Shanti pathak
Shanti pathak Apr 13, 2021

*जय माता रानी दी* *शुभरात्रि वंदन* *दर्शन और.. देखने में अंतर* एक दिन मेरे एक मित्र ने मुझसे कहा – “ चल मंदिर चलते है ?” मैंने कहा – “ किसलिए ?” मित्र बोला – “ दर्शन के लिए !” मैं बोला – “ क्यों ! कल ठीक से दर्शन नहीं किया था क्या ?” मित्र – “ तू भी क्या इन्सान है ! दिनभर भर एक जगह बैठा रहता है ! पर थोड़ी देर भगवान के दर्शन करने के लिए नहीं जा सकता !” मैंने कहा – “ महाशय ! चलने में मुझे कोई समस्या नहीं है । किन्तु आप यह मत कहिये कि दर्शन करने चलेगा क्या ?, यह कहिये कि देखने चलेगा क्या ? मित्र बोला :“ किन्तु दोनों का मतलब तो एक ही होता है !” मैं – नहीं ! दोनों में जमीन आसमान का अंतर है ! मित्र – “कैसे ?” कैसे ? यही प्रश्न मैं आपसे भी पूछना चाहता हूँ । अक्सर मैंने देखा है लोग तीर्थ यात्रा पर जाते है किसलिए ?, भव्य मंदिर और मूर्तियों को देखने के लिए, ना कि दर्शन के लिए ! अब आप सोच रहे होंगे की देखने और दर्शन करने में क्या अंतर है ? देखने का मतलब है, सामान्य देखना जो हम दिनभर कुछ ना कुछ देखते रहते है । किन्तु दर्शन का अर्थ होता है : जो हम देख रहे है उसके पीछे छुपे तत्थ्य और सत्य को जानना देखने से मनोरंजन हो सकता है, परिवर्तन नहीं ,किन्तु दर्शन से मनोरंजन हो ना हो, परिवर्तन अवश्यम्भावी है । अधिकांश लोग मंदिरों में केवल देखने तक ही सीमित रहते है, दर्शन को नहीं समझ पाते । फलतः उन्हें वह लाभ नहीं मिल पाता जिसका महात्म्य ग्रंथो में मिलता है । हमारे शास्त्रों में तीर्थयात्रा के बहुत से लाभ बताये गये है किन्तु लोग तीर्थ यात्रा का मतलब केवल जगह जगह भ्रमण करना और मंदिर और मूर्तियों को देखना ही समझते है । यह मनोरंजन है दर्शन नहीं । दर्शन क्या है ? दर्शन वह है जो आपके जीवन को बदलने की प्रेरणा दे । दर्शन वह है जो आपके जीवन का कायाकल्प कर दे । दर्शन वह है जो आपके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन कर दे । अंग्रेजी में, 'दर्शन' का मतलब होता है – फिलोसोफी, जिसका अर्थ होता है ,यथार्थ की परख का दृष्टिकोण । इसी के लिए हमारे वैदिक साहित्य में षड्दर्शन की रचना की गई । जिनमे जीवन के सभी आवश्यक और यथार्थ तत्वों की व्याख्या की गई है । यदि आप अब भी सोच रहे है कि दर्शन क्या है ? तो फिर जीवन के व्यावहारिक दृष्टान्तों से समझने की कोशिश करते है रामकृष्ण परमहंस की दक्षिणेश्वर की काली को उनसे पहले और उनके बाद हजारों लोगों ने देखा किन्तु किसी को दर्शन नहीं हुआ 'क्यों ?' क्योंकि रामकृष्ण परमहंस ने ना केवल काली की मूर्ति को देखा बल्कि उसके दर्शन को समझा इसलिए काली ने रामकृष्ण परमहंस को दर्शन दिया । भगवान महावीर की मूर्ति के कभी दर्शन कीजिए। मन को शांतकरती,एकाग्रता ,संयम, आदि को प्रेरित करती,पर हम दर्शन नहीं करते हम मूर्ति को देखते तभी तो हम भगवान महावीर के प्रेरित कदमों पर नहीं चलते। भगवान श्री राम के मंदिर जाकर उनकी मूर्ति के दर्शन करने का मतलब है उनके जीवन चरित को समझा जाये और उसी के अनुसार अपने जीवन में परिवर्तन किया जाये । यही राम का दर्शन है । यदि आप राम की मूर्ति को देखते हैं किन्तु अपने जीवन में कोई परिवर्तन नहीं करते है तो फिर आपको राम के दर्शन का कोई लाभ नहीं मिलने वाला । यदि आप शिवजी का दर्शन करने जाते है और आपके मन में क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष ही भरा है तो फिर दर्शन का क्या लाभ ? यदि आप हनुमानजी का दर्शन करने जाते है और आपका मन पवित्र नहीं है, स्त्रियों पर आपकी गलत दृष्टि है तो फिर हनुमानजी का दर्शन करना बेकार है । भक्त वही सच्चा, जो है अभी बच्चा । जो बड़ा हो गया वो भक्त नहीं हो सकता और जो भक्त हो गया उसमें बड़प्पन नहीं हो सकता । *आपके दर्शन का क्या अर्थ है !* 👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻

