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mymandir team Sep 3, 2017

वामन(विष्णु अवतार) द्वादशी एवं ओणम की हार्दिक शुभकामनाएं।

वामन जयंती, 3 सितंबर 2017
भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की द्वादशी को वामन द्वादशी के रुप में मनाया जाता है. धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी शुभ तिथि के अभिजित मुहूर्त में भगवान श्री विष्णु ने एक अन्य रुप भगवान वामन का अवतार लिया था. इस दिन प्रात:काल भक्त श्री हरि का स्मरण करते हुए नियमानुसार विधि विधान के साथ पूजा कर्म करते हैं.

वामन द्वादशी पूजा:
इस शुभ दिन में सभी मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है भगवान श्री विष्णु जी का स्मरण करते हुए उनके अवतारों एवं लीलाओं का श्रवण होता है. विभिन्न स्थानों पर भागवत कथा का पाठ किया जाता है तथा वामन अवतार की कथा सुनी एवं सुनाई जाती है. इस पर्व के उपलक्ष्य पर भगवान वामन का पंचोपचार अथवा षोडषोपचार पूजन करने के पश्चात चावल, दही इत्यादि वस्तुओं का दान करना उत्तम माना गया है. संध्या समय व्रती भगवान वामन का पूजन करना चाहिए और व्रत कथा सुननी चाहिए तथा समस्त परिवार वालों को भगवान का प्रसाद ग्रहण करना चाहिए. इस दिन व्रत एवं पूजन करने से भगवान वामन प्रसन्न होते हैं और भक्तों की समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं.

वामन द्वादशी कथा:
वामन अवतार भगवान विष्णु का महत्वपूर्ण अवतार माना जाता है. श्रीमद्भगवद पुराण में वामन अवतार का उल्लेख मिलता है. वामन अवतार कथा अनुसार देव और दैत्यों के युद्ध में देव पराजित होने लगते हैं. असुर सेना अमरावती पर आक्रमण करने लगती है. तब इन्द्र भगवान विष्णु की शरण में जाते हैं. भगवान विष्णु उनकी सहायता करने का आश्वासन देते हैं और भगवान विष्णु वामन रुप में माता अदिति के गर्भ से उत्पन्न होने का वचन देते हैं. दैत्यराज बलि द्वारा देवों के पराभव के बाद कश्यप जी के कहने से माता अदिति पयोव्रत का अनुष्ठान करती हैं जो पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाता है. तब भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन अदिति के गर्भ से प्रकट हो अवतार लेते हैं तथा ब्राह्मण-ब्रह्मचारी का रूप धारण करते हैं.

वामन अवतार और बलि प्रसंग:
महर्षि कश्यप ऋषियों के साथ उनका उपनयन संस्कार करते हैं वामन बटुक को महर्षि पुलह ने यज्ञोपवीत, अगस्त्य ने मृगचर्म, मरीचि ने पलाश दण्ड, आंगिरस ने वस्त्र, सूर्य ने छत्र, भृगु ने खड़ाऊं, गुरु देव जनेऊ तथा कमण्डल, अदिति ने कोपीन, सरस्वती ने रुद्राक्ष माला तथा कुबेर ने भिक्षा पात्र प्रदान किए तत्पश्चात भगवान वामन पिता से आज्ञा लेकर बलि के पास जाते हैं राजा बली नर्मदा के उत्तर-तट पर अन्तिम अश्वमेध यज्ञ कर रहे होते हैं.

वामन अवतार ले, ब्राह्माण वेश धर कर, राजा बलि के यहां भिक्षा मांगने पहुंते हैं. वामन रुप में श्री विष्णु ने भिक्षा में तीन पग भूमि मांगते हैं, राजा बलि अपने वचन पर अडिग रहते हुए, श्री विष्णु को तीन पग भूमि दान में दे देते हैं. वामन रुप में भगवान ने एक पग में स्वर्ग ओर दूसरे पग में पृथ्वी को नाप लिया और अभी तीसरा पैर रखना शेष था. ऎसे मे राजा बलि अपना वचन निभाते हुए अपना सिर भगवान के आगे रख देते हैं और वामन भगवान के पैर रखते ही, राजा बलि परलोक पहुंच जाते हैं. बलि के द्वारा वचन का पालन करने पर, भगवान विष्णु अत्यन्त प्रसन्न्द होते हैं और बलि को पाताललोक का स्वामी बना देते हैं इस तरह भगवान वामन देवताओं की सहायता कर उन्हें पुन: स्वर्ग का अधिकारी बनाते हैं.

वामन द्वादशी व्रत फल:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर इस दिन श्रावण नक्षत्र हो तो इस व्रत की महत्ता और भी बढ़ जाती है. भक्तों को इस दिन उपवास करके वामन भगवान की स्वर्ण प्रतिमा बनवाकर पंचोपचार सहित उनकी पूजा करनी चाहिए. जो भक्ति श्रद्धा एवं भक्ति पूर्वक वामन भगवान की पूजा करते हैं वामन भगवान उनको सभी कष्टों से उसी प्रकार मुक्ति दिलाते हैं जैसे उन्होंने देवताओं को राजा बलि के कष्ट से मुक्त किया था. विधि-विधान पूर्वक व्रत करने से सुख, आनंद, मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है.

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कामेंट्स

Sawroop Singh sankhla Sep 3, 2017
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि नारायण हरि

A K Sarin Sep 3, 2017
ऊं नमो नारायण .

Dayashankar Gaur Sep 3, 2017
ॐ नमो भगवते वासुदेव देवाय नमः

🌺💞SONU💕🌺 Oct 20, 2018

RADHE RADHE JI 🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀VANDE VISHNU🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀🌺🍀

Flower Jyot Pranam +190 प्रतिक्रिया 132 कॉमेंट्स • 340 शेयर
Tirath Sahu Oct 20, 2018

Pranam Flower +4 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 15 शेयर
Naresh Yadav Oct 19, 2018

पापाकुशा एकादशी की हार्दिक शुभ कामना आप की मंगल कामना पूरन हो।।
ओम नमो भागवते वासुदेवाय नमो नमः ।।
जय जय श्री लक्ष्मीनरायन जी ।।

Pranam Lotus Like +18 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 142 शेयर
Jitendra Dybey Oct 20, 2018

Lotus Pranam +2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर
Ashish shukla Oct 20, 2018

Dhoop Lotus Jyot +532 प्रतिक्रिया 238 कॉमेंट्स • 2543 शेयर
Dr. Ratan Singh Oct 20, 2018

🎎पापांकुशा एकादशी🎎
🌹🌿ॐ विष्णुदेवाय नमः🌿🌹
🎡🌸शुभ शनिवार🌸🎡
🍥कथा:-
अर्जुन ने कहा- "हे जगदीश्वर! आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम है तथा इस व्रत के करने से कौन से फलों की प्राप्ति होती है? कृपया यह सब विधानपूर्वक कहिए।"

भगवान ...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Tulsi Bell +293 प्रतिक्रिया 81 कॉमेंट्स • 241 शेयर

आसो सुद एकादशी

पापकुंशा एकादशी की

शुभकामनाए

सभी पापो को मोक्ष देनेवाली

एकादशी व्रत करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हे और विष्णु श्रीहरि के चरणों मे अभयपद मिलते है...

(पूरा पढ़ें)
Lotus Flower Fruits +165 प्रतिक्रिया 55 कॉमेंट्स • 55 शेयर
Dr. Janhavi ojha Oct 18, 2018

Pranam Dhoop Belpatra +12 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 20 शेयर
Renu Sharma Oct 18, 2018

Like Pranam +4 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 7 शेयर

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