🌻अपरा एकादशी निमित्त भगवान विष्णु जी को स्मरण करते हुए कोटि कोटि प्रणाम 🌻

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कामेंट्स

MUKESH SINGH CHAUHAN May 11, 2018
very nice my dear friend Surti ji Aapko and aap k family ko ek sainik ka prnam most welcome to the glasiar with family and jai JAI Shree Radhay 💕 👏

lila manral May 11, 2018
namskar akadsi kal bratkun si akadsi se krna chahiy jai shri hri

parijat May 11, 2018
पुन्डलिक हारि विठ्ठल

Brijmohan pachapandey May 11, 2018
Bahut hi achchhi sundar post ji thanks ji bahut bahut dhnywad ji good evening ji bahin ji

dheeraj patel May 11, 2018
जय श्री कृष्ण 🌹🙏🚩🚩

Viney May 12, 2018
my favourite bhajan....thanks.

Viney May 12, 2018
yes, I used to sing this bhajan ....I used to listen to it for hours without any break.... it's my favourite bhajan.... Pandurang pandurang pandurang ..Hari...please keep on adding such nice bhajans...thanks.... :)

Viney May 12, 2018
@shruti regards....waiting for the next soul stirring bhajan... :)

🌹🙏❤️ मातृ दिवस ❤️🙏🌹 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 😃🌺🌲⛲शुभ रविवार⛲🌲🌺 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🌞🌲🚩ॐ सूर्य देवता नमः 🌞🌲🚩 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 🌅🌀🌻सुप्रभात🌻🌀🌅 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 🙏आपको सपरिवार मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं🙏 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर ममता मयी मां और भगवान सूर्यदेव की आशीर्वाद हमेशा बनी रहे 🙏 🌀आपका दिन शुभ और मंगलमय हो 🌀 ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ 💮वेदों में मिलती है मां की महिमा💮 ***************************** ❤️वेदों में'मां'कोअंबा','अम्बिका','दुर्गा','देवी','सरस्वती',' शक्ति','ज्योति','पृथ्वी' आदि नामों से संबोधित किया गया है। इसके अलावा 'मां' को 'माता', 'मात', 'मातृ', 'अम्मा', 'अम्मी', 'जननी', 'जन्मदात्री', 'जीवनदायिनी', 'जनयत्री', 'धात्री', 'प्रसू' आदि अनेक नामों से पुकारा जाता है। """"""""''""""""""""""""""""""""""""""""""""""""''''"""""""""""""""""""""""""""""" 🌹रामायण में श्रीराम अपने श्रीमुख से 'मां' को स्वर्ग से भी बढ़कर मानते हैं। वे कहते हैं- 🌹'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गदपि गरीयसी।' अर्थात, जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। 🔯महाभारत में जब यक्ष धर्मराज युधिष्ठर से सवाल करते हैं कि 'भूमि से भारी कौन?' तब युधिष्ठर जवाब देते हैं- 'माता गुरुतरा भूमेरू।' अर्थात, माता इस भूमि से कहीं अधिक भारी होती हैं। 🎎इसके साथ ही महाभारत महाकाव्य के रचियता महर्षि वेदव्यास ने 'मां' के बारे में लिखा है- 'नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।।' अर्थात, माता के समान कोई छाया नहीं है, माता के समान कोई सहारा नहीं है। माता के समान कोई रक्षक नहीं है और माता के समान कोई प्रिय चीज नहीं है तैतरीय उपनिषद में 'मां' के बारे में इस प्रकार उल्लेख मिलता है- ❤️'मातृ देवो भवः।' अर्थात, माता देवताओं से भी बढ़कर होती है। 'शतपथ ब्राह्मण' की सूक्ति कुछ इस प्रकार है- 🌹अथ शिक्षा प्रवक्ष्यामः मातृमान् पितृमानाचार्यवान पुरूषो वेदः।' अर्थात, जब तीन उत्तम शिक्षक अर्थात एक माता, दूसरा पिता और तीसरा आचार्य हो तो तभी मनुष्य ज्ञानवान होगा। 'मां' के गुणों का उल्लेख करते हुए आगे कहा गया है- 'प्रशस्ता धार्मिकी विदुषी माता विद्यते यस्य स मातृमान।' अर्थात, धन्य वह माता है जो गर्भावान से लेकर, जब तक पूरी विद्या न हो, तब तक सुशीलता का उपदेश करे। 🏵️ हितोपदेश- आपदामापन्तीनां हितोऽप्यायाति हेतुताम् । मातृजङ्घा हि वत्सस्य स्तम्भीभवति बन्धने ॥ 🥀 जब विपत्तियां आने को होती हैं, तो हितकारी भी उनमें कारण बन जाता है। बछड़े को बांधने में मां की जांघ ही खम्भे का काम करती है। 🏵️स्कन्द पुराण- नास्ति मातृसमा छाया नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।।' महर्षि वेदव्यास ❤️ माता के समान कोई छाया नहीं, कोई आश्रय नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। माता के समान इस दुनिया में कोई जीवनदाता नहीं❤️ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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Sudarshan Bhardwaj May 10, 2020

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sneh lata soni May 9, 2020

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kamlash May 10, 2020

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🚩 *श्री गणेशाय नम:🚩* *🕉🌞गीताज्ञान🌞🕉* *जितात्मनः प्रशान्तस्य* *परमात्मा समाहितः।* *शीतोष्णसुखदुःखेषु* *तथा मानापमानयोः॥६-७॥* *👉सर्दी-गर्मी, सुख-दुःख और मान-अपमान में जिसने स्वयं को जीता हुआ है, ऐसा पुरुष परमात्मा में सम्यक्‌ प्रकार से स्थित है॥7॥* 📜 *दैनिक-पंचांग* 📜 ☀ *11 - May - 2020* ☀ *पंचांग-श्रीमाधोपुर* 🔅 तिथि चतुर्थी 06:37:11 🔅 नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 28:10:32 🔅 करण : बालव 06:37:11 कौलव 18:10:10 🔅 पक्ष कृष्ण 🔅 योग साघ्य 26:40:22 🔅 वार सोमवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 05:41:03 🔅 चन्द्रोदय 23:19:59 🔅 चन्द्र राशि धनु 🔅 सूर्यास्त 19:07:11 🔅 चन्द्रास्त 09:00:00 🔅 ऋतु ग्रीष्म ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1942 शार्वरी 🔅 कलि सम्वत 5122 🔅 दिन काल 13:26:08 🔅 विक्रम सम्वत 2077 🔅 मास अमांत वैशाख 🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित 11:57:14 - 12:50:59 ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त : 12:50:59 - 13:44:43 15:32:12 - 16:25:57 🔅 कंटक 08:22:16 - 09:16:01 🔅 यमघण्ट 11:57:14 - 12:50:59 🔅 राहु काल 07:21:49 - 09:02:35 🔅 कुलिक 15:32:12 - 16:25:57 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 10:09:45 - 11:03:30 🔅 यमगण्ड 10:43:21 - 12:24:06 🔅 गुलिक काल 14:04:52 - 15:45:38 ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल पूर्व ☀ चन्द्रबल और ताराबल ☀ ताराबल 🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद ☀ चन्द्रबल 🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन 📜 *चौघडिया-मुहूर्त* 📜 🔅अमृत 05:41:03 - 07:21:49 🔅काल 07:21:49 - 09:02:35 🔅शुभ 09:02:35 - 10:43:21 🔅रोग 10:43:21 - 12:24:06 🔅उद्वेग 12:24:06 - 14:04:52 🔅चल 14:04:52 - 15:45:38 🔅लाभ 15:45:38 - 17:26:24 🔅अमृत 17:26:24 - 19:07:11 🔅चल 19:07:11 - 20:26:20 🔅रोग 20:26:20 - 21:45:29 🔅काल 21:45:29 - 23:04:39 🔅लाभ 23:04:39 - 24:23:48 🔅उद्वेग 24:23:48 - 25:42:57 🔅शुभ 25:42:57 - 27:02:07 🔅अमृत 27:02:07 - 28:21:16 🔅चल 28:21:16 - 29:40:26 *🕉🌞लग्न-तालिका🌞🕉* सूर्योदय का समय: 05:41:03 सूर्योदय के समय लग्न मेष चर 25°43′13″ 🔅 मेष चर शुरू: 04:18 AM समाप्त: 05:56 AM 🔅 वृषभ स्थिर शुरू: 05:56 AM समाप्त: 07:52 AM 🔅 मिथुन द्विस्वाभाव शुरू: 07:52 AM समाप्त: 10:07 AM 🔅 कर्क चर शुरू: 10:07 AM समाप्त: 12:26 PM 🔅 सिंह स्थिर शुरू: 12:26 PM समाप्त: 02:43 PM 🔅 कन्या द्विस्वाभाव शुरू: 02:43 PM समाप्त: 04:58 PM 🔅 तुला चर शुरू: 04:58 PM समाप्त: 07:17 PM 🔅 वृश्चिक स्थिर शुरू: 07:17 PM समाप्त: 09:35 PM 🔅 धनु द्विस्वाभाव शुरू: 09:35 PM समाप्त: 11:40 PM 🔅 मकर चर शुरू: 11:40 PM समाप्त: अगले दिन 01:24 AM 🔅 कुम्भ स्थिर शुरू: अगले दिन 01:24 AM समाप्त: अगले दिन 02:52 AM 🔅 मीन द्विस्वाभाव शुरू: अगले दिन 02:52 AM समाप्त: अगले दिन 04:18 AM 1⃣1⃣🌷0⃣5⃣🌷2⃣0⃣ *🕉🌞जयश्रीराम🌞🕉* *ज्योतिषशास्त्री:-सुरेन्द्र कुमार चेजारा व्याख्याता राउमावि होल्याकाबास* *निवास:-श्री सीताराम बाबा बावड़ी आश्रम के पास वार्ड नं 8 श्रीमाधोपुर ☎9461044090* 🍏🌸🍏🌸🍏🌸🍏🌸

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Lalan Singh May 9, 2020

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R.G.P.Bhardwaj May 10, 2020

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