🙏🕉️ मकर संक्रांति स्पेशल -2021🕉️🙏

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mali RAJASTHAN Jan 13, 2021
jay shree radhe radhe radhe radhe radhe radhe radhe radhe radhe radhe krishna Setji🙏🙏🌹🌹 ram ram ji Setji🙏🙏🌹🌹 good night v.good

Poonam Aggarwal Jan 13, 2021
🦚 ओम् श्री गणेशाय नमः 🦚🙏 🍫🥜🍫🥜🍫🥜🍫🥜🍫 मूंगफली दी खुशबू ते गुर: दी मिठास, मक्की दी रोटी ते सरसों दा साग, दिल दी खुंशी ते आपनों दा प्यार, मुबारक होवे तुहानूं लोहड़ी दा त्यौहार || 🍫🥜🍫🥜🍫🥜🍫🥜🍫

जय हिन्द🙏🇮🇳, Jan 13, 2021
धन्यवाद भाई साहब जी 🌻🙏शब्दों के मुताबिक नहीं कर्म के मुताबिक फल मिलते हैं 💯🌻🙏धन्यवाद जी🌻🙏

जय हिन्द🙏🇮🇳, Jan 13, 2021
@dineshrajput धन्यवाद भाई साहब जी 🌻🙏शब्दों के मुताबिक नहीं कर्म के मुताबिक फल मिलते हैं 💯🌻🙏धन्यवाद जी🌻🙏

जय हिन्द🙏🇮🇳, Jan 13, 2021
@noratmalmalimali धन्यवाद भाई साहब जी 🌻🙏शब्दों के मुताबिक नहीं कर्म के मुताबिक फल मिलते हैं 💯🌻🙏धन्यवाद जी🌻🙏

जय हिन्द🙏🇮🇳, Jan 13, 2021
@arvindsharma26 धन्यवाद भाई साहब जी 🌻🙏शब्दों के मुताबिक नहीं कर्म के मुताबिक फल मिलते हैं 💯🌻🙏धन्यवाद जी🌻🙏

जय हिन्द🙏🇮🇳, Jan 13, 2021
@himeshpatel29 धन्यवाद भाई साहब जी 🌻🙏शब्दों के मुताबिक नहीं कर्म के मुताबिक फल मिलते हैं 💯🌻🙏धन्यवाद जी🌻🙏

sunita yadav Jan 13, 2021
राधे राधे सा🙏🙏💐💐💐

Ashwinrchauhan Jan 13, 2021
जय श्री गणेश जी लोहरी एवं मकर संक्रांति पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं शुभ रात्री वंदन जी

gouri Shankar Jan 13, 2021
maker sakranti hardik SUV kamna 🙏🙏🚩🚩🌹🌹🙏🙏

suchit sinha Jan 13, 2021
मकर संक्रान्ति की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें ऊँ नमः शिवाय हर हर महादेव जी ऊँ नमः शिवाय

Surender Verma Jan 14, 2021
🙏राधे राधे राधे राधे 🙏जय श्री श्याम🙏

Sajjan Singhal Jan 15, 2021

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namrta chhbra Jan 17, 2021

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[1/16, 6:03 PM] Sangale Samadhan: मकर संक्रंति के दिन जरूर पढ़े श्रीसत्यनारायण की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय की बात है जब एकबार विष्णु भक्त नारद जी ने भ्रमण करते हुए मृत्युलोक के प्राणियों को अपने-अपने कर्मों के अनुसार तरह-तरह के दुखों से परेशान होते देखा. इससे उनका संतहृदय द्रवित हो उठा और वे वीणा बजाते हुए अपने परम आराध्य भगवान श्रीहरि की शरण में हरि कीर्तन करते क्षीरसागर पहुंच गये और स्तुतिपूर्वक बोले, ‘हे नाथ! यदि आप मेरे ऊपर प्रसन्न हैं तो मृत्युलोक के प्राणियों की व्यथा हरने वाला कोई छोटा-सा उपाय बताने की कृपा करें.' तब भगवान ने कहा, 'हे वत्स! तुमने विश्वकल्याण की भावना से बहुत सुंदर प्रश्न किया है. अत: तुम्हें साधुवाद है. आज मैं तुम्हें ऐसा व्रत बताता हूं जो स्वर्ग में भी दुर्लभ है और महान पुण्यदायक है तथा मोह के बंधन को काट देने वाला है और वह है श्रीसत्यनारायण व्रत. इसे विधि-विधान से करने पर मनुष्य सांसारिक सुखों को भोगकर परलोक में मोक्ष प्राप्त कर लेता है.' इसके बाद काशीपुर नगर के एक निर्धन ब्राह्मण को भिक्षावृत्ति करते देख भगवान विष्णु स्वयं ही एक बूढ़े ब्राह्मण के रूप में उस निर्धन ब्राह्मïण के पास जाकर कहते हैं, ‘हे विप्र! श्री सत्यनारायण भगवान मनोवांछित फल देने वाले हैं. तुम उनके व्रत-पूजन करो जिसे करने से मुनष्य सब प्रकार के दुखों से मुक्त हो जाता है. इस व्रत में उपवास का भी अपना महत्व है किंतु उपवास से मात्र भोजन न लेना ही नहीं समझना चाहिए. उपवास के समय हृदय में यह धारणा होनी चाहिए कि आज श्री सत्यनारायण भगवान हमारे पास ही विराजमान हैं. अत: अंदर व बाहर शुचिता बनाये रखनी चाहिए और श्रद्धा-विश्वासपूर्वक भगवान का पूजन कर उनकी मंगलमयी कथा का श्रवण करना चाहिए.’ सायंकाल में यह व्रत-पूजन अधिक प्रशस्त माना जाता है. साधु वैश्य ने भी यही प्रसंग राजा उल्कामुख से विधि-विधान के साथ सुना, किंतु उसका विश्वास अधूरा था. श्रद्धा में कमी थी. वह कहता था कि संतान प्राप्ति पर सत्यव्रत-पूजन करूंगा. समय बीतने पर उसके घर एक सुंदर कन्या ने जन्म लिया. उसकी श्रद्धालु पत्नी ने व्रत की याद दिलायी तो उसने कहा कि कन्या के विवाह के समय करेंगे. समय आने पर कन्या का विवाह भी हो गया किंतु उस वैश्य ने व्रत नहीं किया. वह अपने दामाद को लेकर व्यापार के लिए चला गया. उसे चोरी के आरोप में राजा चन्द्रकेतु द्वारा दामाद सहित कारागार में डाल दिया गया. पीछे घर में भी चोरी हो गयी. पत्नी लीलावती व पुत्री कलावती भिक्षावृत्ति के लिए विवश हो गयीं. एक दिन कलावती ने किसी विप्र के घर श्री सत्यनारायण का पूजन होते देखा और घर आकर मां को बताया. तब मां ने अगले दिन श्रद्धा से व्रत-पूजन कर भगवान से पति और दामाद के शीघ्र वापस आने का वरदान मांगा. श्रीहरि प्रसन्न हो गये और स्वप्न में राजा को दोनों बंदियों को छोडऩे का आदेश दिया. राजा ने उनका धन-धान्य तथा प्रचुर द्रव्य देकर उन्हें विदा किया. घर आकर पूर्णिमा और संक्रांति को सत्यव्रत का जीवन पर्यन्त आयोजन करता रहा, फलत: सांसारिक सुख भोगकर उसे मोक्ष प्राप्त हुआ. इसी प्रकार राजा तुङ्गध्वज ने वन में गोपगणों को श्री सत्यनारायण भगवान का पूजन करते देखा, किंतु प्रभुता के मद में चूर राजा न तो पूजास्थल पर गया, न दूर से ही प्रणाम किया और न ही गोपगणों द्वारा दिया प्रसाद ग्रहण किया. परिणाम यह हुआ कि राजा के पुत्र, धन-धान्य, अश्व-गजादि सब नष्ट हो गये. राजा को अकस्मात् यह आभास हुआ कि विपत्ति का कारण सत्यदेव भगवान का निरादर है. उसे बहुत पश्चाताप हुआ. वह तुरंत वन में गया. गोपगणों को बुलाकर काफी समय लगाकर सत्यनारायण भगवान की पूजा की. फिर उसने उनसे ही प्रसाद ग्रहण किया तथा घर आ गया. उसने देखा कि विपत्ति टल गयी और उसकी सारी संपत्ति तथा जन सुरक्षित हो गये. राजा प्रसन्नता से भर गया और सत्यव्रत के आचरण में निरत हो गया तथा अपना सर्वस्व भगवान को अर्पित कर दिया. [1/16, 6:05 PM] Sangale Samadhan: जानिए संसार को कलयुग से बचाने के लिए भगवान विष्णु कब लेंगे कल्कि अवतार ? इस भगवान विष्णु जी की विधि-विधान से पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है. ऐसी मान्यता है कि यदि भक्त सच्चे मन से भगवान विष्णु को पूजता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. वैसे हर दिन श्री हरि की पूजा की जाती है लेकिन हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है. भगवान विष्णु जगत के पालनहार कहलाते हैं. पुराणों में भगवान विष्णु के दो रूप बताए गए हैं. एक रूप में तो उन्हें बहुत शांत, प्रसन्न और कोमल बताया गया है और दूसरे रूप में प्रभु को बहुत भयानक बताया गया है. जहां श्रीहरि काल स्वरूप शेषनाग पर आरामदायक मुद्रा में बैठे हैं. लेकिन प्रभु का रूप कोई भी हो, उनका हृदय तो कोमल है और तभी तो उन्हें कमलाकांत और भक्तवत्सल कहा जाता है. कहा जाता है कि भगवान विष्णु का शांत चेहरा कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति को शांत रहने की प्रेरणा देता है. भगवान विष्णु का मानना है कि समस्याओं का समाधान शांत रहकर ही सफलतापूर्वक ढूंढा जा सकता है. एक इंसान दूसरे के खून का प्यासा हो जाएगा शास्त्रों में कहा गया है कि जैसे-जैसे घोर कलियुग आता जाएगा, वैसे-वैसे दिनों-दिन धर्म, सत्य, पवित्रता, क्षमा, आयु समाप्ति की कगार पर आ जाएंगे. यह भी बताया गया है कि कलियुग में जिसके पास धन होगा उसी को लोग कुलीन, सदाचारी मानेंगे और जो जितना छल-कपट कर सकेगा वह समाज में लोगों की नजरों में सबसे कुशल व्यवहार वाला माना जाएगा. माना जाता है कि जिस प्रकार से कलियुग (वर्तमान युग) में वारदात की घटनाएं सामने आ रही हैं, एक समय ऐसा भी आएगा जब ऐसी घटनाएं अपने चरम पर होंगी. एक इंसान दूसरे के खून का प्यासा हो जाएगा. गरीब से लेकर अमीर वर्ग के लोगों में ईष्या होने लगेगी. अधर्मियों का बोलबाला होगा. पत्तियां खाकर अपना जीवन व्यतीत करेंगे एक प्रजा को संभालने के लिए हमेशा ही एक राजा मौजूद होता है लेकिन आने वाले घोर कलियुग के समय में किसी भी नगर का राजा नहीं होगा. वहां केवल अधर्मियों का राज होगा. दरअसल जो बल से बली होगा सारे साम्राज्य में उसका राज होगा. मान्यता है कि एक समय ऐसा भी आएगा जब चारों ओर अकाल पड़ जाएगा. लोग भोजन