AARYAM
AARYAM Mar 27, 2020

https://youtu.be/zGgLh9bBWHc साधना पथ

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N K Lall May 8, 2020

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जैन रामायन में क्या अनोखा लिखा है? कुछ ऐसे बिंदु जो तर्क संगत एवं युक्तियों के आधार से सही प्रतीत होते हैं, जिनके कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं- श्री राम के साथ वानरों की सेना न होकर वानर वंश की सेना थी। मतलब ये कि सेना तो मनुष्यों की ही थी बस उनका वंश बानर था। उसी तरह रावण भी राक्षस नहीं थे, वे भी राक्षस वंश के थे। हनुमान वानर नहीं थे, वे कामदेव थे। कामदेव पृथ्वी पर सबसे सुंदर व्यक्ति होता है। न ही तो उनका मुख वानर की तरह था और न ही उनकी कोई पूछ थी। हाँ वे अनेक विद्याओं से सहित थे, बलशाली थे, समर्पित थे, राम भक्त थे। हनुमान जैन धर्म के अनुसार मोक्ष गए हैं। रावण का वध श्री राम ने नहीं लक्षमण ने किया था। जैन धर्म के अनुसार प्रतिनारायण का वध नारायण के द्वारा किया जाता है। राम बलभद्र थे, बलभद्र के द्वारा किसी जीव का वध नहीं किया जाता, कारण कि वे तद्भव मोक्षगामी होते हैं। रावण प्रतिनारायण थे और लक्ष्मण नारायण, अतः रावण का वध लक्ष्मण ने किया था। रावण एक विद्वान भी था, रावण के मरण के समय श्री राम के कहने पर लक्ष्मण ने रावण से कुछ शिक्षा देने का अनुरोध किया था, और रावण ने दी भी थी। रावण युद्ध के मध्य में सीता को राम के लिए देने सहमत हो गया था, लेकिन वह राम को हराकर उसे सीता देना चाहता था। कारण कि रावण अभिमानी बहुत था। उसकी दुर्गति का कारण सीता न होकर उसका अभिमान ही था। सीता पृथ्वी में समा गयीं ऐसा जो कहा जाता है उसका भी एक किस्सा है। सीता को जब राम ने रखने से इंकार कर दिया, और अकेले वन में छुड़वा दिया, तब वन में ही सीता के पुत्र लव और कुश हुए । बाद में अग्नि परीक्षा के लेने पर एवं उसमे सफल होने पर जब राम ने सीता से कहा कि अब आप हमारे साथ अयोध्या चल सकती हैं। तब सीता ने राम से मना कर दिया कि मैं तो पहले से ही निर्दोष थी, लोगों के बहकावे में आकर आपने ही गलत निर्णय लिया था और मुझे छोड़ दिया था। साथ ही साथ सीता ने यह भी कहा किलोगों के कहने पर आपने मुझे छोड़ा तो ठीक है, लेकिन लोगों के कहने से आप धर्म को मत छोड़ देना। उसके बाद सीता ने पृथ्वीमति आर्यिका से दीक्षा ली, और तबसे ही यह कहा जाने लगा कि सीता पृथ्वी में समा गयीं। जबकि वास्तव में तो उन्होंने पृथ्वीमति आर्यिका से दीक्षा ली थी। रावण के 10 मुख नहीं थे, बल्कि उसके गले मे एक 9 मोतियों की माला थी, जिसमे उसका मुख दर्पण वत झलकता था। और तभी से लोग उसे दशानन कहने लगे। नारायण नियम से नरक जाता है, अतः लक्ष्मण नरक गए। किन्तु ये बाद में जैन तीर्थंकर बनेंगे। सीता स्वर्ग गयीं। राम, हनुमान आदि मोक्ष गए। लक्ष्मण ने किसी प्रकार की कोई रेखा नहीं बनायी थी। इसके अलावा और भी बहुत सी बातें जैन रामायण में हैं, जितनी याद आयी उतनी फिलहाल लिख दीं, शेष याद आने पर एडिट कर दिया जाएगा। बाद में जोड़े गए- *जैन शास्त्रों में वर्णित रामायण सम्बन्धी कुछ तथ्य* 1. रावण, कुंभकर्ण, विभीषण, इन्द्रजित कोई राक्षस नहीं थे अपितु इनके वंश का नाम राक्षस था। ये सभी विद्याधर थे। ये सभी जिनधर्म के सच्चे अनुयायी, अहिंसा धर्म को पालन करने वाले थे। ये कोई मांस, मदिरा का सेवन नहीं करते थे। शिकार आदि नहीं करते थे। 2. रावण के जन्म का नाम दशानन था । जब रावण का जन्म हुआ था, तब उनके समीप एक हार था, जिसमें उनके 9 प्रतिबिंब और झलक रहे थे। इस कारण 9+1 = कुल 10 मुख दिखने से उनका नाम दशानन प्रसिद्ध हुआ। *उनके 10 मुख नहीं थे।* रावण नाम तो बाद में पड़ा। रावण महा पराक्रमी, जिनेंद्र देव का परम भक्त और अनेक विद्यायों का स्वामी था। 3. कुंभकर्ण छह मास नहीं सोते थे। वे सामान्य मनुष्य के समान ही सोते थे। 4. रावण तो भविष्य में तीर्थंकर होंगे । इंद्रजीत और कुंभकर्ण युद्ध में नहीं मारे गए, अपितु उन्होंने तो मुनि दीक्षा अंगीकार करके मोक्ष प्राप्त किया। वे तो हमारे भगवान हैं। 5. यदि हम इनका पुतला दहन करते हैं या पुतला दहन देखकर खुश होते हैं, पुतला दहन देखने जाते हैं, तो हम महापाप ही कमाते हैं। भले ही पुतला जलाते हैं, परन्तु पाप को जीवित मनुष्य को जलाने के बराबर ही लगता है। और हम तो अपने ही भगवान को जलाते हैं। तो क्या ये सही है ? आप स्वयं सोचें। 6. हनुमान, बालि, सुग्रीव, नील, आदि वानर नहीं थे, अपितु उनके वंश का नाम वानर वंश था। उनके मुकुट और ध्वजाओं में वानर का चिन्ह अंकित रहता था। इनकी कोई पूंछ नहीं थी और न ही इनका मुख बंदर जैसा था। ये सभी विद्याधर थे, इनको आकाश में गमन करने की विद्या प्राप्त थी। 7. राम-लक्ष्मण अहिंसा प्रधानी, जिनधर्मी थे। दोनों भाईयों में अत्यंत स्नेह था। राम बलभद्र हुए और उसी भव से मोक्ष प्राप्त किया । राम जी का दूसरा नाम पद्म था। 8. जैसा कि जगत में प्रचलित है कि राम-लक्ष्मण हिरण का शिकार करने के लिए गए थे और तभी रावण ने सीता जी का हरण कर लिया था, यह बात जैन रामायण के अनुसार असत्य है; अपितु राम-लक्ष्मण तो खरदूषण से युद्ध कर रहे थे, तभी रावण ने छल से सीता जी को हरण कर लिया था। 9. सुग्रीव के बड़े भाई बालि को रामचंद्र जी ने नहीं मारा था अपितु बालि ने तो बहुत पहले ही मुनिदीक्षा ले ली थी। 10. हनुमान जी के जन्म का नाम श्रीशैल था । जन्म के उपरांत हनुमान जी को उनकी मम्मी के मामा आकाश मार्ग से विमान से अपने घर ले जा रहे थे। तब आकाश में विमान में खेलते हुए वे नीचे जमीन पर स्थित शिला पर गिर गये, जिससे शिला टूट गई और उनका नाम श्रीशैल पड़ गया। हनुरूह द्वीप में उनका जन्म उत्सव मनाया गया, जिससे उनका नाम हनुमान प्रसिद्ध हुआ।हनुमान जी पवनन्जय (पिता) और अंजना (माता) के पुत्र थे, पवन (वायु, हवा) के पुत्र नहीं। 11. हनुमान, बालि, सुग्रीव, नील, महानील, राम, रावण के इंद्रजित आदि अनेक पुत्र, कुंभकर्ण (रावण का छोटा भाई) आदि अनेक महापुरुष ने तो जिन दीक्षा लेकर महान तप द्वारा मोक्ष प्राप्त किया। और सीता, मंदोदरी (रावण की पत्नी) , चन्द्रनखा (रावण की बहन) आदि ने आर्यिका दीक्षा ली। 12. सीता जी के युगल पुत्रों का नाम जैन ग्रंथों में लवण और अंकुश मिलता है। जिसे हम लोग लव और कुश के नाम से जानते हैं। 13. रामायण का मुख्य रूप से विस्तार पूर्वक वर्णन आचार्य रविषेण स्वामी द्वारा रचित पद्मपुराण में मिलता है।

