हिंदू धर्म में सप्ताह का हर वार किसी न किसी देवता को समर्पित है और गुरुवार के दिन बृहस्पति के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि गुरु बृहस्पति, देवगुरु हैं। ज्योतिष मान्यताओं में गुरु सुखद दाम्पत्य जीवन व सौभाग्य को नियत करते हैं। खासकर स्त्री के विवाह और पुरुष की आजीविका की परेशानी गुरु की प्रसन्नता से दूर हो जाती है। अगर आप आर्थिक परशानियों का सामना कर रहे हैं, कोई भी काम कर रहे है उसमें असफलता प्राप्त हो रही है तो हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं जिनको करने से आपको धन लाभ होगा। आज हम आपको कुछ ऐसे अचूक उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें करके आप करियर में तरक्की प्राप्त कर सकते हैं और जीवन में सुख-शांति से रह सकते हैं। - बृहस्पतिवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें और इसके बाद भगवान का नमन करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें। विधि-विधान से पूजा करने के बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ जरूर करें। - इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के बाद केसर का तिलक लगाएं। अगर केसर नहीं है तो आप हल्दी का तिलक भी लगा सकते हैं। - ये उपाय बड़े काम का है। गुरुवार को श्री गणेश को मात्र एक चुटकी हल्दी चढ़ाई जाए तो विवाह संबंधी रुकावटें दूर होती हैं। इसके अलावा भगवान विष्णु और लक्ष्मी की प्रतिमा के पीछे हल्दी की पुड़िया छुपा कर रखने से अति शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। - सूर्यदेव को हल्दी मिला जल चढ़ाने से कन्या की शादी योग्य वर से होती है। - हल्दी की माला से कोई भी मंत्र जप किया जाए तो विलक्षण बुद्धि के स्वामी हो सकते हैं। - गुरुवार के दिन नहाते समय अगर नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर नहाया जाए तो यह शारीरिक और मानसिक शुद्धता देती है। करियर में सफलता के लिए भी यह प्रयोग अचूक है। - हल्दी की गांठ पर मौली लपेटकर सिरहाने रखा जाए तो बुरे सपने नहीं आते। बाहरी हवा से भी बचाव होता है। हल्दी के प्रयोग से जीवन में संपन्नता आती है। यह मानस की नकारात्मकता दूर करती है। इसीलिए इसे हवन में भी इस्तेमाल किया जाता है। - गुरुवार को गुरु ग्रह के लिए व्रत रखें। इस दिन पीले कपड़े पहनें। बिना नमक का खाना खाएं। भोजन में पीले रंग का पकवान जैसे बेसन के लड्डू, आम, केले आदि भी शामिल करें। - गुरु बृहस्पति की प्रतिमा या फोटो को पीले कपड़े पर विराजित करें और पूजा करें। पूजा में केसरिया चंदन, पीले चावल, पीले फूल और प्रसाद के लिए पीले पकवान या फल चढ़ाएं। -गुरु मंत्र का जप करें- मंत्र- ऊँ बृं बृहस्पते नम:। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। -गुरु से जुड़ी पीली वस्तुओं का दान करें। पीली वस्तु जैसे सोना, हल्दी, चने की दाल, आम (फल) आदि। -गुरुवार की शाम को केले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। केले की पूजा करें और लड्डू या बेसन की मिठाई चढ़ाएं।

हिंदू धर्म में सप्ताह का हर वार किसी न किसी देवता को समर्पित है और गुरुवार के दिन बृहस्पति के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि गुरु बृहस्पति, देवगुरु हैं। ज्योतिष मान्यताओं में गुरु सुखद दाम्पत्य जीवन व सौभाग्य को नियत करते हैं। खासकर स्त्री के विवाह और पुरुष की आजीविका की परेशानी गुरु की प्रसन्नता से दूर हो जाती है।

अगर आप आर्थिक परशानियों का सामना कर रहे हैं, कोई भी काम कर रहे है उसमें असफलता प्राप्त हो रही है तो हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं जिनको करने से आपको धन लाभ होगा।

आज हम आपको कुछ ऐसे अचूक उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें करके आप करियर में तरक्की प्राप्त कर सकते हैं और जीवन में सुख-शांति से रह सकते हैं।

- बृहस्पतिवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें और इसके बाद भगवान का नमन करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें। विधि-विधान से पूजा करने के बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ जरूर करें।

- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के बाद केसर का तिलक लगाएं। अगर केसर नहीं है तो आप हल्दी का तिलक भी लगा सकते हैं।

- ये उपाय बड़े काम का है। गुरुवार को श्री गणेश को मात्र एक चुटकी हल्दी चढ़ाई जाए तो विवाह संबंधी रुकावटें दूर होती हैं।

इसके अलावा भगवान विष्णु और लक्ष्मी की प्रतिमा के पीछे हल्दी की पुड़िया छुपा कर रखने से अति शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।