*जय माता रानी दी*
*शुभरात्रि वंदन*

*दर्शन और.. देखने में अंतर*

एक दिन मेरे एक मित्र ने मुझसे कहा – “ चल मंदिर चलते है ?”

मैंने कहा – “ किसलिए ?”

मित्र बोला – “ दर्शन के लिए !”

मैं बोला – “ क्यों ! कल ठीक से दर्शन नहीं किया था क्या ?”

मित्र – “ तू भी क्या इन्सान है ! दिनभर भर एक जगह बैठा रहता है ! पर थोड़ी देर भगवान के दर्शन करने के लिए नहीं जा सकता !”

मैंने कहा – “ महाशय ! चलने में मुझे कोई समस्या नहीं है । किन्तु आप यह मत कहिये कि दर्शन करने चलेगा क्या ?, यह कहिये कि देखने चलेगा क्या ?

मित्र बोला :“ किन्तु दोनों का मतलब तो एक ही होता है !”

मैं – नहीं ! दोनों में जमीन आसमान का अंतर है !

मित्र – “कैसे ?”

कैसे ? यही प्रश्न मैं आपसे भी पूछना चाहता हूँ । अक्सर मैंने देखा है लोग तीर्थ यात्रा पर जाते है किसलिए ?, भव्य मंदिर और मूर्तियों को देखने के लिए, 
ना कि दर्शन के लिए ! 

अब आप सोच रहे होंगे की देखने और दर्शन करने में क्या अंतर है ?

देखने का मतलब है, सामान्य देखना जो हम दिनभर कुछ ना कुछ देखते रहते है । 
किन्तु दर्शन का अर्थ होता है : जो हम देख रहे है उसके पीछे छुपे तत्थ्य और सत्य को जानना
देखने से मनोरंजन हो सकता है, परिवर्तन नहीं ,किन्तु दर्शन से मनोरंजन हो ना हो, परिवर्तन अवश्यम्भावी है ।

अधिकांश लोग मंदिरों में केवल देखने तक ही सीमित रहते है, दर्शन को नहीं समझ पाते । फलतः उन्हें वह लाभ नहीं मिल पाता जिसका महात्म्य ग्रंथो में मिलता है । हमारे शास्त्रों में तीर्थयात्रा के बहुत से लाभ बताये गये है किन्तु लोग तीर्थ यात्रा का मतलब केवल जगह 
जगह भ्रमण करना और 
मंदिर और मूर्तियों को देखना 
ही समझते है । 
यह मनोरंजन है दर्शन नहीं ।

दर्शन क्या है ? दर्शन वह है 
जो आपके जीवन को बदलने की प्रेरणा दे । दर्शन वह है 
जो आपके जीवन का कायाकल्प कर दे । 
दर्शन वह है जो आपके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन कर दे । अंग्रेजी में, 'दर्शन' का मतलब होता है – फिलोसोफी, जिसका अर्थ होता है ,यथार्थ की परख का दृष्टिकोण ।

इसी के लिए हमारे 
वैदिक साहित्य में 
षड्दर्शन की रचना की गई । जिनमे जीवन के सभी आवश्यक
और यथार्थ तत्वों की व्याख्या की गई है ।

यदि आप अब भी सोच रहे है कि दर्शन क्या है ? तो फिर जीवन के व्यावहारिक दृष्टान्तों से समझने की कोशिश करते है रामकृष्ण परमहंस की दक्षिणेश्वर की काली को उनसे पहले और उनके बाद हजारों लोगों ने देखा किन्तु किसी को दर्शन नहीं हुआ 'क्यों ?' 
क्योंकि रामकृष्ण परमहंस ने 
ना केवल काली की मूर्ति को देखा बल्कि उसके दर्शन को समझा इसलिए काली ने रामकृष्ण परमहंस को दर्शन दिया ।

