛅ सूर्योदय - 06:02  ⛅ सूर्यास्त - 19:07  ⛅ दिशाशूल - दक्षिण दिशा में 💥 विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🌷 समस्याओं के समाधान का बढिया उपाय 🌷  👉🏻 कोई भी समस्या आये तो बड़ी ऊँगली (मध्यमा) और अँगूठा मिलाकर भ्रूमध्य के नीचे और तर्जनी ( अँगूठे के पासवाली पहली ऊँगली) ललाट पर लगा के शांत हो जायें। श्वास अंदर जाय तो ‘ॐ’ , बाहर आये तो ‘शांति’ – ऐसा कुछ समय तक करें। आपको समस्याओं का समाधान बढिया मिलेगा। 🌷 ससुराल मे कोई तकलीफ 🌷 👩🏻 किसी सुहागन बहन को ससुराल में कोई तकलीफ हो तो शुक्ल पक्ष की तृतीया को उपवास रखें …उपवास माने एक बार बिना नमक का भोजन कर के उपवास रखें..भोजन में दाल चावल सब्जी रोटी नहीं खाए, दूध रोटी खा लें..शुक्ल पक्ष की तृतीया को..अमावस्या से पूनम तक की शुक्ल पक्ष में जो तृतीया आती है उसको ऐसा उपवास रखें …नमक बिना का भोजन(दूध रोटी) , एक बार खाए बस……अगर किसी बहन से वो भी नहीं हो सकता पूरे साल का तो केवल 🙏🏻 माघ महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया, 🙏🏻 वैशाख शुक्ल तृतीया और 🙏🏻 भाद्रपद मास की शुक्ल तृतीया जरुर ऐसे ३ तृतीया का उपवास जरुर करें …नमक बिना का भोजन करें ….जरुर लाभ होगा… 🙏🏻 ..ऐसा व्रत वशिष्ठ जी की पत्नी अरुंधती ने किया था…. ऐसा आहार नमक बिना का भोजन…. वशिष्ठ और अरुंधती का वैवाहिक जीवन इतना सुंदर था कि आज भी सप्त ऋषियों में से वशिष्ठ जी का तारा होता है , उनके साथ अरुंधती का तारा होता है…आज भी आकाश में रात को हम उन का दर्शन करते हैं … 🙏🏻 .शास्त्रों के अनुसार शादी होती तो उनका दर्शन करते हैं ….. जो जानकार पंडित होता है वो बोलता है…शादी के समय वर-वधु को अरुंधती का तारा दिखाया जाता है और प्रार्थना करते हैं कि , “जैसा वशिष्ठ जी और अरुंधती का साथ रहा ऐसा हम दोनों पति पत्नी का साथ रहेगा..” ऐसा नियम है…. 🙏🏻 चन्द्रमा की पत्नी ने इस व्रत के द्वारा चन्द्रमा की यानी २७ पत्नियों में से प्रधान हुई….चन्द्रमा की पत्नी ने तृतीया के व्रत के द्वारा ही वो स्थान प्राप्त किया था…तो अगर किसी सुहागन बहन को कोई तकलीफ है तो ये व्रत करें ….उस दिन गाय को चंदन से तिलक करें … कुम-कुम का तिलक ख़ुद को भी करें उत्तर दिशा में मुख करके …. उस दिन गाय को भी रोटी गुड़ खिलाये॥ 🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌷🌻🍀🌹🌼💐🌸🌺🙏🏻 https://t.me/OnlineMandir 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- 👇🏻 https://chat.whatsapp.com/I0lnC06D3bfGIhcWkRZPBb

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 12 मई 2021* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - वैशाख* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - प्रतिपदा 13 मई रात्रि 03:05 तक तत्पश्चात द्वितीया* ⛅ *नक्षत्र - कृत्तिका 13 मई रात्रि 02:40 तक तत्पश्चात रोहिणी* ⛅ *योग - शोभन रात्रि 11:48 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:35 से दोपहर 02:13 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:03* ⛅ *सूर्यास्त - 19:07* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *अक्षय फलदायी “अक्षय तृतीया”* 🌷 ➡ *14 मई 2021 शुक्रवार को अक्षय तृतीया है ।* 🙏🏻 *वैशाख शुक्ल तृतीया की महिमा मत्स्य, स्कंद, भविष्य, नारद पुराणों व महाभारत आदि ग्रंथो में है । इस दिन किये गये पुण्यकर्म अक्षय (जिसका क्षय न हो) व अनंत फलदायी होते हैं, अत: इसे 'अक्षय तृतीया' कहते है । यह सर्व सौभाग्यप्रद है ।* 🙏🏻 *यह युगादि तिथि यानी सतयुग व त्रेतायुग की प्रारम्भ तिथि है । श्रीविष्णु का नर-नारायण, हयग्रीव और परशुरामजी के रूप में अवतरण व महाभारत युद्ध का अंत इसी तिथि को हुआ था ।* 👉🏻 *इस दिन बिना कोई शुभ मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य प्रारम्भ या सम्पन्न किया जा सकता है । जैसे - विवाह, गृह - प्रवेश या वस्त्र -आभूषण, घर, वाहन, भूखंड आदि की खरीददारी, कृषिकार्य का प्रारम्भ आदि सुख-समृद्धि प्रदायक है ।* 🌷 *प्रात:स्नान, पूजन, हवन का महत्त्व* 🌷 🙏🏻 *इस दिन गंगा-स्नान करने से सारे तीर्थ करने का फल मिलता है । गंगाजी का सुमिरन एवं जल में आवाहन करके ब्राम्हमुहूर्त में पुण्यस्नान तो सभी कर सकते है । स्नान के पश्चात् प्रार्थना करें :* 🌷 *माधवे मेषगे भानौं मुरारे मधुसुदन ।* *प्रात: स्नानेन में नाथ फलद: पापहा भव ॥* 🙏🏻 *'हे मुरारे ! हे मधुसुदन ! वैशाख मास में मेष के सूर्य में हे नाथ ! इस प्रात: स्नान से मुझे फल देनेवाले हो जाओ और पापों का नाश करों ।'* 👉🏻 *सप्तधान्य उबटन व गोझरण मिश्रित जल से स्नान पुण्यदायी है । पुष्प, धूप-दीप, चंदनम अक्षत (साबुत चावल) आदि से लक्ष्मी-नारायण का पूजन व अक्षत से हवन अक्षय फलदायी है ।* 🌷 *जप, उपवास व दान का महत्त्व* 🌷 🙏🏻 *इस दिन किया गया उपवास, जप, ध्यान, स्वाध्याय भी अक्षय फलदायी होता है । एक बार हल्का भोजन करके भी उपवास कर सकते है । 'भविष्य पुराण' में आता है कि इस दिन दिया गया दान अक्षय हो जाता है । इस दिन पानी के घड़े, पंखे, (खांड के लड्डू), पादत्राण (जूते-चप्पल), छाता, जौ, गेहूँ, चावल, गौ, वस्त्र आदि का दान पुण्यदायी है । परंतु दान सुपात्र को ही देना चाहिए ।* 🌷 *पितृ-तर्पण का महत्त्व व विधि* 🌷 🙏🏻 *इस दिन पितृ-तर्पण करना अक्षय फलदायी है । पितरों के तृप्त होने पर घर में सुख-शांति-समृद्धि व दिव्य संताने आती है ।* 💥 *विधि : इस दिन तिल एवं अक्षत लेकर र्विष्णु एवं ब्रम्हाजी को तत्त्वरूप से पधारने की प्रार्थना करें । फिर पूर्वजों का मानसिक आवाहन कर उनके चरणों में तिल, अक्षत व जल अर्पित करने की भावना करते हुए धीरे से सामग्री किसी पात्र में छोड़ दें तथा भगवान दत्तात्रेय, ब्रम्हाजी व विष्णुजी से पूर्वजों की सदगति हेतु प्रार्थना करें ।* 🌷 *आशीर्वाद पाने का दिन* 🌷 🙏🏻 *इस दिन माता-पिता, गुरुजनों की सेवा कर उनकी विशेष प्रसन्नता, संतुष्टि व आशीर्वाद प्राप्त करें । इसका फल भी अक्षय होता है ।* 🌷 *अक्षय तृतीया का तात्त्विक संदेश* 🌷 🙏🏻 *'अक्षय' यानी जिसका कभी नाश न हो । शरीर एवं संसार की समस्त वस्तुएँ नाशवान है, अविनाशी तो केवल परमात्मा ही है । यह दिन हमें आत्म विवेचन की प्रेरणा देता है । अक्षय आत्मतत्त्व पर दृष्टी रखने का दृष्टिकोण देता है । महापुरुषों व धर्म के प्रति हमारी श्रद्धा और परमात्म प्राप्ति का हमारा संकल्प अटूट व अक्षय हो - यही अक्षय तृतीया का संदेश मान सकते हो ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *अक्षय तृतीया* 🌷 🙏🏻 *'अक्षय' शब्द का मतलब है- जिसका क्षय या नाश न हो। इस दिन किया हुआ जप, तप, ज्ञान तथा दान अक्षय फल देने वाला होता है अतः इसे 'अक्षय तृतीया' कहते हैं। भविष्यपुराण, मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण, स्कन्दपुराण में इस तिथि का विशेष उल्लेख है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका बड़ा ही श्रेष्ठ फल मिलता है। इस दिन सभी देवताओं व पित्तरों का पूजन किया जाता है। पित्तरों का श्राद्ध कर धर्मघट दान किए जाने का उल्लेख शास्त्रों में है। वैशाख मास भगवान विष्णु को अतिप्रिय है अतः विशेषतः विष्णु जी की पूजा करें।* 🙏🏻 *स्कन्दपुराण के अनुसार, जो मनुष्य अक्षय तृतीया को सूर्योदय काल में प्रातः स्नान करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करके कथा सुनते हैं, वे मोक्ष के भागी होते हैं। जो उस दिन मधुसूदन की प्रसन्नता के लिए दान करते हैं, उनका वह पुण्यकर्म भगवान की आज्ञा से अक्षय फल देता है।