जय श्री कृष्णा!जय श्री राधे!!

जय श्री कृष्णा!जय श्री राधे!!

✍️🚩कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम: ॥
भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि नक्षत्र रोहिणी वृषभ लग्न लग्न में 5590 वर्ष पूर्व मथुरा में प्राकट्य हुआ।

2018 की सटीक तिथि व पूजन विधि। हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी त्योहार की शुरुआत उदया तिथि से होती है, 2 सितंबर को अष्टमी रात में लगेगी, जबकि 3 सितंबर की शुरुआत ही अष्टमी तिथि से होगी।

हर बार दो अष्टमी होने के कारण लोगों में संशय रहता है किस दिन मनाएं, किस दिन व्रत रखें। इस बार भी वही संशय बरकरार है। अष्टमी तिथि रविवार यानी 2 सितंबर को शाम 8:46 मिनट से शुरू हो रही है जो 3 सितंबर को शाम 7:19 मिनट तक रहेगी। 2 सितंबर को अष्टमी शुरू होने की वजह से जन्माष्टमी दो दिन मनायी जाएगी।

दूर करें अपना संशय
कुछ लोगों का मानना है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म तो अष्टमी को हुआ था और 2 सितंबर को पूजन के वक्त यानी रात 12 बजे अष्टमी तिथि होगी जबकि 3 सितंबर को शाम 7:19 मिनट के बाद नवमी लग जाएगी। इस बारे में ज्योतिषका कहना है कि हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी त्योहार की शुरुआत उदया तिथि से होती है। 2 सितंबर को अष्टमी रात में लगेगी, जबकि 3 सितंबर की शुरुआत ही अष्टमी तिथि से होगी। इसलिये 3 सितंबर को उदया तिथि वाली अष्टमी माना जाएगा। 7:19 बजे के बाद नवमी लगने की, तो बता दें कि नवमी लगने के बावजूद अष्टमी का असर देर रात तक रहेगा। इसलिये निश्चिंत होकर जन्माष्टमी का व्रत व पूजन 3 सितंबर को ही करें। कुछ स्थानों पर 2 सितंबर को ही मनाई जाएगी

!! जन्माष्टमी व्रत निर्णय!!

1- वर्जनीय प्रयत्नेन सप्तमी संयुता अष्टमी।
बिना ऋक्षेण कर्तव्या नवमी संयुता अष्टमी।।

(अग्नि पुराण)

अर्थात:- जिस दिन सूर्योदय में सप्तमी होकर फिर अष्टमी आये और रोहिणी हो तो उस दिन व्रत नहीं करना चाहिए। नवमी युक्त अष्टमी को ही व्रत करना चाहिए।।

2- पुत्रां हन्ति पशून हन्ति हन्ति राष्ट्रम सराजकम।
हन्ति जातान जातानश्च सप्तमी षित अष्टमी।।

-श्रोत - पद्म पुराण

अर्थात:- अष्टमी यदि सप्तमी विद्धा हो और उसमें उपवास करें तो पुत्र , पशु, राज्य ,राष्ट्र , जात, अजात,सबको नष्ट कर देती है।
3- पालवेधेपि विप्रेन्द्र सप्तम्यामष्टमी त्यजेत।
सुरया बिंदुन स्पृष्टम गंगांभः कलशं यथा।।

श्रोत:- स्कंद पुराण

अर्थात:- जिस प्रकार गंगा जल से भरा कलश एक बूंद मदिरा से दूषित हो जाता है उसी प्रकार लेश मात्र सप्तमी हो तो वह अष्टमी व्रत उपवास के लिए दूषित हो जाती है।
इन पौराणिक आख्यानों को दृष्टिगत रखते हुए जन्माष्टमी व्रत एवं जन्मोत्सव 3 तारीख सोमवार को ही मनाना उचित प्रतीत हो रहा है | अत: जन्माष्टमी 3 सितम्बर दिन सोमवार को मनायी जायेगी।

आप सभी को जय श्री कृष्णा!जय श्री राधे!!

