Lakhan Mewada
Lakhan Mewada Dec 17, 2016

जय श्री महाकाल के दर्शन उज्जैन मध्य प्रदेश

जय श्री महाकाल के दर्शन उज्जैन मध्य प्रदेश

जय श्री महाकाल के दर्शन उज्जैन मध्य प्रदेश

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sanjay Awasthi Apr 17, 2021

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kamala Maheshwari Apr 17, 2021

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Shuchi Arora Apr 17, 2021

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Surinder Apr 17, 2021

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Shefali Sharma Apr 17, 2021

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🌹🙏जय श्री शनिदेव जी🙏🌹🙏🙏🙏नवरात्र के पांचवे दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की उपासना की जाती है।🙏🙏🙏भगवान स्कंद बाल रूप में स्वयं माता की गोद मे बिराजित है🙏🙏🙏..जिसके साथ खून का सम्बन्ध नहीं होता, फिर भी प्रिय लगे.. *वह है👬मित्र👬* जिसके साथ दुनियां भर की बातें करके भी थकान ना लगे .... *वह है👬मित्र👬* जिसके साथ छोटी सी बात पर भी खुल कर हंस लेते हैं... *वह है👬मित्र 👬* जिसके कंधे पर माथा रख कर रो सकते हैं .... *वह है👬मित्र👬* जिसके साथ ठंडी चाय भी एक दम गरम लगे .... *वह है👬मित्र👬* जिसके साथ खिचड़ी भी खाने में दावत जैसी लगे.... *वह है👬मित्र👬* जिसको आधी रात को भी उठा कर दिल की बात कर सके.... *वह है👬मित्र👬* जिसके साथ बिताए गए पलों को याद करने भर से, चहरे पर मुस्कान आ जाए....... *वह है👬मित्र👬* जिसके साथ कोई भूमिका बनाए बिना खुल कर बात करें और वह स्वीकार करे ..... *वह है👬मित्र👬* एक अरसे के बाद भी जिसको मिलते ही दिल झूमउठे.... *वह है👬मित्र👬* दूर रहते हुए भी जिसके साथ दिल के तार जुड़े हो..... *वह है मित्र 👬* दोस्ती वो है मेरे दोस्त जो बेजान जिंदगी में भी जान डाल दे.. *वह है मित्र👬* *संक्षेप में दोस्त वो है जो हर मुसीबत में हर तरह से साथ निभाये,,,,, 🙏🏻🤝🏻🤝🏻 *मेरे सभी प्रिय मित्रों को समर्पित।*🙏🌺🌺🏵️🙏निस्वार्थ सेवा 🙏🏵️🌺🌺 कृष्ण एक दिन अर्जुन को समझा रहे थे - जो आदमी किसी दुखी की मदद करता है वो वास्तव में सीधे भगवान की मदद कर रहा होता है। अर्जुन ने पूछा - वो कैसे प्रभु ? तभी उधर से एक भिखारी गुज़रा। वो बहुत ग़रीब था और कई दिन से भूखा भी। अर्जुन को उस पर तरस आ गया। अर्जुन ने उसे सोने की सौ मुद्राएं दे दीं । भिखारी बहुत खुश हुआ। लेकिन उसकी ख़ुशी क्षणिक रही। एक लुटेरे ने उससे वो मुद्राएं छीन लीं। भिखारी ने सोचा कि उसके भाग्य में भीख मांगना ही लिखा है। वो फिर से भीख मांगने लगा। अगले दिन अर्जुन का फिर उधर से गुज़रना हुआ। देखा, उस भिखारी की स्थिति जस की तस है । वो अभी भी भीख मांग रहा है । अर्जुन ने इसका कारण पूछा तो उस भिखारी ने सब सच बता दिया । अर्जुन को तरस आ गया ! उन्होंने उसको एक माणिक दिया - यह बहुत कीमती है । तुम्हारे सब दुःख दूर हो जाएंगे । भिखारी ने माणिक को एक घड़े में छुपा दिया। इधर थोड़ी देर बाद भिखारी की पत्नी को ख्याल आया कि पानी ख़त्म हो गया है । चल कर नदी से पानी ले आऊं। भिखारी की पत्नी ने वही घड़ा उठाया जिसमें माणिक छुपा कर रखा गया था। उसने जैसे ही नदी में घड़ा डुबोया, माणिक बह गया। भिखारी, भिखारी ही रह गया। अर्जुन दो दिन बाद उधर से फिर गुज़रे। देखा वो भिखारी अभी भिक्षा स्थल पर ही है । उन्हें बहुत निराशा हुई । इस आदमी के भाग्य में सुख है ही नहीं। लेकिन इस बार कृष्ण को तरस आया। उन्होंने ने उस भिखारी को दो पैसे दिए । भिखारी खुश हुआ। उन पैसों से खाने-पीने की वस्तुओं का बंदोबस्त करने चल दिया। रास्ते में भिखारी ने देखा कि एक मछुआरे के जाल में एक मछली तड़प रही है । भिखारी को यह दुखदायी दृश्य बर्दाश्त नहीं हुआ । उसने उन दो पैसों से मछली को छुड़ा लिया और वापस नदी में डालने चल दिया । भिखारी मछली को नदी में डालने ही जा रहा था कि मछली ने कुछ उगला। यह वही माणिक था । भिखारी ने देखा तो चकित रह गया। वो ख़ुशी से चीख उठा - मिला, मिला, मिला…संयोग से भिखारी से सोने की मुद्राएं छीनने वाला लुटेरा भी उसी वक्त उधर से गुज़रा । भिखारी को यों चिल्लाता देख उसने समझा कि भिखारी ने उसे पहचान लिया है। अब वो निश्चित ही पकड़ा जाएगा। उसने सोने की वो मुद्रायें वहीं फेंकी और भाग खड़ा हुआ। इस प्रकार भिखारी को मुद्रायें और माणिक दोनों ही मिल गये। अर्जुन ने कृष्ण से कहा - वाह प्रभु ! आपके दो पैसों ने तो कमाल ही कर दिया। कृष्ण बोले - नहीं पार्थ, यह कमाल मेरा नहीं है। भिखारी से मछली का दुःख देखा नहीं गया। उसने उन दो पैसों से उसे दुःख से छुटकारा दिलाया। परोपकार में धन लगाया। अपनी भूख की परवाह नहीं की। ईश्वर दुखियारों की मदद करने वालों की मदद करता है।Jee Jay Shri Krishna 🌹🌹 ।।जय श्री कृष्णा।। !! राधे राधे!!🌹🌹🌹ਜੈ ਮਾਤਾ ਦੀ 🌹🌹🌹"ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु‍ते।।" || ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै: || 🙏🌺#_जय_श्री_महाकाली_माँ सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार वान_प्रस्थ ऋषिकेश,हरिद्वार ।

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