murlidhargoyal39
murlidhargoyal39 Nov 23, 2017

श्री सीता-राम विवाहोत्सव की शुभकामना*

श्री सीता-राम विवाहोत्सव की शुभकामना*

जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम जय जय सियाराम

हमारी एडमिन टीम की और से
आप सभी को श्रीसीता-राम विवाहोत्सव
(विवाहपंचमी) की हार्दिक शुभ कामनाएं !

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का विवाह मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष की पंचमी को जनकपुर में संपन्न हुआ | सीता स्वयम्वर में भगवान् के द्वारा धनुष तोडने के अनंतर विदेहराज जनक जी के द्वारा अयोध्या दूत भेजने पर महाराज दशरथ बारात लेकर जनकपुर पधारते हैं | इसके अनंतर विवाह की विधि पंचमी को संपन्न होती है | इसीलिए श्री अवध में तथा जनकपुर में विवाह पंचमी का महोत्सव बड़े समारोह में प्रत्येक मंदिर में मनाया जाता है | भक्तगण भगवान् की बारात निकालते हैं तथा भगवान् की मूर्तियों द्वारा रात्रि में विधिपूर्वक भंवरी (फेरा) कराते हैं | अपनी परम्परा के अनुसार विवाह के पूर्व तथा बाद की सारी विधियां कुंवरमेला, सजनगोठ आदि संपन्न करते हैं |

विवाह की लीला भी कई स्थानों में इस अवसर पर होती हैं | देश के विभिन्न भागों में रामभक्त यह महोत्सव अपने अपने ढंग से आनन्द और उल्लासपूर्वक मनाते हैं |

(कल्याण व्रतपर्वोत्सव-अंक)

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Knahaiya9460116867 Nov 23, 2017
जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम

Shivani Apr 7, 2020

♦️चादर जितने पैर♦️👌👌👌 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 एक परिवार जिसमें श्यामलाल उसकी धर्मपत्नी २ बेटियां और एक छोटा बेटा है।श्यामलाल की चोटी सी हलवाई की दुकान है और उसी उनके परिवार का गुज़ारा होता है। उनकी बड़ी बेटी २४साल की है जो नौकरी की तलाश में है और छोटी बेटी २२ साल की है अभी पढ़ाई कर रही है और छोटा बेटा ११ कक्षा में पढ़ता है ।उनकी दोनों बेटियां बहुत ही फ़ैशन वाली है और बहुत बड़े बड़े शौक रखती है। एक कटरीना और दुसरी आलिया से कम नहीं है। रोज कुछ ना कुछ नए नए ख़र्चे करती है।फिर भी श्याम लाल उन्हें परी की तरह रखते है।लेकिन वो दोनो रोज किसी ना किसी वजह से श्यामलाल से पैसे मांगती और वो उन्हें पैसे दे देते ।फिर ये सिलसिला चलता ही रहा वो डिमांड करती और श्यामलाल पूरी कर देता।एक दिन श्यामलाल कुछ काम से शहर से बाहर गए और लौटते वक़्त उनका ऐक्सिडेंट हो गया।मौजूद लोग उन्हें पास के हॉस्पिटल लेे गए और उनके घर वालो को इतला कर दिया।वे खून से लथपथ पड़े थे और उनके परिवार वाले वहा पहुंचे डॉक्टर ने उनकी बेटी से फॉर्मेलिटी पूरी करने को कहा ताकि उनका इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सके और साथ ही उन्हें हॉस्पिटल में १ लाख रुपए जमा करने को कहा,जो शायद उनके पास थे ही नहीं।जो भी पैसे वो पापा से लेती थी उन्हें वो अपने ऐश ओ आराम में खर्च कर देती थी।उसने अपनी मां से कहा घर पर तो पैसे पड़े ही होंगे ना?उसकी मां ने कहा इतना तो कमाते नहीं की घर में पैसा रख सके, जो लाते है कमाकर वो रोहन की पढ़ाई में, तुम्हारे ख़र्चे और घर खर्च में लग जाते है ।लड़की ने सोचा बैंक में तो पैसे मिल ही जायेंगे। वो बैंक जाकर पापा के खाते के बारे में बात करती है तो उसे पता चलता है कि बैंक में तो बस २००० रूपए पड़े हैं और साथ ही बैंक कर्मचारी उसे ये बताती है कि उनके पापा के लोन की किश्त नहीं पहुंची तो लड़की उनसे पूछती हैं कौन सी किश्त, को तो वो बताते है की आपके पापा के नाम से दो लोन है पर्सनल लोन और होम लोन ।हर महीना २०००-२००० रूपए किश्त कटती है।लड़की सुनकर हैरान हो जाती है फिर वो अपने रिश्तेदारों के पास जाती है जहां से उसे पता चलता है कि उसके पापा ने पहले ही उधार पैसे ले रखे है।लड़की को वहा से भी पैसे नहीं मिलते। लड़की परेशान हो जाती है उसके पापा हॉस्पिटल में मरने के हालत में पड़े है फिर वापिस हॉस्पिटल जाती है सारी बात मां को बताती है फिर उसकी मां अपने सोने के कंगन उतार के लड़की को देती है और कहती है तेरे पापा से बड़ा कुछ नहीं है जा इन्हें गिरवी रख के पेसे लेे आ, मै इतना यहां डॉक्टर से कह के इलाज शुरू करवाती हूं। तब उस लड़की को एहसास होता है कि केसे उसके पापा उनकी जरुरतें पूरी करते थे उन्हें कभी किसी चीज के लिए मना नहीं करते थे उन्हें पूरी आजादी देते थे।फिर वो लड़की अपनी मां की बात मानकर ऐसा ही करती है।कुछ दिनों में उसके पापा ठीक हो जाते है और वो अपने पापा के गले लग जाती है और कहती है आप इतना कुछ सहते रहे हमें कभी भी किसी चीज के लिए मना क्यों नहीं किया तो उसके पापा ने बहुत ही प्यारा जवाब दियाअगर बेटा में तुम्हे मना करता तो तुम समझती मै तुम्हे पैसे देना नहीं चाहता और फिर तुम अपनी ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए कुछ गलत काम ना कर लो और जब तक तुम्हे पैसों की अहमियत और अपनी ज़रूरतों के अनुसार जिंदगी जीना नहीं आता।तब तक तुम्हे ये समझ नहीं आता कि जितनी चादर हो उतने ही पैर फैलाने चाहिए, चादर को बड़ी बेशक कर लेना पर पैरो को हमेशा चादर के अंदर ही रखना।अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो , तुम्हे पहले सूरज की तरह जलना होगा ! अपना कर्म करते हुए चलना होगा ईमानदारी , मेहनत को बना कर जुनून हर काम तुम्हे करना होगाआएंगी कई मुश्किलें रास्तों पर तुम्हारे पर तुम्हे सबर के हर बांध से गुजरना होगा सच्चाई के रास्ते पर तुम्हे चलना होगा क्यूंकि व्हा भीड़ कम होती है मिलेंगे बहुत ऐसे जो डगमगाएंगे तुम्हे रास्ते से पर तुम्हे अडिग रहना होगाजितनी चादर हो उतने ही पर फैलाना चादर को बड़ी बेशक कर लेना पर पैरो को हमेशा चादर के अंदर ही रखना 🌹🙏आपका दिन मंगलमय हो 🌹🙏

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Anshu Aggarwal Apr 7, 2020

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arun Apr 7, 2020

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S C TRIPATHI Apr 7, 2020

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Arun Vishwakarma Apr 7, 2020

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Mamta Gupta Apr 7, 2020

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anita yadav Apr 7, 2020

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