तेरी है ज़मीं, तेरा आसमां... तू बड़ा मेहरबां.... तू बख़्शिश कर... सभी का है तू... सभी तेरे... खुदा मेरे...तू बख़्शिश कर.. तेरी मर्जी से ऐ मालिक... हम इस दुनिया में आये हैं.... तेरी रहमत से हम सबने... ये जिस्मों जान पाए हैं.... तुम अपनी नज़र रखना किस हाल में हैं ख़बर रखना तू बख़्शिश कर.... तू चाहे तो हमें रखे.... तू चाहे तो हमें मारे.... तेरे आगे झुकाकर सर... खडे हैं आज हम सारे... ओ सबसे बड़ी ताकत वाले... तू चाहे तो हर आफत टालें.... तू बख़्शिश कर.....🙏

तेरी है ज़मीं, तेरा आसमां...
तू बड़ा मेहरबां....
तू बख़्शिश कर...
सभी का है तू... सभी तेरे...
खुदा मेरे...तू बख़्शिश कर..
तेरी मर्जी से ऐ मालिक...
हम इस दुनिया में आये हैं....
तेरी रहमत से हम सबने...
ये जिस्मों जान पाए हैं....
तुम अपनी नज़र रखना 
किस हाल में हैं ख़बर रखना 
तू बख़्शिश कर....
तू चाहे तो हमें रखे....
तू चाहे तो हमें मारे....
तेरे आगे झुकाकर सर...
खडे हैं आज हम सारे...
ओ सबसे बड़ी ताकत वाले...
तू चाहे तो हर आफत टालें....
तू बख़्शिश कर.....🙏

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कामेंट्स

s.p.sharma May 5, 2021
🌷🌷beautiful preeti ji om shri ganeshay namah radhey radhey jai shri krishna have a nice day 🌷🌷

r h Bhatt May 5, 2021
Jai Shri Radhe Krishna Shubh dophar ji Vandana ji Sara's post ji

Ragni Dhiwar May 5, 2021
🥀 शुभ बुधवार मेरी प्यारी बहन🥀 यूं ही जुड़े रहे,आपके और खुशियों के तार ‌श्री गणेश करें,🥀आपकी हर ख्वाहिश स्वीकार!🙏 जय श्री गणेश नमः🥀

MOHAN PATIDAR May 5, 2021
@preetijain2 jai shree Radhe krishna ji good morning ji thanks you ji very happy ji RamRam ji अच्छै लोगो की सबसे बडी खुबी यह होती है के उन्हे याद रखना नही पडता वो याद रह जाते है aap hamesha khuss v savsth muskrati raho ji aapna khayal rakhna ji🌹 om shanti🍁 jai Ginendar 🌷⚘🌹🧃🍧🍹👈

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 May 5, 2021
Good Morning My Sweet Sister ji 🙏🙏 Om Shree Ganeshay Namah 🙏🙏🌹🌹🌹 Ganpati Bappa Morya 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹💐🌷🥀🥀🥀🥀🥀🌷💐🌹.

Raj bhadauria May 5, 2021
radhey radhey jii subh dopahar jii apkaa din mangalmay v subhash ji

RAJ RATHOD May 5, 2021
🌹🌹 शुभ दोपहर वंदन जी 🙏🙏🌺💐🌿🌹 🌹🌹 भगवान श्री गणेश जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🙏🙏🌺💐🌿🌹💐💐🌺🌿🌿🌹💐🌹🌹 🌹🌹 आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय हो 🌹🌹

🌷JK🌷 May 5, 2021
🌹🌹Radhe Radhe🌹🌹 very👌 post Good Afternoon ji 🌹🌹🙏🏼🌹🌹

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 May 5, 2021
Good Afternoon My Sweet Sister ji 🙏🙏 Om Shree Ganeshay Namah 🙏🙏🌹🌹 Ganpati Bappa Morya 🙏🙏🌹💐💐 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

RAKESH SHARMA May 5, 2021
OM SHANTI 🙏🙏🌹🌹ALL THE PROBLEMS ARE STUCK BETWEEN.. MIND.. And MATTER. IF U DON'T MIND THEN DOESN'T MATTER 🙏🙏🌹🌹JAI JINENDRA 🙏🙏🌹🌹

dhruv wadhwani May 6, 2021
जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा

🙏 जय श्री कृष्ण मित्रों *सदैव सकारात्मक रहें* महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से हौंसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था... और वह था श्रवण के पिता का श्राप.... दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया श्राप याद आ जाता था... (कालिदास ने रघुवंशम में इसका वर्णन किया है) श्रवण के पिता ने ये श्राप दिया था कि ''जैसे मैं पुत्र वियोग में तड़प-तड़प के मर रहा हूँ वैसे ही तू भी तड़प-तड़प कर मरेगा.....'' दशरथ को पता था कि ये श्राप अवश्य फलीभूत होगा और इसका मतलब है कि मुझे इस जन्म में तो जरूर पुत्र प्राप्त होगा.... (तभी तो उसके शोक में मैं तड़प के मरूँगा) यानि यह श्राप दशरथ के लिए संतान प्राप्ति का सौभाग्य लेकर आया.... ऐसी ही एक घटना सुग्रीव के साथ भी हुई.... वाल्मीकि रामायण में वर्णन है कि सुग्रीव जब माता सीता की खोज में वानर वीरों को पृथ्वी की अलग - अलग दिशाओं में भेज रहे थे.... तो उसके साथ-साथ उन्हें ये भी बता रहे थे कि किस दिशा में तुम्हें कौन सा स्थान या देश मिलेगा और किस दिशा में तुम्हें जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिये.... प्रभु श्रीराम सुग्रीव का ये भगौलिक ज्ञान देखकर हतप्रभ थे... उन्होंने सुग्रीव से पूछा कि सुग्रीव तुमको ये सब कैसे पता...? तो सुग्रीव ने उनसे कहा कि... ''मैं बाली के भय से जब मारा-मारा फिर रहा था तब पूरी पृथ्वी पर कहीं शरण न मिली... और इस चक्कर में मैंने पूरी पृथ्वी छान मारी और इसी दौरान मुझे सारे भूगोल का ज्ञान हो गया....'' अब अगर सुग्रीव पर ये संकट न आया होता तो उन्हें भूगोल का ज्ञान नहीं होता और माता जानकी को खोजना कितना कठिन हो जाता... इसीलिए किसी ने बड़ा सुंदर कहा है :- "अनुकूलता भोजन है, प्रतिकूलता विटामिन है और चुनौतियाँ वरदान है और जो उनके अनुसार व्यवहार करें.... वही पुरुषार्थी है...." ईश्वर की तरफ से मिलने वाला हर एक पुष्प अगर वरदान है.......तो हर एक काँटा भी वरदान ही समझें.... मतलब.....अगर आज मिले सुख से आप खुश हो...तो कभी अगर कोई दुख,विपदा,अड़चन आजाये.....तो घबरायें नहीं.... क्या पता वो अगले किसी सुख की तैयारी हो.... *इसलिए हर परिस्थिति में सदैव सकारात्मक रहें !* हमेशा याद रहे -- *दुनिया बनाने वाला ईश्वर सदैव आपके साथ हैं..!!

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*भाग्य* यात्रियों से भरी बस चली जा रहा थी, जब अचानक मौसम बदला और भारी बारिश चालू हो गयी और बिजली भी चारों तरफ चमकने लगी सभी देख रहे थे कि बिजली कभी भी बस को चपेट में ले सकती है । रोशनी से बचने के 2 या 3 कठिन प्रयास के बाद, चालक ने पेड़ से पचास फुट की दूरी पर बस बंद कर कहा - "हमारे पास बस में कोई है जिसकी मृत्यु आज निश्चित है।" उस व्यक्ति की वजह से बाकी सब लोग भी मारे जाएंगे। अब ध्यान से सुनिये जो मैं कह रहा हूं ..मैं चाहता हूं कि प्रत्येक व्यक्ति बस से उतर एक एक कर बाहर जाकर पेड़ के तने को स्पर्श करे और वापस आ जाए। "जिसकी मौत निश्चित है वह बिजली से पकड़ा जाएगा और मर जाएगा और बाकी सभी को बचा लिया जाएगा "। उसने पहले व्यक्ति को जाने और पेड़ को छूने और वापस आने के लिये कहा वह अनिच्छा से बस से उतर गया और पेड़ को छुआ। उसका दिल प्रसन्न हो गया जब कुछ भी नहीं हुआ और वह अभी भी जीवित था। यही क्रम बाकी यात्रियों के लिए जारी रहा और उन सभी को राहत मिली जब वे पेड़ को छु कर लौटे और कुछ भी नहीं हुआ। लेकिन जब आखिरी यात्री की बारी आई, तो सभी उसे आँखों से घूरने लगे। वह यात्री बहुत डर गया और अनिच्छुक था क्योंकि वही केवल अकेला बचा था।सभी ने उसे नीचे उतरने और जाने और पेड़ को छूने के लिए मजबूर किया। मृत्यु के 100% भय के साथ, अंतिम यात्री पेड़ के पास गया और उसे छुआ। उसी समय वहाँ गड़गड़ाहट की एक बड़ी आवाज़ गूँजी और बिजली ने बस को चपेट में ले लिया - हां, बिजली के चपेट में आने से बस के अंदर सभी मारे गये। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया (मानना पडेगा) कि पूरी बस इस आखिरी यात्री की उपस्थिति के कारण सुरक्षित थी। कई बार, हम अपनी वर्तमान उपलब्धियों के लिए स्वयं श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि यह हमारे साथ जूडे एक व्यक्ति के कारण है। शायद उस व्यक्ति की वजह से हम अपनी वर्तमान खुशी, सम्मान, प्रेम, नाम, प्रसिद्धि, वित्तीय सहायता, शक्ति, स्थिति और क्या नहीं आनंद ले रहे हैं अपने चारों ओर देखिए - शायद आपके माता-पिता, आपके पति या पत्नी, आपके बच्चे, आपके भाई-बहन, आपके मित्र आदि के रूप में आपके आस-पास कोई है, जो आपको नुकसान से बचा रहे हैं ..! इसके बारे में सोचिये .. और उस आत्मा को धन्यवाद दें..। *🌹

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Mamta Chauhan May 5, 2021

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Neeta Trivedi May 5, 2021

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