+219 प्रतिक्रिया 43 कॉमेंट्स • 825 शेयर

कामेंट्स

Jankidass Sen Sep 2, 2018
शुभ रात्रि। जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें

Jitendra Dybey Sep 3, 2018
नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा हे नाथ नारायण वासुदेवा हे नाथ नारायण वासुदेवा सुप्रभात जी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आप एवं आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं भगवान श्री कृष्ण आप की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें जय श्री कृष्णा जय श्री राधे राधे जी

रमेश भाई ठक्कर Sep 3, 2018
जय श्री कृष्ण जय श्री राधे राधे आपका जीवन मंगलमय हो जन्माष्टमी की शुभकामनाएं जय श्री कृष्ण सुप्रभात जी

💝💞🌷Raman Saini🌷💝💞 Sep 3, 2018
आप को औऱ आप के परिवार को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🎉।।जय श्री राधे कृष्णा।।🎉🙏

Madankr MK Sharma Sep 3, 2018
radhay radhay shyam radhay😈 😈Good morning sir😈 😈happy****janamastmi😈

Harsh Mishra Sep 3, 2018
🌹🙏🏻🌴जय श्री राधे कृष्ण 🌴🙏🏻🌹मंगलमय दिन के साथ शुप्रभात 🌹🙏🏻🌴🙏🏻🌹🙏🏻🌴🙏🏻🌹🙏🏻सहृदय जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻🙏🏻🌹🌹

Manjeet Singh Sep 3, 2018
jai shri radhe krishna ji good morning ji happy janmastmi ji very good post ji

+312 प्रतिक्रिया 156 कॉमेंट्स • 239 शेयर
Rekha singh Apr 21, 2019

+76 प्रतिक्रिया 41 कॉमेंट्स • 138 शेयर

!!! अमृत वचन !!! 🌷परमात्मा के संग में योग और संसार के संग में भोग होता है.... 🌷सुख की इच्छा,आशा और भोग यह तीनों दुखो के मूल कारण है.... 🌷शरीर को मैं और मेरा मानना ही मृत्यु है.... 🌷नाशवान की चाह छोड़ने से अविनाशी तत्व की प्राप्ति होती है.... 🌷आप भगवान् को नहीं देखते पर भगवान् आपको निरंतर देख रहा है.... 🌷“ऐसा होना चाहिए, ऐसा नहीं होना चाहिए” इसी में सब दुःख भरे है.... 🌷अपना स्वभाव शुद्ध बनाने के सामान कोई उन्नति नहीं.... 🌷अच्छाई का अभिमान बुराई की जड़ है.... 🌷शरीर को में मेरा मानने से तरह तरह के दुःख आते है.... 🌷दूसरे के दोष देखने से न हमारा भला होता हैं दूसरे का.... 🌷आराम चाहने वाला वास्तविक उन्नति नहीं कर सकता, परमात्मा दूर नहीं है केवल पाने की लगन में कमी है... 🌷भगवान् के विमुख हो कर संसार के सन्मुख होने जैसा कोई पाप नहीं... 🌷परमात्मा प्राप्ति के लिए भाव की प्रधानता है क्रिया की नहीं..... 🌷मन में किसी वस्तु की चाह रखना ही दरिद्रता है, स्वार्थ और अभिमान त्याग करने से साधुवाद आती है .... एक भी बात दिल को छू गई हो तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें। ।।सर्वे भवन्तु सुखिनः।।

+412 प्रतिक्रिया 68 कॉमेंट्स • 210 शेयर
Suchi Singhal Apr 21, 2019

+4 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 20 शेयर
Rachna Jerath Apr 21, 2019

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 11 शेयर
prakash Apr 21, 2019

+3 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 3 शेयर
Rekha singh Apr 21, 2019

+49 प्रतिक्रिया 20 कॉमेंट्स • 39 शेयर
Kavita Saini Apr 21, 2019

+6 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 33 शेयर
Mamta Chauhan Apr 21, 2019

+125 प्रतिक्रिया 30 कॉमेंट्स • 15 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB