Neeta  Trivedi
Neeta Trivedi Apr 6, 2021

Jay Shree ram good morning have a nice day All 🙏🌹🙏

Jay Shree ram good morning have a nice day All 🙏🌹🙏

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कामेंट्स

Shivsanker Shukla Apr 6, 2021
सादर सुप्रभात आदरणीय बहन जय श्री राम

Archana Singh Apr 6, 2021
Jai Shree radhe Krishna ji subh prabhat vandan meri pyari bahna ji 🙏 Shree ram bhakt hanuman ji aapko v Aapke pariwar ko hamesha khush our swasthya rkhe Bahna ji 🙏🌹🌹🙏

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Apr 6, 2021
Good Morning My Sister ji 🙏🙏 Jay Shree Ram 🙏🙏🌹 Jay Veer Hanuman 🙏🙏🌹🌹 Jay Bhajanvali 🙏🙏🌹🌹🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

JIGAR Apr 6, 2021
Jay Shree Krishna ji 🙏🙏

💫Shuchi Singhal💫 Apr 6, 2021
Ram Ram Dear Sister ji Good Morning ji Hmuman ji ki kirpa aapki family pe bni rhe pyari Bhena ji🙏🍁❇️

Archana Singh Apr 6, 2021
🙏🌹जय श्री राम 🌹🙏शुभ दोपहर वंदन मेरी प्यारी बहना जी 🙏🌹श्री राम भक्त हनुमान जी आपका सदैव मंगल करें बहना जी🙏🌹🌹🙏

🍃Aaniya Tiwari🍃 Apr 6, 2021
Radhe Radhe ji.....🙏🌹 good evening my sweet sister ji aapka Har Din mangalmay Ho

CG Sahu Apr 6, 2021
ati sunder tasber radhe Krishna nice sweet good evening hanumanji ki kripa bani reh app sabhi per 🙏🏻🌷🍊🌹🌻🙋‍♀️🙏🏻👌🏻

Ashwinrchauhan Apr 6, 2021
जय श्री राम जय बजरंग बली शुभ मंगलवार राम भक्त हनुमान जी की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे मेरी आदरणीय बहना जी आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे संकट मोचन हनुमान जी आप की हर मनोकामना पूरी करे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड इवनिंग बहना जी

Harpal bhanot Apr 6, 2021
jai Shree radhe Krishna ji 🌷🌷🌷 Beautiful good Night ji my Sister

Anilkumar Marathe Apr 6, 2021
जय श्रीकृष्ण नमस्कार खुशियो की सदाबहार आदरणीय प्यारी नीता जी !! 🌹आपके कदम जहाँ भी पड़े वहाँ खुशियो बरसात हो, आपका हर काम आसान हो और आसमान की बुलंदियों पर नाम हो आपका, परेशानिया आपशे कोषों दुर रहे, आपके घर आंगन में सुख, समृद्धि और धन की निरंतर बरसात हो और आनेवाला समय आपके लिये ढेरो खुशिया लेकर आये येही है दिल से दुआऐ मेरी !! 🌹शुभरात्री स्नेह वंदन जी !!

🙋🅰NJALI😊ⓂISH®🅰🙏 Apr 6, 2021
☘️।।श्री शिवाय नमस्तुभ्यं।।☘️🙏जय श्री राम🚩🙏राम राम मेरी आदरणीय प्यारी दीदी जी शुभ रात्रि वंदन 🙏जय हनुमान🌷महाबली हनुमान जी आपके संपूर्ण परिवार पर अपना आशीर्वाद सदा बनाए रखें आप का सदा मंगल करें 🙌आप सभी सदैव स्वस्थ और सुखी रहें 👌👌🌹🌹 हंसते मुस्कुराते रहें 😊🙏💐🙏🌺🚩☆ जय श्री राम☆🚩 हरि ओम नमो नारायण🐚🙏हर हर महादेव🌿🔱🙏

ooo Apr 6, 2021
💫Radhe 🎉💫🎉Radhe JI 💫Good 💫💫💫Night JI har pal subh ho . 💫🎉💫Jay Shiri radhe krishna ji 🎉💫🎉💫🎉💫

madan pal 🌷🙏🏼 Apr 7, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जी शूभ रात्रि वंदन जी आपका हर पल शूभ मंगल हों जी 🌹🌹🌷🌷😀😀👏👏👌🏼👌🏼