* 🙏🏻 *भविष्यपुराण के मध्यमपर्व में कहा गया है वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया में गंगाजी में स्नान करनेवाला सब पापों से मुक्त हो जाता है | वैशाख मास की तृतीया स्वाती नक्षत्र और माघ की तृतीया रोहिणीयुक्त हो तथा आश्विन तृतीया वृषराशि से युक्त हो तो उसमें जो भी दान दिया जाता है, वह अक्षय होता है | विशेषरूप से इनमें हविष्यान्न एवं मोदक देनेसे अधिक लाभ होता है तथा गुड़ और कर्पूर से युक्त जलदान करनेवाले की विद्वान् पुरुष अधिक प्रंशसा करते हैं, वह मनुष्य ब्रह्मलोक में पूजित होता है | यदि बुधवार और श्रवण से युक्त तृतीया हो तो उसमें स्नान और उपवास करनेसे अनंत फल प्राप्त होता हैं |* 🌷 *अस्यां तिथौ क्षयमुर्पति हुतं न दत्तं ।* *तेनाक्षयेति कथिता मुनिभिस्तृतीया ।* *उद्दिश्य दैवतपितृन्क्रियते मनुष्यै: ।* *तत् च अक्षयं भवति भारत सर्वमेव ।। – मदनरत्न* 🙏🏻 *अर्थ : भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठरसे कहते हैं, हे राजन इस तिथि पर किए गए दान व हवन का क्षय नहीं होता है; इसलिए हमारे ऋषि-मुनियोंने इसे ‘अक्षय तृतीया’ कहा है । इस तिथि पर भगवानकी कृपादृष्टि पाने एवं पितरोंकी गतिके लिए की गई विधियां अक्षय-अविनाशी होती हैं ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *भविष्यपुराण, ब्राह्मपर्व, अध्याय 21* 🌷 🙏🏻 *वैशाखे मासि राजेन्द्र तृतीया चन्दनस्य च ।वारिणा तुष्यते वेधा मोदकैर्भीम एव हि । ।दानात्तु चन्दनस्येह कञ्जजो नात्र संशयः । । यात्वेषा कुरुशार्दूल वैशाखे मासि वै तिथिः ।तृतीया साऽक्षया लोके गीर्वाणैरभिनन्दिता । । आगतेयं महाबाहो भूरि चन्द्रं वसुव्रता ।कलधौतं तथान्नं च घृतं चापि विशेषतः । ।यद्यद्दत्तं त्वक्षयं स्यात्तेनेयमक्षया स्मृता । । यत्किञ्चिद्दीयते दानं स्वल्पं वा यदि वा बहु ।तत्सर्वमक्षयं स्याद्वै तेनेयमक्षया स्मृता । ।योऽस्यां ददाति करकन्वारिबीजसमन्वितान् ।स याति पुरुषो वीर लोकं वै हेममालिनः । ।इत्येषा कथिता वीर तृतीया तिथिरुत्तमा ।यामुपोष्य नरो राजन्नृद्धिं वृद्धिं श्रियं भजेत् । ।* 🙏🏻 *अर्थ : वैशाख मास की तृतीया को चन्दनमिश्रित जल तथा मोदक के दान से ब्रह्मा तथा सभी देवता प्रसन्न होते हैं | देवताओं ने वैशाख मास की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा है | इस दिन अन्न-वस्त्र-भोजन-सुवर्ण और जल आदि का दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है | इसी तृतीया के दिन जो कुछ भी दान किया जाता है वह अक्षय हो जाता है और दान देनेवाला सूर्यलोक को प्राप्त करता है | इस तिथि को जो उपवास करता है वह ऋद्धि-वृद्धि और श्री से सम्पन्न हो जाता है |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे 🙏🙏🚩🚩🚩

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻बुधवार, १२ मई २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:३७ सूर्यास्त: 🌅 ०६:५४ चन्द्रोदय: 🌝 ०५:४३ चन्द्रास्त: 🌜१९:३७ अयन 🌕 उत्तराणायने (उत्तरगोलीय) ऋतु: 🍁 ग्रीष्म शक सम्वत: 👉 १९४३ (प्लव) विक्रम सम्वत: 👉 २०७८ (राक्षस) मास 👉 वैशाख पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 प्रतिपदा (२७:०५ तक) नक्षत्र 👉 कृत्तिका (२६:४० तक) योग 👉 शोभन (२३:४८ तक) प्रथम करण 👉 किंस्तुघ्न (१३:४७ तक) द्वितीय करण 👉 बव (२७:०५ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मेष चंद्र 🌟 वृष (०६:१७ से) मंगल 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 वृष (उदित, पूर्व, मार्गी) गुरु 🌟 कुम्भ (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 वृष (उदय, पश्चिम, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 ❌❌❌ अमृत काल 👉 २३:५७ से २५:४६ सर्वार्थसिद्धि योग 👉 ❌❌❌ विजय मुहूर्त 👉 १४:२९ से १५:२४ गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:४८ से १९:१२ निशिता मुहूर्त 👉 २३:५२ से २४:३४ राहुकाल 👉 १२:१३ से १३:५५ राहुवास 👉 दक्षिण-पश्चिम यमगण्ड 👉 ०७:०७ से ०८:४९ होमाहुति 👉 सूर्य दिशाशूल 👉 उत्तर नक्षत्रशूल 👉 पश्चिम (२६:४० से) अग्निवास 👉 पाताल (२७:०५ पृथ्वी) चन्द्रवास 👉 पूर्व (दक्षिण ०६:१९ से) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - लाभ २ - अमृत ३ - काल ४ - शुभ ५ - रोग ६ - उद्वेग ७ - चर ८ - लाभ ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - उद्वेग २ - शुभ ३ - अमृत ४ - चर ५ - रोग ६ - काल ७ - लाभ ८ - उद्वेग नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (गुड़ अथवा दूध का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ वैशाख शुक्लपक्ष आरम्भ, पाराशर ऋषि जन्मोत्सव, गृहप्रवेश मुहूर्त प्रातः १०:४३ से १२:२३ तक आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज २६:४० तक जन्मे शिशुओ का नाम कृतिका नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ई, उ, ए) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम रोहिणी नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमश (ओ) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त शुभ मुहूर्त - ०५:२५ से ०५:३८ मृत्यु पञ्चक - ०५:३८ से ०७:३२ अग्नि पञ्चक - ०७:३२ से ०९:४७ शुभ मुहूर्त - ०९:४७ से १२:०९ रज पञ्चक - १२:०९ से १४:२८ शुभ मुहूर्त - १४:२८ से १६:४६ चोर पञ्चक - १६:४६ से १९:०७ शुभ मुहूर्त - १९:०७ से २१:२६ रोग पञ्चक - २१:२६ से २३:२९ शुभ मुहूर्त - २३:२९ से २५:११ मृत्यु पञ्चक - २५:११ से २६:३६ अग्नि पञ्चक - २६:३६ से २६:४० शुभ मुहूर्त - २६:४० से २७:०५ रज पञ्चक - २७:०५ से २८:०० अग्नि पञ्चक - २८:०० से २९:२५ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मेष - २८:०४ बजे से ०५:३८ वृषभ - ०५:३८ से ०७:३२ मिथुन - ०७:३२ से ०९:४७ कर्क - ०९:४७ से १२:०९ सिंह - १२:०९ से १४:२८ कन्या - १४:२८ से १६:४६ तुला - १६:४६ से १९:०७ वृश्चिक - १९:०७ से २१:२६ धनु - २१:२६ से २३:२९ मकर - २३:२९ से २५:११ कुम्भ - २५:११ से २६:३६ मीन - २६:३६ से २८:०० 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज आप पूर्व में की गलतियों की समीक्षा करेंगे भविष्य को लेकर थोड़ी चिंता भी रहेगी। कार्य व्यवसाय में आज कही से भी लाभ की उम्मीद नजर नही आएगी फिर भी मानसिक रूप से संतोषी ही नजर आएंगे। धन को लेकर जोड़ तोड़ की नीति अपनाने की जगह शांति से परिस्थिति अनुकूल बनने की प्रतीक्षा में रहेंगे। मन की इच्छाओं की तुलना में आज कर्म कम ही करेंगे भागदौड़ से बच बैठकर लाभ कमाने के चक्कर मे रहना अभाव को जन्म देगा। शारीरिक रूप से भी थोड़ा कष्ट रहेगा। परिजनों की बनी बनाई योजना पर लचीले व्यवहार के कारण पानी फेर देंगे। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज का दिन बीते समय की तुलना में बेहतर बीतेगा। दिन के आरंभ में अधिकांश कार्य हानि होने के डर से करने से कतराएंगे मध्यान तक मन पर चंचलता हावी रहेगी अनिर्णय की स्थिति अव्यवस्था बढ़ाएगी। किसी अनुभवी की सलाह मिलने पर हिम्मत आएगी कार्य व्यवसाय से आज लाभ की उम्मीद कम ही रखें निवेश करने से ना डरें भविष्य के लाभ के लिए आवश्यक है। धन लाभ की कामना संध्या तक पूर्ण होगी लेकिन कुछ कमी के साथ। वर्जित कार्यो में रुचि रहेगी जो सम्मान के साथ धन हानि का कारण बन सकती है इससे दूर रहें। खासी जुखाम से पीड़ा की संभावना है। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन से आप काफी उम्मीद लगाए रहेंगे लेकिन दिन निराश करने वाल रहेगा। आवश्यक कार्य मनमौजी प्रवृति के कारण अधूरे रहेंगे। जिस कार्य से लाभ की आशा रहेगी उसमे किसी का हस्तक्षेप पड़ने से हानि होगीं। भागीदारी के कार्य मे स्पष्टता रखें गलतफहमी संबंद तोड़ सकती है। धन लाभ की संभावनाए ही बनेगी लेकिन पूर्ण नही हो सकेगी। लोग आपका सहयोग करने की जगह त्रुटियां निकालेंगे। रमणीय पयर्टक स्थल की यात्रा होगी खर्च में नियंत्रण रखने पर भी अकस्मात होने से कोष में कमी आएगी। शारीरिक रूप से कुछ ना कुछ कमी बनी रहेगी। जोखिम वाले कार्यो से आज डोर रहना ही बेहतर रहेगा। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज के दिन भगदौड़ भरी जिंदगी में शांति की तलाश में रहेंगे मन में आज कुछ ना कुछ उठापटक लगी रहेगी। दिन के आरंभ में जो भी योजना बनाएंगे अन्य कार्य आने से इनमे फेरबदल करना पड़ेगा। कार्य व्यवसाय की जगह आज सार्वजनिक क्षेत्र से उम्मीद अधिक रहेगी। व्यवसायी वर्ग सही दिशा में जा रहे कार्यो के प्रति आशंकित रहेंगे लाभ के नजदीक पहुच कर निर्णय बदलने पर होने वाले लाभ में कमी आएगी। सरकारी कार्य धीमी गति से आगे बढ़ेंगे। मित्र परिचितों से संबंधो में मधुरता बढ़ेगी फिर भी छोटी-छोटी बातों को अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा। परिवार में बीमारियों के कारण उदासीनता रहेगी। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज दिन का आरंभ शांति से व्यतीत होगा लेकिन इसके बाद व्यर्थ के प्रपंचो में पड़कर मानसिक शांति खो देंगे। करने योग्य कार्य छोड़ अनर्गल प्रवृतियों में समय और धन नष्ट करेंगे। सरकारी क्षेत्र से आशाजनक समाचार मिलेंगे लेकिन सफलता आज संदिग्ध ही रहेगी। कार्य व्यवसाय में बड़ा निर्णय लेने का विचार बनाएंगे यह भविष्य के लिये लाभदायक रहेगा। धन की आमद सोच से थोड़ी कम रहेगी पुराने कार्यो से लाभ होगा लेकिन ज्यादा देर टिकेगा नही। व्यापार विस्तार की योजना भी बनाएंगे जिसमे सफलता निश्चित रहेगी। घर में किसी खुशखबरी के मिलने से आनंद का वातावरण बनेगा। सेहत सामान्य रहेगी। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज दिन के पूर्वार्ध की संतोषी प्रवृति मध्यान तक बेचैनी में बदल जाएगी। धन को लेकर आज कोई जोखिम नही लेंगे लेकिन लाभ पाने के लिये किसी भी प्रकार से कसर भी नही छोड़ेंगे दिन भर के कार्य कलापो से असंतोष होगा परन्तु आकस्मिक लाभ होने पर थोड़ी राहत मिलेगी आज आप जिस लाभ के अधिकारी है उसमें किसी का गलत मार्गदर्शन कमी लाएगा फिर भी खर्चो की पूर्ति आसानी से हो जाएगी। नौकरी वाले लोग धन लाभ की आशा में रहेंगे पर आज निराश ही होना पड़ेगा। परिवार के सदस्य अन्य की कमिया बता स्वय की गलती पर पर्दा डालेंगे थोड़े मतभेद के बाद भी शांति रहेगी। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज दिन के पहले भाग को छोड़ शेष समय शारीरिक एवं मानसिक समस्या का सामना करना पड़ेगा प्रातः काल से ही स्वास्थ्य में नरमी आने लगेगी लेकिन इसके प्रति लापरवाही करेंगे परिणाम स्वरूप मध्यान बाद स्थिति खराब होने लगेगी लेकिन ज्यादा गंभीर भी नही होगी। लेदेकर अपने नियमित कार्यो को किसी के सहयोग से पूरा कर लेंगे। धन की आमद आज आशाजनक नही रहेगी। सरकारी अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यो को आज टालना ही बेहतर रहेगा। धन खर्च करने पर भी अधिकतर कार्य अधूरे ही रहेंगे। परिजनों के साथ संबंधो में रुखापन आएगा मतलब से बात करेंगे। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन सभी कार्य मे सफलता दिलाएगा। पूर्व में किये गए परिश्रम का फल आज अवश्य ही धन लाभ के रूप में मिलेगा लेकिन ध्यान रहे व्यवहारिकता से ही लाभ में वृद्धि हो सकती है लोभ अथवा अहम में रहे तो लाभ सीमित रह जायेगा। कार्य व्यवसाय में बिना किसी सहयोग के उन्नति होगी भविष्य की योजनाओं पर खर्च के साथ बचत भी करेंगे। सरकारी कार्य भी थोड़े बौद्धिक श्रम से धन खर्च कर बना लेंगे। दिमागी रूप से शांत रहने के कारण परिजनों के साथ संबंधों में निकटता आएगी। वृद्धजन का आशीर्वाद मिलेगा परोपकार की भावना आज कम ही रहेगी। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज दिन के आरंभिक भाग को छोड़ शेष सामान्य रहेगा। प्रातः काल सेहत में नरमी रहेगी लेकिन पहले की अपेक्षा सुधार भी आएगा आलस्य के कारण कार्य के प्रति टालमटोल करेंगे मध्यान बाद मानसिक रूप से स्थिरता आएगी कार्यो के प्रति गंभीरता बढ़ेगी लेकिन मजबूरी में ही करेंगे। धार्मिक कार्यो में आस्था मजबूत होगी। कार्य व्यवसाय से आज ज्यादा आशा नही रहेगी फिर भी दौड़ धूप का सकारात्मक परिणाम भविष्य में लाभ की आशा बनाए रखेगा। परिजन आपकी गतिविधयों पर नजर रखेंगे किसी भी अनैतिक कार्य से बचें अन्यथा सुख शांति बिगड़ सकती है। धन लाभ से खर्च ज्यादा रहेगा। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज के दिन बुद्धि विवेक में विकास होगा लेकिन इससे मनिच्छित सफलता नही मिल सकेगी दिन के पहले भाग में घर मे पुरानी बात के कारण मतभेद रहेंगे शांत रहने का प्रयास करें अन्यथा दिन भर मानसिक अशांति रहेगी। कार्य क्षेत्र पर नए तरीके से काम करने का प्रयास करेंगे इससे अन्य लोगो मे आपकी बुद्धि कौशल का प्रचार होगा पर धन लाभ के लिये तरसना पड़ेगा परिश्रम करने पर भी अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा। लोग केवल मीठा बोलकर अपना हित साधेंगे सहयोग कोई नही करेगा। सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। परिवार की आवश्यकता पूर्ती करने में असमर्थ रहेंगे। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज दिन के आरंभ में किसी गुप्त कारण से चिंतित रहेंगे स्वयं अथवा किसी परिजन की गलती के कारण घर मे कलह होने की आशंका से मन व्याकुल रहेगा परिजनों के आगे सोच समझकर ही बात करें डर के कारण उलजुलूल बयानों से खुद ही शक पैदा करेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी शांति की कमी रहेगी धन अथवा किसी वस्तु को लेकर गरमा गरमी होने की संभावना है। लाभ की संभावनाए बनते बनते बिगड़ेंगी। सामाजिक एवं पारिवारिक व्यवहारों की जगह मौज-शौक पर खर्च करेंगे। सहयोगियों से आज कम ही बनेगी। मानसिक दबाव के कारण सर दर्द रहेगा। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन पूर्वार्ध में पहले मिली सफलता के कारण निश्चिन्त रहेंगे महत्त्वपूर्ण कार्यो में लापरवाही करेंगे लेकिन मध्यान के बाद ही स्थिति को भाँप कर मेहनत के लिये प्रेरित होंगे। आज किये परिश्रम का फल निकट भविष्य में कुछ ना कुछ आर्थिक अथवा अन्य प्रकार से वृद्धि कराएगा। घर मे सुखोपभोग के साधन की खरीद की योजना बनेगी परन्तु आज बजट की कमी के कारण टालना भी पड़ सकता है। धन लाभ आशाजनक लेकिन भाग दौड़ के बाद ही होगा खर्च साथ लगे रहने से परिजनों की इच्छापूर्ति करने में विलंब होगा फिर भी आपसी तालमेल बना रहेगा स्वास्थ्य को लेकर आशंकित रहेंगे। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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Pt Vinod Pandey 🚩 May 11, 2021

