KISHAN
KISHAN Jan 22, 2021

Jai mata di Good morning g

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कामेंट्स

Sumitra Soni Jan 22, 2021
जय माता दी 🙏🏻🌹 भाई माता रानी आपकी सभी मनोकामना पूरी करें आप और आपके परिवार को सदा सुखी रखे स्वस्थ रखें🌹🙏🏻🌹

🌻🌹 Preeti Jain 🌹🌻 Jan 22, 2021
जीवन में तीन चीजें🌹🌹🌹🙏 जरूर अर्जित करें💫विश्वास,संतोष और स्वास्थ्य🫂 क्योंकि विश्वास सबसे अच्छा संबंध है, संतोष सबसे बड़ा धन और स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है।🌷 हम अपना भविष्य बदल नही सकते है लेकिन हम अपनी आदतों को जरूर बदल सकते है और हमारी आदतें हमारा भविष्य निश्चित रूप से बदल सकते है जय माता 🙏🌹🌹🌹माता रानी का आशीर्वाद सदा आप और आप के परिवार पे बना रहे शुभ प्रभात वंदन जी 🙏 जय जिनेंद्र 🙋‍♀️🙋‍♀️🌹🙏🙏🍵🍵

Mira nigam 7007454854 Jan 22, 2021
जयंती मंगला काली भद्रकाली की काली जय मां काली जय मां लक्ष्मी जय मां सरस्वती जय मां काली जय संतोषी माता की जय

Anupama Shukla Jan 22, 2021
Shree radhe 🌹🙏🌹 Good morning ji have a nice day 🙏🙏🌹🌹

shyam moryani Jan 22, 2021
जय श्री माता रानी देवी दी

Renu Singh Jan 22, 2021
Jai Mata Di 🌹🙏 Good Morning Bhai Ji 🙏 Maa Bhagwati ki Anant kripa Aap aur Aàpke Pariwar pr Sadaiv Bni rhe Aàpka Din Mangalmay ho Bhai Ji 🙏🌹

JAI MAA VAISHNO Jan 22, 2021
JAI MATA SANTOSHI KIRPA KARO MAA JAI MATA SANTOSHI KIRPA KARO MAA

m.r.gupta Jan 22, 2021
Jai Ho shri Santoshi Mata ji ki Charno me koti koti pranam Mata Rani

Seema Sharma. Himachal (chd) Jan 22, 2021
*हर किसी के लिए दुआ* *किया करो* *क्या पता* *किसी की किस्मत* *आपकी दुआ का इंतजार* *कर रही हो*🙏😊🌹 हंसते हंसाते रहिए 😊 बहुत बहुत धन्यवाद जी 😊🙏

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Gopal Jalan Feb 24, 2021

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Neha Sharma, Haryana Feb 24, 2021

