💙💜🙏🙏💜💙 🙏💙जय माता दी💙🙏 #Զเधे_Զเधे ..जी.🌹🌹🌹 ❇️ 🚩जय_श्री_कृष्णा🚩❇️ 🅹

💙💜🙏🙏💜💙
🙏💙जय माता दी💙🙏
 #Զเधे_Զเधे ..जी.🌹🌹🌹
 ❇️ 🚩जय_श्री_कृष्णा🚩❇️

🅹

+424 प्रतिक्रिया 117 कॉमेंट्स • 407 शेयर

कामेंट्स

Vanita Kale Apr 14, 2019
🙏🌷Jai mata Di mata Rani ki Kripa Bhai app per are aapke pariwar per Sada hi bani rahe Shubh ratri Bhai ji 🌷🙏

Shivsanker Shukala Apr 14, 2019
राधे राधे जय माता दी शुभ रात्रि

sujatha Apr 14, 2019
जय श्री राधे कृष्ण जी । शुभ रात्रि जी ।

Mahesh Bhargava Apr 14, 2019
राम राम जी🙏जय श्री कृष्णा जी🌹 🍀🌱आने वाला कल आपके लिए ढेर सारी खुशियां लेकर आए🌹शुभरात्रि जी🙏

champalal m kadela Apr 14, 2019
Jai Mata di ji shubh Ratri ji aapki ratri shukhmay ho ji ishwar aapko sada sukhi rkhe ji

cheekoo Soni Apr 15, 2019
jai Shri Krishna 🙏 jai Shri Radhe-radhe 🙏🙏

Lok Nath Dadhich Apr 15, 2019
Om har har mahadev ki jay ho msg read very nice message heartily like thanks ji please

Amar Jeet Mishra Apr 16, 2019
जय श्री राधे कृष्णा शुभ प्रभात वंदन आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो

Swami Lokeshanand May 23, 2019

देखो, मनुष्य के तीन बड़े दुर्धर्ष शत्रु हैं, काम, क्रोध और लोभ। "तात तीन अति प्रबल खल काम क्रोध अरु लोभ" सूर्पनखा काम है, ताड़का क्रोध और मंथरा लोभ है। ताड़का पर प्रहार रामजी ने किया, मंथरा पर शत्रुघ्नजी ने, सूर्पनखा पर लक्षमणजी ने। उनका असली चेहरा पहचानते ही, किसी को मारा गया, किसी को सुधारा गया, एक को भी छोड़ा नहीं गया। संकेत है कि, सावधान साधक, कैसी भी वृत्ति उठते ही, तुरंत पहचान ले, कि कौन वृत्ति साधन मार्ग में मित्र है और कौन शत्रु। शत्रु पक्ष की वृत्ति का, विजातीय वृत्ति का, आसुरी वृत्ति का, उसे जानते ही, बिना अवसर दिए, बिना एक पल भी गंवाए, तुरंत यथा योग्य उपाय करना ही चाहिए। एक और विशेष बात है, ये कामादि प्रथम दृष्ट्या किसी आवरण में छिप कर ही वार करते हैं, कभी कर्तव्य बन कर, कभी सुंदर बन कर, सुखरूप बनकर, आवश्यकता बनकर, मजबूरी बनकर आते हैं। सबके सामने आते हैं, कच्चा साधक उलझ जाता है, सच्चा साधक सुलझ जाता है। अभी अभी लक्षमणजी के कारण सूर्पनखा का वास्तविक रूप प्रकट हुआ। अब रामजी मारीच का वास्तविक रूप प्रकट करेंगे। फिर सीताजी रावण का वास्तविक रूप प्रकट कर देंगी। भगवान खेल खेल में खेल खेलते हैं। एक तो उनकी यह लीला एक खेल है। इस खेल में तीन और खेल खेले गए। अयोध्या में खेल हुआ गेंद का, रामजी हार गए, भरतजी को जिता दिया। चित्रकूट में खेल हुआ, अयोध्या को गेंद बनाया गया, संदेह हार गया, स्नेह जीत गया। आज पंचवटी में भी एक खेल खेला जा रहा है, यहाँ सूर्पनखा को गेंद बनाया गया है, वासना हार रही है, उपासना जीत रही है। "देखो ठुकराई जाती है पंचवटी में इक बाला। भैया दो राजकुमारों ने उसको गेंद बना डाला॥ दुनिया में दुनियावालों को जो ठोकर रोज लगाती है। वो राम और रामानुज के पैरों की ठोकर खाती है॥" आप के पास भी सूर्पनखा आए तो ठोकर से ही स्वागत करना। अब विडियो देखें- सूर्पनखा निरूपण https://youtu.be/AMqSUheFr2c

