Ragni Dhiwar
Ragni Dhiwar Dec 3, 2019

*अगर परिवर्तन लंबे* *समय तक बना रहे* *तो यही संस्कृति* *बन जाता है।* 🌹 *शुभ प्रभात* 🌹 🌹🙏 *जय श्री कृष्ण* 🙏🌹

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कामेंट्स

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@rcgarg *मंगल शुभकामनाओं के साथ...* *मंगलवारसरीय प्रातःकालीन बेला में* *मेरा स्नेहवन्दन स्वीकार करें...! 🌷

Sanjiv Sharma Dec 3, 2019
*खामोश चहरे पर* *हजारो पहरे होते है,* *हँसती आँखों में भी* *जख्म गहरे होते है,* *जिनसे अक्सर* *रूठ जाते है हम,* *असल में उनसे ही* *रिश्ते ज्यादा गहरे होते है .* *ये दोस्ती का बंधन भी* *बडा अजीब है...* *मिल जाए तो बातें लंबी....* *बिछड जाए तो यादें लंबी....* ‼ *आपका दिन शुभ हो* ‼💐 🙏🏻 *सुप्रभात*🙏🏻

Shivani Dec 3, 2019
प्रभु राम लक्ष्मण सीता जी का श्रंगवेरपुर में रात्रि विश्राम 🍂।। करम प्रधान सत्य कह लोगू ।।🍂 ➖तीनलोक के नाथ का जमीन पर सोना.➖जय हो मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की➖ ➖श्री राम का श्रृंगवेरपुर पहुँचना ➖प्रभु श्री राम का जमीन पर सोना➖निषाद के द्वारा सेवा➖लक्ष्मणजी पहरेदार💥 रामचंदु पति सो बैदेही । सोवत महि बिधि बाम न केही ॥🚩 सिय रघुबीर कि कानन जोगू । करम प्रधान सत्य कह लोगू ।।🚩 ते सिय रामु साथरीं सोए। श्रमित बसन बिनु जाहिं न जोए॥🚩 भावार्थ:- अौर रामचन्द्रजी जिनके पति हैं , ऐसी जानकीजी पृथ्वी पर सो रही हैं । विधाता किसको विपरीत नहीं होता ? श्रीसीताजी अौर रामजी क्या वनके योग्य हैं ? कर्म ही प्रधान है , ऐसा लोग कहते हैं सो ठीक है ॥ रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाहि पर वचन न जाहि।। सोवत प्रभुहि निहारि निषादू। भयउ प्रेम बस हृदयँ बिषादू॥ 🍂जय हो प्रभु राम की➖जय हो राजाराम की🍂

umeshfatfatwale Dec 3, 2019
जय श्री राम जय श्री हनुमान जय माता दी जय श्री कृष्णा राधे राधे शुभ प्रभात गुड मॉर्निंग सुबह की राम राम रागिनी जी आप सदा खुश रहे हनुमान जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे राम जी का आशीर्वाद आपके पूरे परिवार को सदैव बना रहे राधे राधे प्रणाम वंदन सुप्रभात जय राम जी की

Sushil Kumar Sharma 🙏🌹🏵️ Dec 3, 2019
Good Morning My Sweet Sister ji 👏👏 Jay Shree Ram ji Jay Veer Hanuman ji Jay Bhajavali ji Aapki Har Manokamna Puri Kare ji Aapka Har Din Shubh Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🏵️🌹.

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@sushilkumarsharma29 *मंगल शुभकामनाओं के साथ...* *मंगलवारसरीय प्रातःकालीन बेला में* *मेरा स्नेहवन्दन स्वीकार करें...! 🌷

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@umeshfatfatwale *मंगल शुभकामनाओं के साथ...* *मंगलवारसरीय प्रातःकालीन बेला में* *मेरा स्नेहवन्दन स्वीकार करें...! 🌷

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@जयउज्जैनीमहाकाल *मंगल शुभकामनाओं के साथ...* *मंगलवारसरीय प्रातःकालीन बेला में* *मेरा स्नेहवन्दन स्वीकार करें...! 🌷Radhe Radhe behan🌹

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@tribhawantiwari *मंगल शुभकामनाओं के साथ...* *मंगलवारसरीय प्रातःकालीन बेला में* *मेरा स्नेहवन्दन स्वीकार करें...! 🌷

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@sanjivshrma 👌“इन्सान अपने शरीर का शुगर तो हर समय ही चेक कराता रहता है । अगर वह अपनी जीभ की कड़वाहट को भी चेक करवाये तो ... परेशानियां ही खत्म हो जायें । वाणी को वीणा बनाएं, बाण न बनाएं। वीणा` बनेगी तो जीवन में संगीत होगा ! बाण बनेगी तो जीवन में महाभारत होगा..!!

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@manishsoni63 *मंगल शुभकामनाओं के साथ...* *मंगलवारसरीय बेला में* *मेरा स्नेहवन्दन स्वीकार करें...! 🌷

Dr.ratan Singh Dec 3, 2019
🚩🌹जय श्री राम🌹🚩 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन दीदी🙏🌚 🎎प्रभु श्री राम भक्त श्री हनुमान जी की कृपा दृष्टि आप और आपके सम्पूर्ण परिवार पर हमेसा बनी रहे जी🙏 🌻आपका मंगलवार की रात्रि शुभ सुंदर और मंगल ही मंगल व्यतीत हो जी🎆 🚩🌿🌷जय श्री हनुमान🌷🌿🚩

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@manishsoni63 🌹राधे राधे जी 🌹आपका हर पल मंगलमय हो जी 🌹🙏

Ragni Dhiwar Dec 3, 2019
@drratansingh 🌹राधे राधे जी 🌹आपका हर पल मंगलमय हो जी 🌹🙏

Shuchi Singhal Dec 13, 2019

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Shuchi Singhal Dec 13, 2019

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🌹🙏🏽 जय श्री राधे कृष्णा 🌹🙏🏽 🙏🏽सुप्रभात वंदन 🙏🏽 🙏🏽🙏पाप🙏🙏 एक बार एक ऋषि ने सोचा कि लोग गंगा में पाप धोने जाते हैं, तो इसका मतलब हुआ कि सारे पाप गंगा में समा गए और गंगा भी पापी हो गयी . अब यह जानने के लिए तपस्या की, कि पाप कहाँ जाता है ? तपस्या करने के फलस्वरूप देवता प्रकट हुए , ऋषि ने पूछा किभगवन जो पाप गंगा में धोया जाता है वह पाप कहाँ जाता है ? भगवन ने कहा कि चलो गंगा से ही पूछते है , दोनों लोग गंगा के पास गए और कहा कि , हे गंगे ! सब लोग तुम्हारे यहाँ पाप धोते है तो इसका मतलब आप भी पापी हुई . गंगा ने कहा मैं क्यों पापी हुई , मैं तो सारे पापों को ले जाकर समुद्र को अर्पित कर देती हूँ , अब वे लोग समुद्र के पास गए , हे सागर ! गंगा जो पाप आपको अर्पित कर देती है तो इसका मतलब आप भी पापी हुए ? समुद्र ने कहा मैं क्यों पापी हुआ , मैं तो सारे पापों को लेकर भाप बना कर बादल बना देता हूँ , अब वे लोग बादल के पास गए, हे बादल ! समुद्र जो पापों को भाप बनाकर बादल बना देते है ,तो इसका मतलब आप पापी हुए . बादलों ने कहा मैं क्यों पापी हुआ ,मैं तो सारे पापों को वापस पानी बरसा कर धरती पर भेज देता हूँ , जिससे अन्न उपजता है , जिसको मानव खाता है. उस अन्न में जो अन्न जिस मानसिक स्थिति से उगाया जाता है और जिस वृत्ति से प्राप्त किया जाता है , जिस मानसिक अवस्था में खाया जाता है , उसी अनुसार मानव की मानसिकता बनती है शायद इसीलिये कहते हैं ..” जैसा खाए अन्न, वैसा बनता मन ”अन्न को जिस वृत्ति ( कमाई ) से प्राप्त किया जाता हैऔर जिस मानसिक अवस्था में खाया जाता है वैसे ही विचार मानव के बन जाते है। इसीलिये सदैव भोजन शांत अवस्था में पूर्ण रूचि के साथ करना चाहिए , और कम से कम अन्न जिस धन से खरीदा जाए वह धन भी श्रम का होना चाहिए।

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🌹Singhaniya 🌹 Dec 13, 2019

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N.K.Gupta Dec 14, 2019

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