Rameshannd Guruji
Rameshannd Guruji Jan 21, 2022

बंम बटुक भैरवाय नमः🙏🌹🙏 आज का दर्शन 🙏 वाराणसी उत्तर प्रदेश baba_batuk_bhairav_varanasi

बंम बटुक भैरवाय नमः🙏🌹🙏
आज का दर्शन 🙏
वाराणसी उत्तर प्रदेश baba_batuk_bhairav_varanasi

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sn.vyas May 17, 2022

🌳🌴🌲🎄🎋🌾🌲🥀🌴🌳 *🙏 सादर वन्दे🙏* *🚩धर्मयात्रा🚩* *🌳मसूरी🌳* हरिद्वार से यमुनोत्री धाम जाने के लिए दो मार्ग हैं *पहला मार्ग :--* हरिद्वार से देहरादून ,मसूरी , होकर यमुनोत्री धाम जाता है जो कि करीब 223 कि.मी. है एवं *दूसरा मार्ग :---* हरिद्वार , ऋषिकेश ,नरेंद्र नगर , चंबा , टिहरी होकर यमुनोत्री धाम जाता है जो करीब 262 कि.मी. है l आज हम आपको मार्ग में आने वाले मसूरी की जानकारी देने जा रहे हैं l मसूरी , देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, मसूरी घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है। इस पर्वतीय पर्यटन स्थल को पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। निकटवर्ती लैंढ़ौर कस्बा बार्लोगंज और झाड़ीपानी मसूरी में आता है।मसूरी शहर पर्यटकों के लिये परीमहल जैसा है। मसूरी गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी है। देहरादून में पायी जाने वाली वनस्पति और जीव-जंतु इसके आकर्षण को और भी बढ़ा देते हैं। *मसूरी के दर्शनीय स्थल -----* *गन हिल ----* मसूरी की दूसरी सबसे ऊॅंची चोटी पर रोप-वे द्वारा जाने का आनंद लें। यहाँ पैदल रास्ते से भी पहुॅंचा जा सकता है, यह रास्ता माल रोड पर कचहरी के निकट से जाता है और यहाँ पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। रोप-वे की लंबाई केवल 400 मीटर है। सबसे ज्यादा इसकी सैर में जो रोमांच है, वह अविस्मरणीय है। गन हिल से हिमालय पर्वत श्रृंखला अर्थात् बंदरपंच , श्रीकांता , पिठवाड़ा और गंगोत्री समूह आदि के सुंदर दृश्य देखे जा सकते हैं, साथ ही मसूरी और दून-घाटी का विहंगम दृश्य भी यहाँ से देखे जा सकते हैं। आजादी-पूर्व के वर्षों में इस पहाड़ी के ऊपर रखी तोप प्रतिदिन दोपहर को चलाई जाती थी ताकि लोग अपनी घड़ियां सही कर लें, इसी कारण इस स्थान का नाम गन हिल पड़ा। *ज्वाला देवी मन्दिर ------* ज्वाला देवी मन्दिर एक प्राचीन मन्दिर है जो देवी दुर्गा को समर्पित है। सुंदर हरियाली से घिरा यह मन्दिर बेनोग हिल पर स्थित है और मसूरी में घूमने के लिए सबसे आकर्षक और महत्वपूर्ण जगहों में से एक माना जाता है। *म्युनिसिपल गार्डन -----* मसूरी का वर्तमान कंपनी गार्डन या म्युनिसिपल गार्डन आजादी से पहले तक बोटेनिकल गार्डन भी कहलाता था। कंपनी गार्डन के निर्माता विश्वविख्यात भूवैज्ञानिक डॉ॰ एच. फाकनार लोगी थे। इसकी देखभाल कंपनी प्रशासन की देखरेख में होने के कारण इसे कंपनी गार्डन या म्युनिसिपल गार्डन कहा जाने लगा l *तिब्बती मन्दिर ------* बौद्ध सभ्यता का यह मन्दिर पर्यटकों का मन मोह लेता है। इस मन्दिर के पीछे की तरफ कुछ ड्रम लगे हुए हैं। जिनके बारे में मान्यता है कि इन्हें घुमाने से मनोकामना पूरी होती है। *चाइल्डर्स लॉज ------* लाल टिब्बा के निकट यह मसूरी की सबसे ऊंची चोटी है। टूरिस्ट कार्यालय से यह 5 कि॰मी॰ दूर है, यहां तक घोड़े पर या पैदल भी पहुंचा जा सकता है। यहाँ से बर्फ के दृश्य देखना बहुत रोमांचक लगता है। *कैमल बैक रोड ------* कुल 3 कि.मी.लंबा यह रोड रिंक हॉल के समीप कुलरी बाजार से आरंभ होता है और लाइब्रेरी बाजार पर जाकर समाप्त होता है। इस सड़क पर पैदल चलना या घुड़सवारी करना अच्छा लगता है। हिमालय में सूर्यास्त का दृश्य यहाँ से सुंदर दिखाई पड़ता है। मसूरी पब्लिक स्कूल से कैमल रॉक जीते जागते ऊंट जैसी लगती है। *झड़ीपानी फाल ------* यह फाल मसूरी-झड़ीपानी रोड पर मसूरी से 8.5 कि.मी.दूर स्थित है। पर्यटक झड़ी- पानी तक 7 कि.मी.की दूरी बस या कार द्वारा तय करके यहाँ से पैदल 1.5 कि.मी.दूरी पर झरने तक पहुंच सकते हैं। *भट्टा फाल ------* यह फाल मसूरी-देहरादून रोड पर मसूरी से 7 कि.मी.दूर स्थित है। पर्यटक बस या कार द्वारा यहाँ पहुंचकर आगे की 3 कि.मी.दूरी पैदल तय करके झरने तक पहुंच सकते हैं। स्नान और पिकनिक के लिए यह अच्छी जगह है। *कैम्पटी फाल -----* यमुनोत्री रोड पर मसूरी से 15 कि.मी. दूर 4500 फुट की ऊंचाई पर यह इस सुंदर घाटी में स्थित सबसे बड़ा और सबसे खूबसूरत झरना है, जो चारों ओर से ऊंचे पहाड़ों से घिरा है। झरने की तलहटी में स्नान तरोताजा कर देता है और बच्चों के साथ-साथ बड़े भी इसका आनंद उठाते हैं। मसूरी-यमुनोत्री मार्ग पर नगर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित यह झरना पांच अलग-अलग धाराओं में बहता है , जो पर्यटकों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र बना रहता है। अंगरेज अपनी चाय दावत अकसर यहीं पर किया करते थे , इसीलिए तो इस झरने का नाम कैंपटी (कैंप+टी) फाल है। मसूरी से इसकी दूरी 15 किलोमीटर है। यह मसूरी घाटी का सबसे सुंदर जलप्रपात है। कैम्प्टी जलप्रपात के पास ही कैम्प्टी झील है। लोग यहाँ पर अपने परिवार एवं मित्रों के साथ समय बिताने के लिए आते हैं। यहाँ उपलब्ध नौकायन और टॉय ट्रेन की सुविधा बच्चों को खासा लुभाती है। *नाग देवता मन्दिर -----* कार्ट मेकेंजी रोड पर स्थित यह प्राचीन मन्दिर मसूरी से लगभग 6 कि.मी. दूर है। वाहन ठीक मन्दिर तक जा सकते हैं। यहाँ से मसूरी के साथ-साथ दून-घाटी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। *मसूरी झील ------* मसूरी-देहरादून रोड पर यह नया विकसित किया गया पिकनिक स्पॉट है , जो मसूरी से लगभग 6 कि.मी.दूर है। यहाँ पैडल-बोट उपलब्ध रहती हैं। यहाँ से दून-घाटी और आसपास के गांवों का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। मसूरी हरिद्वार से 86 कि.मी. ऋषिकेश से 74 कि.मी.और देहरादून से 34 कि.मी.दूर है 🌳🌴🌲🌾🥀🌾🎋🌲🌴🌳