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Smtgita Saini May 10, 2020

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Shuchi Singhal May 9, 2020

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P. Tiwari May 9, 2020

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Jay Lalwani May 9, 2020

🌅CHARAMMANGAL VIRAAT VICHAR ✍jyotishacharya *VInay virat ji 🗓 8 मई 2020 💁🏻‍♂ कहाँ छोटा रहना कहाँ बड़ा होना .... 🗣अक्सर एक कहावत कही जाती है कि “ बनिया हमेशा रोता भला “ मतलब बिज़्नेस 📊करने वाला हमेशा रोता रहे तो बढ़िया है ..! 🙋🏻‍♂जब मैं law of attraction पढ़ रहा था जो कहती है कि व्यक्ति को हमेशा सकारात्मक और आत्मविश्वासी होना चाहिए जैसे अभी लॉकडाउन है और आपको कोई पूछे कि आप कैसे हो तो जवाब होना चाहिए “ “एकदम मस्त “ ... इसी law of attraction के कारण पूरे social media में लोग ऐसे बता रहे हैं जैसे घर बैठे वो बहुत enjoy कर रहे है और हम सब यह अच्छी तरह जानते है कि इतने दिनो बिना काम के बैठना वाक़ई बहुत 🙇उबाऊ काम है लेकिन आकर्षण के सिद्धांत की अपनी महत्त्वता है और चाणक्य भी नीति शास्त्र में कहते है कि व्यक्ति को हमेशा दूसरों के सामने अपनी एक मज़बूत छवि 👤रखनी चाहिए ... जैसे अगर आपके दोस्तों को पता है कि आपकी आर्थिक हालत कमज़ोर है तो बिज़्नेस में या ज़रूरत पड़ने पर वो आपको पैसे उधार 🙅🏻‍♂नही देंगे ... तो चाणक्य नीति और law of attraction दोनो यह कहती है कि हमेशा अपनी powerful और आत्मविश्वास से भरपूर छवि दूसरों के सामने रखिए ....! 🤔🤔फिर मैं सोच रहा था कि यह क्यूँ कहा गया कि बनिया रोता हुआ भला .. फिर एक दो घटनाओं से मुझे समझ आया कि यह कितनी गहरी बात है ... जब आप अपने दोस्तों और रिश्तेदार जो आपको अच्छे से जानते है उनके सामने अपनी extra image रखते है तब यह आपको नुक़सान देगा .. ऐसा क्यूँ ..? समझिए जब चार मित्र होते हैं और कोई एक बहुत ज़्यादा विकास 📶करता होता है तो बाक़ी तीन लोगों को लगता है कि यह उनके zone से बाहर जा रहा है इसलिए उनके अंदर 🤨ईर्ष्या का भाव आने लगता है और ये भाव आपको नुक़सान करते हैं जिसे आप नज़र भी कह सकते है शायद यह बात आप 3 idiot मूवी से समझ सकते है जहाँ कहते है ..” दोस्त पीछे रहे तो उसके लिए बुरा फ़ील होता है लेकिन अगर वो हमसे आगे निकल जाए तो और ज़्यादा बुरा फ़ील होता है “ ... 🤷🏻‍♂🤷🏻‍♂इसलिए अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने थोड़ा कमज़ोर होना अच्छा है .. दूसरा जिस व्यक्ति पर आप निर्भर हो मतलब जिससे आपको बहुत काम पड़ता है और जिससे आपने उधार लिया हो ऐसे व्यक्ति के सामने थोड़ा कमज़ोर रहना अच्छा है अगर आप वहाँ ख़ुद की होशियारी बघारेंगे तो यह आपको नुक़सान करेगी ... 🛐तीसरा अपने गुरु और 👥माता पिता के सामने थोड़ा कमज़ोर छवि अच्छी है .. एक बार एक व्यक्ति 🙌🏻गुरु कृपा के कारण सामान्य जीवन से बहुत ज़्यादा grow कर रहा था , सफलता के बाद उसमें 🧐अहं आ गया वो कहने लगा कि मेरी कड़ी मेहनत और बुद्धिमानी के कारण मैं इतना सफल हो रहा हूँ यह बात उसमें अपने गुरु के सामने भी कह दी . गुरु ने कहा - अच्छा है लगता है तुम ख़ुद को ख़ुद सम्भाल सकते हो , उस दिन के बाद से उस व्यक्ति का पतन आरम्भ हो गया क्यूँकि वो गुरु के आशीर्वाद 🙌🏻के कारण ही विकास कर रहा था लेकिन जैसे ही उसने खुद को strong बताया गुरु ने उस पर से ध्यान हटा दिया और वो एकदम लाचारी 😫में आ गया इसलिए हमेशा अपने गुरु और माता पिता के सामने थोड़ा कमज़ोर रहना अच्छा है .....! 🤷🏻🤷🏻मित्रो .. आपके आस पास वाले लोग 💗आपसे प्रेम करते है लेकिन इस सृष्टि का नियम है कि सब आपको साथ रखना चाहते है और जैसे ही किसी मित्र या रिश्तेदार को लगेगा कि आप बहुत ऊपर जा रहे हो या उनसे अलग हो रहे हो तो उनकी भावशक्ति आपको नुक़सान करेगी इसलिए हमेशा जो लोग आपके अभिन्न है , आपके 🛐गुरु आपके 👵🏻🧓🏻माता पिता , आपके 👥👥करीबी दोस्त और रिश्तेदार उनके सामने छोटा और कमज़ोर बन कर रहने से हमेशा आपको उनकी दुआयें और 🙌🏻सहयोग मिलेगा ... इसलिए इस सूत्र को समझे कि कहाँ आपको ख़ुद की शक्तिशाली छवि 👤रखनी है और कहाँ कमज़ोर ....! 👬दो दोस्त थे शुरू से साथ पढ़े , एक दोस्त😔 मुश्किल में आ गया तो दूसरे दोस्त ने उसकी बहुत सहायता की और उसका पूरा व्यापार📊 settle किया फिर किसी कारण से दोनो में आपसी लेन देन के कारण झगड़ा 🤬हो गया , जिस दोस्त ने हमेशा उसकी सहायता की थी उसने अपना माइंड वहाँ से हटा दिया वो अपनी लाइफ़ में व्यस्त हो गया लेकिन पीछे वाला दोस्त बहुत सारी मुश्किलों में फँस गया और एक दिन उसने उसको 📞फ़ोन किया कि मैं तकलीफ़ में हूँ अब देखिए अब यहाँ पर कमज़ोर छवि के कारण उस दोस्त का मन पिघल गया उसने सब झगड़े भुला कर उसको वापस सहयोग करना शुरू किया अगर वो दोस्त कहता कि मैं मज़े में हूँ , मैं बहुत खुश हूँ तो शायद उसे अपने दोस्त का सहयोग नही मिलता लेकिन कमज़ोर image के कारण उसे सहयोग मिल गया .... 🌅🌅 इसलिए कहा कौन सी छवि में प्रस्तुत होना है यह सीखे तो जीवन सुखद और सफल होगा ..... धन्यवाद 🙏🏻💐 ********************************************** 👉🏻 U can mail your questions & queries to 📩 [email protected] https://youtu.be/Ga_owFqvg08

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bhuvnesh giri May 9, 2020

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Jay Lalwani May 9, 2020

🌅CHARAMMANGAL VIRAAT VICHAR ✍jyotishacharya *VInay virat ji 🗓 8 मई 2020 💁🏻‍♂ कहाँ छोटा रहना कहाँ बड़ा होना .... 🗣अक्सर एक कहावत कही जाती है कि “ बनिया हमेशा रोता भला “ मतलब बिज़्नेस 📊करने वाला हमेशा रोता रहे तो बढ़िया है ..! 🙋🏻‍♂जब मैं law of attraction पढ़ रहा था जो कहती है कि व्यक्ति को हमेशा सकारात्मक और आत्मविश्वासी होना चाहिए जैसे अभी लॉकडाउन है और आपको कोई पूछे कि आप कैसे हो तो जवाब होना चाहिए “ “एकदम मस्त “ ... इसी law of attraction के कारण पूरे social media में लोग ऐसे बता रहे हैं जैसे घर बैठे वो बहुत enjoy कर रहे है और हम सब यह अच्छी तरह जानते है कि इतने दिनो बिना काम के बैठना वाक़ई बहुत 🙇उबाऊ काम है लेकिन आकर्षण के सिद्धांत की अपनी महत्त्वता है और चाणक्य भी नीति शास्त्र में कहते है कि व्यक्ति को हमेशा दूसरों के सामने अपनी एक मज़बूत छवि 👤रखनी चाहिए ... जैसे अगर आपके दोस्तों को पता है कि आपकी आर्थिक हालत कमज़ोर है तो बिज़्नेस में या ज़रूरत पड़ने पर वो आपको पैसे उधार 🙅🏻‍♂नही देंगे ... तो चाणक्य नीति और law of attraction दोनो यह कहती है कि हमेशा अपनी powerful और आत्मविश्वास से भरपूर छवि दूसरों के सामने रखिए ....! 🤔🤔फिर मैं सोच रहा था कि यह क्यूँ कहा गया कि बनिया रोता हुआ भला .. फिर एक दो घटनाओं से मुझे समझ आया कि यह कितनी गहरी बात है ... जब आप अपने दोस्तों और रिश्तेदार जो आपको अच्छे से जानते है उनके सामने अपनी extra image रखते है तब यह आपको नुक़सान देगा .. ऐसा क्यूँ ..? समझिए जब चार मित्र होते हैं और कोई एक बहुत ज़्यादा विकास 📶करता होता है तो बाक़ी तीन लोगों को लगता है कि यह उनके zone से बाहर जा रहा है इसलिए उनके अंदर 🤨ईर्ष्या का भाव आने लगता है और ये भाव आपको नुक़सान करते हैं जिसे आप नज़र भी कह सकते है शायद यह बात आप 3 idiot मूवी से समझ सकते है जहाँ कहते है ..” दोस्त पीछे रहे तो उसके लिए बुरा फ़ील होता है लेकिन अगर वो हमसे आगे निकल जाए तो और ज़्यादा बुरा फ़ील होता है “ ... 🤷🏻‍♂🤷🏻‍♂इसलिए अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने थोड़ा कमज़ोर होना अच्छा है .. दूसरा जिस व्यक्ति पर आप निर्भर हो मतलब जिससे आपको बहुत काम पड़ता है और जिससे आपने उधार लिया हो ऐसे व्यक्ति के सामने थोड़ा कमज़ोर रहना अच्छा है अगर आप वहाँ ख़ुद की होशियारी बघारेंगे तो यह आपको नुक़सान करेगी ... 