Rajendra Agarwal
Rajendra Agarwal Jan 3, 2017

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Tapsya Apr 19, 2021

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SunitaSharma Apr 19, 2021

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JP. AGARWAL Apr 19, 2021

*🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹🙏🙏JAI MAA KAL RATRI KA AASHIRWAD KRP AP AUR PARIWAR PAR HUMESHA BANI RAHE 🕉️🔱🕉️🔱🕉🔱️🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉🔱️🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🌺🌲🕉️🌲🕉️🌲🕉️🌲🕉️🌲🕉️🌲🕉️🌲🕉️🌲🕉️🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯

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Uma shankar Pandey Apr 19, 2021

🕉सप्तंम् कालरात्रि चमहागौरी चाष्टकम् ।। सातवें दिन ,,माँ कालरात्रि,, की आराधना,उपासना,पूजा,योग,जप दान आदि से अपने शरीर मे प्रतिकूलताओं से उत्पन्न बाधाएँ समाप्त हो जाती हैं। जल,क्षिति,पावक,गगन,,समीर,,जीव जल,जंतु किसी भी भय से ,,माँ,, कालरात्रि समाप्त कर देती हैं। माँ कालरात्रि ब्रह्रमाण्ड में सभी सिध्दियों के मार्ग खोल देती हैं सारी सिध्दियाँ माँ पूरी करती हैं। माता कालरात्रि का रुप बहुत ही भयानक है किन्तु ये सभी फल देने वाली हैं ये नकारात्क ,तामसी व राक्षसी प्रबृत्तियों का बिनाश कर अभय प्रदान करती हैं। माँ का यह रुप ज्ञान व वैराग्य प्रदान करता है। घने अँधेरे की तरह गहरे काले रंग वाली तीन नेत्रों व नासिका से आग की लपटें निकलने वाली कालरात्रि माँ दुर्गा का सातवाँ रुप है। इनके नेत्र ब्रह्रमाण्ड की तरह गोल,, है। इनके गले में बिद्दुत जैसी छटा देने वाली सफेद माला सुशोभित,है।इनके चार हाथ हैंइनका बाहन गर्दभ है।इनका स्थान सहसार चक्र में माना जाता है। माँ कालरात्रि को गुड़ का नैवेद्य अर्पित करने से शोकमुक्त रहने का वरदान प्राप्त होता है। बीज मंन्त्र---🕉कलीं ऐं श्रीं कालिकाये नमः। आज का बिचार [email protected] माँ का स्वरुप पराक्रम की सीख देता है। 🌹🙏🌹🚩🕉जय माता दी।

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