विद्या संस्कृत श्लोक: जानिये "रूपयौवनसंपन्ना विशाल कुलसम्भवाः" श्लोक का भावार्थ

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विनोद बिहारीसारस्वत Jan 11, 2019
बहुत सुन्दर भाव।साहित्य संगीत कला विहीन।साक्षात नर पुच्छ विषाण हीन।जयश्रीकृष्ण।राधे राधे।

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