Sonu Sharma
Sonu Sharma Jan 25, 2021

हरे राम हरे राम 🙏🙏

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varsha lohar Jan 25, 2021
shubh sandhya jai shree krishn radhey radhey ji🙏

Anita Sharma Mar 6, 2021

ज्ञान वाणी। राजस्थान के हाड़ोती क्षेत्र के बूंदी नगर में रामदासजी नाम के एक बनिया थे । वे व्यापार करने के साथ-साथ भगवान की भक्ति-साधना भी करते थे और नित्य संतों की सेवा भी किया करते थे । भगवान ने अपने भक्तों (संतों) की पूजा को अपनी पूजा से श्रेष्ठ माना है क्योंकि संत लोग अपने पवित्र संग से असंतों को भी अपने जैसा संत बना लेते हैं ।भगवान की इसी बात को मानकर भक्तों ने संतों की सेवा को भगवान की सेवा से बढ़कर माना है-‘प्रथम भक्ति संतन कर संगा ।’ रामदासजी सारा दिन नमक-मिर्च, गुड़ आदि की गठरी अपनी पीठ पर बांध कर गांव में फेरी लगाकर सामान बेचते थे जिससे उन्हें कुछ पैसे और अनाज मिल जाता था । एक दिन फेरी में कुछ सामान बेचने के बाद गठरी सिर पर रखकर घर की ओर चले । गठरी का वजन अधिक था पर वह उसे जैसे-तैसे ढो रहे थे । भगवान श्रीराम एक किसान का रूप धारण कर आये और बोले—‘भगतजी ! आपका दु:ख मुझसे देखा नहीं जा रहा है । मुझे भार वहन करने का अभ्यास है, मुझे भी बूंदी जाना है, मैं आपकी गठरी घर पहुंचा दूंगा ।’ गीता (९।१४) में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है—‘संत लोग धैर्य धारण करके प्रयत्न से नित्य कीर्तन और नमन करते हैं, भक्तिभाव से नित्य उपासना करते हैं । ऐसे प्रेमी संत मेरे और मैं उनका हूँ; इस लोक में मैं उनके कार्यों में सदा सहयोग करता हूँ ।’ ऐसा कह कर भगवान ने अपने भक्त के सिर का भार अपने ऊपर ले लिया और तेजी से आगे बढ़कर आंखों से ओझल हो गये । रामदासजी सोचने लगे—‘मैं इसे पहचानता नहीं हूँ और यह भी शायद मेरा घर न जानता होगा । पर जाने दो, राम करे सो होय ।’ यह कहकर वह रामधुन गाते हुए घर की चल दिए । रास्ते में वे मन-ही-मन सोचने लगे—आज थका हुआ हूँ, यदि घर पहुंचने पर गर्म जल मिल जाए तो झट से स्नान कर सेवा-पूजा कर लूं और आज कढ़ी-चपाती का भोग लगे तो अच्छा है । उधर किसान बने भगवान श्रीराम ने रामदासजी के घर जाकर गठरी एक कोने में रख दी और जोर से पुकार कर कहा—‘भगतजी आ रहे हैं, उन्होंने कहा है कि नहाने के लिए पानी गर्म कर देना और भोग के लिए कढ़ी-चपाती बना देना ।’ कुछ देर बाद रामदासजी घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि सामान की गठरी कोने में रखी है । उनकी पत्नी ने कहा—‘पानी गर्म कर दिया है, झट से स्नान कर लो । भोग के लिए गर्म-गर्म कढ़ी और फुलके भी तैयार हैं ।’ रामदासजी ने आश्चर्यचकित होकर पूछा—‘तुमने मेरे मन की बात कैसे जान ली ।’ पत्नी बोली—‘मुझे क्या पता तुम्हारे मन की बात ? उस गठरी लाने वाले ने कहा था ।’ रामदासजी समझ गए कि आज रामजी ने भक्त-वत्सलतावश बड़ा कष्ट सहा । उनकी आंखों से प्रेमाश्रु झरने लगे और वे अपने इष्ट के ध्यान में बैठ गये । ध्यान में प्रभु श्रीराम ने प्रकट होकर प्रसन्न होते हुए कहा—‘तुम नित्य सन्त-सेवा के लिए इतना परिश्रम करते हो, मैंने तुम्हारी थोड़ी-सी सहायता कर दी तो क्या हुआ ?’ रामदासजी ने अपनी पत्नी से पूछा—‘क्या तूने उस गठरी लाने वाले को देखा था?’ पत्नी बोली—‘मैं तो अंदर थी, पर उस व्यक्ति के शब्द बहुत ही मधुर थे।’ रामदासजी ने पत्नी को बताया कि वे साक्षात् श्रीराम ही थे । तभी उन्होंने मेरे मन की बात जान ली। दोनों पति-पत्नी भगवान की भक्तवत्सलता से भाव-विह्वल होकर रामधुन गाने में लीन हो गये। संदेश -गीता (८।१४) में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है— अनन्यचेता: सततं यो मां स्मरति नित्यश: । तस्याहं सुलभ: पार्थ नित्ययुक्तस्य योगिन: ।। अर्थात्—‘मेरा ही ध्यान मन में रखकर प्रतिदिन जो मुझे भजता है, उस योगी संत को सहज में मेरा दर्शन हो जाता है ।’