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 26 शेयर

+246 प्रतिक्रिया 20 कॉमेंट्स • 163 शेयर

+47 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 73 शेयर

+590 प्रतिक्रिया 106 कॉमेंट्स • 1051 शेयर

+80 प्रतिक्रिया 9 कॉमेंट्स • 145 शेयर

🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 *ऊँ की ध्वनि का महत्व जानिये* एक घडी,आधी घडी,आधी में पुनि आध,,,,,,, तुलसी चरचा राम की, हरै कोटि अपराध,,,,,,।। 1 घड़ी= 24मिनट 1/2घडी़=12मिनट 1/4घडी़=6 मिनट *क्या ऐसा हो सकता है कि 6 मि. में किसी साधन से करोडों विकार दूर हो सकते हैं।* उत्तर है *हाँ हो सकते हैं* वैज्ञानिक शोध करके पता चला है कि...... 👉सिर्फ 6 मिनट *ऊँ* का उच्चारण करने से सैकडौं रोग ठीक हो जाते हैं जो दवा से भी इतनी जल्दी ठीक नहीं होते......... 👉 छः मिनट ऊँ का उच्चारण करने से मस्तिष्क मै विषेश वाइब्रेशन (कम्पन) होता है.... और औक्सीजन का प्रवाह पर्याप्त होने लगता है। 👉कई मस्तिष्क रोग दूर होते हैं.. स्ट्रेस और टेन्शन दूर होती है,,,, मैमोरी पावर बढती है..। 👉लगातार सुबह शाम 6 मिनट ॐ के तीन माह तक उच्चारण से रक्त संचार संतुलित होता है और रक्त में औक्सीजन लेबल बढता है। 👉रक्त चाप , हृदय रोग, कोलस्ट्रोल जैसे रोग ठीक हो जाते हैं....। 👉विशेष ऊर्जा का संचार होता है ......... मात्र 2 सप्ताह दोनों समय ॐ के उच्चारण से 👉घबराहट, बेचैनी, भय, एंग्जाइटी जैसे रोग दूर होते हैं। 👉कंठ में विशेष कंपन होता है मांसपेशियों को शक्ति मिलती है..। 👉थाइराइड, गले की सूजन दूर होती है और स्वर दोष दूर होने लगते हैं..। 👉पेट में भी विशेष वाइब्रेशन और दबाव होता है....। एक माह तक दिन में तीन बार 6 मिनट तक ॐ के उच्चारण से। 👉पाचन तन्त्र , लीवर, आँतों को शक्ति प्राप्त होती है, और डाइजेशन सही होता है, सैकडौं उदर रोग दूर होते हैं..। 👉उच्च स्तर का प्राणायाम होता है, और फेफड़ों में विशेष कंपन होता है..। 👉फेफड़े मजबूत होते हैं, स्वसनतंत्र की शक्ति बढती है, 6 माह में अस्थमा, राजयक्ष्मा (T.B.) जैसे रोगों में लाभ होता है। 👉आयु बढती है। ये सारे रिसर्च (शोध) विश्व स्तर के वैज्ञानिक स्वीकार कर चुके हैं। *👉जरूरत है छः मिनट रोज करने की....।* *🙏नोट:- ॐ का उच्चारण लम्बे स्वर में करें ।।* हर हर महादेव जय शिव शंकर 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉

+29 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 82 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB