हर हर महादेव ऊँ नमः शिवाय

हर हर महादेव ऊँ नमः शिवाय

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🍂🍃🍂 #हर_हर_महादेव__ऊँ__नमः #शिवाय 🍂🍃🍂
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🌜मधुर सपनों के साथ शुभ रात्रि प्रिय आदरणीय साथियों 🌛
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#भगवान_शिव_भोले_भण्डारी हैं और जग का कल्याण करने वाले हैं। सृष्टि के कल्याण हेतु जीर्ण-शीर्ण वस्तुओं का विनाश आवश्यक है। इस विनाश में ही निर्माण के बीज छुपे हुए हैं। इसलिये #शिव संहारकर्ता के रूप में निर्माण एवं नव-जीवन के प्रेरक भी हैं। सृष्टि पर जब कभी कोई संकट पड़ा तो उसके समाधान के लिये वे सबसे आगे रहे। जब भी कोई संकट देवताओं एवं असुरों पर पड़ा तो उन्होंने #शिव को ही याद किया और #शिव ने उनकी रक्षा की।
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समुद्र-मंथन में देवता और राक्षस दोनों ही लगे हुए थे। सभी अमृत चाहते थे, अमृत मिला भी लेकिन उससे पहले हलाहल विष निकला जिसकी गर्मी, ताप एवं संकट ने सभी को व्याकुल कर दिया एवं संकट में डाल दिया, विष ऐसा की पूरी सृष्टि का नाश कर दें, प्रश्न था कौन ग्रहण करें इस विष को। #भोलेनाथ को याद किया गया गया। वे उपस्थित हुए और इस विष को ग्रहण कर सृष्टि के सम्मुख उपस्थित संकट से रक्षा की। उन्होंने इस विष को कंठ तक ही रखा और वे #नीलकंठ कहलाये।
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इसी प्रकार गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिये #भोले बाबा ने ही सहयोग किया। क्योंकि गंगा के प्रचंड दबाव और प्रवाह को पृथ्वी कैसे सहन करें, इस समस्या के समाधान के लिये #शिव ने अपनी जटाओं में गंगा को समाहित किया और फिर अनुकूल गति के साथ गंगा का प्रवाह उनकी जटाओं से हुआ। ऐसे अनेक सृष्टि से जुड़े संकट और उसके विकास से जुड़ी घटनाएं हैं जिनके लिये #शिव ने अपनी शक्तियों, तप और साधना का प्रयोग करके दुनिया को नव-जीवन प्रदान किया।
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#शिव का अर्थ ही कल्याण है, वही #शंकर हैं, और वही #रुद्र भी हैं। #शंकर में शं का अर्थ कल्याण है और कर का अर्थ करने वाला। #रुद्र में रु का अर्थ दुःख और द्र का अर्थ हरना- हटाना। इस प्रकार #रुद्र का अर्थ हुआ, दुःख को दूर करने वाले अथवा कल्याण करने वाले। भौतिक एवं भोगवादी भागदौड़ की दुनिया में #शिवरात्रि का पर्व भी दुःखों को दूर करने एवं सुखों का सृजन करने का प्रेरक है। #भोलेनाथ भाव के भूखे हैं, कोई भी उन्हें सच्ची श्रद्धा, आस्था और प्रेम के पुष्प अर्पित कर अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर सकता है। दिखावे, ढोंग एवं आडम्बर से मुक्त विद्वान-अनपढ़, धनी-निर्धन कोई भी अपनी सुविधा तथा सामर्थ्य से उनकी पूजा और अर्चना कर सकता है। #शिव न काठ में रहता है, न पत्थर में, न मिट्टी की मूर्ति में, न मन्दिर की भव्यता में, वे तो भावों में निवास करते हैं।
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🍁 #नोट_उक्त_जानकारी_सोशल_मीडिया_से_ली_गई_है🍁
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PRABHAT KUMAR Jun 18, 2018
हर हर महादेव ऊँ नमः शिवाय

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