🚩*ॐ गं गणपतये नमः*🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌸 *श्रीगणेशाष्टोत्तरशतनामावली*(श्री गणेश जी के 108 नाम)...... १. ॐ अकल्मषाय नमः । २. ॐ अग्निगर्भच्चिदे नमः । ३. ॐ अग्रण्ये नमः । ४. ॐ अजाय नमः । ५. ॐ अद्भुतमूर्तिमते नमः । ६. ॐ अध्यक्क्षाय नमः । ७. ॐ अनेकाचिताय नमः । ८. ॐ अव्यक्तमूर्तये नमः । ९. ॐ अव्ययाय नमः । १०. ॐ अव्ययाय नमः । ११. ॐ आश्रिताय नमः । १२. ॐ इन्द्रश्रीप्रदाय नमः । १३. ॐ इक्षुचापधृते नमः । १४. ॐ उत्पलकराय नमः । १५. ॐ एकदन्ताय नमः । १६. ॐ कलिकल्मषनाशनाय नमः । १७. ॐ कान्ताय नमः । १८. ॐ कामिने नमः । १९. ॐ कालाय नमः । २०. ॐ कुलाद्रिभेत्त्रे नमः । २१. ॐ कृतिने नमः । २२. ॐ कैवल्यशुखदाय नमः । २३. ॐ गजाननाय नमः । २४. ॐ गणेश्वराय नमः । २५. ॐ गतिने नमः । २६. ॐ गुणातीताय नमः । २७. ॐ गौरीपुत्राय नमः । २८. ॐ ग्रहपतये नमः । २९. ॐ चक्रिणे नमः । ३०. ॐ चण्डाय नमः । ३१. ॐ चतुराय नमः । ३२. ॐ चतुर्बाहवे नमः । ३३. ॐ चतुर्मूर्तिने नमः । ३४. ॐ चन्द्रचूडामण्ये नमः । ३५. ॐ जटिलाय नमः । ३६. ॐ तुष्टाय नमः । ३७. ॐ दयायुताय नमः । ३८. ॐ दक्षाय नमः । ३९. ॐ दान्ताय नमः । ४०. ॐ दूर्वाबिल्वप्रियाय नमः । ४१. ॐ देवाय नमः । ४२. ॐ द्विजप्रियाय नमः । ४३. ॐ द्वैमात्रीयाय नमः । ४४. ॐ धीराय नमः । ४५. ॐ नागराजयज्ञोपवीतवते नमः । ४६. ॐ निरङ्जनाय नमः । ४७. ॐ परस्मै नमः । ४८. ॐ पापहारिणे नमः । ४९. ॐ पाशांकुशधराय नमः । ५०. ॐ पूताय नमः । ५१. ॐ प्रमत्तादैत्यभयताय नमः । ५२. ॐ प्रसन्नात्मने नमः । ५३. ॐ बीजापूरफलासक्ताय नमः । ५४. ॐ बुद्धिप्रियाय नमः । ५५. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः । ५६. ॐ ब्रह्मद्वेषविवर्जिताय नमः । ५७. ॐ ब्रह्मविदुत्तमाय नमः । ५८. ॐ भक्तवाञ्छितदायकाय नमः । ५९. ॐ भक्तविघ्नविनाशनाय नमः । ६०. ॐ भक्तिप्रियाय नमः । ६१. ॐ मायिने नमः । ६२. ॐ मुनिस्तुत्याय नमः । ६३. ॐ मूषिकवाहनाय नमः । ६४. ॐ रमार्चिताय नमः । ६५. ॐ लंबोदराय नमः । ६६. ॐ वरदाय नमः । ६७. ॐ वागीशाय नमः । ६८. ॐ वाणीप्रदाय नमः । ६९. ॐ विघ्नराजाय नमः । ७०. ॐ विधये नमः । ७१. ॐ विनायकाय नमः । ७२. ॐ विभुदेश्वराय नमः । ७३. ॐ वीतभयाय नमः । ७४. ॐ शक्तिसम्युताय नमः । ७५. ॐ शान्ताय नमः । ७६. ॐ शाश्वताय नमः । ७७. ॐ शिवाय नमः । ७८. ॐ शुद्धाय नमः । ७९. ॐ शूर्पकर्णाय नमः । ८०. ॐ शैलेन्द्रतनुजोत्सङ्गकेलनोत्सुकमानसाय नमः । ८१. ॐ श्रीकण्ठाय नमः । ८२. ॐ श्रीकराय नमः । ८३. ॐ श्रीदाय नमः । ८४. ॐ श्रीप्रतये नमः । ८५. ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः । ८६. ॐ समस्तजगदाधाराय नमः । ८७. ॐ समाहिताय नमः । ८८. ॐ सर्वतनयाय नमः । ८९. ॐ सर्वरीप्रियाय नमः । ९०. ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः । ९१. ॐ सर्वसिद्धिप्रदायकाय नमः । ९२. ॐ सर्वात्मकाय नमः । ९३. ॐ सामघोषप्रियाय नमः । ९४. ॐ सिद्धार्चितपदांबुजाय नमः । ९५. ॐ सिद्धिदायकाय नमः । ९६. ॐ सृष्टिकर्त्रे नमः । ९७. ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः । ९८. ॐ सौम्याय नमः । ९९. ॐ स्कन्दाग्रजाय नमः । १००. ॐ स्तुतिहर्षिताय नमः । १०१. ॐ स्थुलकण्ठाय नमः । १०२. ॐ स्थुलतुण्डाय नमः । १०३. ॐ स्वयंकर्त्रे नमः । १०४. ॐ स्वयंसिद्धाय नमः । १०५. ॐ स्वलावण्यसुतासारजितमन्मथविग्रहाय नमः । १०६. ॐ हरये नमः । १०७. ॐ हॄष्ठाय नमः । १०८. ॐ ज्ञानिने नमः । ॥ इति श्री गणेशाष्टोत्तरशत नामावली सम्पूर्णम् ॥ 