भगवान महावीर की मूर्ति के कभी दर्शन कीजिए। मन को शांतकरती,एकाग्रता ,संयम,
आदि को प्रेरित करती,पर हम दर्शन नहीं करते हम मूर्ति को देखते तभी तो हम भगवान महावीर के प्रेरित कदमों पर नहीं चलते।

भगवान श्री राम के मंदिर जाकर
उनकी मूर्ति के दर्शन करने का
मतलब है उनके जीवन चरित
को समझा जाये और उसी के
अनुसार अपने जीवन में परिवर्तन किया जाये । 
यही राम का दर्शन है । 
यदि आप राम की मूर्ति को देखते हैं किन्तु अपने जीवन में कोई परिवर्तन नहीं करते है तो फिर आपको राम के दर्शन का कोई लाभ नहीं मिलने वाला ।

यदि आप शिवजी का दर्शन करने जाते है और आपके मन में
क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष ही भरा है तो फिर दर्शन का क्या लाभ ?

यदि आप हनुमानजी का दर्शन करने जाते है और आपका मन पवित्र नहीं है, स्त्रियों पर आपकी गलत दृष्टि है तो फिर हनुमानजी का दर्शन करना बेकार है ।

भक्त वही सच्चा, 
जो है अभी बच्चा । 
जो बड़ा हो गया 
वो भक्त नहीं हो सकता 
और जो भक्त हो गया उसमें
बड़प्पन नहीं हो सकता ।

*आपके दर्शन का क्या अर्थ है !*

👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻

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कामेंट्स

Ramesh Soni.33 Apr 13, 2021
जय श्री राम जय श्री राम 🌹🚩🌹ओम भगवते वासुदेवाय नमः🚩🚩🚩🌹🌹🙏🙏🌹🌹

Bhagat ram Apr 13, 2021
🌹🌹 जय माता दी 🙏🙏🌺💐🌿🌹 शुभ रात्रि वंदन 🙏🙏🌺💐🌿🌹🌹

madan pal 🌷🙏🏼 Apr 13, 2021
जय माता दी शूभ रात्रि वंदन जी माता रानी जी की कृपा आप व आपके परिवार पर बनीं रहे जी 👏👏👏🙏🏼🙏🏼🙏🏼🌷🌷🌷🌷

Pramod Pandey Apr 13, 2021
Didi ji ko Mera pranam 🙏🙏 Jay Mata bhawani ji ki Jay🙏🙏🙏

Ramesh Soni.33 Apr 13, 2021
जय श्री राम जय श्री राम 🌹🚩🌹ओम भगवते वासुदेवाय नमः🚩🚩🚩🌹🌹🙏🙏🌹🌹

Rajesh Lakhani Apr 14, 2021
JAI MATADI SHUBH PRABHAT BEHENA AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER MATA RANI KI KRUPA HAMESA BANI RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGALMAYE HO BEHENA PRANAM

K L Tiwari Apr 14, 2021
🚩🌷ॐ श्री गणेशाय नमः🌹🚩🌺 🏵️🌹🌷ॐ श्री दुर्गा देव्यै नमः🌷🌼🌷 🌷🌷🌹🌹राम राम बहन, जय श्री माता की बहन,चरण छूकर सादर प्रणाम करता हूँ प्यारी रानी बहना, जगतजननी जगदम्बा मेरी बहना को सदा स्वस्थ और सुंदर बनाए रखें💙🌹श्रीमाता की कृपा से आपकी माँग का सिंदूर सदा चमकता रहे💗आपका जीवन रूपी मधुबन महकता और महकाता रहे💜🌹माँ जगतजननी श्रीमाता ब्रम्हचारिणी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे🌹श्री सिद्धिविनायक आपको सदा निरोग और स्वस्थ रखें🌷🌼आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो🌹🌹 💙🙏🌹शुभ नवरात्रि 🌹🙏💜🌹🙏🌹

K L Tiwari Apr 14, 2021
🌼🌾🌼जय श्री माता ब्रम्हचारिणी की🌼🌾🌼""नौ दिन की इस मङ्गल बेला""नवरात्रि पर्व"" पर आपको बहुत बहुत मंगलशुभकामनाएँ, श्रीमाता आप और आपके परिवार के अंतःकरण में नई सुरमई ऊर्जा शक्ति, आध्यात्मिक शक्ति और उमंग का भण्डार भर दें🏵️🌻🌺🌸शुभ🚩प्रभात🌾💐🌼💮🌹मेरी बहना का आँचल खुशियों से सदा भरा रखना💜🙏💙

