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Acharya Rajesh May 5, 2021

☀️ *विस्तृत लेखमाला:-मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र, भाग-8* *मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र की इस धारावाहिक लेखमाला मे प्रतिदिन अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा तथा महामंत्र के जाप से अभीष्ट की प्राप्ति की जा सकती हैं । आज लेखमाला के प्रथम भाग मे गणेश जी की भक्ति के द्वारा नौकरी या काम-धंधे मे अचानक विध्न, रूकावटे का निवारण करनें हेतु मंत्र प्रयोग ।* *माँ काली महामंत्र:- सुखों तथा आनंद की प्राप्ति हेतु* सभी प्रकार के विघ्नो, रूकावटो को हटाकर ब्याह-शादी आदि मांगलिक कार्यों मे सफलता पाने हेतु मां काली जी के इस मंत्र का प्रतिदिन श्रध्दा पूर्वक जाप करना चाहिए :- *विधि:-* शुक्लपक्ष के पहले शनिवार से प्रारंभ करना चाहिए, प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर काली माँ की पंचोपचार पूजा करके सिंदूर, नारियल तथा नैवेद्य प्रदान करके के उपरांत निम्नलिखित मंत्र का कम से कम एक माला का लाल चंदन की माला से जप प्रतिदिन करे । *मंत्र:-* *काली महाकाली कालिके परमेश्वरी ।* *सर्वनन्दकरि देवी नारायणी नमोऽस्तुते ॥* *(क्रमशः)* *कल लेख के नवे भाग में *"विध्न, रूकावट निवारण मंत्र"* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही "पंचक" विषय पर लेख ।* *2. शीघ्र ही "मोहिनी एकादशी" विषय पर लेख ।* *3. शीघ्र ही "वैशाख मास के अंतिम तीन दिन" विषय पर लेख ।* *4. शीघ्र ही "वैशाख पूर्णिमा" विषय पर लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *वृहस्पतिवार,6.5.2021* *श्री संवत 2078* *शक संवत् 1943* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-उत्तर गोल* *ऋतुः- ग्रीष्म ऋतुः ।* *मास- वैशाख मास।* *पक्ष- कृष्ण पक्ष ।* *तिथि- दशमी तिथि 2:12 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र कुंभ राशि मे ।* *नक्षत्र- शतभिषा 10:32 am तक* *योग- ऐन्द्रे योग 7:20 pm तक (अशुभ है)* *करण- विष्टि करण 2:12 pm तक* *सूर्योदय 5:36 am, सूर्यास्त 6:59 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 11:51 am से 12:44 pm* *राहुकाल - 1:58 pm से 3:38 pm* (अशुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- दक्षिण दिशा ।* *मई माह -शुभ दिन:-* शुभ दिन :- 7 (सायंकाल 7 उपरांत), 8 (सायंकाल 5 तक), 14, 15, 16 (सवेरे 10 उपरांत), 17, 18, 19 (दोपहर 1 तक), 20, 21, 22, 24 (सवेरे 11 उपरांत), 26, 28, 30, 31 *मई माह-अशुभ दिन:-* 6, 9, 10, 11, 12, 13, 23, 25, 27, 29. भद्रा :- 6 मई 1:44 am to 6 मई 2:12 pm तक ( भद्रा मे मुण्डन, गृहारंभ, गृहप्रवेश, विवाह, रक्षाबंधन आदि शुभ काम नही करने चाहिये , लेकिन भद्रा मे स्त्री प्रसंग, यज्ञ, तीर्थस्नान, आपरेशन, मुकद्दमा, आग लगाना, काटना, जानवर संबंधी काम किए जा सकतें है । *पंचक:- पंचक प्रारंभ 4 मई 8:44 pm से लेकर 9 मई 5:29 pm तक।* पंचक नक्षत्रों  मे निम्नलिखित काम नही करने चाहिए, 1.छत बनाना या स्तंभ बनाना( lantern  or Pillar ) 2.लकडी  या  तिनके तोड़ना , 3.चूल्हा लेना या बनाना, 4. दाह संस्कार करना (cremation) 5.पंलग चारपाई, खाट , चटाई  बुनना  या बनाना 6.बैठक का सोफा या गद्दियाँ बनाना । 7 लकड़ी ,तांबा ,पीतल को जमा करना ।(इन कामो के सिवा अन्य सभी शुभ  काम पंचको  मे  किए  जा  सकते  है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* ________________________ *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 7 मई:- बरूथिनी एकादशी। 8 मई:- शनि प्रदोष। 9 मई:- मासिक शिवरात्रि। 12 मई:- ईद-उल-फितर। 15 मई:- विनायक चतुर्थी। 22 मई:- मोहिनी एकादशी। 24 मई:- सोम प्रदोष व्रत। 26 मई:- बुद्ध पूर्णिमा/वैशाख पूर्णिमा। 29 मई:- संकष्टी चतुर्थी आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh May 4, 2021