की भूख को छोड़कर जानवरों की तरह पत्तियां खाकर अपना जीवन व्यतीत करेंगे. कलियुग यानी कलह-क्लेश से युक्त का युग. इस युग में लोगों में सिर्फ और सिर्फ असंतोष दिखाई देगा और जैसे-जैसे बल-बुद्धि, धर्म, पूजा-पाठ का अंत होगा, लोग धर्म में पाखंड से जुड़ने लगेंगे. कल्कि को विष्णु का भावी और अंतिम अवतार माना गया है वहीं विष्णु पुराण के अनुसार ऐसे समय में भगवान जिनका रंग गोरा बताया जाता है वह गुस्से के कारण काला हो जाएगा. युद्ध के समय इनके हाथों में दो तलवारें होती हैं. इनका नाम कल्कि होगा. यह एक ब्राम्हण के घर जन्म लेंगे. कल्कि को विष्णु का भावी और अंतिम अवतार माना गया है. पृथ्वी पर जब पाप की सीमा पार होने लगेगी तब दुष्टों के संहार के लिए विष्णु का यह अवतार प्रकट होगा. इसी के साथ कलियुग की समाप्ति हो जाएगी और सतयुग दोबारा प्रारंभ होगा. [1/17, 6:42 AM] Sangale Samadhan: शनिवार के दिन भूल कर भी न लाए इन चीजों को... मान्यता है कि किसी भी काम में अड़चन आ रही हो तो शनिदेव की आराधना करनी चाहिए. शनिदेव प्रसन्न होते हैं तो बिगड़े हुए काम बन जाते हैं और सफलता मिलती है. शनिदेव मनुष्य के कर्म और फल से संबंध रखते हैं. शनि की कृपा के बिना ना तो विवाह होता है और ना ही संतान का सुख मिलता है. मान्‍यताओं के मुताबिक इस दिन कुछ गलत चीजें घर में लाने से शनिदेव के प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है. हम आज आपको ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें शनिवार को खरीदने से बचना चाहिए- काला रंग: शनिवार को काले कपड़े या काले जूते नहीं खरीदने चाहिए. इससे शनिदेव क्रोधित होते हैं. ऐसा करने से हर कार्य में असफलता मिलती हैं और भाग्‍य साथ नहीं देता. नमक: शनिवार को नमक खरीदने से बचें. मान्‍यता है कि यह व्‍यक्ति को कर्जदार बनाता है और रोग होते हैं. काले तिल: शनिदेव को काले तिल नहीं खरीदने चाहिए. मान्‍यता है कि इस दिन ऐसा करने से कार्यों में बाधा उत्‍पन्‍न होती है. कैंची: शनिवार के दिन कैंची खरीदने से भी बचना चाहिए. मान्‍यता है कि इस दिन कैंची खरीदने से रिश्तों में तनाव पैदा होता है. झाडू: इस दिन झाडू भी खरीदने से बचना चाहिए. मान्‍यता है कि इससे धन का नाश हो होता है. लोहा: शनिवार के दिन लोहा खरीदने से बचना चाहिए. मान्‍यता है कि ऐसा करने से धन की हानि हो सकती है. तेल: मान्‍यताओं के अनुसार शनिवार के दिन तेल का दान तो किया जा सकता है, लेकिन इस दिन इसे खरीदना नहीं चाहिए. [1/17, 6:44 AM] Sangale Samadhan: आज इस विधि से करें शनि देव की पूजा, मिलेगा 'शनि दोष' से छुटकारा ------------------------------------------------------------------------------ शनिवार के दिन भगवान शनि देव की पूजा का विशेष महत्व है। शनि देव को न्यााय का देवता भी कहते हैं। लोग उनसे डरते हैं लेकिन वो ऐसे देवता हैं जो सभी के कर्मों का फल उसे देते हैं। उनसे हमारा कोई भी काम छुपा नहीं होता, चाहे वो काम बुरा हो या अच्छा। किसी व्यक्ति की कुंडली में अगर शनि दोष हो तो उसका कोई भी काम आसानी से नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति शनिवार के दिन पूरी भक्ति और सही तरीके से भगवान शनि की पूजा करता है तो उसे भगवान शनि की असीम कृपा मिलती है और ग्रहों की दशा सुधरती है। आइए जानते हैं कि कैसे करें शनि देव की पूजा: 1. हर शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीया जरूर जलाएं। इस दीये को भगवान के मंदिर में उनकी शिला के सामने जलाएं। 