Neha sharma
Neha sharma May 15, 2019

Shri Radhe Krishna 🌺🌿🌺🙏🙏🌺🌿🌺 🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿 Shubh Prabhat Vandan

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कामेंट्स

Savita May 15, 2019
राधे कृष्णा 🌺 राधे राधे 🌸 कान्हा की किरपा आप पर सदा बनी रहे 💐

Aruna..sharma..(अनु) May 15, 2019
¸.•””•.¸ Զเधे Զเधे जी……. 🙏जय श्री गणेशाय् नमः 🙏आप का हर पल, शुभ रहे जी......🙏 “मुझे तैरने दे या फिर बहना सिखा दे, अपनी रजा में अब तू रहना सिखा दे, मुझे शिकवा ना हो कभी भी किसी से, ऐ कुदरत… मुझे सुख और दुख के पार जीना सिखा दे… “मेरा मजहब तो ये दो हथेलियाँ बताती है… जुड़े तो “पूजा” खुले तो “दुआ” कहलाती हैं…💐 🌹 * जय श्री कृष्ण* 🌹

seema bhardwaj May 15, 2019
🌹🙏Jai shri Radhe Krishna ji 🌹🙏thakur ji ka asirwad aap pr sda bena rhe sister ji 🌹🙏

🌷🌷🌷mukseh nagar🌷🌷🌷 May 15, 2019
मोहिनी एकादशी व्रत कथा सरस्वती नदी के किनारे भद्रावती नाम का नगर था। वहां धृतिमान नाम का राजा राज्य करता था। उसी नगर में एक बनिया रहता था, उसका नाम था धनपाल। वह भगवान विष्णु का परम भक्त था और सदा पुण्यकर्म में ही लगा रहता था। उसके पांच पुत्र थे- सुमना, द्युतिमान, मेधावी, सुकृत तथा धृष्टबुद्धि। धृष्टबुद्धि सदा पाप कर्म में लिप्त रहता था। अन्याय के मार्ग पर चलकर वह अपने पिता का धन बरबाद किया करता था। एक दिन उसके पिता ने तंग आकर उसे घर से निकाल दिया और वह दर-दर भटकने लगा। भटकते हुए भूख-प्यास से व्याकुल वह महर्षि कौंडिन्य के आश्रम जा पहुंचा और हाथ जोड़ कर बोला कि मुझ पर दया करके कोई ऐसा व्रत बताइये, जिसके पुण्य प्रभाव से मेरी मुक्ति हो। तब महर्षि कौंडिन्य ने उसे वैशाख शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी के बारे में बताया। मोहिनी एकादशी के महत्व को सुनकर धृष्टबुद्धि ने विधिपूर्वक मोहिनी एकादशी का व्रत किया। इस व्रत को करने से वह निष्पाप हो गया और दिव्य देह धारण कर गरुड़ पर बैठकर श्री विष्णुधाम को चला गया। इस प्रकार यह मोहिनी एकादशी का व्रत बहुत उत्तम है

🌷🌷🌷mukseh nagar🌷🌷🌷 May 15, 2019
मोहिनी एकादशी व्रत कथा सरस्वती नदी के किनारे भद्रावती नाम का नगर था। वहां धृतिमान नाम का राजा राज्य करता था। उसी नगर में एक बनिया रहता था, उसका नाम था धनपाल। वह भगवान विष्णु का परम भक्त था और सदा पुण्यकर्म में ही लगा रहता था। उसके पांच पुत्र थे- सुमना, द्युतिमान, मेधावी, सुकृत तथा धृष्टबुद्धि। धृष्टबुद्धि सदा पाप कर्म में लिप्त रहता था। अन्याय के मार्ग पर चलकर वह अपने पिता का धन बरबाद किया करता था। एक दिन उसके पिता ने तंग आकर उसे घर से निकाल दिया और वह दर-दर भटकने लगा। भटकते हुए भूख-प्यास से व्याकुल वह महर्षि कौंडिन्य के आश्रम जा पहुंचा और हाथ जोड़ कर बोला कि मुझ पर दया करके कोई ऐसा व्रत बताइये, जिसके पुण्य प्रभाव से मेरी मुक्ति हो। तब महर्षि कौंडिन्य ने उसे वैशाख शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी के बारे में बताया। मोहिनी एकादशी के महत्व को सुनकर धृष्टबुद्धि ने विधिपूर्वक मोहिनी एकादशी का व्रत किया। इस व्रत को करने से वह निष्पाप हो गया और दिव्य देह धारण कर गरुड़ पर बैठकर श्री विष्णुधाम को चला गया। इस प्रकार यह मोहिनी एकादशी का व्रत बहुत उत्तम है

THAKARSIBHAI KANTILAL CHAVDA May 15, 2019
@NEha SHARMA NAMASKAR MY DEAR SISTER GOOD MORNING HAVE A NICE DAY T.K MY DEAR SISTER MATA RANI AAP KA SAB PARIWAR PAR HAMASHA SHANTI DA T.K

sheela Sharma May 15, 2019
🙏 🙏 जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏 🙏 ठाकुर जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे आपकी सभी मनोकामना पूर्ण हो 🙏 🙏 🙏 जय श्री कृष्णा जी 🙏 🙏 🙏