🛐तीसरा अपने गुरु और 👥माता पिता के सामने थोड़ा कमज़ोर छवि अच्छी है .. एक बार एक व्यक्ति 🙌🏻गुरु कृपा के कारण सामान्य जीवन से बहुत ज़्यादा grow कर रहा था , सफलता के बाद उसमें 🧐अहं आ गया वो कहने लगा कि मेरी कड़ी मेहनत और बुद्धिमानी के कारण मैं इतना सफल हो रहा हूँ यह बात उसमें अपने गुरु के सामने भी कह दी . गुरु ने कहा - अच्छा है लगता है तुम ख़ुद को ख़ुद सम्भाल सकते हो , उस दिन के बाद से उस व्यक्ति का पतन आरम्भ हो गया क्यूँकि वो गुरु के आशीर्वाद 🙌🏻के कारण ही विकास कर रहा था लेकिन जैसे ही उसने खुद को strong बताया गुरु ने उस पर से ध्यान हटा दिया और वो एकदम लाचारी 😫में आ गया इसलिए हमेशा अपने गुरु और माता पिता के सामने थोड़ा कमज़ोर रहना अच्छा है .....! 🤷🏻🤷🏻मित्रो .. आपके आस पास वाले लोग 💗आपसे प्रेम करते है लेकिन इस सृष्टि का नियम है कि सब आपको साथ रखना चाहते है और जैसे ही किसी मित्र या रिश्तेदार को लगेगा कि आप बहुत ऊपर जा रहे हो या उनसे अलग हो रहे हो तो उनकी भावशक्ति आपको नुक़सान करेगी इसलिए हमेशा जो लोग आपके अभिन्न है , आपके 🛐गुरु आपके 👵🏻🧓🏻माता पिता , आपके 👥👥करीबी दोस्त और रिश्तेदार उनके सामने छोटा और कमज़ोर बन कर रहने से हमेशा आपको उनकी दुआयें और 🙌🏻सहयोग मिलेगा ... इसलिए इस सूत्र को समझे कि कहाँ आपको ख़ुद की शक्तिशाली छवि 👤रखनी है और कहाँ कमज़ोर ....! 👬दो दोस्त थे शुरू से साथ पढ़े , एक दोस्त😔 मुश्किल में आ गया तो दूसरे दोस्त ने उसकी बहुत सहायता की और उसका पूरा व्यापार📊 settle किया फिर किसी कारण से दोनो में आपसी लेन देन के कारण झगड़ा 🤬हो गया , जिस दोस्त ने हमेशा उसकी सहायता की थी उसने अपना माइंड वहाँ से हटा दिया वो अपनी लाइफ़ में व्यस्त हो गया लेकिन पीछे वाला दोस्त बहुत सारी मुश्किलों में फँस गया और एक दिन उसने उसको 📞फ़ोन किया कि मैं तकलीफ़ में हूँ अब देखिए अब यहाँ पर कमज़ोर छवि के कारण उस दोस्त का मन पिघल गया उसने सब झगड़े भुला कर उसको वापस सहयोग करना शुरू किया अगर वो दोस्त कहता कि मैं मज़े में हूँ , मैं बहुत खुश हूँ तो शायद उसे अपने दोस्त का सहयोग नही मिलता लेकिन कमज़ोर image के कारण उसे सहयोग मिल गया .... 🌅🌅 इसलिए कहा कौन सी छवि में प्रस्तुत होना है यह सीखे तो जीवन सुखद और सफल होगा ..... धन्यवाद 🙏🏻💐 ********************************************** 👉🏻 U can mail your questions & queries to 📩 [email protected] https://youtu.be/Ga_owFqvg08

