Karan Shastri
Karan Shastri Apr 21, 2021

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Radha Bansal May 10, 2021

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Radha Bansal May 8, 2021

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Anshika May 8, 2021

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savi Choudhary May 10, 2021

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Archana Singh May 10, 2021

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sukhadev awari May 10, 2021

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sukhadev awari May 10, 2021

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🌹•°🍁°•🥀•°🌻°•🍂•°🎋°•🌻 🔔°•🔔•°🔔°•🔔°•🔔°•🔔•°🔔 ॐ हं हनुमते नमः ।। ॐ मंगलाय नमः,ॐ भूमि पुत्राय नमः ॐ ऋण हर्त्रे नमः,ॐ धन प्रदाय नमः, ॐ स्थिर आसनाय नमः, ॐ महा कायाय नमः, ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः, ॐ लोहिताय नमः, ॐ लोहिताक्षाय नमः, ॐ साम गानाम कृपा करे नमः, ॐ धरात्मजाय नमः,ॐ भुजाय नमः ॐ भौमाय नमः,ॐ भुमिजाय नमः ॐ भूमि नन्दनाय नमः ॐ अंगारकाय नमः,ॐ यमाय नमः ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः ॐ वृष्टि कर्ते नमः,ॐ वृष्टि हराते नमः ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः मृत्युंजयमहादेव त्राहिमां शरणागतम्। जन्ममृत्युजराव्याधिपीड़ितः कर्मबन्धनः। सुप्रभातम् ॐ श्रीगणेशाय नमः अथ् पंचांगम् दिनाँक 11-05-2021 मंगलवार, अक्षांश- 30°:36", रेखांश 76°:80" अम्बाला शहर हरियाणा, पिन कोड 134007 🙏°•🙏•°🙏°•🙏•°🙏 🍁•°🌹°•🍂•°🌷°•💐•°🥀°•🌹 ----°•- •°-•°°•- समाप्तिकाल ----°•-•°-- 📒 तिथि अमावस्या 24:31:16 ☄️ नक्षत्र भरणी 23:31:28 🏵️ करण : 🏵️ चतुष्पाद 11:13:43 🏵️ नाग 24:31:16 🔒 पक्ष कृष्ण 🏵️ योग सौभाग्य 22:40:44 🗝️ वार मंगलवार 🌄 सूर्योदय 05:31:52 🌙 चन्द्र राशि मेष 🦌 🌌 सूर्यास्त 19:07:00 🌑 चन्द्रास्त 18:47:00 💥 ऋतु ग्रीष्म 🏵️ शक सम्वत 1943 प्लव 🏵️ कलि सम्वत 5123 🏵️ दिन काल 13:35:07 🏵️ विक्रम सम्वत 2078 🏵️ मास अमांत चैत्र 🏵️ मास पूर्णिमांत वैशाख 📯 शुभ समय 🥁 अभिजित 11:52:16 - 12:46:36 🕳️ दुष्टमुहूर्त 08:14:54 - 09:09:14 🕳️ कंटक 06:26:13 - 07:20:33 🕳️ यमघण्ट 10:03:35 - 10:57:55 😈 राहु काल 15:43:13 - 17:25:06 🕳️ कुलिक 13:40:57 - 14:35:17 🕳️ कालवेला 08:14:54 - 09:09:14 🕳️ यमगण्ड 08:55:39 - 10:37:33 🕳️ गुलिक 12:19:26 - 14:01:19 🏵️ दिशा शूल उत्तर ☘️☘️होरा 🏵️मंगल 05:31:52 - 06:39:48 🏵️सूर्य 06:39:48 - 07:47:44 🏵️शुक्र 07:47:44 - 08:55:39 🏵️बुध 08:55:39 - 10:03:35 🏵️चन्द्रमा 10:03:35 - 11:11:30 🏵️शनि 11:11:30 - 12:19:26 🏵️बृहस्पति 12:19:26 - 13:27:22 🏵️मंगल 13:27:22 - 14:35:17 🏵️सूर्य 14:35:17 - 15:43:13 🏵️शुक्र 15:43:13 - 16:51:08 🏵️बुध 16:51:08 - 17:59:04 🏵️चन्द्रमा 17:59:04 - 19:07:00 🏵️शनि 19:07:00 - 19:59:00 🏵️बृहस्पति 19:59:00 - 20:51:01 🏵️मंगल 20:51:01 - 21:43:02 🚩🚩 चोघडिया ☘️रोग 05:31:52 - 07:13:46 🕳️उद्वेग 07:13:46 - 08:55:39 🛑चल 08:55:39 - 10:37:33 ⛩️लाभ 10:37:33 - 12:19:26 ⛩️अमृत 12:19:26 - 14:01:19 🕳️काल 14:01:19 - 15:43:13 😈शुभ 15:43:13 - 17:25:06 ☘️रोग 17:25:06 - 19:07:00 🕳️काल 19:07:00 - 20:25:01 ⛩️लाभ 20:25:01 - 21:43:02 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 🍁 ग्रह गोचर 🍁 💥 सूर्य - मेष 🦌 🌙 चन्द्र - मेष 🦌 🌑 मंगल - मिथुन 👬🏼 🌑 बुध - वृष 🐂 🌑 बृहस्पति - कुम्भ ⚱️ 🌑 शुक्र - वृष 🐂 🌑 शनि - मकर 🐊 🌑 राहु - वृष 🐂 🌑 केतु - वृश्चिक 🦞 --------------------------------------------- व्रत-त्यौहार 14 मई तक 🎊🎊🎊🎊🎊🎊 🛑 11 मई- मंगल- वैशाख (भौमवती) अमावस तर्पण आदि हेतु पितृ कार्यों के लिए स्नान आदि का विशेष माहात्म्य होगा। मेला हरिद्वार प्रयागराज आदि तीर्थ स्नान का विशेष महत्व में होगा। 🥀सूर्य 💥कृतिका में 12: 33, मेला हरिद्वार प्रयागराज , तीर्थ स्थान -माहात्म्य कुंभ पर्व, मेला पिंजौर हरियाणा। 🛑 12 मई-बुधवार - वैशाख शुक्ल 🔓पक्ष प्रारंभ, शुक्र रोहिणी में 16:31 🏵️ 13 मई -गुरु -चंद्र दर्शन, मु. 45 श्रीशिवाजी जयंती। 🏵️ 14 मई - शुक्र - अक्षय तृतीया व्रत और श्री परशुराम जयंती मनाई जाएगी। यह तिथि तीर्थ स्नान,जप -तप, दान, देव पितृ तर्पण आदि कृत्यों के लिए विशेष पुण्य फल वाली होगी। इस दिन जब पाठ, दान होम आदि कर्मों का फल अनंत गुना होता है। सभी कर्म अक्षय हो जाते हैं। इस तिथि की गणना युग आदि तिथियों में होती है। इस स्थिति को नर- नारायण परशुराम एवं हयग्रीव अवतार हुए थे तथा इसी दिन त्रेतायुग का भी आरंभ हुआ था। अक्षय तृतीया स्वयं सिद्ध मुहूर्त है और सुख सौभाग्य देने वाली तिथि मानी जाती है। इसी दिन कुंभ महापर्व हरिद्वार में मुख्य स्नान भी होगा। स्नान कुंभ महापर्व (हरिद्वार) भगवान परशुराम जयंती, केदार - बद्री यात्रा प्रारंभ, 🏵️ 14 मई - शुक्रवार-🥀💥सूर्य 🐂वृष में 23 :24, ज्येष्ठ सक्रांति - शुक्रवार वैशाख शुक्ल द्वितीया मृगशिरा नक्षत्र कालीन रात्रि 11:14 पर धनु 🏹लग्न में प्रवेश करेगी ।30 मुहूर्ति इस सक्रांति का पुण्य काल तारीख 14 को मध्याह्न बाद से अगले दिन प्रातः 6:00 बजे तक होगा। वार अनुसार मिश्रा तथा नक्षत्र अनुसार मंदाकिनी नामक यह सक्रांति राजनेताओं एवम् पशुओं के लिए सुख कर रहेगी । लोक भविष्य- मंगल -शनि के मध्य षडाष्टक योग बना हुआ है । राजनीतिक वातावरण अशांत और असमंजस पूर्ण रहेगा। सत्तारूढ़ व विपक्षी दलों के नेताओं में परस्पर टकराव व खींचातानी बढ़ेगी। परस्पर तालमेल की कमी रहेगी। सोना चांदी आदि धातुओं सरसों क्रूड -आयल में विशेष तेजी बनेगी। 11 मई को वैशाख अमावस मंगलवासरी होने से इस दिन गंगा आदि तीर्थ पर स्नान दान आदि करने से एक हजार गोदान का फल मिलता है। हरिद्वार में कुंभ महापर्व की विशेष स्नान तिथि भी रहेगी । इस कारण भी इस तिथि पर स्नान दान आदि का माहात्म्य विशेष रूपेण रहेगा । राजनीतिक पक्ष से मंगलवारी अमावस का पल शुभ नहीं माना गया । राजनेताओं में विग्रह, किसी प्रमुख नेता के अपदस्थ कहीं छत्र भंग (सत्ता परिवर्तन) उपद्रव जन- धन संपदा की क्षति हो। अल्प वृष्टि अग्निकांड आदि प्राकृतिक आपदाएं बढ़ेंगी। सक्रांति राशिफल- यह सक्रांति मेष 🦌 मिथुन👬🏼 सिंह🦁 कन्या 👩🏻‍🦱तुला ⚖️धनु 🏹मकर 🐊कुंभ ⚱️मीन🐬 राशि वालों को शुभ रहेगी। बाजार 📉मंदा तेजी 📈 14मई तक 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🛑 11 मई को सूर्य 🌞कृतिका नक्षत्र ☄️में आएगा । घी रूई सोना चांदी अलसी एरण्ड गेहूं चना मूंग मोठ चावल राई सरसों खांड में तेजी बनेगी। 🛑 12 मई को शुक्र रोहिणी नक्षत्र ☄️में आकर बुध एवं राहु के साथ एक नक्षत्र संबंध बनाएगा। अकेला शुक्र यद्यपि यहां मंदी📉 करता है परंतु बुध राहु के योग से यहां तेजी📈 मालूम होती है। सोना चांदी आदि धातुओं अल्सी सरसों तेल गुड़ खाण्ड दाग छुहारा सुपारी नारियल ऊन में पहले मंदी 📉बन फिर तेजी 📈का रुख बन जाएगा। 🛑13 मई को गुरुवार के दिन चंद्र🌃 दर्शन होने से रुई तथा सूती रेशमी ऊनी वस्त्र सरसों तेल घी में तेजी 📈बनेगी। सोना चांदी खाण्ड में कुछ मंदीे 📉रहे। 🛑 14 मई को सूर्य 🌞वृष राशि 🐂में आकर बुध शुक्र और राहु के साथ मेल करेगा। सोना चांदी गुड़ खांड शक्कर कपास रूई सूत बादाम सुपारी नारियल तिल तेल सरसों आदि में विशेष तेजी बनेगी। जौं चना गेहूं मटर अरहर मूंग चावल आदि कुछ वस्तुओं में मंदी 📉बनेगी। 🚩 दैनिक राशिफल 🚩 🦌मेष नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। नौकरी में वर्चस्व स्थापित होगा। आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर सहयोग व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। 🐂वृष यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बगैर मांगे किसी को सलाह न दें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। धनार्जन होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। अज्ञात भय व चिंता रहेंगे। 👫मिथुन अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था नहीं होने से परेशानी रहेगी। व्यवसाय में कमी होगी। नौकरी में नोकझोंक हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। थकान महसूस होगी। अपेक्षित कार्यों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। 🦀कर्क जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। जुए, सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। निवेश शुभ रहेगा। प्रमाद न करें। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। 🦁सिंह पूजा-पाठ व सत्संग में मन लगेगा। आत्मशांति रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। मातहतों का सहयोग मिलेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। दूसरे के काम में दखल न दें। 👩🏻‍🦱कन्या स्थायी संपत्ति की खरीद-फरोख्त से बड़ा लाभ हो सकता है। प्रतिद्वंद्विता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग समय पर मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक-ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। दूसरों के काम में दखलंदाजी न करें। ⚖️तुला मन की चंचलता पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। जीवनसाथी पर आपसी मेहरबानी रहेगी। जल्दबाजी में धनहानि हो सकती है। व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में सुकून रहेगा। निवेश लाभप्रद रहेगा। कार्य बनेंगे। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे। 🦂वृश्चिक क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग बाधा का कारण रहेगा। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। छोटी सी गलती से समस्या बढ़ सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्र व संबंधी सहायता करेंगे। आय बनी रहेगी। जोखिम न लें। 🏹धनु पार्टी व पिकनिक की योजना बनेगी। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। 🐊मकर घर-बाहर अशांति रहेगी। कार्य में रुकावट होगी। आय में कमी तथा नौकरी में कार्यभार रहेगा। बेवजह लोगों से कहासुनी हो सकती है। दु:खद समाचार मिलने से नकारात्मकता बढ़ेगी। व्यवसाय से संतुष्टि नहीं रहेगी। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाज न करें। ⚱️कुंभ दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। व्यवसाय में जल्दबाजी से काम न करें। चोट व दुर्घटना से बचें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर स्थिति मनोनुकूल रहेगी। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। वस्तुएं संभालकर रखें। 🐟मीन प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्य की समस्याएं दूर होंगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। कर्ज में कमी होगी। संतुष्टि रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। अपना प्रभाव बढ़ा पाएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। ACHARYA ANIL PARASHAR, VADIC,KP ASTROLOGER. 🏵️आपका दिन मंगलमय हो🏵️ 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

