kamlesh sharma
kamlesh sharma Jan 19, 2018

इस वीडियो क्लिप को जरूर देखे 🌹ईश्वर क्या है,, कहा है,, कैसा है 🌹हर सवालों का जवाब समझ जाओगे.🙏जय श्री राधे🙏

मुझे विश्वास है आप सभी भक्तों को यह वीडियो क्लिप पसंद आएगी और जीवन की अनमोल धरोहर बन जाएगी 🌹जय जय श्री राधे माई मंदिर टीम के सभी भक्तों

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Sharmila Singh Feb 29, 2020

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Ratan Verma Feb 29, 2020

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ManojC Feb 29, 2020

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sanjay agarwal Feb 29, 2020

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sandhya parihar Feb 29, 2020

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ममता Feb 29, 2020

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nikunj Feb 29, 2020

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rajni kundra Feb 29, 2020

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Neha Sharma, Haryana Feb 29, 2020

: कब्ज़ के आयुर्वेदिक उपचार (Ayurveda For Constipation) आयुर्वेद के अनुसार: कब्ज़ शरीर में वात के बढ़ने से होती है। आयुर्वेद के अनुसार वात प्रकृति वाले व्यक्तियों को कब्ज़ होने की संभावना ज्यादा रहती है। आयुर्वेद के अनुसार कब्ज़ का मूलभूत कारण हमारा भोजन है। अगर भोजन में फाइबर और तरल पर्दार्थों की कमी होगी तो हमारे मल को शरीर से बाहर निकलने में परेशानी होगी । आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Treatment) कड़ा कब्ज़ (Hard Stool): हल्के गर्म तिल के तेल से अनिमा (Enema) लेने पर कड़े कब्ज़ में तुरन्त राहत मिलती है। तिल के तेल से पेट पर मालिश करने से भी कब्ज़ में आराम मिलता है। ग्लिसरीन से पेट पर मालिश करने से भी कब्ज़ में आराम मिलता है। पुरानी कब्ज़ (Chronic Constipation) त्रिफला (Triphala) के सेवन से पुरानी कब्ज़ में बहुत आराम मिलता है। रात को सोते वक्त 5 ग्राम (एक चम्मच भर) त्रिफला चुर्ण हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज़ दूर होती है। त्रिफला व ईसबगोल की भूसी दो चम्मच मिलाकर शाम को गुनगुने पानी से लें इससे कब्ज़ दूर होती है। वात युक्त शरीर(Vata Type Body) वात युक्त शरीर वालों के लिए हल्के गर्म तिल के तेल से अनिमा लेने पर कब्ज़ में तुरन्त राहत मिलती है। रात को सोते समय दूध के साथ अलसी के बीज़ Flaxseeed लेना लाभकर होता है। पित्त युक्त शरीर (Pitta Type Body) पित्त युक्त शरीर वालों में कब्ज़ का मूल कारण शरीर में पित्त की अधिकता के कारण इन्फ्लेमेशन का होना है। पित्त युक्त शरीर में पेट और छोटी आँत, दो ऐसी जगह है जहाँ पित्त दोष का असर सबसे ज्यादा होता है। नीम पित्त दोष के लिए एक बहुत उपयुक्त जड़ी बूटी है। इसके उपयोग से पित्त दोष में आराम मिलता है और छोटी आँत की इन्फ्लेमेशन कम होती है जिस कारण वहाँ से मल को आगे बढ़ने में आसानी होती है। कफ युक्त शरीर (Kapha Type Body) कफ युक्त शरीर वालों के लिए शरीर में कफ को नियंत्रित करने वाले आहार पर जोर दिया जाता है। बासमती चावल, कच्ची सब्जियाँ और फ़ल जैसे की सेब, केला, अंगूर का सेवन लाभदायक होता है। कफ युक्त शरीर वालों को कभी भी जुलाब प्रेरक प्रदार्थ नही लेना चाहिये। अपने भोजन में उन पर्दार्थो का समावेश करें जिनमे फाइबर अधिक होता है। [ *सावधान:--* ------------------ ★ सर्दी बिल्कुल नही होने दें । ★ जुकाम बुखार आते ही *क्रोसिन एडवांस* सुबह दोपहर शाम को 1-1 गोली 3 बार लेवें। ●-●-● ★ विक्स का इन्हेलर पास में रखें। ★ रात सोते समय नाक कान गले और माथे पर विक्स लगावें। ★ज्यादा जरूरी लगे तो *Duonase* इनहेलर लेवें। *★लापरवाही बिल्कुल नही करें।