Dharma Saini May 15, 2019
जय श्री कृष्णा 🙏🙏🙏🙏🙏

suraj rajpal May 15, 2019
जय श्री कृष्ण 🌹 सुप्रभात जी दी.🌷 एकादशी की हार्दिक शुभ कामनाएँ💐 जय श्री राधे राधे🍀🍁🍀 जय श्री राधेकृष्ण🙏🌹🌹

poonam aggarwal May 15, 2019
🍀JAY SHRI GANESHA 🍀 aapka hr pal Shub mangalamay ho 🌺🚩u always be happy tc good morning dear sweet sister ji 🌹🍀🌿🌹🍫🍫🙏

Anjana Gupta May 15, 2019
Radhe Radhe dear sweet sister ji god bless you and your family always keep smiling thakurji ki kripa se aapka har pal Shubh aur mngalmye Ho Shubh dophar Vandan meri pyari behna aapko ekadashi sankranti aur world family day ki hardik shubhkamnaye ji 🌹🙏

Sandhya Nagar May 15, 2019
. "भगवान् से क्या माँगे ?" भगवान् से माँगने के सम्बन्ध में एक कथा आती है कि एक बार भगवान् कृष्ण अर्जुन को साथ लेकर घूमने निकले। जाते-जाते घने जंगल में जा पहुँचे। कुछ और आगे बढ़े तो वहाँ पर सुनसान मैदान आ गया, कोई पेड़-पौधा नहीं। ग्रीष्म ऋतु थी, बड़ी गरम हवा चल रही थी। अर्जुन को तीव्र प्यास लगी, लेकिन कहीं पानी दिखायी नहीं दे रहा था। उन्होंने भगवान से अपने प्यास की बात बतायी तो भगवान ने कहा कि पता लगाओ। तलाशने पर जब दूर एक झोपड़ी दिखायी दी तो अर्जुन को वहाँ जाने के लिये कहा। अर्जुन ने वहाँ जाकर देखा कि एक संन्यासिनी, तपस्विनी, वृद्धा माँ बैठी है और उसके पास पानी का घड़ा रखा है। अर्जुन के जानमें जान आयी। वे संन्यासिनी से अनुमति लेकर जल पीकर तृप्त हो गये। अर्जन जब पानी पीकर स्वस्थ हो गये तब देखते हैं कि कुटिया में खूँटी पर एक नंगी तलवार लटक रही है। अर्जुन ने मन-ही-मन सोचा कि अस्सी वर्ष की अवस्थावाली तपस्विनी बुढ़िया ने अपने पास तलवार क्यों टांग रखी है ? संदेह निवारणार्थ उन्होंने पूछ ही लिया कि "मइया ! तूने यह तलवार क्यों टांग रखी है ? इसका क्या प्रयोजन ?" इस पर वह गुस्से में आकर बोली, "तुम जानना चाहते हो तो सुनो, इसे इसलिये टांग रखा है कि यदि अर्जुन और द्रौपदी मिल जायें तो उनके सिर काट लें।" अर्जुन अवाक् रह गये और भयभीत भी हुए परन्तु अपने को छिपाकर बड़ी विनम्रतासे पूछा कि, "माँ ! अर्जुन और द्रौपदी ने तुम्हारा क्या कसूर किया ? ऐसा कौन-सा अपराध हो गया कि तुम जैसी तपस्विनी उन दोनों का वध करने को तैयार हो ?" वृद्धा माँ ने उत्तर दिया कि, "तुम नहीं जानते किन्तु द्रौपदी ने बहुत बड़ा अपराध किया है। उसने मेरे स्वामी भगवान् को अपनी साड़ी बनायी और वह भी रजस्वला की साड़ी। संसार में सभी नंगे पैदा होते हैं, वह भी नंगे मर जाती परन्तु उसने क्यों मेरे भगवान् को रजस्वला की साड़ी बना दिया ? इतना बड़ा अपराध है। उसका कि यदि वह मुझे मिल जाये तो उसे मार डालें। फिर अर्जुन ने कहा, "माँ, तुम्हारी यह बात ठीक हैं परन्तु अर्जुन ने क्या अपराध किया ?" फिर, वृद्धा माँ ने उत्तर दिया कि अर्जुन उससे बड़ा अपराधी है। जिनकी पूजा करनी चाहिये उनसे घोड़े चलवाये। जिनको अर्घ्य देना चाहिये या जिनके चरणों में बैठकर सेवा करनी चाहिये, उस भगवान् को अपना सारथी बनाया। उनके हाथों में चाबुक और लगाम दे दी। इसलिये वह भी अपराधी है। अर्जुन ने समझ लिया कि माई तो ठीक कहती है और फिर चुपचाप भगवान् कृष्ण के पास आकर सारा वृत्तान्त सुनाया। भगवान् ने कहा, "तुम्हीं सोचो, क्या ठीक है ? हम तो तुम्हारे हैं ही।" इसलिये भगवान् से सामान्यत: कुछ न चाहें परन्तु हाँ, एक बड़ी सुन्दर बात को याचना भाव से, भगवान् को आत्मसमर्पित करके कुछ कह दे कि-"नाथ ! बस, तुम्हारी इच्छा पूरी हो।" - श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार (श्रीभाईजी) 'सरस प्रसंग' "जय जय श्री राधे" ********************************************

Queen May 15, 2019
Jai shree radhe radhe krishna Dear sister Ji Good afternoon Ji aap or apki family pr krishna Ji di kripa bni rahe always be happy Ji

Neha sharma May 21, 2019

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Neha sharma May 20, 2019

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Neha sharma May 19, 2019

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Sunita Bhatt May 18, 2019

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Neha sharma May 18, 2019

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Naresh Jain May 18, 2019

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