- सूर्यदेव को हल्दी मिला जल चढ़ाने से कन्या की शादी योग्य वर से होती है।

- हल्दी की माला से कोई भी मंत्र जप किया जाए तो विलक्षण बुद्धि के स्वामी हो सकते हैं।

- गुरुवार के दिन नहाते समय अगर नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर नहाया जाए तो यह शारीरिक और मानसिक शुद्धता देती है। करियर में सफलता के लिए भी यह प्रयोग अचूक है।

- हल्दी की गांठ पर मौली लपेटकर सिरहाने रखा जाए तो बुरे सपने नहीं आते। बाहरी हवा से भी बचाव होता है।

हल्दी के प्रयोग से जीवन में संपन्नता आती है। यह मानस की नकारात्मकता दूर करती है। इसीलिए इसे हवन में भी इस्तेमाल किया जाता है।

- गुरुवार को गुरु ग्रह के लिए व्रत रखें। इस दिन पीले कपड़े पहनें। बिना नमक का खाना खाएं। भोजन में पीले रंग का पकवान जैसे बेसन के लड्डू, आम, केले आदि भी शामिल करें।

- गुरु बृहस्पति की प्रतिमा या फोटो को पीले कपड़े पर विराजित करें और पूजा करें। पूजा में केसरिया चंदन, पीले चावल, पीले फूल और प्रसाद के लिए पीले पकवान या फल चढ़ाएं।

-गुरु मंत्र का जप करें- मंत्र- ऊँ बृं बृहस्पते नम:। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए।

-गुरु से जुड़ी पीली वस्तुओं का दान करें। पीली वस्तु जैसे सोना, हल्दी, चने की दाल, आम (फल) आदि।

-गुरुवार की शाम को केले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। केले की पूजा करें और लड्डू या बेसन की मिठाई चढ़ाएं।

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Vandana Singh Jan 27, 2021

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PDJOSHI Jan 27, 2021

_श्रीहरिः_ 🙏🏽🌷श्रीभक्तमाल🌷 🙏🏽 *श्री लक्ष्मण भक्त जी* *एक बड़े प्रेमी महात्मा थे जिनकी संतो में बड़ी श्रद्धा थी ।उनस नाम था श्री लक्ष्मण जी । भक्त लक्ष्मण जी बडे सद्भाव से साधुओं की सेवा करते थे। बिना किसी रोक टोक के लक्ष्मण जी के यहां संतो का दिन रात आवागमन रहता था । संतो के वेष मात्र का आदर लक्ष्मण जी करते थे ।इनकी इस उदारता को देखकर एक दुष्ट ने भी सन्तवेष धारण कर लिया और कई दिनतक लक्ष्मण भक्त के यहां रहा । लक्ष्मण जी उसकी भी सेवा करते रहे क्योंकि लक्ष्मीन जी वेषनिष्ठ सन्त थे । एक दिन मौका पाकर वह वेषधारी भगवान् के मंदिर में घुस गया । भगवां के आभूषण – पार्षदों को लेकर भाग गया । यह देखकर भगवान ने एक सिपाही का रूप धारणकर उसे जा पकडा और उसे श्रीलक्ष्मण भक्त के पास लाये और बोले – देखो, यह तुम्हरे मंदिर का सामान चुराकर ले जा रहा है ।* *श्री लक्ष्मण जी ने कहा – इन संत को सामान की आवश्यकता होगी । इसलिये ले जा रहे हैं । मेरे मास जो कुछ है , इन्ही का है । इनहें ले जाने दो । अब वे सिपाही भगवान् क्या करते ? वह सामान लेकर गया तो भगवान भी साथ साथ चले । फिर उसके आगे- आगे चलने लगे इसके बाद अन्तर्धान हो गये । इधर-उधर बहुत निगाह दौडानेपर भी नहीं दीखे । इस तरह कभी प्रकट कभी अप्रकट होते देखकर उसे भय हुआ । भगवान् की कृपा से उसकी बुद्धि निर्मल हो गयी ।उसने मन मे अनुमान कर लिया कि भक्तों के हितकारी भगवान् की यह लीला है । मैं भक्त की चोरी करके दुख पाउँगा । श्रीलक्ष्मण जी की सहज सरलता का स्मरण करता हुआ वापस लौट आया । उसने सब सामान देकर हृदय के दुष्ट भाव को खोलकर रख दिया और चरणो मे पडकर क्षमा मांगने लगा । भक्त के प्रताप से वह सच्चा संत बन गया। इस तरह संत वेष में अपार निष्ठा के कारण भगवान् ने श्री लक्ष्मण जी पर कृपा की।* _क्रमशः_......... 🌷🙏🏽 *हरिः शरणम्* 🌷🙏🏽

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Radhe Krishna Jan 27, 2021

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ramkumarverma Jan 27, 2021

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vandana Jan 27, 2021

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sarita Jan 27, 2021

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