🙏༺࿗ सुप्रभात वंदनम् ࿗ ༻🙏 🙏कर्मफल दाता श्री शनिदेव 🙏 एक बार लक्ष्मीजी ने शनिदेव से प्रश्न किया - हे शनिदेव ! मैं अपने प्रभाव से लोगों को धनवान बनाती हूं और आप हैं कि उनका धन छीन भिखारी बना देते हैं। आखिर आप ऐसा क्यों करते हैं ? लक्ष्मीजी का यह प्रश्न सुन शनिदेव ने उत्तर दिया - 'हे मातेश्वरी ! इसमें मेरा कोई दोष नहीं। जो जीव स्वयं जानबूझकर अत्याचार व भ्रष्टाचार को आश्रय देते हैं और क्रूर व बुरे कर्म कर दूसरों को रुलाते तथा स्वयं हंसते हैं ! उन्हें समय अनुसार दंड देने का कार्यभार परमात्मा ने मुझे सौंपा है। इसलिए मैं लोगों को उनके कर्मों के अनुसार दंड अवश्य देता हूं ! मैं उनसे भीख मंगवाता हूं, उन्हें भयंकर रोगों से ग्रसित बनाकर खाट पर पड़े रहने को मजबूर कर देता हूं ! इस पर लक्ष्मीजी बोलीं - 'मैं आपकी बातों पर विश्वास नहीं करती। देखिए, मैं अभी एक निर्धन व्यक्ति को अपने प्रताप से धनवान व पुत्रवान बना देती हूं ! लक्ष्मीजी ने ज्यों ही ऐसा कहा, वह निर्धन व्यक्ति धनवान एवं पुत्रवान हो गया ! तत्पश्चात लक्ष्मीजी बोलीं - अब आप अपना कार्य करें !' तब शनिदेव ने उस पर अपनी दृष्टि डाली। तत्काल उस धनवान का गौरव व धन सब नष्ट हो गया। उसकी ऐसी दशा बन गई कि वह पहले वाली जगह पर आकर पुनः भीख मांगने लगा ! यह देख लक्ष्मीजी चकित रह गईं। वे शनिदेव से बोलीं - हे तात् ! इसका कारण मुझे विस्तार से बताएं ! तब शनिदेवजी ने बताया - 'हे मातेश्वरी ! यह वह इंसान है जिसने पहले गांव के गांव उजाड़ डाले थे, जगह-जगह आग लगाई थी ! यह महान अत्याचारी, पापी व निर्लज्ज जीव है। इसके जैसे पापी जीव के भाग्य में सुख-संपत्ति का उपभोग कहां है ! इसे तो अपने कुकर्मों के भोग के लिए कई जन्मों तक भुखमरी व मुसीबतों का सामना करना है। आपकी दयादृष्टि से वह धनवान-पुत्रवान तो बन गया ! परंतु उसके पूर्वकृत कर्म इतने भयंकर थे जिसकी बदौलत उसका सारा वैभव देखते ही देखते समाप्त हो गया ! क्योंकि कर्म ही प्रधान है और कर्म का फल भोगने के लिए सभी बाध्य हैं ! लेकिन मैंने इसे इसके दुष्कर्मों का फल देने के लिए फिर से भिखारी बना दिया। इसमें मेरा कोई दोष नहीं, दोष उसके कर्मों का है ! शनिदेवजी पुनः बोले - हे मातेश्वरी ! ऐश्वर्य शुभकर्मी जीवों को प्राप्त होता है। जो लोग महान सदाचारी, तपस्वी, परोपकारी, दान देने वाले होते हैं ! जो सदा दूसरों की भलाई करते हैं और भगवान के भक्त होते हैं, वे ही अगले जन्म में ऐश्वर्यवान होते हैं। मैं उनके शुभ कर्मों के अनुसार ही उनके धन-धान्य में वृद्धि करता हूं ! वे शुभकर्मी पुनः उस कमाए धन का दान करते हैं, मंदिर व धर्मशाला आदि बनवाकर अपने पुण्य में वृद्धि करते हैं। इस प्रकार वे कई जन्मों तक ऐश्वर्य भोगते हैं ! हे मातेश्वरी ! अनेक मनुष्य धन के लोभ में पड़कर ऐश्वर्य का जीवन जीने के लिए तरह-तरह के गलत कर्म कर बैठते हैं, जिसका नतीजा यह निकलता है कि वे स्वयं अपने कई जन्म बिगाड़ लेते हैं ! भले ही मनुष्य को अपना कम खाकर भी अपना जीवन यापन कर लेना चाहिए लेकिन बुरे कर्म करने से पहले हर मनुष्य को यह सोच लेना चाहिए इसका परिणाम भी उसे खुद ही भोगना पड़ेगा ! इस प्रकार शनिदेव के वचन सुनकर लक्ष्मीजी बहुत प्रसन्न हुईं और बोलीं - हे शनिदेव ! आप धन्य हैं। प्रभु ने आप पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है ! आपके इस स्पष्टीकरण से मुझे कर्म-विज्ञान की अनेक गूढ़ बातें समझ में आ गईं !! ।। ॐ शं शनिश्चराय नमः ।।

