पवन सिंह
पवन सिंह Dec 10, 2017

।। #धर्मो_रक्षति_रक्षितः ।।

।।  #धर्मो_रक्षति_रक्षितः  ।।

धर्म की रक्षा करोगे तो धर्म भी तुम्हारा रक्षा करेगा। इसलिये तुम पहले अपने धर्म को जानो और उसका पालन करो, तभी तुम्हारी रक्षा होगी ।

जो धर्म का नाश करता हैं वह स्वयं विनाश को प्राप्त हो जाता हैं ; और जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी सदैव रक्षा करता है।

 

शुद्ध ह्रदय से, तल्लीनता से जो व्यक्ति धर्माचरण करता है, उनके जीवन में अभय के फूल खिलते हैं उनके जीवन के दुःख, संताप, आधि और व्याधियां विनष्ट हो जाती हैं। धार्मिक व्यक्ति श्रद्धासिक्त ह्रदय से धर्म को जीता हैं और धर्म मैं आस्था रखता है। वह प्राण – पण से धर्म की रक्षा करता हैं। इसीलिए धर्म उसकी भी रक्षा करता है।

एक प्रसंग 

एक बार एक गुरु अपने शिष्यों को उपदेश दे रहे थे। उनका विषय था –
धर्मो रक्षति रक्षितः ।
गुरु ने कहा – हे शिष्यों! शुद्ध ह्रदय से धर्म की रक्षा करो। वह तुम्हारी रक्षा करेगा।

 

शिष्यों ने गुरु का उपदेश आत्मसात किया। एक शिष्य किसी कार्यवश घने जंगल में पहुंचे । उसने एक दौड़ते हुए व्यक्ति को अपनी ओर आते देखा। वह व्यक्ति उस शिष्य के निकट पहुंचा और बोला – भाग कर रक्षा करो अपने प्राणों की। एक पागल हाथी इसी दिशा में दौड़ा आ रहा हैं।

 

शिष्य ने विचार किया – गुरु के उपदेश की आज परीक्षा हो ही जाए। गुरु कहते हैं – धर्मो रक्षति रक्षितः । आज देखता हूँ की धर्म मेरी रक्षा करता हैं या नहीं। मैनें तो सदैव धर्म की रक्षा की हैं। इसी विचार से वह शिष्य मार्ग पर आगे बढ़ता रहा।

 

सामने से चिंघाड़ता हुआ हाथी आया। शिष्य निर्भय अपने मार्ग पर बढ़ता रहा। हाथी ने उसको टक्कर मारकर गिरा दिया और आगे बढ़ गया।

शिष्य को कुछ चोटें आई थी। उसे लगा की गुरु का उपदेश सत्य नहीं है। धर्म ने मेरी रक्षा नहीं की है। खिन्नमना शिष्य गुरु के पास लौटा और उन्हें घटी घटना के बारे में बताते हुए बोला – गुरुदेव ! धर्म ने मेरी रक्षा नहीं की है।

गुरु बोले – शिष्य! तुम्हारी सोच अनुचित है। यह तुम्हारे धर्म की कृपा थी कि उसने पहले एक व्यक्ति को भेजा था स्वरक्षा की प्रेरणा के लिए, लेकिन तुमने उसकी बात को नहीं सुना, और शिष्य ! यह धर्म की ही कृपा है कि तुम कालरूप हाथी के सम्मुख होते हुए भी मामूली चोट खाकर ही रक्षित हो गए हो। पागल हाथी का क्या विश्वास, वह तो समूची देह को ही कुचल सकता था। धन्यवाद दो कि – हे धर्म, तूने मेरी रक्षा की।

 

शिष्य को सकारात्मक सोच उपलब्ध हुई और वह गुरु के चरणों में झुक गया ।।

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कामेंट्स

S.B. Yadav Dec 11, 2017
OM GAM GANPATYE NAMAH JAI SHRI GANESH JI MAHARAJ KI JAI JAI JAI HO

Shri Banke Bihari Aug 16, 2018

🙏🙏 मेरा शत् शत् नमन अटल जी को 🙏🙏

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Sapna Sharma Aug 17, 2018

🌷🌷🌹🌹🌷🌷🌹🌹🌷🌷🌹🌹🌷🌷

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Laxman Choudhary Aug 17, 2018

Tulsi Like Jyot +15 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 393 शेयर
Hanuman Sharma Aug 17, 2018

सुप्रभात

Fruits Agarbatti Flower +46 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 118 शेयर
Kamal Kumar Varshney Aug 17, 2018

Jai Hind Jai Bharat
Good morning everyone s
Jai Shri Ram Jai Shri Krishna
OM Hanumataye Namo Nmh
OM SN Shanischaray Namo Nmh

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Aechana Mishra Aug 17, 2018

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Shri Banke Bihari Aug 17, 2018

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neeru gupta Aug 17, 2018

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N K Lall Aug 17, 2018

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Reena chauhan Aug 17, 2018

🌿🍃 🌿🍃ll राधे राधे जी ll🍃🌿🍃🌿

Flower Bell Tulsi +54 प्रतिक्रिया 36 कॉमेंट्स • 174 शेयर

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