monu gupta ने सालासर बालाजी धाम में यह पोस्ट की।

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simran May 31, 2020

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Manoj manu May 31, 2020

🚩🙏🌺ऊँ सूर्य:नमःराधे राधे जी 🌿🌺🙏 🌹🌿🌹ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹🌹 बोध कथा :-जयनगर के राजा कृष्णदेवराय ने जब राजगुरु व्यासराय के मुख से संत पुरन्दरदास के सादगी भरे जीवन और लोभ से मुक्त होने की प्रशंसा सुनी, तो उन्होंने संत की परीक्षा लेने की ठानी। एक दिन राजा ने सेवकों द्वारा संत को बुलवाया और उनको भिक्षा में चावल डाले। संत प्रसन्न हो बोले,- ‘महाराज! मुझे इसी तरह कृतार्थ किया करें।’ घर लौट कर पुरन्दरदास ने प्रतिदिन की तरह भिक्षा की झोली पत्नी सरस्वती देवी के हाथ में दे दी। किंतु जब वह चावल बीनने बैठीं, तो देखा कि उसमें छोटे-छोटे हीरे हैं। उन्होंने उसी क्षण पति से पूछा,‘कहां से लाए हैं आज भिक्षा?’ पति ने जब कहा कि राजमहल से, तो पत्नी ने घर के पास घूरे में वे हीरे फेंक दिए। अगले दिन जब पुरन्दरदास भिक्षा लेने राजमहल गये, तो सम्राट को उनके मुख पर हीरों की आभा दिखी और उन्होंने फिर से झोली में चावल के साथ हीरे डाल दिए। ऐसा क्रम एक सप्ताह तक चलता रहा। सप्ताह के अंत में राजा ने व्यासराय से कहा, ‘महाराज! आप कहते थे कि पुरन्दर जैसा निर्लोभी दूसरा नहीं, मगर मुझे तो वे लोभी जान पड़े। यदि विश्वास न हो, तो उनके घर चलिए और सच्चाई को अपनी आंखों से देख लीजिए।’ वे दोनों जब संत की कुटिया पर पहुंचे, तो देखा कि लिपे-पुते आंगन में तुलसी के पौधे के पास सरस्वती देवी चावल बीन रही हैं। कृष्णदेवराय ने कहा,‘बहन! चावल बीन रही हो।’ सरस्वती देवी ने कहा,‘हां भाई! क्या करूं, कोई गृहस्थ भिक्षा में ये कंकड़ डाल देता है, इसलिए बीनना पड़ता है। ये कहते हैं, भिक्षा देने वाले का मन न दुखे, इसलिए खुशी से भिक्षा ले लेता हूं। वैसे इन कंकड़ों को चुनने में बड़ा समय लगता है।’ राजा ने कहा,‘बहन! तुम बड़ी भोली हो, ये कंकड़ नहीं, ये तो मूल्यवान हीरे दिखाई दे रहे हैं।’ इस पर सरस्वती देवी ने कहा,‘आपके लिए ये हीरे होंगे, हमारे लिए तो कंकड़ ही हैं। हमने जब तक धन के आधार पर जीवन व्यतीत किया, तब तक हमारी दृष्टि में ये हीरे थे। पर जब से भगवान विठोबा का आधार लिया है और धन का आधार छोड़ दिया है, ये हीरे हमारे लिए कंकड़ ही हैं।’ और वह बीने हुए हीरों को बाहर डाल आईं। यह देख व्यासरास के मुख पर मृदु मुस्कान फैल गई और सलज्ज कृष्णदेवराय माता सरस्वती के चरणों पर झुक गए।🙏🌿हरि ऊँ 🌺🙏

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prem Rajsingh May 31, 2020

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c.pandey May 31, 2020

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Meena Sharma May 31, 2020

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Shyam gupta1 May 31, 2020

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Sunil Kumar Nayak. May 31, 2020

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