मायमंदिर फ़्री कुंडली
डाउनलोड करें
Queen
Queen May 27, 2019

Jai Shree Radhe krishna JI Good Evening Ji 🌹🌹🌹🌹🌹🌹

+524 प्रतिक्रिया 82 कॉमेंट्स • 109 शेयर

कामेंट्स

MeenaDubey May 27, 2019
jai shree radhe kirshna ji shubh ratree vandan ji radhe radhe ji

SUNIL KUMAR SHARMA May 27, 2019
Good Night Sister, God will fulfill all your wishes, you always be happy, stay healthy, God's grace always remain on You and your family. God bless you 🙏🙏🙏

Malkhan Singh May 27, 2019
जय श्री कृष्णा राधे राधे राधे राधे जी *🌿🌹🙏ऊँ नमः शिवाय🙏🌹🌿* *!!शरण्यं श्री महाकालं,मृत्युंजय उमापतिम!!* *!!अवंति नगरी नाथम,वंदे देव महेश्वरम!!* *हर हर महादेव❤️ हर हर महादेव* *🙏आपकी रात्रि शुभ हो🙏*

Preeti jain May 27, 2019
om namah shivaya shivji ka Kripa sada aap aur aapki family pe bana rahe aap ka har pal shubh aur maglamye ho shubh ratri Vandan my sweet sister ji 🌹🌹🙏🙏🙏🌿🌿

ghanshyam sharma May 27, 2019
🙏🙏👍 Jai shri radhye Radhye Ji 🙏 good night Ji 🙏🌹

jpshrivastava May 27, 2019
जय श्री कृष्ण जय श्री राधे जय श्री गणेश शुभ रात्रि जी

Vijay Yadav🌷009660504471697 May 27, 2019
Jay shri radhe Krishna ji good night ji aap our aapke family ko kanha ji hamesha khush rkhe ji God bless you and your family ji 🌷🌷🙏🙏

GIRISH May 27, 2019
JAI SHRI KRISHNA Ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Neha Kaushik Jun 18, 2019

+151 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 90 शेयर
Neha Kaushik Jun 17, 2019

+177 प्रतिक्रिया 20 कॉमेंट्स • 119 शेयर
champalal m kadela Jun 18, 2019

0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Ravi joshi Jun 16, 2019

+11 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 16 शेयर
Queen Jun 18, 2019

+580 प्रतिक्रिया 114 कॉमेंट्स • 182 शेयर

वीर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जी की पूण्यतिथी पर शत्- शत् नमन।1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नायिका झांसी की रानी को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।। कानपूर के नाना की, मुँहबोली बहन छबीली थी, लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी, नाना के सँग पढ़ती थी वह, नाना के सँग खेली थी, बरछी ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी। वीर शिवाजी की गाथायें उसकी याद ज़बानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।। लक्ष्मी थी या दुर्गा थी वह स्वयं वीरता की अवतार, देख मराठे पुलकित होते उसकी तलवारों के वार, नकली युद्ध-व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार, सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना ये थे उसके प्रिय खिलवार। महाराष्टर-कुल-देवी उसकी भी आराध्य भवानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।

+563 प्रतिक्रिया 59 कॉमेंट्स • 200 शेयर
Ravi joshi Jun 18, 2019

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 14 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB