Praveen rawal
Praveen rawal Jun 10, 2018

जय श्री कृष्णा

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Sudesh Goyal Jun 1, 2020

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Shyam Amarnani Jun 1, 2020

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lndu Malhotra Jun 1, 2020

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Shuchi Singhal Jun 1, 2020

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Vandana Singh Jun 1, 2020

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Parmanand Ahuja Jun 1, 2020

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*“ऊँ नम: शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नम:।”* आप सभी को गंगा दशहरा स्नान पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। आज ही के दिन माता गंगा का धरती पर हस्त नक्षत्र में अवतरण हुआ। माता गंगा एवं भगवान भोलेनाथ जी समस्त देश एवं प्रदेश वासियों की कोरोना वैश्विक महामारी से रक्षा करें। #जय_गंगा_मैया 🙏गंगा दशहरा 1 जून 2020 (सोमवार) स्कंद पुराण में गंगा के अवतरण की चर्चा करते हुए कहा गया है कि: ज्येष्ठे मासे सिते पक्षे, दशम्यां बुधस्तयो:। व्यतीपादे गरानंदे, कन्याचंद्रे वृषे रवौ। हरते दश पापानि, तस्माद्दशहरा स्मृता।। अर्थात इस दिन ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुध दिन, हस्त नक्षत्र, व्यतीपाद, गर और आनंद योग, कन्या राशि में चंद्रमा और वृष राशि में सूर्य होता है इसलिए इसे गंगा दशहरा कहा जाता है। ऐसा भी कहा गया है कि इस दिन मां गंगा का व्रत, गंगा स्नान और गंगा का विधिपूर्वक पूजन करने से उपासक को तीन प्रकार के शारीरिक, चार प्रकार के वाचिक और तीन प्रकार के मानसिक- इन दस पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन गंगा में स्नान करने वाले को बैकुंठलोक की प्राप्ति होती है, ऐसा भी पुराणों में कहा गया है। अगर किन्हीं कारणों से गंगा नदी तक पहुंचना संभव न हो, तो उपासक को अपने पास में ही किसी भी नदी या तालाब में स्नान करके तिलों का अर्पण करना चाहिए। गंगा पूजन की विधि : इस दिन गंगा नदी में स्नान करके पुष्प और अर्घ्य देते हुए निम्न मंत्र का उच्चारण करना चाहिए- ओम नमो भगवत्यै, दशपापहरायै गंगायै, कृष्णायै, विष्णुरूपिण्यै, नन्दिन्यै नमोनम:।। इसके अतिरिक्त गंगा नदी से दूर रहने वाले उपासक को मां गंगा की मूर्ति का अक्षत, पुष्प, धूप आदि से विधि विधानपूर्वक पूजन करना चाहिये। इसके बाद 'ओम नमो भगवति, ऐं ह्रीं श्रीं (वाक्-काम-मायामयि) हिलि हिलि, मिलि मिलि, गंगे मां पावय पावय', इस मंत्र से पांच बार गंगा का पूजन करें। पूजन के बाद अगर संभव हो तो दस फल, दस दीपक और तिलों का दान करें। 🌹🌹🌹🌹🌿 Relationship is like honey do not compare with money.... It is not a collection of art it is selection of hearts.... ❤ 🌸🌿Good Morning🌿🌸 🌸🌸🌸ਤੂੰ ਮੇਰਾ ਪਿਤਾ ਤੂੰਹੈ ਮੇਰਾ ਮਾਤਾ !! ਤੂੰ ਮੇਰਾ ਬੰਧੁਪ ਤੂੰ ਮੇਰਾ ਭ੍ਰਾਤਾ !! ਤੂੰ ਮੇਰਾ ਰਾਖਾ ਸਭਨੀ ਥਾਈ ਤਾ ਭਉ ਕੇਹਾ ਕਾੜਾ ਜੀਉ ਪਰਮਾਤਮਾਂ ਸਾਰਿਅਾਂ ਨੂੰ ਚੜਦੀ ਕਲਾ ਵਿੱਚ ਰੱਖੇ...... 🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹 🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻ਗੰਗਾ ਗੀਤਾ ਗਾਇਤ੍ਰੀ ਹਰਿਦਵਾਰ ਸੇਵਕ ਬਾਹਰਤ ਵਯਾਸ ਬੰਗਾ

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