Ansouya
Ansouya Feb 20, 2021

🙏🌹🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🌹🙏🙏🌹🙏🙏🌹🙏जय श्री गणेश जी महाराज 🌹🙏🌹🙏🙏🌹जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🌹🙏🌹🙏🌹🌹जय बजरंगबली हनुमान 🙏 🙏🌹🙏जय सिया राम 🌹🙏🌹 मानस में नाम-वन्दना🌹🙏🌹🕉🕉🕉 तीन प्रकारके सखा🙏🌹🙏 विभीषणने क्या किया कि जब सर्वथा विजय हो गयी और रावण मारा गया, तब विभीषणने भगवान्‌से कहा‒‘महाराज ! आप घर पर पधारिये ।’ “अब जन गृह पुनीत प्रभु कीजे । मज्जनु करिअ समर श्रम छीजे ॥“ …………..(मानस, लंकाकाण्ड, दोहा ११६ । ५) ‘जिससे युद्धका परिश्रम दूर होवे । मेरा घर पवित्र करो, पधारो ।’ तो भगवान्‌ ने कहा‒‘भाई ! तुम्हारा घर हमारा ही है, यह सच है, पर हमारे को भरत की याद आ रही है । भरत भी मेरे को याद करता है, इसलिये मेरे को अयोध्या जल्दी पहुँचना है । गाँव में, घरों में मैं नहीं जाता हूँ, इस कारण लक्ष्मणजी को भेजता हूँ, यह राजगद्दी कर देगा । विभीषण ने युद्ध समाप्त होनेके बाद घर पधारने के लिये कहा । जबकि निषादराज गुहने आरम्भमें मिलते ही यह कहा कि आप घर पर पधारो; परंतु बन्दा सुग्रीवने कहा ही नहीं कि आप मेरे घर पधारो । ऐसा विषयी था । फिर भी रामजी तो तीनों को ही सखा कहते हैं । भगवान् कहते हैं कि तुम अपने गुण-अवगुणों की तरफ मत देखो । केवल मेरे सम्मुख हो जाओ, मेरे पास आ जाओ, बस । “सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं । जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं ॥“ ……………..(मानस, सुन्दरकाण्ड, दोहा ४४ । २) इसलिये भगवान्‌ की शरण ले लो, आश्रय ले लो, उनके सम्मुख हो जाओ । वे सब को सखा बनाने को, सब को अपना बनाने को तैयार हैं । भगवान् एक हाथमें धनुष और एक हाथमें बाण रखते हैं । बाण तो होता है सीधा और धनुष होता है टेढ़ा । वे दोनों को ही हाथमें रखते हैं, सीधे को (बाणको) छोड़ देते हैं, पर टेढ़े (धनुष) को नहीं छोड़ते हैं; क्योंकि उसपर कृपा विशेष रखते हैं, यह कहीं जायगा तो फँस जायगा । इसलिये जैसे भी हो, अपनी ओर से सरल, सीधे होकर भगवान्‌के चरणोंकी शरण चले जाओ, बस । आश्रय भगवान्‌ का पकड़े रखो । फिर आप डरो मत कि हम कैसे हैं, कैसे नहीं हैं, इसकी जरूरत नहीं है । 🙏🌹जय सिया राम 🌹🙏 🌹🕉🌹🌹सभी भक्तों को सुबह की जय सिया राम 🌹🙏🌹 🕉🌹🕉🕉🕉🕉🙏🕉🕉🌹

🙏🌹🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🌹🙏🙏🌹🙏🙏🌹🙏जय श्री गणेश जी महाराज 🌹🙏🌹🙏🙏🌹जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🌹🙏🌹🙏🌹🌹जय बजरंगबली हनुमान 🙏 🙏🌹🙏जय सिया राम 🌹🙏🌹 

मानस में नाम-वन्दना🌹🙏🌹🕉🕉🕉
तीन प्रकारके सखा🙏🌹🙏

विभीषणने क्या किया कि जब सर्वथा विजय हो गयी और रावण मारा गया, तब विभीषणने भगवान्‌से कहा‒‘महाराज ! आप घर पर पधारिये ।’

“अब जन गृह पुनीत प्रभु कीजे ।
मज्जनु करिअ समर श्रम छीजे ॥“
…………..(मानस, लंकाकाण्ड, दोहा ११६ । ५)

‘जिससे युद्धका परिश्रम दूर होवे । मेरा घर पवित्र करो, पधारो ।’ तो भगवान्‌ ने कहा‒‘भाई ! तुम्हारा घर हमारा ही है, यह सच है, पर हमारे को भरत की याद आ रही है । भरत भी मेरे को याद करता है, इसलिये मेरे को अयोध्या जल्दी पहुँचना है । गाँव में, घरों में मैं नहीं जाता हूँ, इस कारण लक्ष्मणजी को भेजता हूँ, यह राजगद्दी कर देगा । विभीषण ने युद्ध समाप्त होनेके बाद घर पधारने के लिये कहा । जबकि निषादराज गुहने आरम्भमें मिलते ही यह कहा कि आप घर पर पधारो; परंतु बन्दा सुग्रीवने कहा ही नहीं कि आप मेरे घर पधारो । ऐसा विषयी था । फिर भी रामजी तो तीनों को ही सखा कहते हैं ।

भगवान् कहते हैं कि तुम अपने गुण-अवगुणों की तरफ मत देखो । केवल मेरे सम्मुख हो जाओ, मेरे पास आ जाओ, बस ।

“सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं ।
जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं ॥“
……………..(मानस, सुन्दरकाण्ड, दोहा ४४ । २)

इसलिये भगवान्‌ की शरण ले लो, आश्रय ले लो, उनके सम्मुख हो जाओ । वे सब को सखा बनाने को, सब को अपना बनाने को तैयार हैं । भगवान् एक हाथमें धनुष और एक हाथमें बाण रखते हैं । बाण तो होता है सीधा और धनुष होता है टेढ़ा । वे दोनों को ही हाथमें रखते हैं, सीधे को (बाणको) छोड़ देते हैं, पर टेढ़े (धनुष) को नहीं छोड़ते हैं; क्योंकि उसपर कृपा विशेष रखते हैं, यह कहीं जायगा तो फँस जायगा ।

इसलिये जैसे भी हो, अपनी ओर से सरल, सीधे होकर भगवान्‌के चरणोंकी शरण चले जाओ, बस । आश्रय भगवान्‌ का पकड़े रखो । फिर आप डरो मत कि हम कैसे हैं, कैसे नहीं हैं, इसकी जरूरत नहीं है ।

🙏🌹जय सिया राम 🌹🙏
🌹🕉🌹🌹सभी भक्तों को सुबह की जय सिया राम 🌹🙏🌹 🕉🌹🕉🕉🕉🕉🙏🕉🕉🌹
🙏🌹🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🌹🙏🙏🌹🙏🙏🌹🙏जय श्री गणेश जी महाराज 🌹🙏🌹🙏🙏🌹जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🌹🙏🌹🙏🌹🌹जय बजरंगबली हनुमान 🙏 🙏🌹🙏जय सिया राम 🌹🙏🌹 

मानस में नाम-वन्दना🌹🙏🌹🕉🕉🕉
तीन प्रकारके सखा🙏🌹🙏

विभीषणने क्या किया कि जब सर्वथा विजय हो गयी और रावण मारा गया, तब विभीषणने भगवान्‌से कहा‒‘महाराज ! आप घर पर पधारिये ।’

“अब जन गृह पुनीत प्रभु कीजे ।
मज्जनु करिअ समर श्रम छीजे ॥“
…………..(मानस, लंकाकाण्ड, दोहा ११६ । ५)

‘जिससे युद्धका परिश्रम दूर होवे । मेरा घर पवित्र करो, पधारो ।’ तो भगवान्‌ ने कहा‒‘भाई ! तुम्हारा घर हमारा ही है, यह सच है, पर हमारे को भरत की याद आ रही है । भरत भी मेरे को याद करता है, इसलिये मेरे को अयोध्या जल्दी पहुँचना है । गाँव में, घरों में मैं नहीं जाता हूँ, इस कारण लक्ष्मणजी को भेजता हूँ, यह राजगद्दी कर देगा । विभीषण ने युद्ध समाप्त होनेके बाद घर पधारने के लिये कहा । जबकि निषादराज गुहने आरम्भमें मिलते ही यह कहा कि आप घर पर पधारो; परंतु बन्दा सुग्रीवने कहा ही नहीं कि आप मेरे घर पधारो । ऐसा विषयी था । फिर भी रामजी तो तीनों को ही सखा कहते हैं ।