🙏༺࿗ सुप्रभात वंदनम् ࿗ ༻🙏

🙏कर्मफल दाता श्री शनिदेव 🙏

एक बार लक्ष्मीजी ने शनिदेव से प्रश्न किया - हे शनिदेव ! मैं अपने प्रभाव से लोगों को धनवान बनाती हूं और आप हैं कि उनका धन छीन भिखारी बना देते हैं। आखिर आप ऐसा क्यों करते हैं ?
लक्ष्मीजी का यह प्रश्न सुन शनिदेव ने उत्तर दिया - 'हे मातेश्वरी ! इसमें मेरा कोई दोष नहीं। जो जीव स्वयं जानबूझकर अत्याचार व भ्रष्टाचार को आश्रय देते हैं और क्रूर व बुरे कर्म कर दूसरों को रुलाते तथा स्वयं हंसते हैं !
उन्हें समय अनुसार दंड देने का कार्यभार परमात्मा ने मुझे सौंपा है। इसलिए मैं लोगों को उनके कर्मों के अनुसार दंड अवश्य देता हूं !
मैं उनसे भीख मंगवाता हूं, उन्हें भयंकर रोगों से ग्रसित बनाकर खाट पर पड़े रहने को मजबूर कर देता हूं !
इस पर लक्ष्मीजी बोलीं - 'मैं आपकी बातों पर विश्वास नहीं करती। देखिए, मैं अभी एक निर्धन व्यक्ति को अपने प्रताप से धनवान व पुत्रवान बना देती हूं !
लक्ष्मीजी ने ज्यों ही ऐसा कहा, वह निर्धन व्यक्ति धनवान एवं पुत्रवान हो गया !
तत्पश्चात लक्ष्मीजी बोलीं - अब आप अपना कार्य करें !'
तब शनिदेव ने उस पर अपनी दृष्टि डाली। तत्काल उस धनवान का गौरव व धन सब नष्ट हो गया। उसकी ऐसी दशा बन गई कि वह पहले वाली जगह पर आकर पुनः भीख मांगने लगा !
यह देख लक्ष्मीजी चकित रह गईं। वे शनिदेव से बोलीं - हे तात् ! इसका कारण मुझे विस्तार से बताएं !
तब शनिदेवजी ने बताया - 'हे मातेश्वरी ! यह वह इंसान है जिसने पहले गांव के गांव उजाड़ डाले थे, जगह-जगह आग लगाई थी !
यह महान अत्याचारी, पापी व निर्लज्ज जीव है। इसके जैसे पापी जीव के भाग्य में सुख-संपत्ति का उपभोग कहां है !
इसे तो अपने कुकर्मों के भोग के लिए कई जन्मों तक भुखमरी व मुसीबतों का सामना करना है। आपकी दयादृष्टि से वह धनवान-पुत्रवान तो बन गया !
परंतु उसके पूर्वकृत कर्म इतने भयंकर थे जिसकी बदौलत उसका सारा वैभव देखते ही देखते समाप्त हो गया ! क्योंकि कर्म ही प्रधान है और कर्म का फल भोगने के लिए सभी बाध्य हैं !
लेकिन मैंने इसे इसके दुष्कर्मों का फल देने के लिए फिर से भिखारी बना दिया। इसमें मेरा कोई दोष नहीं, दोष उसके कर्मों का है !
शनिदेवजी पुनः बोले - हे मातेश्वरी ! ऐश्वर्य शुभकर्मी जीवों को प्राप्त होता है। जो लोग महान सदाचारी, तपस्वी, परोपकारी, दान देने वाले होते हैं !
जो सदा दूसरों की भलाई करते हैं और भगवान के भक्त होते हैं, वे ही अगले जन्म में ऐश्वर्यवान होते हैं। मैं उनके शुभ कर्मों के अनुसार ही उनके धन-धान्य में वृद्धि करता हूं !
वे शुभकर्मी पुनः उस कमाए धन का दान करते हैं, मंदिर व धर्मशाला आदि बनवाकर अपने पुण्य में वृद्धि करते हैं। इस प्रकार वे कई जन्मों तक ऐश्वर्य भोगते हैं !
हे मातेश्वरी ! अनेक मनुष्य धन के लोभ में पड़कर ऐश्वर्य का जीवन जीने के लिए तरह-तरह के गलत कर्म कर बैठते हैं, जिसका नतीजा यह निकलता है कि वे स्वयं अपने कई जन्म बिगाड़ लेते हैं !
भले ही मनुष्य को अपना कम खाकर भी अपना जीवन यापन कर लेना चाहिए लेकिन बुरे कर्म करने से पहले हर मनुष्य को यह सोच लेना चाहिए इसका परिणाम भी उसे खुद ही भोगना पड़ेगा !
इस प्रकार शनिदेव के वचन सुनकर लक्ष्मीजी बहुत प्रसन्न हुईं और बोलीं - हे शनिदेव ! आप धन्य हैं। प्रभु ने आप पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है !
आपके इस स्पष्टीकरण से मुझे कर्म-विज्ञान की अनेक गूढ़ बातें समझ में आ गईं !!
।। ॐ शं शनिश्चराय नमः ।।

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कामेंट्स

Neha Sharma, Haryana Nov 30, 2019
Jai Shri Shani dev ki Shubh Prabhat Vandan bhai ji God bless you and your family ji Aapka har pal mangalmay ho bhai ji 🙏🌹

Dheeraj Shukla Nov 30, 2019
जय शनिदेव जी शुभ प्रभात वंदन भाई जी

♏ohan 🅿️atidar Nov 30, 2019
Jai shree shani Dev ji KI Kripa Aap Par Hamesa Bani Rahe Jiiiiii 🌹 Gud morning Jiiiii 🌷 Jai shree Hanuman Jiiiiii 🌹

Pawan Saini Nov 30, 2019
jai Shri radhe radhe shubh parebhat vandan Bhai ji 🙏💐 🌻 God bless you and your family Bhai ji 🙏💐 🌻

Bheraram Suthar Nov 30, 2019
ओम श्री शनिदेव जी महाराज की जय

Babita Sharma Nov 30, 2019
सुप्रभात वंदन भाई 🙏 जय श्री राम श्री शनिदेव की कृपादृष्टि सदा आप पर बनी रहे 🌹🌹सुंदर दिवस की हार्दिक शुभेच्छा, हार्दिक अभिनंदन

सुधा Nov 30, 2019
जय श्री राम जी 🌷🙏🌺 सुप्रभात वन्दन प्यारे भाई जी 🌺🙏🌷

kashi nath prajapati Nov 30, 2019
जय शनिदेव शुभ सवेरा भाई आपका दिन मंगलमय हो जी मंगलमय प्रभात की मंगलमय कामना भाई शुभ प्रभात वंदन भाई

दिनकर महाराज लटपटे Nov 30, 2019
राम राम जी🙏🌹आप और आपके परिवारपर श्रीशनिदेव जी की कृपा हमेशा बनी रहे🌹आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो🙏🙏🌹🌹🌹

K N Padshala🙏 Nov 30, 2019
जय श्री शं शनैश्चराय नमः जय सीताराम शुभ प्रभात वंदन भाई जी जय श्री कृष्ण 🌹🙏🙏👌👌👌👌🕉

Queen Nov 30, 2019
🌷🍁Jai Shree Ram hanumaan Bhai Ji aap or apki family pr Ram hanumaan Ji Di kripa Bna rhe always be happy Good morning Bhai Ji 🍁🌷

Ⓜ@Nisha Nov 30, 2019
*🌺 जय श्री राम🌺* ###🌷🌸🌷### *रत्न तो लाख मिले* *एक ह्रदय धन न मिला,* *दर्द हर वक्त मिला,* *चैन किसी क्षण न मिला,* *ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई* *धूप जीवन की मगर,* *दूसरी बार लौट के हमें* *बचपन न मिला...!*🌸🌼🌺🌸🌼🌺🌸🌼🌺🌸🌼🌺🌸🌼🌺 *आपके कर्म ही आपकी पहचान है* *वरना एक नाम के हजारो इंसान है* *🙏🏻!! जय सियाराम!!🙏🏻 ##🌷🌷 शुभ शनिवार 🌷🌷##

Dr.ratan Singh Nov 30, 2019
💮🕯️शुभसंध्या वन्दन भाई🕯️💮 🙏आपको सपरिवार को विनायकी चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं🙏 🎎आप और आपके सम्पूर्ण परिवार पर श्री हनुमान जी भगवान शनिदेव और गणेश जी की आशीर्वाद सदा बनी रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो 🙏 🍑आपका शनिवार का संध्या शुभ चिन्तामुक्त शांतिमय और मंगलमय व्यतीत हो🎭

S.G PANDA Jan 25, 2020

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Dheeraj Shukla Jan 25, 2020

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Pt Vinod Pandey 🚩 Jan 26, 2020

🌞 *~ आज का हिन्दू #पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 27 जनवरी 2020* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076* ⛅ *शक संवत - 1941* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - तृतीया पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *नक्षत्र - शतभिषा पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *योग - वरीयान् 28 जनवरी रात्रि 02:52 तक तत्पश्चात परिघ* ⛅ *राहुकाल - सुबह 08:34 से सुबह 09:56 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:18* ⛅ *सूर्यास्त - 18:24* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - तृतीया क्षय तिथि* 💥 *विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 ➡ *28 जनवरी 2020 (सुबह 08:23 से 29 जनवरी सूर्योदय तक )* 🌷 *मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग* 🙏🏻 *मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।* 👉🏻 *मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना ... जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है...* 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 🙏 *अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…* 🌷 *> बिना नमक का भोजन करें* 🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो* 🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें* 💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |* 🌐 http://www.vkjpandey.in 🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷 👉 *भारतीय समय के अनुसार 28 जनवरी 2020 (सुबह 08:23 से 29 जनवरी सूर्योदय तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..* *👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-* 🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः* 🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः* 🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः* 🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः* 🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः* 🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः* 🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः* 🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः* 🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः* 🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः* 🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः* 🌷 *12) ॐ भुजाय नमः* 🌷 *13) ॐ भौमाय नमः* 🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः* 🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः* 🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः* 🌷 *17) ॐ यमाय नमः* 🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः* 🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः* 🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः* 🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः* 🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-* 🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा* 🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका* 🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम* 🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे* 🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..* 🌐 http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌹🌻☘🌷🌺🌸🌼💐🙏

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