☀️ *विस्तृत लेखमाला:-मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र, भाग-7* *मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र की इस धारावाहिक लेखमाला मे प्रतिदिन अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा तथा महामंत्र के जाप से अभीष्ट की प्राप्ति की जा सकती हैं । आज लेखमाला के प्रथम भाग मे गणेश जी की भक्ति के द्वारा नौकरी या काम-धंधे मे अचानक विध्न, रूकावटे का निवारण करनें हेतु मंत्र प्रयोग ।* *विद्या, बुद्धि, कला, विज्ञान तथा संगीत मे सिद्धहस्त होने हेतु सरस्वती मंत्र* विद्यार्थी, अध्यापक, वैज्ञानिक, कला के श्रेत्र मे काम करने वाले, संगीतज्ञ तथा किसी भी ज्ञान को प्राप्त करने वाले, ज्ञानी अथवा कमजोर दिमाग के मनुष्यों को माता सरस्वती की आराधना के साथ-साथ उनके मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए, जिसके द्वारा वे अपने श्रेत्र के ज्ञान मे निपुणता, सिद्धहस्तता प्राप्त कर सकते है । *विधि:-* विद्यार्थी प्रतिदिन अपनी पढाई आरंभ करने से पहले, तथा अन्य संबंधित मनुष्य अपना कार्य आरंभ करने से पहले मां सरस्वती का ध्यान करते हुए अपने सामर्थ्य के अनुसार सात, ग्यारह या इक्कीस बार करके ही कार्य को शुरू करे । इसके अतिरिक्त प्रातःकाल की पूजा मे, निम्नलिखित मंत्रों मे से किसी एक मंत्र का कम से कम एक माला का जाप अवश्य करे । *नमस्ते शारदे देवी, सरस्वती मतिप्रदे* *वसत्वम् मम जिव्हाग्रे, सर्वविद्याप्रदाभव।* *नमस्ते शारदे देवी, वीणापुस्तकधारिणी* *विद्यारंभम् करिष्यामि, प्रसन्ना भव सर्वदा।* अर्थ: हे विद्याप्रदायिनी शारदा देवी! हमारी  जिव्हा के अग्र भाग में बसो तथा हमें समस्त विद्याओं का ज्ञान दो। हे वीणा तथा पुस्तक हाथ में लिए रहने वाली देवी शारदे, हम विद्यारंभ कर रहे हैं, आपको नमन करते हैं, हम पर आप सदा प्रसन्न रहें! *सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी ।* *विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥* अर्थ-ज्ञान की देवी माँ सरस्वती को मेरा नमस्कार, वर दायिनी माँ भगवती को मेरा प्रणाम। अपनी विद्या आरम्भ करने से पूर्व आपका नमन करता हूँ, मुझ पर अपनी सिद्धि की कृपा बनाये रखें। *या देवी स्तुयते नित्यं विबुधैर्वेदपरागै: ।* *सा मे वसतु जिह्रारो ब्रह्मरूपा सरस्वती ॥* अर्थ- ज्ञान की देवी माँ सरस्वती जिसकी जिव्हा पर सारे श्लोकों का सार है, जो बुद्धि की देवी कही जाती है और जो ब्रह्म देव की पत्नी है। ऐसी माँ का वास मेरे अन्दर सदैव रहे ऐसी कामना है। *या कुंदेंदुतुषारहार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता ।* *या वीणावरदण्डमंडितकरा, या श्वेतपद्मासना ॥* *या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभ्रृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता ।* *सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड्यापहा॥* अर्थ- जो विद्या देवी कुंद के पुष्प, शीतल चन्द्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह श्वेत वर्ण की हैं और जिन्होंने श्वेत वर्ण के वस्त्र धारण किये हुए हैं, जिनके हाथ में वीणा शोभायमान है और जो श्वेत कमल पर विराजित हैं तथा ब्रह्मा,विष्णु और महेश, सभी देवता जिनकी नित्य वन्दना करते हैं, वही अज्ञान के अन्धकार को दूर करने वाली माँ भगवती हमारी रक्षा करें। *(क्रमशः)* *कल लेख के आठवें भाग में "माँ काली महामंत्र:- सुखों तथा आनंद की प्राप्ति"।* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही "पंचक" विषय पर लेख ।* *2. शीघ्र ही "मोहिनी एकादशी" विषय पर लेख ।* *3. शीघ्र ही "वैशाख मास के अंतिम तीन दिन" विषय पर लेख ।* *4. शीघ्र ही "वैशाख पूर्णिमा" विषय पर लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *बुधवार,5.5.2021* *श्री संवत 2078* *शक संवत् 1943* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-उत्तर गोल* *ऋतुः- ग्रीष्म ऋतुः ।* *मास- वैशाख मास।* *पक्ष- कृष्ण पक्ष ।* *तिथि- नवमी तिथि 1:24 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र कुंभ राशि मे ।* *नक्षत्र- धनिष्ठा 9:11 am तक* *योग- ब्रह्म योग 7:35 pm तक (शुभ है)* *करण- गर करण 1:24 pm तक* *सूर्योदय 5:37 am, सूर्यास्त 6:58 pm* *अभिजित् नक्षत्र- कोई नहीं* *राहुकाल - 12:18 pm से 1:58 pm* (अशुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- उत्तर दिशा ।* *मई माह -शुभ दिन:-* शुभ दिन :- 5, 7 (सायंकाल 7 उपरांत), 8 (सायंकाल 5 तक), 14, 15, 16 (सवेरे 10 उपरांत), 17, 18, 19 (दोपहर 1 तक), 20, 21, 22, 24 (सवेरे 11 उपरांत), 26, 28, 30, 31 *मई माह-अशुभ दिन:-* 6, 9, 10, 11, 12, 13, 23, 25, 27, 29. *पंचक:- पंचक प्रारंभ 4 मई 8:44 pm से लेकर 9 मई 5:29 pm तक।* पंचक नक्षत्रों  मे निम्नलिखित काम नही करने चाहिए, 1.छत बनाना या स्तंभ बनाना( lantern  or Pillar ) 2.लकडी  या  तिनके तोड़ना , 3.चूल्हा लेना या बनाना, 4. दाह संस्कार करना (cremation) 5.पंलग चारपाई, खाट , चटाई  बुनना  या बनाना 6.बैठक का सोफा या गद्दियाँ बनाना । 7 लकड़ी ,तांबा ,पीतल को जमा करना ।(इन कामो के सिवा अन्य सभी शुभ  काम पंचको  मे  किए  जा  सकते  है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* ________________________ *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 7 मई:- बरूथिनी एकादशी। 8 मई:- शनि प्रदोष। 9 मई:- मासिक शिवरात्रि। 12 मई:- ईद-उल-फितर। 15 मई:- विनायक चतुर्थी। 22 मई:- मोहिनी एकादशी। 24 मई:- सोम प्रदोष व्रत। 26 मई:- बुद्ध पूर्णिमा/वैशाख पूर्णिमा। 29 मई:- संकष्टी चतुर्थी आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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Acharya Rajesh May 3, 2021

☀️ *विस्तृत लेखमाला:-मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र, भाग-6* *मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र की इस धारावाहिक लेखमाला मे प्रतिदिन अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा तथा महामंत्र के जाप से अभीष्ट की प्राप्ति की जा सकती हैं । आज लेखमाला के प्रथम भाग मे गणेश जी की भक्ति के द्वारा नौकरी या काम-धंधे मे अचानक विध्न, रूकावटे का निवारण करनें हेतु मंत्र प्रयोग ।* *जमीन-जायदाद बिक्री हेतु मंत्र प्रयोग* अगर कोई भूखंड, प्लाट, मकान, इंडस्ट्री बेचना चाह रहे हो और सौदा होने मे किसी भी प्रकार का विध्न, विवाद या रूकावट आ रही हो तो, शुक्लपक्ष के दूसरे मंगलवार या शनिवार रात्रि नौ बजे यह पूजा-प्रयोग करे । *विधि:-* सवा मीटर सफेद कपड़ा जिस प्रॉपर्टी को बेचना है, उसके ईशान कोण (उत्तर पूर्व) कोने में बिछाकर, उसके ऊपर एक एलोवीरा (ग्वारपाठा) का पौधा अच्छी तरह धो कर रख दें । एक वास्तु यंत्र, एक वास्तु दोष निवारण मंत्र भी साथ मे रखें, दोनो यंत्र तथा ग्वारपाठे की रोली, मौली, जल, चावल, सिंदूर तथा नैवेद्य से पूजा करने के बाद नीचे उनके सम्मुख हकीक या रूद्राक्ष की माला से निम्नलिखित मंत्र का ग्यारह माला जाप करे । *ॐ चैतन्य वास्तुपुरुषाय नम: ।* *ॐ चैतन्य स्थलपुरुषाय नम: ।।* सुबह छः बजे रात को पूजा किया हुआ सारा सामान कपड़े सहित बांधकर पोटली बना, सफेद कागज में लपेट कर जल प्रवाह कर दे । रास्ते में किसी से आते-जाते समय कोई टोक नहीं लगनी चाहिए, तथा पीछे मुड़कर नही देखना चाहिये । इस पूजन को करने के बाद अगले दिन से प्रातःकाल स्नानादि के उपरांत घर से नंगे पाँव मंदिर जाये, अपने इष्ट देव या भगवान शिव के समक्ष देसी धी का दीपक जलाकर, उक्त प्रॉपर्टी की बिक्री हेतु प्रार्थना करे, ध्यान रहे कि इसके अतिरिक्त भगवान से कुछ और प्रार्थना न करे । इस प्रकार लगातार चालीस दिन तक नंगे पाँव मंदिर जाकर प्रार्थना करनी है, चालीस दिन में आपका उक्त प्रॉपर्टी का सौदा हो जायेगा । *(क्रमशः)* *कल लेख के सातवें भाग में "विद्या, बुद्धि, कला, विज्ञान तथा संगीत मे सिद्धहस्त होने हेतु सरस्वती मंत्र"।* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही "पंचक" विषय पर लेख ।* *2. शीघ्र ही "मोहिनी एकादशी" विषय पर लेख ।* *3. शीघ्र ही "वैशाख मास के अंतिम तीन दिन" विषय पर लेख ।* *4. शीघ्र ही "वैशाख पूर्णिमा" विषय पर लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *मंगलवार,4.5.2021* *श्री संवत 2078* *शक संवत् 1943* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-उत्तर गोल* *ऋतुः- ग्रीष्म ऋतुः ।* *मास- वैशाख मास।* *पक्ष- कृष्ण पक्ष ।* *तिथि- अष्टमी तिथि 1:12 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र मकर राशि मे 8:44 am तक तदोपरान्त कुंभ राशि।* *नक्षत्र- श्रवण 8:26 am तक* *योग- शुक्ल योग 8:20 pm तक (शुभ है)* *करण- कौलव करण 1:12 pm तक* *सूर्योदय 5:38 am, सूर्यास्त 6:57 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 11:51 am से 12:44 pm* *राहुकाल - 3:38 pm से 5:17 pm* (अशुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- उत्तर दिशा ।* *मई माह -शुभ दिन:-* शुभ दिन :- 4, 5, 7 (सायंकाल 7 उपरांत), 8 (सायंकाल 5 तक), 14, 15, 16 (सवेरे 10 उपरांत), 17, 18, 19 (दोपहर 1 तक), 20, 21, 22, 24 (सवेरे 11 उपरांत), 26, 28, 30, 31 *मई माह-अशुभ दिन:-* 6, 9, 10, 11, 12, 13, 23, 25, 27, 29. *पंचक:- पंचक प्रारंभ 4 मई 8:44 pm से लेकर 9 मई 5:29 pm तक।* पंचक नक्षत्रों  मे निम्नलिखित काम नही करने चाहिए, 1.छत बनाना या स्तंभ बनाना( lantern  or Pillar ) 2.लकडी  या  तिनके तोड़ना , 3.चूल्हा लेना या बनाना, 4. दाह संस्कार करना (cremation) 5.पंलग चारपाई, खाट , चटाई  बुनना  या बनाना 6.बैठक का सोफा या गद्दियाँ बनाना । 7 लकड़ी ,तांबा ,पीतल को जमा करना ।(इन कामो के सिवा अन्य सभी शुभ  काम पंचको  मे  किए  जा  सकते  है ।) ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* ________________________ *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 7 मई:- बरूथिनी एकादशी। 8 मई:- शनि प्रदोष। 9 मई:- मासिक शिवरात्रि। 12 मई:- ईद-उल-फितर। 15 मई:- विनायक चतुर्थी। 22 मई:- मोहिनी एकादशी। 24 मई:- सोम प्रदोष व्रत। 26 मई:- बुद्ध पूर्णिमा/वैशाख पूर्णिमा। 29 मई:- संकष्टी चतुर्थी आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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