RAJ RATHOD
RAJ RATHOD Feb 24, 2021

🙏Jai Shri Ganesh 🙏 🌻🌻Happy Wednesday🌻🌻 Thought of..... Life 🌹🌹

🙏Jai Shri Ganesh 🙏
🌻🌻Happy Wednesday🌻🌻

Thought of..... Life 🌹🌹

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कामेंट्स

मेरे साईं (indian women) Feb 24, 2021
🙏🌹 सुप्रभात वंदन 🙏 🍂🍀🍂🍀🍂🍀 " लब्ज़ ही ऐसी चीज़ है जिसकी वजह से इंसान या तो दिल में उतर जाता है या दिल से उतर जाता है " 🍃🍁🍃🍁🍃🍁🍃 ज़िन्दगी के इस कश्मकश मैं वैसे तो मैं भी काफ़ी बिजी हुँ , लेकिन वक़्त का बहाना बना कर , अपनों को भूल जाना मुझे आज भी नहीं आता ! 🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺 जहाँ यार याद न आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की, बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है , पर जहाँ से अपने ना दिखे वो ऊंचाई किस काम की .

RAJ RATHOD Feb 24, 2021
@kanwar आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

RAJ RATHOD Feb 24, 2021
@minakshitiwari आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

RAJ RATHOD Feb 24, 2021
@minakshitiwari आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

RAJ RATHOD Feb 24, 2021
@prahaladjhawar आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

RAJ RATHOD Feb 24, 2021
@champalalmkadela आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

RAJ RATHOD Feb 24, 2021
@manojgupta178agra आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

RAJ RATHOD Feb 24, 2021
@rajpalsinghmeerutup15 आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

Bhagat ram Feb 24, 2021
🌹🌹🕉️ जय श्री गणेशाय नमः 🙏🙏💐🌿🌺🌹 सुप्रभात वंदन जी 🙏🙏💐🌿🌺🌹

Malti Bansal Feb 24, 2021
जय श्री गणेशाः 🙏🙏सुप्रभातम🌺🌺

M.S.Chauhan Feb 24, 2021
आदरणीय सादर प्रणाम शुभ दिन बुधवार जय श्री गणेश जी की आपका हर पल मंगलमय हो बहुत सुन्दर पोस्ट है धन्यवाद और साधुवाद जी 🌼🙏🌷🌿🌷🙏🌼

madan pal 🌷🙏🏼 Feb 24, 2021
ओम् गणेशाय नमः शिवाय जी शूभ प्रभात वंदन ज़ी गनेश ज़ी महाराज जी की कृपा आप व आपके परिवार पर बनीं रहे जी 💐🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼

Brajesh Sharma Feb 24, 2021
जय शिव नंदन श्री गणेश जी जय विघ्नहर्ता...जय श्री राधे कृष्णा जी... ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव ईश्वर आपकी समस्त कामनाओं की पूर्ति करें, आपका सदा कल्याण करें..

Sukanya Sharan Feb 24, 2021
Ganesh ji ke kripa se Aapka har pal Shubh Phaldayak ho 🙏🌹

sanjay choudhary Feb 24, 2021
🙏🙏 जय श्री गणेशजी 🙏🙏 ।।।।। शुभ प्र्भात् जी।।।। *🙏🌸प्रातः!!🌼!!अभिनंदन🌸🙏* *✍️...माता पिता के बिना घर कैसा होता है* *अगर इसका अनुभव करना है तो* *एक दिन अपने अंगूठे के बिना सिर्फ* *अपनी उंगलियो से सारे काम करके देखो* *माता पिता की कीमत पता चल जाएगी ...✍️* *🌼आज का दिन शुभ हो🌼*                         *🙏सुप्रभात🌼!!राधेराधे!!🙏* 🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃

Shanti pathak Feb 24, 2021
🌷🙏ओम् गं गणपतये नमः 🙏शुभ प्रभात वंदन जी🌷आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय हो 🌷गौरीनंदन श्री गणेश जी की असीम कृपा आप एवं आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌷विघ्नहर्ता श्री गणेश जी आपके सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण करें 🌷🙏🌷

Poonam Aggarwal Feb 24, 2021
🦚 ओम् श्री गणेशाय नमः 🦚🙏 गणपति बप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया 🎪 बप्पा की अनंत कृपा आपके समस्त परिवार पर हमेशा बनी रहे 👣 आप सभी खुश और स्वस्थ रहे शुभ दोपहर वंदन Bhaiya jii Radhe Krishna ji 🌹🙏

💞💘सुधा 💘❣️ Feb 26, 2021
🌹🌸🌴🌻🌾🌾💐🌸🌹🪴🌴🌻🌾🌷💐🌸🎋🌸🌾💐🌻🎋🌴🌹🌷🌸🌾💐🌻🎋🌴🌹🌷जय माता दी जय श्री राम जी जय हनुमानजी जय श्री राधे कृष्ण आपका हर दिन हर पल शुभ हो जी शुभरात्रि वन्दन जी 🌹👏🌷🌹🌴🎋🌻💐🌾🌸🌷🌹🌴🌻💐💐🌸🌸🌷🌹🎋🌻💐🌾🌸🌷🌹🌴🌴🎋🌻🌾🌸🌸🌷🌹🌴🎋🎋💐🌾🌸🌷🌹🎋🌻💐🌸🌸🌷🌹🌴🎋🌻💐🌸🌾💐🌻🌴🌹🌷🌹🌴🎋💐🌾🌸

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varsha gupta May 11, 2021

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Gopal Jalan May 11, 2021

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Anita Sharma May 11, 2021

भगवान राम के द्वारा हनुमान जी का अहंकार नाश यह कथा उस समय की है जब लंका जाने के लिए भगवान श्रीराम ने सेतु निर्माण के पूर्व समुद्र तट पर शिवलिंग स्थापित किया था। वहाँ हनुमानजी को स्वयं पर अभिमान हो गया तब भगवान राम ने उनके अहँकार का नाश किया। यह कथा इस प्रकार है- जब समुद्र पर सेतुबंधन का कार्य हो रहा था तब भगवान राम ने वहाँ गणेशजी और नौ ग्रहों की स्थापना के पश्चात शिवलिंग स्थापित करने का विचार किया। उन्होंने शुभ मुहूर्त में शिवलिंग लाने के लिए हनुमानजी को काशी भेजा। हनुमानजी पवन वेग से काशी जा पहुँचे। उन्हें देख भोलेनाथ बोले- “पवनपुत्र!” दक्षिण में शिवलिंग की स्थापना करके भगवान राम मेरी ही इच्छा पूर्ण कर रहे हैं क्योंकि महर्षि अगस्त्य विन्ध्याचल पर्वत को झुकाकर वहाँ प्रस्थान तो कर गए लेकिन वे मेरी प्रतीक्षा में हैं। इसलिए मुझे भी वहाँ जाना था। तुम शीघ्र ही मेरे प्रतीक को वहाँ ले जाओ। यह बात सुनकर हनुमान गर्व से फूल गए और सोचने लगे कि केवल वे ही यह कार्य शीघ्र-अतिशीघ्र कर सकते हैं। यहाँ हनुमानजी को अभिमान हुआ और वहाँ भगवान राम ने उनके मन के भाव को जान लिया। भक्त के कल्याण के लिए भगवान सदैव तत्पर रहते हैं। हनुमान भी अहंकार के पाश में बंध गए थे। अतः भगवान राम ने उन पर कृपा करने का निश्चय कर उसी समय वारनराज सुग्रीव को बुलवाया और कहा-“हे कपिश्रेष्ठ! शुभ मुहूर्त समाप्त होने वाला है और अभी तक हनुमान नहीं पहुँचे। इसलिए मैं बालू का शिवलिंग बनाकर उसे यहाँ स्थापित कर देता हूँ।” तत्पश्चात उन्होंने सभी ऋषि-मुनियों से आज्ञा प्राप्त करके पूजा-अर्चनादि की और बालू का शिवलिंग स्थापित कर दिया। ऋषि-मुनियों को दक्षिणा देने के लिए श्रीराम ने कौस्तुम मणि का स्मरण किया तो वह मणि उनके समक्ष उपस्थित हो गई। भगवान श्रीराम ने उसे गले में धारण किया। मणि के प्रभाव से देखते-ही-देखते वहाँ दान-दक्षिणा के लिए धन, अन्न, वस्त्र आदि एकत्रित हो गए। उन्होंने ऋषि-मुनियों को भेंटें दीं। फिर ऋषि-मुनि वहाँ से चले गए। मार्ग में हनुमानजी से उनकी भेंट हुई। हनुमानजी ने पूछा कि वे कहाँ से पधार रहे हैं? उन्होंने सारी घटना बता दी। यह सुनकर हनुमानजी को क्रोध आ गया। वे पलक झपकते ही श्रीराम के समक्ष उपस्थिति हुए और रुष्ट स्वर में बोले-“भगवन! यदि आपको बालू का ही शिवलिंग स्थापित करना था तो मुझे काशी किसलिए भेजा था? आपने मेरा और मेरे भक्तिभाव का उपहास किया है।” श्रीराम मुस्कराते हुए बोले-“पवनपुत्र! शुभ मुहूर्त समाप्त हो रहा था, इसलिए मैंने बालू का शिवलिंग स्थापित कर दिया। मैं तुम्हारा परिश्रम व्यर्थ नहीं जाने दूँगा। मैंने जो शिवलिंग स्थापित किया है तुम उसे उखाड़ दो, मैं तुम्हारे लाए हुए शिवलिंग को यहाँ स्थापित कर देता हूँ।” हनुमान प्रसन्न होकर बोले-“ठीक है भगवन! मैं अभी इस शिविलंग को उखाड़ फेंकता हूँ।” उन्होंने शिवलिंग को उखाड़ने का प्रयास किया, लेकिन पूरी शक्ति लगाकर भी वे उसे हिला तक न सके। तब उन्होंने उसे अपनी पूंछ से लपेटा और उखाड़ने का प्रयास किया। किंतु वह नहीं उखड़ा। अब हनुमान को स्वयं पर पश्चात्ताप होने लगा। उनका अहंकार चूर हो गया था और वे श्रीराम के चरणों में गिरकर क्षमा माँगने लगे। इस प्रकार हनुमान जी के अहम का नाश हुआ। श्रीराम ने जहाँ बालू का शिवलिंग स्थापित किया था उसके उत्तर दिशा की ओर हनुमान द्वारा लाए शिवलिंग को स्थापित करते हुए कहा कि ‘इस शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने के बाद मेरे द्वारा स्थापित शिवलिंग की पूजा करने पर ही भक्तजन पुण्य प्राप्त करेंगे।’ यह शिवलिंग आज भी रामेश्वरम में स्थापित है और भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थ है।

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varsha gupta May 10, 2021

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varsha gupta May 9, 2021

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