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 ⛅ *दिनांक 24 फरवरी 2021* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - माघ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - द्वादशी शाम 06:05 तक तत्पश्चात त्रयोदशी* ⛅ *नक्षत्र - पुनर्वसु दोपहर 01:17 तक तत्पश्चात पुष्य* ⛅ *योग - सौभाग्य 25 फरवरी प्रातः 03:10 तक तत्पश्चात शोभन* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:52 से दोपहर 02:19 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:04* ⛅ *सूर्यास्त - 18:39* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - भीष्म द्वादशी, वराह-तिल द्वादशी, प्रदोष व्रत* 💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🌷 *माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ दिलाएं महापुण्य पुंज* ➡ *25, 26 एवं 27 फरवरी को माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ हैं ।* 🙏🏻 *1) माघ मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम 3 तिथियाँ , त्रयोदशी से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियाँ बड़ी ही पवित्र और शुभकारक हैं । जो सम्पूर्ण माघ मास में ब्रह्म मुहूर्त में पुण्य स्नान, व्रत, नियम आदि करने में असमर्थ हो, वह यदि इन 3 तिथियों में भी उसे करे तो माघ मास का पूरा फल पा लेता है ।* 🙏🏻 *2) वैसे तो माघ मास की हर तिथि पुण्यमयी होती है और इसमें सब जल गंगाजल तुल्य हो जाते हैं | सतयुग में तपस्या से जो उत्तम फल होता था, त्रेता में ध्यान के द्वारा, द्वापर में भगवान् की पूजा के द्वारा और कलियुग में दान-स्नान के द्वारा तथा द्वापर, त्रेता, सतयुग में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में 10 वर्ष शुद्धि, संतोष आदि नियमों का पालन करने से जो फल मिलता है, वह कलियुग में माघ मास में अंतिम 3 दिन- त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा को प्रातः स्नान करने से मिल जाता है |* 🙏🏻 *3) माघ मास प्रातः स्नान सब कुछ देता है . आयुष्य लम्बी करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है ,आरोग्य देता है, रूप देता है, बल देता है ,संतान की वृद्धि ,सदाचरण और सत्संग देता है,वृत्तियाँ निर्मल होती हैं और विचार ऊंचे होते हैं l* 🙏🏻 *4) अक्षय धन(जिसका कभी क्षय नहीं ), रुपया पैसा भी बरकत वाला हो जाता है और विद्या भी अक्षय धन में बदल जाती है l* 🙏🏻 *5) सकाम भाव से स्नान करते हैं तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, निष्काम भाव से भगवान् की प्रीति पाने के लिए स्नान करते तो वो भी सहेज में हो जाती है l* 🙏🏻 *6) माघ मास स्नान, सत्संग स्नान जिसने किया उसे नरक का डर नहीं रहता, दरिद्रता और पाप उसके छू हो जाते हैं l ईश्वर प्राप्ति न भी करनी हो तो भी माघ मास का स्नान स्वर्ग लोक तो तुम्हारा सहज में ही रिज़र्व करा देता है l* 🙏🏻 *7) जो माघ मास की अंतिम ३ तिथियों में ‘गीता’, ‘श्री विष्णु सहस्रनाम’ , ‘भागवत’ शास्त्र का पठन व श्रवण करता है वह महा पुण्यवान हो जाता है ।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷 ➡ *25 फरवरी 2021 गुरुवार को सूर्योदय से दोपहर 01:17 तक गुरुपुष्यामृत योग है ।* 🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🌷 *वराह-तिल द्वादशी* 🌷 🙏🏻 *24 फरवरी 2021 बुधवार को वराह-तिल द्वादशी | तिल का उपयोग करें स्नान में, प्रसाद में, हवन में, दान में और भोजन में | और तिल के तेल के दियें जलाकर सम्पूर्ण व्याधियों से रक्षा की भावना करोगे तो ब्रम्हपुराण कहता है कि तुम्हे व्याधियों से रक्षा मिलेगी l *जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸

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Harpal bhanot Feb 23, 2021

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