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Neha Sharma, Haryana May 10, 2021

*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸 *भक्त शिरोमणि.....श्री किल्हदेव जी..... . जिस प्रकार गंगा जी के पुत्र श्री भीष्म पितामह को मृत्यु ने नष्ट नहीं किया, उसी प्रकार स्वामी किल्हदेव जी भी साधारण जीवों की तरह मृत्यु के वश मे नहीं हुए, बल्कि उन्होंने अपनी इच्छा से प्राणों का त्याग किया। . कारण कि आपकी चित्तवृत्ति दिन रात श्री रामचन्द्रजी के चरणारविन्दो का ध्यान करने में लगी रहती थी। . आप माया के षड्विकारों पर विजय प्राप्त करने वाले महान शूरवीर थे। सदा भगवद्भजन में आनन्द में मग्न रहते थे। . सभी प्राणी आपको देखते ही नतमस्तक हो जाते थे और आप सभी प्राणियो में अपने इष्टदेव को देखकर उन्हें सिर झुकाते थे। . सांख्यशास्त्र तथा योग का आपको सुदृढ ज्ञान था और योग की क्रियाओं का आपको इतना सुन्दर अनुभव था कि जैसे हाथ मे रखे आँवले का होता है। . ब्रह्मरन्ध के मार्ग से प्राणो को निकाल कर आपने शरीर का त्याग किया और अपने योगाभ्यास के बल से भगवद् रूप पार्षदत्व प्राप्त किया। . इस प्रकार श्री सुमेरुदेव जी के सुपुत्र श्री कील्हदेव जी ने अपने पवित्र यश को पृथ्वीपर फैलाया, आप विश्वविख्यात सन्त हुए। . श्री कील्हदेव जी महाराज श्री कृष्णदास पयहारी के प्रधान शिष्यो मे से एक थे। . श्रीपयहारीजी के परमधाम गमन के बाद गलतागादी ( जयपुर) के महन्त आप ही हुए। आप दिव्यदृष्टि संपन्न परम वैष्णव सिद्ध संत थे। . कहते हैं कि भक्तमाल ग्रन्थ के रचनाकार श्री नाभादास जी महाराज के नेत्र क्या, नेत्र के चिह्न भी नहीं थे, श्री कील्हदेवजी ने अपने कमण्डलु के जल से उनके नेत्र स्थान को धुला, जिससे उनके बाह्य चक्षु प्रकट हो गये। . कहते हैं कि एक बार श्री कील्हदेव जी मथुरापुरी आये हुए थे और श्री यमुना जी में स्नान कर एकान्त में समाधिस्थ होकर भगवान् का ध्यान करने लगे। . उसी समय बादशाह के दिल्ली से मथुरा आगमन की सुचना मिली। . सेना तुरंत व्यवस्था में लग गयी, रास्ता साफ किया जाने लगा, सब लोग तो हट गये, परंतु ध्यान अवस्था में होने के कारण श्री कील्हदेव जी महाराज को बाह्य जगत की कुछ खबर ही नहीं थी। वे समाधि में स्थिर होकर बैठे थे। . किसी सिपाही ने जाकर बादशाह को बताया कि हुजूर एक हिन्दू फकीर रास्ते में बैठा है और हमारे शोर मचाने पर भी नहीं उठ रहा है। . उसने फौरन हुक्म दिया कि उस काफिर के माथे में लोहे की कील ठोंक दो। हुक्म मिलते ही दुष्ट सिपाहियों ने लोहे की एक कोल लेकर श्री कील्हजी के माथे में ठोकना शुरू किया। . परंतु आश्चर्य.!! कील्हदेव जी तो वैसे ही शान्त, निर्विकार बने रहे, परंतु उनके माथे का स्पर्श करते ही वह लोहे की कील गलकर पानी हो गयी ! . यह आश्चर्य देख सिपाही भागकर बादशाह के पास गये। . बादशाह को भी यह विचित्र घटना सुनकर बडा आश्चर्य हुआ, उसे लगा कि मैंने बादशाहत के नशे में चूर होकर किसी सिद्ध सन्त का अपमान कर दिया है और इसका दण्ड भी भोगना पड़ सकता है, . अत: भागता हुआ जाकर श्री कील्हदेव जी महाराज के चरणों में गिर पड़ा और बार-बार क्षमा माँगने लगा। . थोड़ी देर बाद जब कील्हदेव जी की समाधि टूटी और वे अन्त:जगत से बाह्य ज़गत मे आये तो उन्हें इस घटना का ज्ञान हुआ। . श्री कील्हदेव जी महाराज तो परम सन्त थे, उनके मन में क्रोध के लिये कोई स्थान ही नहीं था, उन्होंने बादशाह को तुरंत क्षमा कर दिया। . बादशाह यद्यपि श्री कील्हदेव जी महाराज से प्रभावित तो बहुत हुआ, परंतु मुसलमान मुल्ला मौलवियो के निरन्तर संपर्क में रहने से उसने हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन कर उन्हें मुसलमान बनाने का अभियान चला रखा था। . अब हिन्दुओं ने मिलकर श्री कील्हदेव जी की शरण ली और धर्मरक्षा करने की प्रार्थना करी। . श्री कील्हदेव जी ने सबको आश्वासन दिया और स्वयं बादशाह के दरबार मे गये। . बादशाह ने श्री कील्हदेव जी के चरणो में प्रणाम किया और आगे से ऐसा न करने की शपथ ली। . श्री कील्हदेव जी महाराज दिव्यदृष्टि सम्पन्न थे, जिस समय आपके पिता श्री सुमेरुदेव जी का भगवद्धामगमन हुआ, उस समय आप श्री मथुरा जी में विराजमान थे और आपके समीप ही राजा मानसिंह बैठे थे। . आपने जब आकाशमार्ग से विमान में पिता जी को भगवान् के धाम जाते देखा तो उठकर प्रणाम किया और पिताजी ने भी इन्हें आशीर्वाद दिया। . श्री किल्हदेवजी जी के अतिरिक्त अन्य किसी को उनके पिता नहीं दिखायी दिये, इसीलिये राजा मानसिंह को बहुत आश्चर्य हुआ। . उन्होंने श्री कील्हदेव जी से पूछा कि प्रभो ! आप क्यों उठे और हाथ जोड़कर किसे प्रणाम किया ? . श्री कील्हजी ने उन्हें पिता जी के परमधाम गमन की बात बतायी। . मानसिंह को बहुत आश्चर्य हुआ; क्योकि श्री कील्हदेव जी के पिता जी का शरीर छूटा था गुजरात में और श्री कील्हदेवजी थे मथुरा में, . ऐसे में श्री कील्हदेव जी को पिता का दर्शन कैसे हुआ, यह मानसिंह के लिये आश्चर्य की बात थी। . उन्होंने तुरंत ही अपने दूतों को गुजरात भेजकर सत्यता का पता लगाने को कहा। . श्री कील्हदेव जी की बात अक्षरश: सत्य प्रमाणित हुई, इससे राजा मानसिंह को श्री किल्हदेव जी पर बहुत ही श्रद्धा हो गयी। . इनके संतत्व की दूसरी घटना इस प्रकार है.. . एक बार की बात है, आप अपने आराध्य प्रभु श्री सीताराम जी की सेवा में लगे हुए थे। . आपने माला निकालने के लिए पिटारी में जैसे ही हाथ डाला वैसे ही उसमे बैठे एक विषधर सर्प ने आपके हाथ में काट लिया। . करुणाविग्रह आपने उस सर्प पर भी दया की और उसे भूखा जानकार पुनः अपना हाथ पिटारी में डाल दिया। . इस प्रकार आपने तीन बार पिटारी में हाथ डाला और सर्प ने तीनो बार काटा, . चौथी बार वह पिटारी से निकल कर भाग गया। इस प्रकार आपने सर्प को भी अतिथि मानकर उसका सत्कार किया और उसकी क्षुधापूर्ति की। . श्री रामकृपा से उस विषधर सर्प के विष का आप पर कोई प्रभाव नहीं हुआ। . सत्य है जब भजन के बल से काल व्याल का विष नहीं व्यापता तो लौकिक व्याल का विष क्या व्यपेगा। . श्री किल्हादेव जी महाराज सिद्ध संत थे, भविष्य की बात जान लेने की उनमे सामर्थ्य थी। . जब उन्हें भगवान् के धाम पधारना था तब उन्होंने पहले से ही संतो के पास इस आशय का संदेश भेज दिया और संतो से संकीर्तन करने को कहा। . संकीर्तन सुनते हुए ही आपने ब्रह्मरंध से अपने प्राणों का उत्क्रमण किया। . ~~~~~~~~~~~~~~~~~ *जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸 ~~~~~~~~~~~~~~~~~

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