2. यदि आपके घर के आस पास शनि देव का मंदिर नही है तो किसी पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाएं। 3. शनि महाराज को तेल के दीये के साथ काली उड़द और फिर कोई भी काली वस्तु़ भेंट करें और फिर शनि चालीसा का पाठ करें। 4. शनि देव की पूजा करने के बाद हनुमान जी की भी पूजा करें। उनकी मूर्ति पर सिंदूर लगाएं और केला चढ़ाएं। 5. पूजा के अंत में शनि देव का मंत्र पढ़ें। ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: [1/17, 6:46 AM] Sangale Samadhan: अगर शनिदेव और हनुमान जी को करना है प्रसन्न तो शनिवार के दिन करें ये उपाय शनि देवता को न्याय का देवता कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि वह सभी के कर्मों का फल देते हैं. कोई भी बुरा काम उनसे छिपा नहीं, शनिदेव हर एक बुरे काम का फल मनुष्य को ज़रूर देते हैं. जो गलती जानकर की गई उसके लिए भी और जो अंजाने में हुई, दोनों ही गलतियों पर शनिदेव अपनी नजर रखते हैं. इसीलिए उनकी पूजा का बहुत महत्व है. कहते हैं कि अगर जीवन में शनिदेव और हनुमान जी का आशीर्वाद मिल जाए तो फिर हर समस्या से निजात पाया जा सकता है. लेकिन इसके लिए आपको कुछ विशेष उपाय करने होंगे. और इस रिपोर्ट में हम उन्हीं विशेष उपायों की जानकारी देंगे जिन्हें आपको शनिवार के दिन करना चाहिए. शनिवार के उपाय 1. पहले उपाय में आपको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ को छूते हुए सात बार परिक्रमा करनी चाहिए. इसे केवल एक शनिवार नहीं बल्कि हर शनिवार करते रहे. साथ ही परिक्रमा के दौरान"ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जप भी करें. कहते हैं ऐसा करने से शनि देव की साढ़ेसाती और ढैय्या या फिर शनि से जुड़ा कोई भी दोष समाप्त हो जाता है. 2. शनिवार की शाम को किसी तालाब या ऐसी जगह जहां पर मछलियां हो वहां पर दाना डालें. साथ ही चीटियों को भी आटा खिलाएं. कहते हैं इस उपाय से शनि देव के साथ साथ भगवान हनुमानजी भी प्रसन्न होते हैं. और किस्मत खुल जाती है. इससे फायदा ये होगा कि अगर आप पर कोई कर्ज है नौकरी को लेकर कोई समस्या है तो जल्द ही वो दूर हो जाएगी. 3. शनिवार के दिन एकासना करने से भी काफी लाभ मिलता है. जब आप यह करें तब एक को एक बर्तन में रखें और मनोकामना मांगे. इसके बाद उस रोटी को किसी भी काले कुत्ते या काली गाय को खिला देना चाहिए. इस टोटके से फायदा ये होगा कि आपका हर अधूरा व अटका हुआ काम जल्द ही पूरा हो जाएगा. 4. चौथा उपाय भी आपके लिए काफी फायदेमंद होगा. हालांकि यह काफी लोग करते भी हैं. इसमें आपको शनिवार को के दिन शनि देव पर अवश्य रूप से जल चढ़ाना चाहिए. लेकिन इसके साथ साथ हनुमान जी की प्रतिमा के सामने तेल का दीया भी जलाएं. सिर्फ यही नहीं इस दिन काली चीज़ों का दान करना भी काफी लाभकारी माना गया है. काले तिल, चने व काले कपड़े दान किए जा सकते हैं.

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Ramesh Agrawal Jan 15, 2021

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