भगवान् कहते हैं कि तुम अपने गुण-अवगुणों की तरफ मत देखो । केवल मेरे सम्मुख हो जाओ, मेरे पास आ जाओ, बस ।

“सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं ।
जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं ॥“
……………..(मानस, सुन्दरकाण्ड, दोहा ४४ । २)

इसलिये भगवान्‌ की शरण ले लो, आश्रय ले लो, उनके सम्मुख हो जाओ । वे सब को सखा बनाने को, सब को अपना बनाने को तैयार हैं । भगवान् एक हाथमें धनुष और एक हाथमें बाण रखते हैं । बाण तो होता है सीधा और धनुष होता है टेढ़ा । वे दोनों को ही हाथमें रखते हैं, सीधे को (बाणको) छोड़ देते हैं, पर टेढ़े (धनुष) को नहीं छोड़ते हैं; क्योंकि उसपर कृपा विशेष रखते हैं, यह कहीं जायगा तो फँस जायगा ।

इसलिये जैसे भी हो, अपनी ओर से सरल, सीधे होकर भगवान्‌के चरणोंकी शरण चले जाओ, बस । आश्रय भगवान्‌ का पकड़े रखो । फिर आप डरो मत कि हम कैसे हैं, कैसे नहीं हैं, इसकी जरूरत नहीं है ।

🙏🌹जय सिया राम 🌹🙏
🌹🕉🌹🌹सभी भक्तों को सुबह की जय सिया राम 🌹🙏🌹 🕉🌹🕉🕉🕉🕉🙏🕉🕉🌹
🙏🌹🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🌹🙏🙏🌹🙏🙏🌹🙏जय श्री गणेश जी महाराज 🌹🙏🌹🙏🙏🌹जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🌹🙏🌹🙏🌹🌹जय बजरंगबली हनुमान 🙏 🙏🌹🙏जय सिया राम 🌹🙏🌹 

मानस में नाम-वन्दना🌹🙏🌹🕉🕉🕉
तीन प्रकारके सखा🙏🌹🙏

विभीषणने क्या किया कि जब सर्वथा विजय हो गयी और रावण मारा गया, तब विभीषणने भगवान्‌से कहा‒‘महाराज ! आप घर पर पधारिये ।’

“अब जन गृह पुनीत प्रभु कीजे ।
मज्जनु करिअ समर श्रम छीजे ॥“
…………..(मानस, लंकाकाण्ड, दोहा ११६ । ५)

‘जिससे युद्धका परिश्रम दूर होवे । मेरा घर पवित्र करो, पधारो ।’ तो भगवान्‌ ने कहा‒‘भाई ! तुम्हारा घर हमारा ही है, यह सच है, पर हमारे को भरत की याद आ रही है । भरत भी मेरे को याद करता है, इसलिये मेरे को अयोध्या जल्दी पहुँचना है । गाँव में, घरों में मैं नहीं जाता हूँ, इस कारण लक्ष्मणजी को भेजता हूँ, यह राजगद्दी कर देगा । विभीषण ने युद्ध समाप्त होनेके बाद घर पधारने के लिये कहा । जबकि निषादराज गुहने आरम्भमें मिलते ही यह कहा कि आप घर पर पधारो; परंतु बन्दा सुग्रीवने कहा ही नहीं कि आप मेरे घर पधारो । ऐसा विषयी था । फिर भी रामजी तो तीनों को ही सखा कहते हैं ।

भगवान् कहते हैं कि तुम अपने गुण-अवगुणों की तरफ मत देखो । केवल मेरे सम्मुख हो जाओ, मेरे पास आ जाओ, बस ।

“सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं ।
जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं ॥“
……………..(मानस, सुन्दरकाण्ड, दोहा ४४ । २)