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Amar Tripathi May 16, 2022

जय भवानी 🚩🚩🚩 युद्ध ग्रस्त अज़रबैजान देश मे मां भवानी की शक्तिपीठ है 🚩जिसमें आज भी 3000 वर्षों से मंदिर परिसर में जल रही है माँ भवानी की अखंड ज्वाला।🔥 सोवियत रूस के पूर्व देश अर्मेनिया और मुस्लिम देश अज़रबैजान वर्तमान में युद्धग्रस्त है। इसी अज़रबैजान की ईरान सीमा के निकट हम हिन्दुओं का एक प्राचीन माँ भवानी की शक्तिपीठ है। इस शक्तिपीठ में माँ की अखंड ज्वाला 3 हजार सालों से यूं ही जल रही है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, ऐसा उस देश के इतिहासकार और वैज्ञानिक कह रहे हैं जिसकी 90% आबादी मुस्लिम है। 1860 तक यहाँ हिन्दू और फ़ारसी लोग इस मंदिर में पूजा किया करते थे। आज यह मंदिर खंडहर है, पर इसकी ज्वाला आज भी जल रही है। जिसे मिटाने, बुझाने या नष्ट करने की कई सौ सालों तक कोशिश की गई पर इस ज्वाला को कोई बुझा नहीं सका। मंदिर के खंडहरों के शिलालेखों पर आज भी श्री गणेश भगवान, भगवान शिव एवं माता पार्वती के चित्र हैं और संस्कृत में श्लोक लिखे हुये कोई भी जाकर देख सकता है। 1998 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया और 2007 में अज़रबैजान सरकार ने इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया। 🚩 जय माता दी 🚩 🙏🏼🙏🏼🙏🏼

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gopal gajjar May 16, 2022

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