JAWAHAR LAL
JAWAHAR LAL Nov 13, 2017

🌹AAJ KE ATI SUNDER DARSAN MAHADEV JI KE SHIVALA BHAIYA JI AMRITSAR 🌹

🌹AAJ KE ATI SUNDER DARSAN MAHADEV JI KE SHIVALA BHAIYA JI AMRITSAR 🌹

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Uma shankar Pandey May 15, 2021

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🚩🌹🥀जय श्री मंगलमूर्ति गणेशाय नमः 🌺🌹💐🚩🌹🌺 शुभ रात्रि वंदन🌺🌹 राम राम जी 🌺🚩🌹मंदिर के सभी भाई बहनों को राम राम जी परब्रह्म परमात्मा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें 🙏 🚩🔱🚩प्रभु भक्तो को सादर प्रणाम 🙏 🚩🔱 🚩🕉️ राम रामाय नमः 🌻🌹ऊँ हं हनुमंते नमः 🌹🌺🥀🌻ऊँ सीतारामचंद्राय नमः🌹 ॐ राम रामाय नमः🌹🌺🌹 ॐ हं हनुमते नमः 🌻ॐ हं हनुमते नमः🌹🥀🌻🌺🌹ॐ शं शनिश्चराय नमः 🚩🌹🚩ऊँ नमः शिवाय 🌹जय श्री राधे कृष्णा जी 🌻 श्री सीता राम चंद्राय नमः 🌺 श्री राम भक्त हनुमान जी महाराज शनि देव महाराज की असीम कृपा दृष्टि आप सभी पर हमेशा बनी रहे 🌹 आप का हर पल मंगलमय हो 🚩जय श्री राम 🚩🌺हर हर महादेव🚩राम राम जी 🥀शुभ रात्रि स्नेह वंदन💐शुभ शनिवार🌺 हर हर महादेव 🔱🚩🔱🚩🔱🚩🔱🚩🚩जय-जय श्रीराम 🚩जय-जय श्रीराम 🚩जय-जय श्रीराम 🚩जय माता दी जय श्री राम 🚩🌻👏 🚩हर हर नर्मदे हर हर नर्मदे 🌺🙏🌻🙏🌻🥀🌹🚩🚩🚩

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Jaydev saha May 15, 2021

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🌳🦚आज की कहानी🦚🌳 💐💐मैले कपड़े💐💐 एक दिन की बात है एक मास्टरजी अपने एक अनुयायी के साथ प्रातः काल सैर कर रहे थे कि अचानक ही एक व्यक्ति उनके पास आया और उन्हें भला-बुरा कहने लगा। उसने पहले मास्टर के लिए बहुत से अपशब्द कहे , पर बावजूद इसके मास्टर मुस्कुराते हुए चलते रहे। मास्टर को ऐसा करता देख वह व्यक्ति और भी क्रोधित हो गया और उनके पूर्वजों तक को अपमानित करने लगा। पर इसके बावजूद मास्टर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ते रहे। मास्टर पर अपनी बातों का कोई असर ना होते हुए देख अंततः वह व्यक्ति निराश हो गया और उनके रास्ते से हट गया। उस व्यक्ति के जाते ही अनुयायी ने आश्चर्य से पुछा ,” मास्टरजी आपने भला उस दुष्ट की बातों का जवाब क्यों नहीं दिया, और तो और आप मुस्कुराते रहे, क्या आपको उसकी बातों से कोई कष्ट नहीं पहुंचा ?” मास्टरजी कुछ नहीं बोले और उसे अपने पीछे आने का इशारा किया। कुछ देर चलने के बाद वे मास्टरजी के कक्ष तक पहुँच गए। मास्टरजी बोले , ” तुम यहीं रुको मैं अंदर से अभी आया। “ मास्टरजी कुछ देर बाद एक मैले कपड़े को लेकर बाहर आये और उसे अनुयायी को थमाते हुए बोले , ” लो अपने कपड़े उतारकर इन्हे धारण कर लो ?” कपड़ों से अजीब सी दुर्गन्ध आ रही थी और अनुयायी ने उन्हें हाथ में लेते ही दूर फेंक दिया। मास्टरजी बोले , ” क्या हुआ तुम इन मैले कपड़ों को नहीं ग्रहण कर सकते ना ? ठीक इसी तरह मैं भी उस व्यक्ति द्वारा फेंके हुए अपशब्दों को नहीं ग्रहण कर सकता। इतना याद रखो कि यदि तुम किसी के बिना मतलब भला-बुरा कहने पर स्वयं भी क्रोधित हो जाते हो तो इसका अर्थ है कि तुम अपने साफ़-सुथरे वस्त्रों की जगह उसके फेंके फटे-पुराने मैले कपड़ों को धारण कर रहे हो! सदैव प्रसन्न रहिये!! जो प्राप्त है-पर्याप्त है!! 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Mamta Chauhan May 15, 2021

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Renu Singh May 15, 2021

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