Arya  Tripathi
Arya Tripathi Nov 13, 2017

Mera Mandir

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कामेंट्स

सुशीला शर्मा Nov 13, 2017
अतिसुंदर सुप्रभातम शुभमगंलम जय श्री कृष्णा राधे राधे राधे

pt bk upadhyay Nov 13, 2017
आर्या जी, मंदिर सुंदर है

[email protected] Nov 13, 2017
jai shree Radhe Krishna radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe Radhe radhe

Narayan Tiwari Mar 31, 2020

कोलकाता को मां काली का निवास स्थान माना जाता हैं!🚩 """“"""""""""""""""""""""""""""""""""“"""""""""""""""""""""""""""""""""" पूरे विश्व में देवी भगवती के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्य रूप से मां काली की आराधना की जाती है। यहां मां काली का सबसे बड़ा मंदिर दक्षिणेश्वर काली मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। कई लोगों का मानना है कि कोलकाता में मां काली खुद निवास करती हैं और उन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम कोलकाता पड़ा। यह हुगली नदी के किनारे मठ के समीप स्थित है। यह काली मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इस स्थान पर माता सती के दाएं पैर की चार उंगलियां गिरी थी। यहां देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु मां काली के दर्शनों के लिए आते हैं..! कहा जाता है कि एक समय यहां रासमणि नाम की रानी थी। रासमणि मां काली की बड़ी भक्त थी। रानी समुद्र के रास्ते होते हुए काली मंदिर में पूजा करने को जाया करती थी। एक बार रानी अपने संबंधियों अौर नौकरों के साथ मां काली के मंदिर में जाने की तैयारियां कर रही थी। तभी रानी को मां काली ने सपने में दर्शन देकर इसी स्थान पर माता का मंदिर बनवाने अौर उनकी सेवा करने का आदेश दिया। माता काली के आदेश पर रासमणि रानी ने  वर्ष 1847 में यहां मंदिर बनवाना शुरु किया, जो कि वर्ष 1855 तक पूर्ण हो गया..! कहा जाता है कि इस मंदिर में गुरु रामकृष्ण परमहंस को मां काली ने साक्षात् दर्शन दिए थे। मंदिर परिसर में परमहंस देव का कमरा है। जिसमें उनका पलंग तथा उनके स्मृतिचिह्न उनकी याद में रखे हुए हैं। बाहर एक पेड़ के नीचे उनकी पत्नी की समाधी बनाई गई है! मंदिर में 12 गुबंद हैं,अौर चारों तरफ भोलेनाथ की 12 प्रतिमाएं स्थापित है। इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताअों के बहुत सारे मंदिर बनाए गए हैं। मंदिर में सबसे आकर्षण भीतरी भाग में चांदी से बनाया गया कमल का फूल है, जिसकी हजार पखुंड़ियां हैं, जिस पर मां काली अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ भगवान शिव पर खड़ी हुई हैं.!! 🙏 || ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम: ||🚩 🚩|| जय मांई की ||🚩

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sunita Sharma Mar 31, 2020

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Rakesh. Kumar soni Mar 31, 2020

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Vandana Singh Mar 31, 2020

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Rakesh. Kumar soni Mar 31, 2020

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Rakesh. Kumar soni Mar 31, 2020

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