तीन जन्मों के पापों को नष्ट करने वाले बेलपत्र की श्री शिव बिल्वाष्टकम स्तोत्र के दवारा अर्थ सहित बेलपत्र की महिमा का गुणगान :-

तीन जन्मों के पापों को नष्ट करने वाले बेलपत्र की श्री शिव बिल्वाष्टकम स्तोत्र के दवारा अर्थ सहित बेलपत्र की महिमा का गुणगान :-  

संस्कृत में श्लोक :-

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम् । त्रिजन्मपाप-संहार ऐकबिल्वं शिवार्पणम्।।1।। 

हिंदी में अर्थ :-

तीन दलवाला सत्व रज एवं तमः स्वरूप सूर्य चंद्र तथा अग्नित्रिनेत्र स्वरूप और आयुधत्रय स्वरूप तथा तीनों जन्मो के पापों को नष्ट करने वाला  बिल्वपत्र में भगवान शिव के लिएसमर्पित करता हूँ

संस्कृत में श्लोक :-

त्रिशाखैर्बिल्वपत्रैश्च ह्यच्छिद्रै: कोमलै: शुभै: । शिवपूजां करिष्यामि ऐकबिल्वं शिवार्पणम्।।2।। 

हिंदी में अर्थ :-

छिद्र रहित सुकोमल तीन पत्ते वाले मंगल प्रदान  करने वाले बिल्वपत्र से में भगवान शिव की पूजा करूँगा यह बिल्वपत्र शिव को समर्पित करता हूँ 

संस्कृत में श्लोक :-

अखण्डबिल्वपत्रेण पूजिते नन्दिकेश्वरे । शुद्धयन्ति सर्वपापेभ्यो ऐकबिल्वं शिवार्पणम्।।3।।

हिंदी में अर्थ :-

अखंड बिल्व पत्र से नंदिकेश्वर भगवान की पूजा करने पर मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर शुद्ध हो जाते हैं  में बिल्वपत्र शिव को समर्पित करता हूँ  

 संस्कृत में श्लोक :- 

शालिग्रामशिलमेकां विप्राणां जातु अर्पयेत्। सोमयज्ञ-महापुण्य ऐकबिल्वं शिवार्पणम्।।4।।

हिंदी में अर्थ :-

मेरे द्वारा किया गया भगवान शिव को यह  बिल्वपत्र का समर्पण,कदाचित ब्राह्मणो को शालग्राम की शिला के समान तथा सोमयज्ञ के अनुष्ठान के समान महान पुण्यशाली होअतः में  बिल्वपत्र  भगवान शिव को समर्पित करता हूँ  

 संस्कृत में श्लोक :-

दन्तिकोटिसहस्त्राणि वाजपेयशतानि च ।कोटिकन्या-महादान ऐकबिल्वं शिवार्पणम्।।5।।

 हिंदी में अर्थ :-

मेरे द्वारा किया गया भगवान शिव को यह  बिल्वपत्र का समर्पण,हजारों करोड़ गजदान  सैंकड़ों बाजपेय  यज्ञ के अनुष्ठान तथा करोड़ों  कन्यायों के महादान के समान हो अतः में बिल्वपत्र भगवान शिव को समर्पित करता हूँ  

 संस्कृत में श्लोक :-

लक्ष्म्या: स्तनत उत्पन्नं महादेवस्य च प्रियम्।बिल्ववृक्षं प्रयच्छामि ऐकबिल्वं शिवार्पणम्।।6।।

 हिंदी में अर्थ :-

विष्णु प्रिय भगवती लक्ष्मी के वक्ष स्थल से प्रादुर्भूततथा महादेव जी के अत्यंत प्रिय बिल्व वृक्ष को में समर्पित करता हूँ ,यह बिल्वपत्र भगवान को  समर्पित करता हूँ 

संस्कृत में श्लोक :-

दर्शनं बिल्ववृक्षस्य स्पर्शनं पापनाशनम्अघोरपापसंहार ऐकबिल्व शिवार्पणम्।।7।।

 हिंदी में अर्थ :-

बिल्व वृक्ष का दर्शन और उसका स्पर्श समस्त पापों को नष्ट करने वाला तथा शिवापराध का संहार करने वाला है ,यह बिल्वपत्र भगवान को समर्पित है 

 संस्कृत में श्लोक :-

मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे । अग्रत: शिवरूपाय ऐकबिल्वं शिवार्पणम्।।8।।

 हिंदी में अर्थ :-

बेल पत्र का मूल भाग ब्रह्मरूप मध्य भाग विष्णु  रूप एवं अग्रभाग शिवरूप है ऐसा  बिल्व पत्र भगवान को समर्पित है

संस्कृत में श्लोक :- 

विल्वाष्टकमिदं पुण्यं य: पठेच्छिवसन्निधौ। सर्वपापविनिर्मुक्त: शिवलोकमवाप्नुयात्।।9।।

 हिंदी में अर्थ :-

जो भगवान शिव के समीप इस पुण्य प्रदान करने वाले बिल्वाष्टक का पाठ करता है वह समस्त पापोंसे मुक्त होकर अंत में शिवलोक को प्राप्त करता है 
इति बिल्वाष्टकं सम्पूर्णम्।।

इस प्रकार बिल्वाष्टक सम्पूर्ण हुआ 

🚩ॐ नमः पारवती पतयै हर हर महादेव हर 🚩

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कामेंट्स

Meera raj Jun 6, 2018
Mahadev shiv Guru H. Unhe hm bahut pasand krti hun unka bhajan mantra v. I like mahadev.

Deepika Jun 6, 2018
ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव

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