मायमंदिर फ़्री कुंडली
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🙏🌹🚩🚩जय श्री राम जी🚩🚩🌹🙏 🙏🌹परमात्मा किसका ध्यान करते हैं...?? 🙏🚩हरे कृष्णा्🚩🙏 महाभारत में आता है, एक बार उद्धव श्रीकृष्ण के महल में पहुंचे। उद्धव ने उनके महल मे ंचारों ओर ढूंढा, श्रीकृष्ण का कहीं पता नहीं चला। उद्धव ने पहरेदारों से पूछा, ‘प्रभु कहां गए हैं ?’ पहरेदारों ने कहा, ‘अभी वे पूजाकक्ष में ध्यान कर रहे हैं।’उद्धव चकित हुए कि प्रभु को भी ध्यान करने की आवश्यकता पड़ती है क्या ? वे पूजाकक्ष की ओर बढ़े। पूजाकक्ष में जब पहुंचे तो श्रीकृष्ण ने उनकी आहट को सुनकर अपनी आंखें खोल दी। उद्धव की ओर मुस्कराकर देखा और उठकर स्वागत किया। उद्धव ने कहा, ‘प्रभु! आप किसका ध्यान कर रहे थे ?’श्रीकृष्ण झेंपते हुए बोले, ‘छोड़ो इन बातों को छोड़ो, बताओ कैसे आना हुआ, चलो बैठते हैं। बहुत दिन के बाद आए।’ दोनों में दोस्ती भी थी। श्रीकृष्ण तो उन्हें मित्रवत प्यार करते थे, परंतु उद्धव जी उनके ईश्वरस्वरूप से परिचित थे और उनके चरणों में प्रेम और भक्ति रखते थे। श्रीकृष्ण उन्हें अपने कक्ष की ओर ले चलने लगे। उद्धव ने कहा, ‘प्रभु! आप बताइए कि आप किसका ध्यान कर रहे थे ?’झेंपते हुए श्रीकृष्ण ने अपनी आंखें नीचे करके कहा, ‘तुम्हारा!’ उद्धव ने कहा, ‘मेरा!’ भगवान की आंखों में प्रेम का सागर तैर गया। उन्होंने कहा, ‘तुम भी तो अहिर्निश मेरा ध्यान करते रहते हो। तुम्हारे दिल से भी तो मैं एक पल के लिए भी ओझल नहीं होता हूं। तू मेरे प्यार में पागल है तो स्वाभाविक है, मैं भी तेंरे प्यार में पागल होऊंगा। तू मेरा ध्यान करता है तो स्वाभाविक ही मैं भी तेरा ध्यान करता हूं।’ भगवान की भक्तवत्सलता देखकर उद्धव फूट३फूटकर रो पड़े। सोचो, भगवान जिस जीव का ध्यान करते हों, उस जीव का भला कैसे कोई बाल भी बांका कर सकता है ? इसलिए तो सद्गुरु कबीर साहब ने कहा- जाप मरे अजपा मरे , अनहद हूं मरी जाय । राम स्नेही न मरे , कहैं कबीर समझाय।। जप तप इत्यादि करनेवाले मर सकते हैं, परंतु राम से प्रेम करनेवाला कभी नहीं मरता, क्योंकि अविनाशी राम के हृदय में भक्त का वास होता है और जो अविनाशी के हृदय में बसता है, वह भी अविनाशी हो जाता है। इसी को तो सद्गुरु कबीर साहब ने कहा- राम मरे तो हम मरे , नातर मरे बलाय । अविनाशी का चेतवा , मरे न मारा जाय।। और- हम न मरैं मरिहैं संसारा। हमकौ मिला जिआवनहारा हरि मरिहैं तौ हमहूं मरिहैं। हरि न मरै हम काहे कौ मरि हैं।। ‘अगर राम मरेगा तो मैं मरूंगा, अगर राम नहीं मरते तो मैं कैसे मरूंगा ? अविनाशी का अंश, अविनाशी का भक्त, अविनाशी का प्रेमी न मरता है न मारा जाता है।’ हमलोगों के हृदय में राम के प्रति जितनी एकनिष्ठता होनी चाहिए, उतनी नहीं हो पाती है। हमलोग संसार की वस्तु, व्यक्ति परिस्थिति इत्यादि को जितना अपना सगा मानते हैं, जितना मोह करते हैं उतना राम से नहीं कर पाते हैं। राम हमारे लिए टाईमपास की वस्तु है। अगर पूछा जाए कि अरे भई! तुम सत्संग नहीं आते! तुम ध्यान नहीं करते ? तुम जप३तप नहीं करते ? तो हम कहते हैं, ‘क्या करें, समय नहीं मिलता।’ मतलब हम जिस राम के हैं, उसके लिए हमारे पास समय नहीं है और जिस संसार से हमारा दो३चार दिन का संबंध है, उसके लिए हमारे पास चैबीसों घंटे का समय है। हमने प्रभु को अखबार पढ़ने से भी ज्यादा महत्त्वहीन समझा। हमने प्रभु को अपने दोस्त यारों से गप्पबाजी करने से भी ज्यादा महत्त्वहीन समझा। हमने प्रभु को टी. वी.सीरियल और मन बहलाव के अन्य साधनों में डूबने से भी ज्यादा महत्त्वहीन समझा। धन हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है, पद हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है, परिवार हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है। इन सब से अगर समय बचेगा तो हम राम के बारे में सोचंगे, वह भी इसलिए जिससे कि हमारा धन बना रहे, हमारा परिवार से लंबे समय तक संबंध बना रहे, हमारा पद अक्षुण्ण हो। राम से प्रेम, राम के कारण नहीं है। राम हमलोगों का असली मालिक है, परंतु अगर दुनिया के लिए राम को भी छोड़ना पड़े तो हम छोड़ने में कोई देर नहीं करेंगे। दुनिया में किसी देवी३देवता, तंत्र३मंत्र, पीर३औलिया आदि के पास इतनी ताकत नहीं है जो राम की इच्छा के बिना किसी को कुछ दे दे। भगवान श्रीकृष्ण भी गीता में कहते हैं, भूतों, देवताओं, पितरों को पूजनेवाले उसी फल को पाते हैं, जिस फल को मैं निर्धारित करता हूं। भूत भी किसी को तभी दे सकता है, जब राम देने को सहमत हों। देवता भी किसी को तभी दे सकते हैं, जब राम देने का समर्थन करते हैं। ग्रह, ये शनि, ये केतु, ये राहु आपके मित्र तभी बन सकते हैं, जब राम इन्हें आपका मित्र बनाना चाहते हों। प्रभु की सृष्टि में कुछ भी मनमाना नहीं चलता। सबके मालिक, सबके स्वामी राम हैं। अखिल सृष्टि राम का ही तो आज्ञपालन करती है।🙏🚩🚩जय श्री राम🚩🚩🙏

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कामेंट्स

शिवशक्ति May 22, 2019
🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥 अनमोल वचनः स्कूलो में लिखा होता है, "असूल" तोडना मना है ! बागों में लिखा होता है, "फूल" तोडना मना है "खेलों" में लिखा होता है , "रूल"तोडना मना है ! ....काश ... रिश्ते,परिवार,दोस्ती में भी यह लिखा होता कि "साथ"छोङना मना है !!! 🌸ओम् शांति 🌸 💐सुप्रभात💐 🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥

sheela Sharma May 22, 2019
🙏 🙏 जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏 🙏 श्री गणेश जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे आपकी सभी मनोकामना पूर्ण हो 🙏 🙏🙏 जय श्री गणेश जी 🙏 🙏 🙏

Malkhan Singh UP May 22, 2019
* *🌞प्रातः कालीन अभिवादन🌞* *✍🏻एक सुखद जीवन के लिए मस्तिष्क में सत्यता,होठों पर प्रसन्नता और हृदय में पवित्रता जरूरी हैं।☝🏻जिसका मन मस्त है..!_उसके पास समस्त है!! एकदंता संकष्टी चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं।* *🌻🙏🏻llजय श्री गणेश जी ll🙏🏻🌻* *🌹आपका दिन मंगलमय रहेl🌹*

Vinod Agrawal May 22, 2019
🌷Jai Shree Ganesh Deva Jai Shree Radhe Krishna🌷

ವೆಂಕಟೇಶ (venkatesh) May 22, 2019
🙏🙏🙏🌷🌹 jai Sri Radha Krishna Sri Ganesh ki app aur aapki parivar krupa bani rahe subha prabhat aap din subha mangalmaye aur manokaman Pura karo vandan ji

sujatha May 22, 2019
जय श्री राधे कृष्ण जी * सुप्रभात 🙏🙏🌹🌹

🕉️आरुषं जैन🕉️ May 22, 2019
जय श्री गणेश दिदि जय श्रीराधेकृष्ण शुभदुपहर राधे राधे🕉️🙏🙂

Mohan.mira.nigam May 22, 2019
JayRadhe.KrishnaJi Radhe.Krishna Ji Radhe.Krishna Ji Radhe.KrishnaHanuman.ji I Jay shri Radhe.Krishna ji

GIRISH May 22, 2019
very nice post JAI SHRI RADHA KRISHNA JI GOOD EVENING ji SISTER ji

,OP JAIN (RAJ) May 22, 2019
ओम गणेशाय नमः ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव जी महादेव जी की कृपा आप और आपके पूरे परिवार पर सदा बनी रहे शुभ संद्या जी HAPPY WEDNESDAY

Anita Mittal May 22, 2019
जय श्री कृष्णा जी कान्हा जी का आशीर्वाद व स्नेह आपके साथ बना रहे जी आपका हर पल मंंगलमय हो जी

Bindu singh May 22, 2019
Jai shree krishna ji Radhe Radhe ji god bless u good night ji

umesh sharma Jun 1, 2019
🌹radhe radhe🌹good morning..👌🍃🌹🍃🌹🍀🌹🍀🌷🍀🌷🍀🌷🍀🌷🍀🌷🎉🎉

umesh sharma Jun 6, 2019
👌👌🌿🌹 radhe radheji 🌹🌿 good evening ,have a beautiful n beautiful evening.@sweet dreams 🍀🌷🌿🌹🍀🌷🌿🌹🍀🌷🌿🌹🍀🌷💐💐

🙏🌹🌹🌹जय श्री श्याम्🌹🌹🌹🙏 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 🥭 *सही उपयोग।* 🥭 🥭 बहुत समय पहले की बात हैं एक गरीब वृद्ध पिता के पास अपने अंतिम समय में दो बेटों को देने के लिए मात्र एक आम था। पिताजी आशीर्वाद स्वरूप दोनों को वही देना चाहते थे। किंतु बड़े भाई ने आम हठपूर्वक ले लिया। रस चूस लिया छिल्का अपनी गाय को खिला दिया। गुठली छोटे भाई के आँगन में फेंकते हुए कहा – “लो, ये पिताजी का तुम्हारे लिए आशीर्वाद है।” 🥭 छोटे भाई ने ब़ड़ी श्रद्धापूर्वक गुठली को अपनी आँखों व सिर से लगाकर गमले में गाढ़ दिया। छोटी बहू पूजा के बाद बचा हुआ जल गमले में डालने लगी। कुछ समय बाद आम का पौधा उग आया, जो देखते ही देखते बढ़ने लगा। 🥭 छोटे भाई ने उसे गमले से निकालकर अपने आँगन में लगा दिया। कुछ वर्षों बाद उसने वृक्ष का रूप ले लिया। वृक्ष के कारण घर की धूप से रक्षा होने लगी, साथ ही प्राणवायु भी मिलने लगी। बसंत में कोयल की मधुर कूक की आवाज सुनाई देने लगी। बच्चे पेड़ की छाँव में किलकारियाँ भरकर खेलने लगे। 🥭 पेड़ की शाख से झूला बाँधकर झूलने लगे। पेड़ की छोटी – छोटी लकडीयाँ हवन करने एवं बड़ी लकड़ियाँ घर के दरवाजे-खिड़कियों में भी काम आने लगीं। आम के पत्ते त्योहारों पर तोरण बाँधने के काम में आने लगे। 🥭 धीरे-धीरे वृक्ष में कैरियाँ लग गईं। कैरियों से अचार व मुरब्बा डाल दिया गया। आम के रस से घर-परिवार के सदस्य रस-विभोर हो गए तो बाजार में आम के अच्छे दाम मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो गई। 🥭 रस से पाप़ड़ भी बनाए गए, जो पूरे साल मेहमानों व घर वालों को आम रस की याद दिलाते रहते। 🥭 ब़ड़े बेटे को आम फल का सुख क्षणिक ही मिला तो छोटे बेटे को पिता का “आशीर्वाद’ दीर्घकालिक व सुख- समृद्धिदायक मिला।” 🧚‍♂ *दोस्तों, आज के सभी मनुष्यों का यही हाल है। परमात्मा हमे सब कुछ देता है, सही उपयोग हम करते नही हैं और सदैव ही दोष परमात्मा और किस्मत को देते रहते हैं।* 🙏🌹🌹🌹आप का दिन शुभ रहे जी🌹🌹🌹🙏 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳

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P.B Jun 24, 2019

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Bajrang Jun 24, 2019

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Archana Singh Jun 23, 2019

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Rojan gill Jun 24, 2019

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🙏🌹🌹🌹जय श्री श्याम्🌹🌹🌹🙏 🙏🌹जीवन में सबसे जरूरी है प्रेम और शांति. श्री राधा जी के यह नाम जीवन को शांत और सुखमयी बनाते हैं, इनका स्मरण करने से जीवन में सुख, प्रेम और शांति का वरदान मिलता है और जीवन में प्यार सुख और शांति मिलती है। राधा जी के यह नाम जीवन को शांत और सुखमयी बनाते हैं. जो भी श्रद्धापूर्वक राधा जी के नाम का आश्रय लेता है वह प्रभु की गोद मै बैठ कर उनका स्नेह पाता है. ब्रह्मवैवर्त पुराण में स्वयं श्री हरि विष्णु जी ने कहा है कि जो व्यक्ति अनजाने मैं भी राधा कहता है उसके आगे मैं सुदर्शन चक्र लेकर चलता हूं. उसके पीछे स्वयं शिव जी उनका त्रिशूल लेकर चलते हैं. उसके दाईं ओर इंद्र वज्र लेकर चलते हैं और बाईं तरफ वरुण देव छत्र लेकर चलते हैं। मृदुल भाषिणी राधा ! राधा !! सौंदर्य राषिणी राधा ! राधा !! परम् पुनीता राधा ! राधा !! नित्य नवनीता राधा ! राधा !! रास विलासिनी राधा ! राधा !! दिव्य सुवासिनी राधा ! राधा !! नवल किशोरी राधा ! राधा !! अति ही भोरी राधा ! राधा !! कंचनवर्णी राधा ! राधा !! नित्य सुखकरणी राधा ! राधा !! सुभग भामिनी राधा ! राधा !! जगत स्वामिनी राधा ! राधा !! कृष्ण आनन्दिनी राधा ! राधा !! आनंद कन्दिनी राधा ! राधा !! प्रेम मूर्ति राधा ! राधा !! रस आपूर्ति राधा ! राधा !! नवल ब्रजेश्वरी राधा ! राधा !! नित्य रासेश्वरी राधा ! राधा !! कोमल अंगिनी राधा ! राधा !! कृष्ण संगिनी राधा ! राधा !! कृपा वर्षिणी राधा ! राधा !! परम् हर्षिणी राधा ! राधा !! सिंधु स्वरूपा राधा ! राधा !! परम् अनूपा राधा ! राधा !! परम् हितकारी राधा ! राधा !! कृष्ण सुखकारी राधा ! राधा !! निकुंज स्वामिनी राधा ! राधा !! नवल भामिनी राधा ! राधा !! रास रासेश्वरी राधा ! राधा !! स्वयं परमेश्वरी राधा ! राधा !! सकल गुणीता राधा ! राधा !! रसिकिनी पुनीता राधा ! राधा🙏🌹 🙏🌹आप का दिन शुभ रहे🌹🙏

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