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Deepak Garg Mar 7, 2021

राम मंदिर निर्माण में सेवा सौभाग्यशाली क्षण: सिंगला प्रांत प्रचारक प्रमोद जी का ज़ैतो में भव्य स्वागत किया  फरीदकोट दीपक गर्ग  अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए सभी पंथ और संप्रदाय के लोगों की तरफ से लगातार  सहयोग  दिया जा रहा है। निधि समर्पण के लिए बहुत ही उत्साह के साथ लोग आगे आ रहे हैं।  जिला फरीदकोट के जैतो उपमंडल में पंजाब भाजपा गौ रक्षा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रदीप सिंगला के पारिवारिक मित्रों द्वारा और शहर के विभिन्न उद्योगपतियों और समाजसेवी परिवारो ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंजाब के प्रांत प्रचारक प्रमोद जी के जैतो में आगमन के दौरान भव्य स्वागत किया। साथ ही अयोध्या में निर्माण हो रहे भव्य श्री राम मंदिर  के निर्माण हेतु समर्पण अभियान के लिए अपना योगदान दिया गया।  शहर के प्रसिध उद्योगपति गंगा कोटेक्स के मालिक दीपक गर्ग, हीरा लाल जिंदल, परवीन जिंदल, मंगत राय सुभाष कुमार,  बब्बू बांसल, किशोर चंद, अशोक तायल, और एक्सपोर्ट हाट के बबला गर्ग के निवास पर प्रमोद जी, प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंजाब  के आगमन दौरान सभी ने खुले मन से सहयोग किया।  पूर्व निकाय उपाध्यक्ष प्रदीप सिंगला ने कहा की राम मंदिर निर्माण में सेवा करना जीवन का सबसे उत्तम और सौभाग्यशाली क्षण है और इसके लिए हर जन और मन में भारी उत्साह है। निधि समर्पण कार्यक्रम में समरसता का ऐसा अद्भुत दर्शन हो रहा है, जो साक्षात भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन दर्शन का साक्षात्कार करने जैसा है। अपनी जानकारी में उन्होंने यह भी बताया है कि ट्रस्ट को दिया जाने वाला दान आयकर कानून के तहत करमुक्त भी है। इस अवसर पर जिला प्रचारक अर्जुन, सुनील सिंगला, रमेश शर्मा, डगर कांत, अनिल शर्मा, विजय सूरी, दिनेश सिंगला, रमन सिंगला आदि हाज़िर थे फोटो कैप्शन :- प्रांत प्रचारक प्रमोद जी और प्रदीप सिंगला शहरवासियों से सहयोग लेते हुए

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Shalini Malhotra Mar 6, 2021

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