🌞 ~ आज का हिन्दू #पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 12 मई 2021 ⛅ दिन - #बुधवार ⛅ विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077) ⛅ शक संवत - 1943 ⛅ अयन - उत्तरायण ⛅ ऋतु - ग्रीष्म  ⛅ मास - वैशाख ⛅ पक्ष - शुक्ल  ⛅ तिथि - प्रतिपदा 13 मई रात्रि 03:05 तक तत्पश्चात द्वितीया ⛅ नक्षत्र - कृत्तिका 13 मई रात्रि 02:40 तक तत्पश्चात रोहिणी ⛅ योग - शोभन रात्रि 11:48 तक तत्पश्चात अतिगण्ड ⛅ राहुकाल - दोपहर 12:35 से दोपहर 02:13 तक  ⛅ सूर्योदय - 06:03  ⛅ सूर्यास्त - 19:07  ⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में 💥 विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🌷 अक्षय फलदायी “अक्षय तृतीया” 🌷 ➡ 14 मई 2021 शुक्रवार को अक्षय तृतीया है। 🙏🏻 वैशाख शुक्ल तृतीया की महिमा मत्स्य, स्कंद, भविष्य, नारद पुराणों व महाभारत आदि ग्रंथो में है। इस दिन किये गये पुण्यकर्म अक्षय (जिसका क्षय न हो) व अनंत फलदायी होते हैं, अत: इसे 'अक्षय तृतीया' कहते है। यह सर्व सौभाग्यप्रद है। 🙏🏻 यह युगादि तिथि यानी सतयुग व त्रेतायुग की प्रारम्भ तिथि है। श्रीविष्णु का नर-नारायण, हयग्रीव और परशुरामजी के रूप में अवतरण व महाभारत युद्ध का अंत इसी तिथि को हुआ था। 👉🏻 इस दिन बिना कोई शुभ मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य प्रारम्भ या सम्पन्न किया जा सकता है। जैसे - विवाह, गृह - प्रवेश या वस्त्र -आभूषण, घर, वाहन, भूखंड आदि की खरीददारी, कृषिकार्य का प्रारम्भ आदि सुख-समृद्धि प्रदायक है। 🌷 प्रात:स्नान, पूजन, हवन का महत्त्व 🌷 🙏🏻 इस दिन गंगा-स्नान करने से सारे तीर्थ करने का फल मिलता है। गंगाजी का सुमिरन एवं जल में आवाहन करके ब्राम्हमुहूर्त में पुण्यस्नान तो सभी कर सकते है। स्नान के पश्चात् प्रार्थना करें : 🌷 माधवे मेषगे भानौं मुरारे मधुसुदन। प्रात: स्नानेन में नाथ फलद: पापहा भव ॥ 🙏🏻 'हे मुरारे ! हे मधुसुदन ! वैशाख मास में मेष के सूर्य में हे नाथ ! इस प्रात: स्नान से मुझे फल देनेवाले हो जाओ और पापों का नाश करों।' 👉🏻 सप्तधान्य उबटन व गोझरण मिश्रित जल से स्नान पुण्यदायी है। पुष्प, धूप-दीप, चंदनम अक्षत (साबुत चावल) आदि से लक्ष्मी-नारायण का पूजन व अक्षत से हवन अक्षय फलदायी है। 🌷 जप, उपवास व दान का महत्त्व 🌷 🙏🏻 इस दिन किया गया उपवास, जप, ध्यान, स्वाध्याय भी अक्षय फलदायी होता है। एक बार हल्का भोजन करके भी उपवास कर सकते है। 'भविष्य पुराण' में आता है कि इस दिन दिया गया दान अक्षय हो जाता है। इस दिन पानी के घड़े, पंखे, (खांड के लड्डू), पादत्राण (जूते-चप्पल), छाता, जौ, गेहूँ, चावल, गौ, वस्त्र आदि का दान पुण्यदायी है। परंतु दान सुपात्र को ही देना चाहिए। 🌷 पितृ-तर्पण का महत्त्व व विधि 🌷 🙏🏻 इस दिन पितृ-तर्पण करना अक्षय फलदायी है। पितरों के तृप्त होने पर घर में सुख-शांति-समृद्धि व दिव्य संताने आती है। 💥 विधि : इस दिन तिल एवं अक्षत लेकर र्विष्णु एवं ब्रम्हाजी को तत्त्वरूप से पधारने की प्रार्थना करें। फिर पूर्वजों का मानसिक आवाहन कर उनके चरणों में तिल, अक्षत व जल अर्पित करने की भावना करते हुए धीरे से सामग्री किसी पात्र में छोड़ दें तथा भगवान दत्तात्रेय, ब्रम्हाजी व विष्णुजी से पूर्वजों की सदगति हेतु प्रार्थना करें। 🌷 आशीर्वाद पाने का दिन 🌷 🙏🏻 इस दिन माता-पिता, गुरुजनों की सेवा कर उनकी विशेष प्रसन्नता, संतुष्टि व आशीर्वाद प्राप्त करें। इसका फल भी अक्षय होता है। 🌷 अक्षय तृतीया का तात्त्विक संदेश 🌷 🙏🏻 'अक्षय' यानी जिसका कभी नाश न हो। शरीर एवं संसार की समस्त वस्तुएँ नाशवान है, अविनाशी तो केवल परमात्मा ही है। यह दिन हमें आत्म विवेचन की प्रेरणा देता है। अक्षय आत्मतत्त्व पर दृष्टी रखने का दृष्टिकोण देता है। महापुरुषों व धर्म के प्रति हमारी श्रद्धा और परमात्म प्राप्ति का हमारा संकल्प अटूट व अक्षय हो - यही अक्षय तृतीया का संदेश मान सकते हो। 🌷 अक्षय तृतीया 🌷 🙏🏻 'अक्षय' शब्द का मतलब है- जिसका क्षय या नाश न हो। इस दिन किया हुआ जप, तप, ज्ञान तथा दान अक्षय फल देने वाला होता है अतः इसे 'अक्षय तृतीया' कहते हैं। भविष्यपुराण, मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण, स्कन्दपुराण में इस तिथि का विशेष उल्लेख है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका बड़ा ही श्रेष्ठ फल मिलता है। इस दिन सभी देवताओं व पित्तरों का पूजन किया जाता है। पित्तरों का श्राद्ध कर धर्मघट दान किए जाने का उल्लेख शास्त्रों में है। वैशाख मास भगवान विष्णु को अतिप्रिय है अतः विशेषतः विष्णु जी की पूजा करें। 🙏🏻 स्कन्दपुराण के अनुसार, जो मनुष्य अक्षय तृतीया को सूर्योदय काल में प्रातः स्नान करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करके कथा सुनते हैं, वे मोक्ष के भागी होते हैं। जो उस दिन मधुसूदन की प्रसन्नता के लिए दान करते हैं, उनका वह पुण्यकर्म भगवान की आज्ञा से अक्षय फल देता है। 🙏🏻 भविष्यपुराण के मध्यमपर्व में कहा गया है वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया में गंगाजी में स्नान करनेवाला सब पापों से मुक्त हो जाता है। वैशाख मास की तृतीया स्वाती नक्षत्र और माघ की तृतीया रोहिणीयुक्त हो तथा आश्विन तृतीया वृषराशि से युक्त हो तो उसमें जो भी दान दिया जाता है, वह अक्षय होता है। विशेषरूप से इनमें हविष्यान्न एवं मोदक देनेसे अधिक लाभ होता है तथा गुड़ और कर्पूर से युक्त जलदान करनेवाले की विद्वान् पुरुष अधिक प्रंशसा करते हैं, वह मनुष्य ब्रह्मलोक में पूजित होता है। यदि बुधवार और श्रवण से युक्त तृतीया हो तो उसमें स्नान और उपवास करनेसे अनंत फल प्राप्त होता हैं। 🌷 अस्यां तिथौ क्षयमुर्पति हुतं न दत्तं।  तेनाक्षयेति कथिता मुनिभिस्तृतीया। उद्दिश्य दैवतपितृन्क्रियते मनुष्यै:।  तत् च अक्षयं भवति भारत सर्वमेव।। – मदनरत्न 🙏🏻 अर्थ : भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठरसे कहते हैं, हे राजन इस तिथि पर किए गए दान व हवन का क्षय नहीं होता है; इसलिए हमारे ऋषि-मुनियोंने इसे ‘अक्षय तृतीया’ कहा है। इस तिथि पर भगवानकी कृपादृष्टि पाने एवं पितरोंकी गतिके लिए की गई विधियां अक्षय-अविनाशी होती हैं। 🌷 भविष्यपुराण, ब्राह्मपर्व, अध्याय 21 🌷 🙏🏻 वैशाखे मासि राजेन्द्र तृतीया चन्दनस्य च।वारिणा तुष्यते वेधा मोदकैर्भीम एव हि।।दानात्तु चन्दनस्येह कञ्जजो नात्र संशयः।। यात्वेषा कुरुशार्दूल वैशाखे मासि वै तिथिः।तृतीया साऽक्षया लोके गीर्वाणैरभिनन्दिता।। आगतेयं महाबाहो भूरि चन्द्रं वसुव्रता।कलधौतं तथान्नं च घृतं चापि विशेषतः।।यद्यद्दत्तं त्वक्षयं स्यात्तेनेयमक्षया स्मृता।। यत्किञ्चिद्दीयते दानं स्वल्पं वा यदि वा बहु।तत्सर्वमक्षयं स्याद्वै तेनेयमक्षया स्मृता।।योऽस्यां ददाति करकन्वारिबीजसमन्वितान्।स याति पुरुषो वीर लोकं वै हेममालिनः।।इत्येषा कथिता वीर तृतीया तिथिरुत्तमा।यामुपोष्य नरो राजन्नृद्धिं वृद्धिं श्रियं भजेत्।। 🙏🏻 अर्थ : वैशाख मास की तृतीया को चन्दनमिश्रित जल तथा मोदक के दान से ब्रह्मा तथा सभी देवता प्रसन्न होते हैं। देवताओं ने वैशाख मास की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा है। इस दिन अन्न-वस्त्र-भोजन-सुवर्ण और जल आदि का दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इसी तृतीया के दिन जो कुछ भी दान किया जाता है वह अक्षय हो जाता है और दान देनेवाला सूर्यलोक को प्राप्त करता है। इस तिथि को जो उपवास करता है वह ऋद्धि-वृद्धि और श्री से सम्पन्न हो जाता है। 🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻 https://t.me/OnlineMandir 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- 👇🏻 https://chat.whatsapp.com/I0lnC06D3bfGIhcWkRZPBb

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