इसलिये भगवान्‌ की शरण ले लो, आश्रय ले लो, उनके सम्मुख हो जाओ । वे सब को सखा बनाने को, सब को अपना बनाने को तैयार हैं । भगवान् एक हाथमें धनुष और एक हाथमें बाण रखते हैं । बाण तो होता है सीधा और धनुष होता है टेढ़ा । वे दोनों को ही हाथमें रखते हैं, सीधे को (बाणको) छोड़ देते हैं, पर टेढ़े (धनुष) को नहीं छोड़ते हैं; क्योंकि उसपर कृपा विशेष रखते हैं, यह कहीं जायगा तो फँस जायगा ।

इसलिये जैसे भी हो, अपनी ओर से सरल, सीधे होकर भगवान्‌के चरणोंकी शरण चले जाओ, बस । आश्रय भगवान्‌ का पकड़े रखो । फिर आप डरो मत कि हम कैसे हैं, कैसे नहीं हैं, इसकी जरूरत नहीं है ।

🙏🌹जय सिया राम 🌹🙏
🌹🕉🌹🌹सभी भक्तों को सुबह की जय सिया राम 🌹🙏🌹 🕉🌹🕉🕉🕉🕉🙏🕉🕉🌹
🙏🌹🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🌹🙏🙏🌹🙏🙏🌹🙏जय श्री गणेश जी महाराज 🌹🙏🌹🙏🙏🌹जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🌹🙏🌹🙏🌹🌹जय बजरंगबली हनुमान 🙏 🙏🌹🙏जय सिया राम 🌹🙏🌹 

मानस में नाम-वन्दना🌹🙏🌹🕉🕉🕉
तीन प्रकारके सखा🙏🌹🙏

विभीषणने क्या किया कि जब सर्वथा विजय हो गयी और रावण मारा गया, तब विभीषणने भगवान्‌से कहा‒‘महाराज ! आप घर पर पधारिये ।’

“अब जन गृह पुनीत प्रभु कीजे ।
मज्जनु करिअ समर श्रम छीजे ॥“
…………..(मानस, लंकाकाण्ड, दोहा ११६ । ५)

‘जिससे युद्धका परिश्रम दूर होवे । मेरा घर पवित्र करो, पधारो ।’ तो भगवान्‌ ने कहा‒‘भाई ! तुम्हारा घर हमारा ही है, यह सच है, पर हमारे को भरत की याद आ रही है । भरत भी मेरे को याद करता है, इसलिये मेरे को अयोध्या जल्दी पहुँचना है । गाँव में, घरों में मैं नहीं जाता हूँ, इस कारण लक्ष्मणजी को भेजता हूँ, यह राजगद्दी कर देगा । विभीषण ने युद्ध समाप्त होनेके बाद घर पधारने के लिये कहा । जबकि निषादराज गुहने आरम्भमें मिलते ही यह कहा कि आप घर पर पधारो; परंतु बन्दा सुग्रीवने कहा ही नहीं कि आप मेरे घर पधारो । ऐसा विषयी था । फिर भी रामजी तो तीनों को ही सखा कहते हैं ।

भगवान् कहते हैं कि तुम अपने गुण-अवगुणों की तरफ मत देखो । केवल मेरे सम्मुख हो जाओ, मेरे पास आ जाओ, बस ।

“सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं ।
जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं ॥“
……………..(मानस, सुन्दरकाण्ड, दोहा ४४ । २)

इसलिये भगवान्‌ की शरण ले लो, आश्रय ले लो, उनके सम्मुख हो जाओ । वे सब को सखा बनाने को, सब को अपना बनाने को तैयार हैं । भगवान् एक हाथमें धनुष और एक हाथमें बाण रखते हैं । बाण तो होता है सीधा और धनुष होता है टेढ़ा । वे दोनों को ही हाथमें रखते हैं, सीधे को (बाणको) छोड़ देते हैं, पर टेढ़े (धनुष) को नहीं छोड़ते हैं; क्योंकि उसपर कृपा विशेष रखते हैं, यह कहीं जायगा तो फँस जायगा ।

इसलिये जैसे भी हो, अपनी ओर से सरल, सीधे होकर भगवान्‌के चरणोंकी शरण चले जाओ, बस । आश्रय भगवान्‌ का पकड़े रखो । फिर आप डरो मत कि हम कैसे हैं, कैसे नहीं हैं, इसकी जरूरत नहीं है ।

🙏🌹जय सिया राम 🌹🙏
🌹🕉🌹🌹सभी भक्तों को सुबह की जय सिया राम 🌹🙏🌹 🕉🌹🕉🕉🕉🕉🙏🕉🕉🌹

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कामेंट्स

Arvid bhai Feb 20, 2021
jay shri radhe krisna subh dhopar vanadn radhe radhe nmskar ji ram ram ji subh prbhat vandan

rahul soni Feb 20, 2021
radhe radhe ji. 🌹🌹 good morning ji. 🙏🏻🙏🏻

🌀SOM DUTT SHARMA🌀 Feb 20, 2021
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 jai sri ram ji ki good morning 🌄 ji have a nice day g ❤️💝 nice 👍 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

Kailash Pandey Feb 20, 2021
जय श्री राम सुप्रभात वंदन बहन जी श्री राम भक्त हनुमान जी की कृपा दृष्टि आप पर सदैव बनी रहे

M T Feb 20, 2021
💎💎राम राम जी 💎💎 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *💞"रात सुबह का इंतज़ार नहीं करती",* *"खुशबू मौसम का इंतज़ार नहीं करती".!* *"जो भी ख़ुशी मिले, उसका आनंद लिया करो दोस्तों",,* *"क्योंकि जिंदगी वक़्त का इंतज़ार नहीं करती"..!💞* *🌹🙏 सुप्रभात 🙏🌹* 😃😇 *""सदा मुस्कुराते रहिये""* 🙋

s.r.pareek rajasthan Feb 20, 2021
🚩जय श्री राम जय हनुमानजी🌾 आपका दिन मंगलमय हो सदा खुश रहें जी 🌿सुमधुर दोपहर स्नेह नमन् वंदन जी 🌿प्यारी बहना जी राम राम जी🙏🏼🙏🏼🍒🍁🌻🌠🚩

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Feb 20, 2021
Good Afternoon My Sister ji 🙏🙏 Jay Shree Ram ji 🙏🙏🌹🌹 Jay Veer Hanuman 🙏🙏🌹🌹 🌹 Om Shree Shanidev Namah 🙏🌹🌹🌹 Shanidev Maharaj 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷.

💠Kamlesh goyal💠🙏🙏 Feb 20, 2021
जय श्री कृष्णा जी राधे राधे जी शुभ दोपहर वंदन मेरी बहन

🇮🇳🇮🇳GEETA DEVI🇮🇳🇮🇳 Feb 20, 2021
🏵🙏JAI SHREE SANIDEV MAHARAJ JI 🙏🏵 BEAUTIFUL GOOD AFTERNOON MY SWEET SISTER JI... 🍎🍎🎉 🌷🌷I WISH FOR YOUR GOOD HEALTH AND SMILE 🌷🌷 HAVE A GREAT DAY TC 🍫🍫🍧🍧🍒🍒🤗🤗👌👌🎈🎈🎉🙏🙏🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵💐💐💐💐💐💐💐💐💐

Harpal bhanot Feb 20, 2021
jai Shree radhe Krishna ji 🌷🌷🌷 Beautiful good afternonn ji my Sweet Sister

Shivsanker Shukla Feb 20, 2021
शुभ संध्या आदरणीय अन्नू जी जय श्री राम

💠Kamlesh goyal💠🙏🙏 Feb 20, 2021
जय श्री कृष्णा जी राधे राधे जी शुभ संध्या वंदन मेरी प्यारी बहन

Ashwinrchauhan Feb 20, 2021
जय श्री कृष्ण राम राम बहना जी शुभ शनिवार सूर्य पुत्र शनिदेव और राम भक्त हनुमान जी की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे मेरी आदरणीय बहना जी आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे संकट मोचन हनुमान जी आप की हर मनोकामना पूरी करे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड इवनिंग बहना जी

shri niwash pandey Mar 1, 2021

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shri niwash pandey Mar 1, 2021

+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Mavjibhai patel Mar 1, 2021

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GOVIND CHOUHAN Mar 1, 2021

+42 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 42 शेयर
Jagruti patel Mar 1, 2021

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 1 शेयर
bhavanamishra Mar 1, 2021

+47 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 25 शेयर

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