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वैज्ञानिकों के तर्क से सौरमंडल में सबसे चमकीले और अग्निरूपी हैं सूर्य देव, शास्त्र एवं भक्ति में लोगों के लिए सूर्य देव एक देवता हैं जो साक्षात दर्शन देने वाले एक देव हैं ब्रह्मदत्त..... वैज्ञानिक अनुभवों से सूर्य देव पृथ्वी से कई गुना विस्तार लिए हुए हैं लेकिन हर प्राणी को जन जीवन देने वाले हर प्राणी की रक्षा करने वाले सूर्य देव के आज कुछ गुणों से आपको अवगत कराते हैं..... ब्रह्मदत्त [नमस्कार 🙏🙏 नमस्ते 🙏नमस्कार 🙏] भगवान सूर्य देव आपको बारंबार नमस्कार 🙏🙏ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़:🙏🙏 साक्षात दर्शन देने वाले भगवान सूर्यदेव ☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️ आपको बारंबार प्रणाम🙏 नमन🙏 नमस्कार🙏 है ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का....................... सूर्य नमस्कार की कुछ महत्वपूर्ण बातें........ सूर्यनमस्कार के लाभ Benefits of Sun Salutation (Surya Namaskar) ) 'आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने । आयुः प्रज्ञाबलंवीर्य तेजस्तेषां च जायते।। अकालमृत्युहरणं सर्वव्याधिविनाशनम्। सूर्यपादोदकं तीर्थं जठरे धारयाम्यहम्।।' अर्थात् जो प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं उनकी आयु, बुद्धि, बल, वीर्य एवं तेज (ओज) बढ़ता है। अकाल मृत्यु नहीं होती है तथा सभी प्रकार की व्याधियों का नाश होता है। सूर्य नमस्कार एक सम्पूर्ण व्यायाम है। सूर्य नमस्कार के 51 लाभ 1. आँखों की रोशनी बढती है। 2. आत्म विश्वास में वृद्धि, व्यक्तित्व विकास में सहायक है। 3. इसका नियमित अभ्यास करने वाले व्यक्ति को हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचाप, मधुमेह, गठिया, कब्ज जैसी समस्याओं के होने की आशंका बेहद कम हो जाती है। 4. इसके अभ्यास से रक्त संचालन तीव्र होता है तथा चयापचय की गति बढ़ जाती है, जिससे शरीर के सभी अंग सशक्त तथा क्रियाशील होते हैं। 5. इसके अभ्यास से शरीर की लोच शक्ति में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। प्रौढ़ तथा बूढ़े लोग भी इसका नियमित अभ्यास करते हैं तो उनके शरीर की लोच बच्चों जैसी हो जाती है। 6. इसके नियमित अभ्यास से मोटापे को दूर किया जा सकता है और इससे दूर रहा भी जा सकता है। 7. कमर लचीली होती है और रीढ की हडडी मजबूत होती है। 8. कशेरुक व कमर लचीली बनती है। 9. कार्य करने में कुशलता एवं रूचि बढ़ती है। 10. क्रोध पर काबू रखने में मददगार होता है। 11. गले के रोग मिटते है एवं स्वर अच्छा रहता है। 12. चेहरा तेजस्वी, वाणी सुमधुर एवं ओजस्वी होती है। 13. त्वचा रोग होने की संभावना समाप्त हो जाती है। 14. धातुक्षीणता में लाभदायक है। 15. नलिकाविहीन ग्रंथियों की क्रियाशीलता सामान्य एवं संतुलित रहती है। 16. पचनक्रियामें सुधार होता है। 17. पाचन सम्बन्धी समस्याओं, अपच, कब्ज, बदहजमी, गैस, अफारे तथा भूख न लगने जैसी समस्याओं के समाधान में बहुत ही उपयोगी भूमिका निभाता है। 18. पेटके पासकी वसा (चरबी) घटकर भार मात्रा (वजन) कम होती है जिससे मोटे लोगों के वजन को कम करने में यह बहुत ही मददगार होता है। 19. पैरों एवं भुजाओं की मांसपेशियों को सशक्त करता है। सीने को विकसित करता है। 20. फुफ्फुसों की कार्य क्षमता बढ़ती है। 21. बालों को सफेद होने झड़ने व रूसी से बचाता है। 22. बाहें व कमरके स्नायु बलवान हो जाते हैं। 23. मधुमेह, मोटापा, थायराइड आदि रोगों में विशेष लाभदायक है। 24. मनकी एकाग्रता बढ़ती है। 25. मानसिक तनाव, अवसाद, एंग्जायटी आदि के निदान के साथ क्रोध, चिड़चिड़ापन तथा भय का भी निवारण करता है। 26. मानसिक शांति एवं बल, ओज एवं तेज की वृद्धि करता है। 27. मोटी कमर को पतली एवं लचीली बनाता है। 28. यह शरीर के सभी अंगों, मांसपेशियों व नसों को क्रियाशील करता है। 29. रक्त परिभ्रमण सम्यक् होता है, जिससे मुँह की कांति एवं शोभा बढ़ती है। 30. रक्त संचार की गति तेज होने से विजातीय तत्त्व शरीर से बाहर निकलते हैं। 31. रज-वीर्य, दोषों को मिटाता है, महिलाओं में मासिक धर्म को नियमित करता है। 32. रीढ़ की सभी वर्टिब्रा को लचीला, स्वस्थ एवं पुष्ट करता है। 33. वात, पित्त तथा कफ को संतुलित करने में मदद करता है। त्रिदोष निवारण में मदद करता है। 34. शरीर एवं मन दोनों स्वस्थ बनते हैं। 35. शरीर की अतिरिक्त चर्बी को घटाता है। 36. शरीर की अनावश्यक मेद (चर्बी) कम होती है। 37. शरीर की सभी महत्वपूर्ण ग्रंथियों, जैसे पिट्यूटरी, थायरॉइड, पैराथायरॉइड, एड्रिनल, लीवर, पैंक्रियाज, ओवरी आदि ग्रंथियों के स्रव को संतुलित करने में मदद करता है। 38. शरीर के सभी अंगों को पोषण प्राप्त होता है। 39. शरीर के सभी संस्थान, रक्त संचरण, श्वास, पाचन, उत्सर्जन, नाड़ी तथा ग्रंथियों को क्रियाशील एवं सशक्त करता है। 40. शरीर में खून का प्रवाह तेज होता है जिससे ब्लड प्रेशर की बीमारी में आराम मिलता है। 41. सभी महत्त्वपूर्ण अवयवोंमें रक्तसंचार बढता है। 42. सामाजिक कार्यों में रूचि बढ़ती है, मनोऽवसाद दूर होकर उमंग एवं उत्साह बढ़ता है। 43. सूर्य नमस्कार का असर दिमाग पर पड़ता है और दिमाग ठंडा रहता है। 44. सूर्य नमस्कार शरीर के समस्त अंग-प्रत्यंग बलिष्ट एवं निरोग होते हैं। 45. सूर्य नमस्कार से मेरूदण्ड एवं कमर लचीली बनती है। उदर, आन्त्र, आमाशय, अग्नाशय, हृदय, फुफ्फुस सहित सम्पूर्ण शरीर को स्वस्थ बनाता है। 46. सूर्य नमस्कार से विटामिन-डी मिलता है जिससे हड्डियाँ मजबूत होती हैं। 47. स्मरण शक्ति तेज होती है। 48. स्मरण शक्ति तथा आत्म शक्ति में वृद्धि करता है। 49. हाथ-पैर-भुजा, जंघा-कंधा आदि सभी अंगों की मांसपेशियाँ पुष्ट एवं सुन्दर होती है। 50. हृदय की मांसपेशियाँ एवं रक्त वाहिनियाँ स्वस्थ होती हैं। 51. हृदय व फेफडों की कार्यक्षमता बढ़ती है। अतः सूर्य नमस्कार सम्पूर्ण शरीर का पूर्ण व्यायाम है। इन क्रियाओं को करने के पश्चात् अन्य आसनों को करने की आवश्यकता नहीं रह जाती क्योंकि इन क्रियाओं में सभी आसनों का सार मिला हुआ है। इसलिए शारीरिक एवं मानसिक आरोग्य के लिए सूर्य नमस्कार श्रेयस्कर है। कैसा हो क्रम - सूर्य नमस्कार गतिशील आसन माना जाता है। इसका अभ्यास आसनों के अभ्यास के पूर्व करना चाहिए। इससे शरीर सक्रिय हो जाता है, नींद, आलस्य व थकान दूर हो जाती है। सावधानी भी है जरूरी -क्षमता से अधिक चक्रों का अभ्यास या शरीर पर अनावश्यक ज़ोर डालने का प्रयास बिल्कुल न करें। रोग से ग्रस्त लोग योग्य मार्गदर्शन में प्रयास करें। एकाग्रता का ध्यान रखें - श्वास-प्रश्वास एवं शरीर के दबाव बिन्दु पर एकाग्रता बनाए रखें। सीमाएं भी जानें 1. इसका अभ्यास सभी आयु वर्ग के लोग अपनी क्षमता का ध्यान रखते हुए कर सकते हैं। पाद हस्तासन का अभ्यास सायटिका, स्लिप डिस्क तथा स्पॉन्डिलाइटिस के रोगी कदापि न करें। 2. फ्रोजन शोल्डर की समस्या से ग्रस्त लोग पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार तथा भुजंगासन का अभ्यास न करें। 3. महिलाएं मासिक धर्म एवं गर्भाधारण के दिनों में इसका अभ्यास न करें। 4. उच्च रक्तचाप तथा हृदय रोगी इसका अभ्यास योग्य मार्गदर्शन में करें। 5. बच्चों को इसका अभ्यास उचित मार्गदर्शन में कराए ताकि कोई नुकसान न हो। 6. इसके अभ्यास के लिए सुबह का समय चुनें ताकि खाली पेट कर पाए और अभ्यास करने के आधे घंटे बाद ही खाए। प्रस्तुतीकरण ➖ ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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Deepak Ajmani May 8, 2021

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Neeta Trivedi May 8, 2021

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