मायमंदिर फ़्री कुंडली
डाउनलोड करें

Jai ganesh deva ji🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Jai ganesh deva ji🙏🙏🙏🙏🙏🙏

+50 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 114 शेयर

कामेंट्स

sonam rawat May 26, 2019
jai bhole nath ji Sach baat kahi aapne nice post

knc May 26, 2019
subh din ho apka

knc May 26, 2019
good evening radhe radhe you happy with your dost

+348 प्रतिक्रिया 47 कॉमेंट्स • 406 शेयर

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 35 शेयर
Sunil upadhyaya Jun 26, 2019

+7 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 22 शेयर

+135 प्रतिक्रिया 17 कॉमेंट्स • 139 शेयर

भला करने वाले भलाई किये जा, बुराई के बदले दुवाये दिये जा, कर्म तेरे अच्छे होगें तो भगवान भी तेरा साथ देगें एक बार देवर्षि नारद अपने शिष्य तुम्बुरु के साथ कही जा रहे थे। गर्मियों के दिन थे एक प्याऊ से उन्होंने पानी पिया और पीपल के पेड़ की छाया में बैठे ही थे कि अचानक एक कसाई वहां से 25-30 बकरों को लेकर गुजरा उसमे से एक बकरा एक दुकान पर चढ़कर घांस खाने के लिए दौड़ पड़ा।  दुकान शहर के मशहूर सेठ शागाल्चंद सेठ की थी। दुकानदार का बकरे पर ध्यान जाते ही उसने बकरे के कान पकड़कर मारा। बकरा चिल्लाने लगा। दुकानदार ने बकरे को पकड़कर कसाई को सौंप दिया।  और कहा कि जब बकरे को तू हलाल करेगा तो इसकी सिर मेरे को देना क्योकि यह मेरी घांस खा गया है देवर्षि नारद ने जरा सा ध्यान लगा कर देखा और जोर से हंस पड़े तुम्बुरु पूछने लगा गुरूजी ! आप क्यों हंसे?  उस बकरे को जब मार पड़ रही थी तो आप दू:खी हो गए थे, किन्तु ध्यान करने के बाद आप रंस पड़े इससे क्या रहस्य है ?नारदजी ने कहा यह तो सब कर्मो का फल है  इस दुकान पर जो नाम लिखा है 'शागाल्चंद सेठ' वह शागाल्चंद सेठ स्वयं यह बकरा होकर आया है। यह दुकानदार शागाल्चंद सेठ का ही पुत्र है सेठ मरकर बकरा हुआ है और इस दुकान से अपना पुराना सम्बन्ध समझकर घांस खाने गया। उसके बेटे ने ही उसको मारकर भगा दिया। मैंने देखा की 30 बकरों में से कोई दुकान पर नहीं गया। इस बकरे का पुराना संबंध था इसलिए यह गया।  इसलिए ध्यान करके देखा तो पता चला की इसका पुराना सम्बन्ध था। जिस बेटे के लिए शागाल्चंद सेठ ने इतना कमाया था, वही बेटा घांस खाने नहीं देता और गलती से खा लिए तो सिर मांग रहा है पिता की यह कर्म गति और मनुष्य के मोह पर मुझे हंसी आ रही है।  संक्षिप्त में  अपने-अपने कर्मो का फल तो प्रत्येक प्राणी को भोगना ही पड़ता और इस जन्म के रिश्ते-नाते मृत्यु के साथ ही मिट जाते है, कोई काम नहीं आता। इसलिए अच्छे कर्मों को करना चाहिए,,, हर हर महादेव जय शिव शंकर

+36 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 201 शेयर
Amar Jeet Mishra Jun 24, 2019

+61 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 178 शेयर

+34 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 59 शेयर

+144 प्रतिक्रिया 18 कॉमेंट्स • 28 शेयर

+356 प्रतिक्रिया 33 कॉमेंट्स • 371 शेयर

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 20 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB