AARYAM
AARYAM Nov 13, 2017

अमेरिका की वास्तविकता ? आर्यम

https://youtu.be/D6KJKXSkg74

*आर्यम-सूत्र*

*अमेरिका की वास्तविकता*
*Realty of America (U.S.A.)*

प्रश्न- प्रिया कोजी (मॉरीशस)

यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका पूरी दुनियां भर के प्रोफेशनल्स (कार्य कुशल) लोगों का हब है यानि दुनियां भर के सभी श्रेष्ठ कार्यकुशल व्यक्ति जो अलग-अलग क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं वह सभी एकत्रित हो कर एक स्थान पर कार्य करते हैं उस स्थान विशेष को अमेरिका नाम से जाना जाता है। अमेरिका में स्वतः निर्मित अपने जैसी कोई बात नही है। बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे गूगल का सीईओ या और भी किसी अन्य बड़ी कंपनी का कोई व्यक्ति हो,सभी प्रमुख कार्य-कौशल-युक्त लोग जिनमें कोई भारतीय मूल का है तो कोई चीन से है और कोई जापान से! इसी तरह विश्व के विभिन्न हिस्सों से आए श्रेष्ठतम कुशल लोग वहां एकत्रित हो कर सारा कार्य कर रहे हैं। वास्तव में अमेरिकी मूल के नागरिक तो रेड इंडियन्स हैं जो जंगलों में बसते हैं और वहां की सरकार उन्हें वजीफे के रूप में फीस देती हैं! उन रेड इंडियन्स को वोटिंग या मत देने का कोई अधिकार नही है।
आधुनिकता की दौड़ में अमेरिका के रहने वालों ने अपने बच्चों को ऐसी जीवनशैली व खान-पान का आदि बना दिया है कि उनकी युवा व भावी पीढ़ी एक अलग तरह के संकट से जूझ रही है वहां के बच्चों की बुद्धिमत्ता, प्रतिभा व मेधा खत्म होती जा रही है यही वजह है कि वहां के लोगों को कार्य कौशल के लिए दूसरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
भारतीय ब्रेन या मष्तिष्क सबसे अधिक तीक्ष्ण व मेधावी और बुद्धिमान इसीलिए हैं चूंकि ताजा भोजन भारत की जीवन शैली में शामिल है, यही वजह रही कि ज़्यादातर धर्मों का उदय भारत में हुआ है, पूरे विश्व में जितने धर्म हैं उनमें 98 प्रतिशत धर्म भारत में ही उदित हुए हैं या जन्मे हैं! विश्व में जितने दार्शनिक व विचारक हुए हैं उनमें लगभग 80 फीसदी अवतार भारतीय हैं ! जिसका एकमात्र मूल कारण है ताजा भोजन, जो भारत की जीवनशैली का आवश्यक अंग है। भारतीय परिवेश में आज भी सिल-बट्टे से पीस कर ताजा मसाला उपयोग में लाया जाता है चूंकि अधिकांश जनता के पास फ्रिज नही है इसलिए सभी ताजा पकाते हैं और ताजा भोजन खाते हैं! जिससे उनकी बुद्धि, मेधा और अधिक विकसित होती है जिससे उनका दिमाग अधिक सक्रियता व मौलिकता के साथ कार्य करता है। भारत की जलवायु भी भारतीय मस्तिष्क को उर्वर बनाने में अति सहयोगी है, भारत में आने वाली छः ऋतुओं में से मुख्य तीन ऋतुएं- गर्मी, सर्दी, वर्षा है चूंकि इन ऋतुओं के परिवर्तन से शरीर बार-बार परिवर्तन सहता है तो इस परिवर्तन को सहने के लिए हमारा शरीर एक सिस्टम डेवलप कर लेता है जिससे हमारी प्रतिरोधक क्षमता कई गुणा ज्यादा विकसित हो जाती है, और मष्तिष्क भी ज्यादा सक्रिय व मौलिक बनते हैं। जिन-जिन देशों में ऋतुओं का ज़्यादा परिवर्तन है वहां के लोग ज्यादा प्रतिभाशाली-मेधावी-जिज्ञासु मिलेगें! जिन देशों में ऐसा नही है वहां एक सा मौसम रहता है, वहां के लोग सामान्यतः उतने प्रतिभाशाली व मेधावी नही मिलेंगे...।
जारी...

*"अपने जीवन को रूपांतरित करने के लिए और पूरे संदेश को देखने-सुनने के लिए हमारा यू-ट्यूब चैनल सब्स्क्राइब कीजिए।"*
www.aaryam.org

+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Malti Gaur Apr 10, 2020

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Braj Kishor Dwivedi Apr 10, 2020

+1 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Beena Rani Apr 10, 2020

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Bindu Tiwari Apr 10, 2020

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
surender Apr 10, 2020

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+66 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 8 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB