तुमि हो माता पिता तुमि हो, तुमि हो बंधु सखा तुमि हो

Good morning friends. https://youtu.be/TXCMdQwkuWY

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कामेंट्स

Hari Sharma Oct 4, 2017
Jai Shri Krishna,jai Sriram, Om namah shivaya.

pt bk upadhyay Oct 4, 2017
namaskar ! some of your posts r excellent.congrats. jai shankar ki .

Sushila Sharma. Oct 4, 2017
जय श्री राम जय हनुमान जी नमः

Manoj Prasadh Mar 27, 2020

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jatan kurveti Mar 27, 2020

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मांँ चंद्रघण्टा की आरती और इन मंत्रों के जाप से मनोकामनाएं पूर्ण होंगी 🔱🚩🙏 आज नवरात्रि का तीसरा दिन है। आज के दिन सिंह पर सवार होकर युद्ध मुद्रा में रहने वाली मां चंद्रघण्टा का पूजा की जाती है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप की पूजा करने का विधान है। कहा जाता है कि मां पार्वती ने जब भगवान शिव से विवाह कर लिया, उसके बाद से वह अपने ललाट पर आधा चंद्रमा धारण करने लगीं, तभी से उनका नाम चंद्रघण्टा पड़ गया। उन्होंने असुरों का नाश करने के लिए भी इस स्वरूप को धारण किया था। उनकी पूजा करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य तथा सुखी दाम्पत्य जीवन मिलता है। आपको आज के दिन मां चंद्रघण्टा को नीचे दिए गए मंत्रों के जाप से प्रसन्न करना चाहिए। पूजा के अंत में मां चंद्रघण्टा की आरती करें। वे आपके मनोकामनाओं की पूर्ति करेंगी। मां चंद्रघण्टा की प्रार्थना पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥ मां चंद्रघण्टा का मंत्र 1. ओम देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥ 2. आह्लादकरिनी चन्द्रभूषणा हस्ते पद्मधारिणी। घण्टा शूल हलानी देवी दुष्ट भाव विनाशिनी।। मां चंद्रघण्टा का स्तुति मंत्र या देवी सर्वभू‍तेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ मां चन्द्रघण्टा बीज मंत्र ऐं श्रीं शक्तयै नम:। मां चंद्रघण्टा की आरती। जय मां चंद्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे सभी काम। चंद्र समान तुम शीतल दाती।चंद्र तेज किरणों में समाती। क्रोध को शांत करने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली। मन की मालक मन भाती हो। चंद्र घंटा तुम वरदाती हो। सुंदर भाव को लाने वाली। हर संकट मे बचाने वाली। हर बुधवार जो तुझे ध्याये। श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं। मूर्ति चंद्र आकार बनाएं। सन्मुख घी की ज्योति जलाएं। शीश झुका कहे मन की बाता। पूर्ण आस करो जगदाता। कांचीपुर स्थान तुम्हारा। करनाटिका में मान तुम्हारा। नाम तेरा रटूं महारानी। भक्त की रक्षा करो भवानी। आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन, जानें मां चंद्रघण्टा की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र एवं महत्व मां चंद्रघण्टा की पूजा का महत्व इनके आशीर्वाद से ऐश्वर्य और समृद्धि के साथ सुखी दाम्पत्य जीवन प्राप्त होता है। इनकी पूजा से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं। मां चंद्रघंण्टा परिवार की रक्षक हैं। इनका संबंध शुक्र से है। यदि आपकी कुंडली में शुक्र दोष हो तो आप मां चंद्रघण्टा की पूजा करें, इससे सभी दोष दूर हो जाएंगे। आज क्या करें मां चंद्रघण्टा को पूजा के समय दूध से बने मिष्ठान या फिर दूध से बने पकवान का भोग लगाएं। फिर उसे ही प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।

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RRD Bhakti Sagar✔ Mar 27, 2020

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RRD Bhakti Sagar✔ Mar 27, 2020

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RRD Bhakti Sagar✔ Mar 27, 2020

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Suchitra Singh Mar 26, 2020

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RRD Bhakti Sagar✔ Mar 27, 2020

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