BK WhatsApp STATUS Apr 14, 2021
जय माता सेरोवाली दुर्गा भवानी मां नमो नमः शुभ प्रभात स्नेह वंदन धन्यवाद 🌹🌹🙏🙏

🌷JK🌷 Apr 14, 2021
🌹🙏🏼🌹Radhe Radhe🌹🙏🌹 subh prabhaat vandan ji 🌹🌹🙏🏼🌹🌹🙏🏼🌹🌹

Manoj manu Apr 14, 2021
🚩🌺जय श्री गणेशाय नमः जय माता दी जगत जननी माँ भगवती की अनंत सुंदर एवं ममतामयी कृपा के साथ में शुभ दिन मधुर मंगल जी दीदी 🌹🙏

Manoj Gupta AGRA Apr 14, 2021
jai shree radhe krishna ji 🙏🙏🌷🌸💐🌀 shubh prabhat vandan ji 🙏🙏

Anilkumar Marathe Apr 14, 2021
जय श्री कृष्ण नमस्कार खुशियो की सदाबहार आदरणीय प्यारी शान्ति जी !! 🌹हँसी आपकी कोई चुरा ना पाये, कभी कोई आपको रुला ना पाये, खुशियों के ऐसे दीप जले ज़िंदगी में कि कोई तूफ़ान भी उसे बुझा ना पाये !! 🙏चैत्री नवरात्रि की आप और आपके परिवारको.... ढेर सारी शुभ कामनाएं !! 🌹आप का जीवन सुखी और समय अनुकूल हो !!

Ravi Kumar Taneja Apr 14, 2021
🌷दूसरी ब्रह्मचारिणी माता🌷 🌿14.04.2021बुधवार🌿 ⚛या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता! नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:!!⚛ सु-प्रभात वंदन🙏 🌺🙏 🌟 *सदैव प्रसन्न रहिये।* *जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*🌟 ब्रह्मचारिणी माता की कृपा से आप सभी का दिन मंगलमय हो🙏🌹🙏 🕉🦋🙏💐🙏🦋🕉

Brajesh Sharma Apr 14, 2021
प्रेम से बोलो जय माता दी जय माता दी हर हर महादेव.... ॐ नमः शिवाय आप हर पल खुश रहें मस्त रहें स्वस्थ रहें

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Apr 14, 2021
Good Morning My Sweet Sister ji 🙏🙏 Jay Mata di 🙏🙏🌹🌹 Mata Rani 🙏🙏🌹🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐.

+98 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 31 शेयर
Mamta Chauhan May 10, 2021

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Renu Singh May 10, 2021

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Archana Singh May 10, 2021

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*चाहत का फल* *1. बच्चे :चाहते थे कि उनका कोई स्कूल न हो और वह सारा दिन खेल सकें। *(और यह हो गया)* *2. महिला : चाहती थी कि उनके पति उनके साथ समय बिताते हुए घर के हर काम में हाथ बटाएं। *(और यह हो गया)* *3. पति : मैं इस ट्रैफिक से परेशान हूँ और चाहता हूँ कि मैं घर पर रहूँ और कोई काम भी न करूँ और वेतन भी घर बैठे पाऊँ । *(और यह हो गया)* *4. नौकरीपेशा महिलाएं : काश मैं अपने बच्चों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिता पाऊं। *(और यह हो गया)* *5. विद्यार्थी : काश मैं परीक्षा के लिए अध्ययन नहीं करता और एग्जाम टल जाए। *(और यह हो गया)* *6. वृद्ध माता-पिता : काश हमारे बच्चे रोज़ व्यस्त होने के बजाय हमारे साथ अधिक समय बिता पाते ? *(और यह हो गया)* *7. कर्मचारी : मैं नौकरी से तंग आ चूका हूँ। मुझे एक ब्रेक की जरूरत है। *(और यह हो गया)* *8. व्यापारीः* हमारा कोई जीवन नहीं है, काश घर बैठकर टीवी देख सकते। *(और यह हो गया)* *9. पृथ्वी : मैं सांस नहीं ले पा रही। काश, मुझे इस सारे प्रदूषण और अराजकता से निज़ात मिले। *(और यह हो गया)* *निष्कर्षः* अब आप ऐसे में ईश्वर से क्या शिकायत करेंगे ? आपने जो चाहा, वह हो गया। अतः आगे से सोच-समझकर मांगे क्योंकि आप जो चाहते हैं, ईश्वर पल भर में पूरा कर सकते हैं। 🙏🙏🙏

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ANITA THAKUR May 10, 2021

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Archana Singh May 10, 2021

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RANJNA May 10, 2021

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