Sajjan Singhal
Sajjan Singhal Apr 16, 2021

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vinodkumar mahajan May 11, 2021

गॉड फ़ादर यह अंग्रेजी शब्द है,जो देशविदेशों में भी लोकप्रिय है। गाँड फादर मतलब, गुरू।ईश्वरी कृपा प्राप्त व्यक्ति। इसीलिए यह शब्दप्रयोग किया है।उद्दीष्ट साफ है - देशविदेशों में पहुंचना। इस ईन्टरनेशनल ट्रस्ट की स्थापना आनंद भारतीजी द्वारा सन् 2015 में की गयी। ये निबंधित ट्रस्ट है इसका निबन्धन संख्या 1094/2015 है । इस ट्रस्ट के कुछ कार्यक्रम श्री आनन्द भारती गुरु जी के देख रेख में चलाये जा रहे हैं जिसमें मुख्यत: १. विश्व श्री कृष्णा हिन्दू एकता मंच २ . जागो हिन्दू जागो ३. भागवत कथा ४. ध्यान शिविर ( मेडिटेसन ) आप सभी को नम्र निवेदन किया जाता है की,आप सभी देशविदेश के मान्यवर,आत्मोन्नति के लिए,इस आध्यात्मिक तथा सामाजिक संगठन से जुडकर, आप सभी की और हम सभी की शक्तीयों को बढायें। हरी ओम् जय श्रीकृष्णा लेखन, विनोदकुमार महाजन, राष्ट्रीय महासचिव तथा अंतरराष्ट्रीय प्रभारी विश्व श्रीकृष्णा हिंदु एकता मंच के लिए।

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vinodkumar mahajan May 10, 2021

https://hinduismforworldvictory.blogspot.com/2021/05/blog-post_21.html *ठंडे दिमाग की यशस्वी व्यूहरचना* देशविदेश के बडे बडे जहरीले अदृष्य साँपों ने ,भयानक षड्यंत्र कारीयों ने,देशप्रेमीयों को,सत्यप्रेमीयों को,ईश्वर प्रेमीयों को,जकड़ के रखा है,घेर के रखा है। भयंकर चक्रव्यूह है ये। भयंकर कुटिल अदृष्य मायाजाल। ईश्वरी और आसुरिक शक्तियों का घनघोर अदृष्य धर्म युध्द है ये। यह भयंकर चक्रव्यूह भेदन बडे ठंडे दिमाग से करना है और सहीसलामत बाहर निकलकर सत्य,ईश्वरी सिध्दांतों की जीत हमें करनी ही है। एक तरफ भयंकर क्रूर तथा शातिर दिमाग के हत्यारे हैवान है तो दुसरी तरफ दयालु ईश्वर प्रेमी है। लगे रहो भाईयों।डटकर मुकाबला करो हैवानों का और सत्य की अंतिम जीत तथा हैवानों का सदा के लिए सर्वनाश करने के लिए शक्तिशाली तथा कार्यप्रवण बनकर एक एक कदम आगे बढना है। ईश्वर हमारे साथ है इसिलिए जीत भी हमारी ही है।और पक्की भी है। और हाहाकारी हैवानों की हार भी पक्की है। बस्स...हिम्मत ना हारना। और जरा सी,थोडी सी,छोटी सी गलती भी नही करनी है।क्योंकि छोटीसी गलती से हैवानों की शक्ति बडे विचित्र तरीकों से बढती है। इसिलए यह अदृष्य जहरीले साँप,अजगर निष्क्रिय बनाने के लिए जबरदस्त, तगडी रणनीति बनानी होगी।जबरदस्त व्यूहरचना बनाकर भयंकर जहरीले, उन्मादी विनाशकारी साँपों का सर्वनाश करना होगा। हमारे सर्वनाश पर तुले होनेवालों को आसमान दिखाना होगा। तैय्यार...??? साँप भी मरें लाठी ना टुटे यह सिध्दांत अपनाना होगा।कृष्ण निती से एक एक जहरीले फुत्कारी कालीया का,कालयवन का,दुर्योधनी सेना का मर्दन करना ही होगा। जी हाँ,करना ही होगा। और हम तेजस्वी ईश्वर पूत्र यह कार्य सफल करके ही रहेंगे। डन...??? वादा रहा...??? कभी दृष्य रूप से तो कभी अदृष्य होकर, उन्मादियों पर प्रहार करना होगा। और संपूर्ण देश में तथा वैश्विक स्तर पर सभी ईश्वर प्रेमीयों को इकठ्ठा करके, शक्तिशाली बनकर, शक्तिशाली योजना द्वारा, *पैशाचिक धर्म* का... सदा के लिए... संपूर्ण उच्चाटन... करना ही होगा। समझे कुछ ? या अभी भी अनाडी ही हो ? समझने वाले समझ गये,ना समझे वो अनाडी है। लगे रहो मुन्नाभाई। हरी ओम् *विनोदकुमार महाजन*

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