🌹Ranjit chavda🌹
🌹Ranjit chavda🌹 Mar 3, 2021

🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇🎇🕉️🎇 शुभ रात्रि वंदन जी 🕉️🎇🕉️ 🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇🕉️🎇

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कामेंट्स

Deepa Binu Mar 3, 2021
HARE KRISHNA 🙏 Good Night JI 🌹 Sweet Dreams 🌹 Sleep well 🌹🌹🌹

🌹Ranjit chavda🌹 Mar 3, 2021
@deepabinu 🌹🌹🌹 👍 Hare krishna 🌹 very sweet good night ji and sweet dreams ji Thank you very much ji ☺️🌹🌹💐🙏🙏

dhruv wadhwani Mar 3, 2021
जय श्री राधे कृष्णा शुभ रात्रि

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Shanti Pathak May 7, 2021

,*जय श्री राधे कृष्णा जी* *शुभरात्रि वंदन* पाजिटिव रिपोर्ट। 15 दिनों की जद्दोजहद के बाद एक आदमी अपनी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट हाथ में लिए अस्पताल के रिसेप्शन पर खड़ा था। आसपास के कुछ लोग तालियां बजा कर उसका अभिनंदन कर रहे थे! जंग जो जीत कर आया था वो! लेकिन उस शख्स के चेहरे पर बेचैनी की गहरी छाया थी। गाड़ी में घर के पूरे रास्ते भर उसे आता रहा आइसोलेशन नामक खतरनाक ओर असहनीय दौर का वो मंजर। न्यूनतम सुविधाओं वाला वो छोटा सा कमरा अपर्याप्त उजाला मनोरंजन के किसी साधन की अनुपलब्धता और कोई बात नहीं करता था और न ही कोई नजदीक आता था खाना भी बस प्लेट में रख कर सरका दिया जाता था। कैसे गुजारे उसने वे 15 दिन वही जानता था। घर पहुंचते ही स्वागत में खड़े उत्साहित पत्नी और बच्चों को छोड़कर वह शख्स सीधे घर के एक उपेक्षित कोने के कमरे में गया जहाँ उसकी माँ पिछले पाॉच वर्षों से पडी़ थी। माँ के पावों में गिरकर वह खूब रोया और माँ को लेकर बाहर आया। पिता की मृत्यु के बाद पिछले 5 वषोॅ से एकांतवास (आइसोलेशन) भोग रही माँ से कहा , माँ आज से आप हम सब एक साथ एक जगह पर ही रहेंगे। माँ को भी बड़ा आश्चर्य हुआ कि बेटे ने उसकी पत्नी के सामने ऐसा कहने की हिम्मत कैसे कर ली? इतना बड़ा हृदय परिवर्तन अचानक कैसे हो गया? बेटे ने फिर अपने एकांतवास की सारी परिस्थितियों माँ को बताई और बोला अब मुझे अहसास हुआ कि एकांतवास कितना दुखदायी होता है? बेटे की नेगेटिव रिपोर्ट उसकी जिन्दगी की पाजिटिव रिपोर्ट बन गयी। संदेश - आज बहुत से बुजुर्गों के साथ यही समस्या है। जिस उम्र में उसे अपनों के सहारे की जरुरत महसूस होती है ,जब उन्हें बच्चों का साथ संजीवनी सा काम करता है उसी समय वे नितांत अकेले रह जाते हैं | असुरक्षा की भावना उनके अंतर्मन में इस कदर व्याप्त है कि उन्हें अपना जीवन व्यर्थ सा लगने लगा है ऐसे में हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने बुजुर्गों का ध्यान रखें और उनका सहारा बनें। याद रहे जैसा व्यवहार आज आप अपने माँ बाप के साथ करेंगे,जैसा उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, वैसा ही व्यवहार आपकी आने वाली पीढी आप के साथ करेगी।

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बहुत सुंदर संदेश🌹🙏 *डमरू* एक बार की बात है, देवताओं के राजा इंद्र ने कृषकों से किसी कारण से नाराज होकर बारह वर्षों तक बारिश न करने का निर्णय लेकर किसानों से कहा-" अब आप लोग बारह वर्षों तक फसल नही ले सकेंगे।" सारे कृषकों ने चिंतातुर होकर एक साथ इंद्रदेव से वर्षा करवाने प्रार्थना की । इंद्र ने कहा -" यदि भगवान शंकर अपना डमरू बजा देंगे तो वर्षा हो सकती है।" इंद्र ने किसानों को ये उपाय तो बताया लेकिन साथ में गुप्तवार्ता कर भगवान शिव से ये आग्रह कर दिया कि आप किसानों से सहमत न होना। जब किसान भगवान शंकर के पास पहुँचे तो भगवान ने उन्हें कहा -" डमरू तो बारह वर्ष बाद ही बजेगा।" किसानों ने निराश होकर बारह वर्षों तक खेती न करने का निर्णय लिया। उनमें से एक किसान था जिसने खेत में अपना काम करना नहीं छोड़ा। वो नियमति रूप से खेत जोतना, निंदाई, गुड़ाई, बीज बोने का काम कर रहा था। ये माजरा देख कर गाँव के किसान उसका मज़ाक उड़ाने लगे। कुछ वर्षों बाद गाँव वाले इस परिश्रमी किसान से पूछने लगे -" जब आपको पता है कि बारह वर्षों तक वर्षा नही होने वाली तो अपना समय और ऊर्जा क्यों नष्ट कर रहे हो?" उस किसान ने उत्तर दिया- *मैं,भी जानता हूँ कि बारह वर्ष फसल नही आने वाली लेकिन मैं, ये काम अपने अभ्यास के लिए कर रहा हूँ।**क्योंकि बारह साल कुछ न करके मैं,खेती किसानी का काम भूल जाऊँगा,मेरे शरीर की श्रम करने की आदत छूट जाएगी। इसीलिए ये काम मैं, नियमित कर रहा हूँ ताकि जब बारह साल बाद वर्षा होगी तब मुझे अपना काम करने के लिए कोई कठिनाई न हो। ये तार्किक चर्चा माता पार्वती भी बड़े कौतूहल के साथ सुन रही थी। बात सुनने के बाद माता, भगवान शिव से सहज बोली - " प्रभु,आप भी बारह वर्षों के बाद डमरू बजाना भूल सकते हैं।" माता पार्वती की बात सुन कर भोले बाबा चिंतित हो गए।अपना डमरू बज रहा या नही ये देखने के लिए उन्होंने डमरू उठाया और बजाने का प्रयत्न करने लगे। जैसे ही डमरू बजा बारिश शुरू हो गई.... जो किसान अपने खेत में नियमित रूप से काम कर रहा था उसके खेत में भरपूर फसल आयी। बाकी के किसान पश्याताप के अलावा कुछ न कर सके। दो सप्ताह, दो माह, दो वर्षों के बाद कभी तो ये दौर खत्म होगा, सामान्य जनजीवन शुरू होगा। केवल नकारात्मक बातों पर अपना ध्यान लगाने के बजाय हम अपने कार्य- व्यवसाय से संबंधित कुशलताओं की धार पैनी करने का, अपनी अभिरुचि का अभ्यास करते रहेंगे। डमरू कभी भी बज सकता है।☺️

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Archana Singh May 7, 2021

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Renu Singh May 7, 2021

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SUJATA May 7, 2021

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