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Jay Lalwani May 8, 2020

🌅CHARAMMANGAL VIRAAT VICHAR ✍jyotishacharya *VInay virat ji 🗓 7 मई 2020 ☸️ बोधी धर्म - showlin से लेकर 🧘🏼ध्यान तक .... ☸️ बोधी धर्म में एक ऐसे साधक हुए जिन्होंने 🌱आयुर्वेद की जानकारी से समय में एक प्लेग जैसी बीमारी का इलाज करके कई लोगों को बचाया था लेकिन मुझे जो चीज़ 🙅🏻‍♂️समझ नही आयी वो यह थी कि बोधी धर्म ने showlin kufu को ईजाद किया और उन्होंने कई तरह की ध्यान पद्धति को भी ईजाद किया अब मेरे लिए यह थोड़ा संदिग्ध था क्यूँकि एक ही व्यक्ति दो विपरीत साधनो को जैसे ईजाद कर सकता है .. ku -fu से आपका मंगल 🔺मज़बूत और सक्रिय होता है .. दूसरी तरफ़ 🧘🏻‍♂️ध्यान से आपका मंगल शांत होता है ... लड़ना और शांत बैठना दोनो विपरीत चीज़ें है तो फिर☸️ बोधी धर्म ने दोनो साधनो को जैसे बनाया और दूसरा प्रश्न एक साधक को कुंग फ़ू 🥋को ईजाद करने की ज़रूरत क्यूँ पड़ी क्यूँकि आमतौर से हर साधू या सन्यासी शांति और अहिंसा की बात करता है .... जब मैने इस विषय में कई लोगों से पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने लड़ने के लिए नही बल्कि स्वरक्षा के लिए कुंग फ़ू 🥋ईजाद किया था लेकिन मुझे यह जवाब संतुष्ट नही कर सका तब मैने कुछ कुंग फ़ू वाली 🎞मूवी देखी ....! 💁🏻‍♂️हम जिसे शक्ति और प्रतिरोध ट्रेनिंग कहते है जैसे plank जिसमें हम शरीर को पूरा तरह से कड़ा कर देते है और दूसरा फुर्ती से move करना ज़्यादातर ये दोनो का मिश्रण ही 🥋kung fu है तब मैने एक प्लैंक करने की कोशिश की इसमें आपका शरीर 1 -2 मिनट में एक आसन में ही थक जाता है लेकिन फिर भी आप हठयोग की तरह उस आसन में ही रहते है ... अब यहाँ किया हुआ सोचिए ... आपका शरीर थक गया लेकिन आप नही थके और आपने उसे पूरा किया इस तरीक़े से शरीर वाले दिमाग़ ने आपको समर्पण का दिया .. हठयोग में यही होता है आप अपने शरीर का पूरा नियंत्रण ले लेते है ऐसा करने से अब आपका शरीर और उसकी आदतें आप ख़ुद निर्धारित करते है तब मुझे समझ 🥋आया कुंग फ़ू हठयोग का ही एक रूप है जिसमें आप अपने शरीर को साध लेते है फिर जैसा आप चाहे शरीर उस हिसाब से चलता है .....! 🤷🏻‍♂️🤷🏻‍♂️ कई बार जब मैं सुनता हूँ कि 🧘🏻‍♂️ध्यान के एक माध्यम 🥃से शराब और 🚬सिगरट का नशा छुड़वाया जा सकता है तब मैं सोचता हूँ ध्यान में आप अपने शरीर को नही सिर्फ़ दिमाग़ को अपने नियंत्रण में लेते है और नशा हमेशा आपका शरीर करता है इसलिए जब भी हमें कोई चीज़ ↩️बदलनी है तो सिर्फ़ वो शरीर के बदलाव से सम्भव है , ध्यान में आप अपने मन को साधते है लेकिन शरीर को आप 🧘🏼योग , हठयोग या 🥋कुंग फ़ू से साधते हो अब मुझे समझ आया बोधी धर्म ☸️एक ऐसे साधक थे जिन्होंने बाहर शरीर को साधने की कला दी कुंग फ़ू से और अंदर मन को साधने की कला दी ध्यान से ... 💁🏻‍♂️जो लोग यह समझते है कि हम मन की सोच बदल कर बाहर काफ़ी कुछ बदल सकते है तो वो बैठ कर सोचे क्या वाक़ई वैसा हो रहा है ........ 🗣लोग कहते है कि law of visualisation से मैं सिर्फ़ बैठकर सब कुछ बदल सकता हूँ , सिर्फ़ 🤔अच्छा सोचो और अच्छा पाओ तो आप सोचिए आपके साथ यह कितनी बार हुआ .. आपको एक brain स्ट्रोक लगा और आपके हाथ में paralise हो गया मतलब आपके दिमाग़ हाथ को move करने के लिए निर्देश नही दे रहा अब 👨🏻‍💼डॉक्टर कहता है कि psychotherapy करवाओ , बार बार जब उस हाथ को आप move करते है तो शरीर दिमाग़ को निर्देश देता है कि यह काम करो ....सिर्फ़ बैठ कर दिमाग़ से आप सोचे कि मेरा हाथ ठीक हो गया उससे वो ठीक नही होने वाला ..... 🌅 इसलिए आप कहते है मुझे अपना जीवन बदलना है तो सबसे पहले आपको शरीर की नियमावली को बदलना होगा इसलिए ☸️📿 बोधी धर्म ने पहले शरीर की साधना दी और फिर मन की ..... धन्यवाद 🙏🏻💐 ********************************************** 👉🏻 U can mail your questions & queries to 📩 [email protected] https://youtu.be/Ga_owFqvg08

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