* ★ डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। *कोरोना वायरस उज्जैन और अन्य जगहों पर दस्तक दे चुका हैं।* सरकारी मशीनरी संभावित संकट से निपटने के लिए चुप चाप तैयारी में जुट गई है। हम लोगों को भी सावधानी बरतना होगी। ध्यान रखने की बात है कि चीन से भारत की बड़ी सीमा लगती है। मिजोरम, अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, आसाम, सिक्किम, भूटान के रास्ते चीन के साथ हम लोगों की आवा जाही लगी ही रहती है। *□🙏□* चॉकलेट , आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, कोल्ड कॉफी, फास्ट फूड, ठंडा दूध, बासी मीठा दूध, बड़ा पाव, बेकरी की बनी चीजें, पेस्टी, केक *ये सब चीजें बंद करो।* कम से कम अप्रेल महीने तक। जब तक की वातावरण का टेम्प्रेचर 34-35 डिग्री नहीं हो जाता। * सबसे तत्काल, बहुत गंभीर, महत्वपूर्ण जानकारी - * स्वास्थ्य मंत्रालय की जनता के लिए आपातकालीन अधिसूचना है कि इस बार कोरोनावायरस इन्फ्लूएंजा का प्रकोप बहुत गंभीर और घातक है। संक्रमित होने के बाद कोई इलाज नहीं है। * * चीन से विभिन्न देशों में इसका प्रसार * * रोकथाम विधि अपने गले को नम रखना है, अपने गले को सूखने न दें। इस प्रकार अपनी प्यास को न पकड़ें क्योंकि एक बार जब आपके गले की झिल्ली सूख जाती है, तो वायरस आपके शरीर में 10 मिनट के भीतर आक्रमण करेगा। * उम्र के हिसाब से बच्चों के लिए 50-80cc गर्म पानी, 30-50cc पीएं। * * हर बार यू लगता है कि आपका गला सूखा है, तो इंतजार न करें, पानी जरूर पियें । * * एक बार में बहुत सारा पानी न पिएं , गले को नम रखने के लिए बार बार पानी पीना जारी रखें। * * मार्च २०२० के अंत तक, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएँ, खासतौर पर ट्रेन या सार्वजनिक परिवहन में आवश्यकतानुसार मास्क पहनें * * तला-भुना या मसालेदार भोजन से बचें और विटामिन सी का सेवन करे । * * लक्षण / विवरण इस प्रकार हैं - * 1. तेज बुखार * * 2. बुखार के बाद खांसी का आना 4. * चिल्ड्रेन हैं प्रवण * 4. * वयस्क आमतौर पर असहज महसूस करते हैं, * सिरदर्द और मुख्य रूप से श्वसन संबंधित * * 5: अत्यधिक संक्रामक * ag यदि आप मानव जीवन की देखभाल करते हैं तो Pls साझा करें! For Dr. Dishant *स्वस्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय* *भारत सरकार द्वारा जारी डिजिटल निर्देश* *कोरोना वायरस* *लक्षण - हल्का बुखार, ज़ुकाम, सिर दर्द* *उपचार - अभी उपलब्ध नही* *संक्रमण के 7 दिन के अंदर मौत निश्चित* यह रोग असल मे चमगादड़ और सांप में होता है, लेकिन चीन में चमगादड़ के सूप पीने की वजह से यह मनुष्यों में फैला है ! छींकने और सम्पर्क में आने से फैल रहा है यह खतरनाक वायरस ! बचाव - ● यात्रा करते वक़्त मास्क ज़रूर पहने ! ● किसी भी जुकाम या सर्दी से पीड़ित व्यक्ति का तुरंत इलाज कराए ● सांप और पक्षियों का सेवन बिल्कुल भी न करे ● किसी व्यक्ति से हाथ मिलाने के बाद बिना धोए अपने आंख को न छुये *इस संदेश को सभी को भेजे लकवा का रामबाण इलाज (Paralysis Treatment) 1. तिल का तेल पैरालिसिस अटैक आने पर मरीज को तुरंत 100 मि.ली. तिल के तेल को गर्म करके खिलाएं और उसके बाद 5-6 लहसुन की कलियां चबाने के लिए दें। इसके बाद उसके अटैक वाले हिस्सें को तेल में काली मिर्च पकाकर वहां की मालिश करें। 2. शहद और लहसुन अटैक आने के बाद मरीज को तुरंत शहद और लहसुन मिलाकर चटाएं। ऐसा करने से प्रभावित अंग स्वस्थ हो जाएगा। लकवा मारने के कुछ दिनों तक मरीज को इसका सेवन करवाते रहें।

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